. सहेली के साथ मिलकर परिवार के सभी मर्दों के लंड से चुदवाया मेरी दूसरी सहेलियां भी सेक्स को लेकर सबके सामने खुल कर बातें करती थीं दोस्तों ये उम्र ही ऐसी होती है.
यहाँ तक की उनको लंड , चूत , गांड , चुदाई , बुर ,झांट शब्दों से कोई परहेज नही था.
खुल कर बातें होती थी.
कुछ तो लंड की साईज बताया करती थी.
जो लड़कियां लंड पकड़ चुकीं थी वो अपने अपने अनुभव बताती थी.
उनमे से कुछ ऐसी भी थी जो चुदवा चुकी थी वो अपनी चुदाई की कहानी सबको बतलाती थीं.
मैं सुन सुन कर पहले तो मज़ा लेती थी लेकिन अब ,मुझमे भी लंड पकड़ने की चाह पैदा होने लगी.
मेरी कुछ सहेलियां कहती थी की तू २१ साल हो गयी है अभी तक घरेलू लंड नही देखा पकड़ना तो दूर.
मुझे सुनकर बहुत आनंद भी आता था और अपने पर शर्मिंदगी भी होती थी की इतनी जवान और सेक्सी हो जाने पर भी चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने अभी तक किसी का घरेलू लंड नही देखा ? चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने एक दिन कंचन से अपने दिल की बात कह दी की यार कुछ भी हो मुझे लंड दिखाओ , मैं अब लंड देखना चाहती हूँ.
उसने कहा , रुक जा रंडी मैं तेरे लिए गधे के लंड के जैसे काले मोटे लंड का इंतजाम करती हूँ रविवार को करीब एक बजे उस रंडी का मेरे मोबाइल फोने पर कॉल आया और वो मुझसे बोली नेहा क्या तू मेरे घर आ सकती है अभी के अभी…?लंड की भूखी मुझ कुंवारी रंडी ने कहा हां आ सकती हूँ मगर. बात क्या है बताओ तो सही…??? उसने कहा सब पता चल जायगा पहले मेरे घर पर आ जाओ मैं तुम्हारा इंतजार कर रही हूँ.
मैं फ़िर ठीक एक घंटे के बाद उस रांड के घर पर पहुँच गयी.
उसने मुझे ड्राइंग रूम में बैठाया और इंतजार करने के लिए कहा.
थोड़ी देर में उसने मुझे बुलाया कहा अरी नेहा तुम मेरे बेडरूम में सीधे आ जाओ.
मैं जैसे ही उस रांड के बैडरूम में घुसी चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने वहां का माहौल देखा और दंग रह गयी.
चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने देखा की कंचन बिलकुल नंगी होकर पलंग पर अपनी गांड टेक कर बैठी है और उस साली रांड के अगल बगल दो नंगे आदमी लेटे हुए हैं.
वो साली रांड दोनों हाथों से एक एक लंड पकड़ कर हिला रही है.
उसे दो दो काले लम्बे लंड से खेलते देख मेरी तो आखें फटी की फटी रह गयी.
कंचन एकदम से बोली ले नेहा पकड़ लंड को और तू भी थोड़ी देर खेल ले इनके साथ.
देख ये मेरी दाहिनी ओर का लंड मेरे बड़े भैया का लंड है और बांयी ओर का लंड मेरे जीजा जी का लंड है.
कौन सा लंड पहले पकड़ना पसंद करोगी तू जल्दी से बता दे…???लंड को देखकर मेरे मुह से निकला कोई सा भी लौड़ा पकड़ लुंगी.
उसने कहा अच्छा लंड से खेलने से पहले नंगी तो हो जा मुझ रांड की तरह.
यहाँ भी देखें :- बिना समय खराब करे मैं तुरंत नंगी हो गई.
मेरे नंगी होते ही उसके बड़े भैया ने मुझे अपनी तरफ़ खींच लिया और मेरी चूंचियां दबाने लगा.
मैं पहली बार किसी मर्द से चूंचियां मसलवा रही थी.
मुझे बड़ा आने लगा.
फ़िर चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने ही हाथ बढाकर उसका लंड पकड़ लिया.
लंड और सख्त गया.
मैं लंड चारों तरफ़ से देख रही थी.
उसका मुआइना कर रही थी समझने की कोशिश कर रही थी की घरेलू मर्दों का लंड कैसा होता है.
तब तक कंचन बोली देख नेहा इसको लंड कहते है इसका सुपाडा देख रही हो वास्तव में यह लंड की टोपी है.
इस लौड़े की टोपी में सेक्स का सारा आनंद भरा है.
मर्दों के लौड़े की यही टोपी बार बार महिलाओं की कोमल सी चूत के अन्दर जाती है और बाहर निकल आती है इसी को सेक्स करना कहते है.
इसको जितना हिलाओगी, चुमोगी, चाटोगी उतना ही ये और लंबा मोटा होता जाएगा और फ़िर सेक्स करने की भूखी बुर को बहुत मजे से चोदेगा.
उसने मुझसे बोला की डार्लिंग अब तुम मुझको देखो मैं जैसे जैसे जीजा जी के गधे के लंड के जैसे काले मोटे लंड के साथ करती हूँ वैसे वैसे तुम मेरे बड़े भैया के काले मोटे लंड के साथ करती जाओ.
फ़िर थोड़ी देर में तुम मेरे जीजा का का घरेलू लंड लेना और मैं मेरे बड़े भैया का लंड लूंगी.
लंड खाने के लिए मुझ चुदने की भूखी कुंवारी लड़की का मुह खुल गया और उस नंगे मर्द का घरेलू लंड अपने मुह में लेकर चूसने लगी.
लंड और सख्त हो चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने कहा कंचन लंड इतना बड़ा होता है.
उस बहन की लौड़ी ने कहा इंच टेप पड़ा है नाप ले लंड की लम्बाई और मोटाई को.
चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने जैसे ही नापा तो उसकी लम्बाई ८ ‘ और चौड़ाई ५’ की थी.
तब चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने जीजा का घरेलू लंड भी नाप लिया उसकी मोती कुछ ज्यादा थी.
अब मेरे हाथ में जिअजा का घरेलू लंड फनफनाने लगा.
मुझे दोनों लंड बड़ा मज़ा दे रहे थे.
अब मैं भी समझ गयी थी की लंड देखने में कैसा होता है.
इसके बाद नसीब ने मुझे चित लिटा दिया और मेरी टाँगें फैला दीं.
मेरी चूत साफ दिखायी देने लगी.
उस साली बहन की लौड़ी कंचन ने नंगे जीजा जी का घरेलू लंड मेरी बुर के मुह पर रखा और जीजा ने धक्का मारा.
लंड चिपक कर घुस गया पहले तो थोड़ा दर्द हुआ लेकिन फ़िर मज़ा आने लगा.
चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने कहा अच्छा कंचन इसी को चुदवाना कहते है न ? उसने कहा हां लेकिन कई तरीकों से होता है.
तुम बस इसी तरह चुदवाती जाओ सेक्स के बारे में बाकी सब जल्दी ही सीख जाओगी.
चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने बड़े भैया और जीजा दोनों के साथ सेक्स करा.
अपनी कुंवारी बुर चुदवाने के बाद उन सभी नंगे मर्दों के झड़ते हुए लंड अपने मुह में लेकर खूब चुसे और चाटे.
सच सेक्स करने में मज़ा तो बहुत आता है.
एक घंटे के बाद मेरी कुंवारी बुर में फ़िर कुलबुलाहट होने लगी और मैं कुंवारी लड़की एक बार फिर चुदास से भर उठी.
इतने में ऊपर से आवाज़ आयी अरी कंचन मैंने तेरे खालू की बना दिए है अब उनका लंड पहले से बहुत बड़ा दिखाने लगा है.
कंचन ने कहा अच्छा माँ… अब मैं समझ गयी की कंचन अपने पापा जी का लंड पकड़ चुकी है और अपने खालू का भी और शायद चुदवाती भी होगी क्योकि जब खड़ा लंड हाथ में हो तो कौन औरत बगैर चुदवाये रह सकती है ?थोड़ी देर में कंचन मुझे ऊपर ले. गयी.
चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने देखा की दो आदमी एकदम नंगे लेटे हुए है उनके काले मोटे लंड बिलकुल कड़क हो रहे है.
ये दोनों लंड उनदोनो लंड से ज्यादा बड़े लग रहे थे.
चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने कहा कंचन ये कौन है.
उसने मेरा हाथ पकड़ कर एक आदमी के गधे के जैसे काले मोटे लंड पर रखा और कहा ये है मेरे पापा जी अब तुम इनके काले मोटे लंड का मज़ा लो.
और बगल के आदमी का लंड पकड़ कर मुझे दिखाते हुए बोली है और यह है मेरे खालू.
मेरे पकड़ते ही उसके पापा जी का घरेलू लंड लंबा चौड़ा हो गया.
इतना बड़ा हो गया की मेरे हाथ में नही आया मुझे दोनों हाथ से लंड पकड़ना पड़ा.
चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने नाप कर देखा तो पाया की ९’ लंबा लंड और ५१/२’ मोटा लंड साला कैसे फुफकार मर रहा था.
तब मुझे कंचन ने बताया की यह मेरे घर में मेरे मुहल्ले और गांववालों में सबसे बड़ा घरेलू लंड है.
यहाँ की कोई ऐसी बीवी , लड़की , और औरत नही है जिसने इसका लंड न पकड़ा हो , और जिसने इस लंड से न चुदवाया हो.
मेरे पापा जी का लंड बड़ा मशहूर है.
शादी शुदा औरतें तो जान देती है इस कड़क माल लौड़े पर.
जब बीवियों की अदला बदली की सामूहिक चुदाई होती है तो सबसे ज्यादा नंगी बीवियाँ इनके लौड़े पर ही टूट पड़ती है.
मुझे मेरे जीवन में पहली बार ही ऐसे भाग्यशाली लौड़े को पकड़ने का मौका मिल रहा था.
मैं मन ही मन बहुत खुश हो रही थी की आज तो मुझ कुंवारी लड़की को मेरी सहेली के साथ मिलकर उसके परिवार के सभी मर्दों के साथ ग्रुप सेक्स करने का मौका मिलेगा.
उस कुंवारी रांड के पापा जी मेरी चूंचियों को आहिस्ता आहिस्ता दबा और सहला रहे थे.
थोड़ी देर में कंचन ने कहा नेहा अब तुम मेरे खालू का लंड पकड़ो और मैं अपने पापा जी पकडती हूँ.
चुदवाने की भूखी मुझ कुंवारी लड़की ने खालू का कड़क लंड पकड़ा उस हरामी का भी बहुत ही ज्यादा मस्त घरेलू लंड था.
मैं उसे चूसने लगी फ़िर मेरी टंगेंगे अपने आप फ़ैल गयी.
मेरी चूत एकदम सामने आ गयी.
चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने ख़ुद लंड चूत के मुह पर रखा और कहा अबे खालू भोसड़ी के पेल दे जल्दी से लंड मेरी बुर में.
मेरे मुह से गन्दी गन्दी गाली सुनकर उन दोनों के काले मोटे लंड और सख्त हो गए.
तब मुझे मालूम हुआ की औरतों के मुह से मर्द क्यों गालिया सुनना चाहते है.
उसने धक्का मारा लंड मेरी बुर के अन्दर.
मैं तो बिंदास चुदवाने लगी.
खालू मादरचोद थोड़ी देर में ही मेरी चूंचियों पर ही झड़ गया मैं चुदासी रह गयी.
चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने कहा कंचन बुर चोदी , अपने पापा जी का घरेलू लंड मेरी चूत में जल्दी पेल.
मेरी बुर अभी चुदासी है.
कंचन ने लंड पकड़ कर घुसा डाला मेरी बुर में.
मेरे मुह से चीख निकली अब्बे भोसड़ी के पापा जी तेरी माँ की चूत साले इतना बड़ा घरेलू लंड एक दम से पेल दिया मेरी छोटी सी बुर में.
तेरी बहन की बुर मादर चोद तू जनता नही की छोटी चूत को धीरे धीरे चोदा जाता है ? अनाड़ी है क्या बेटी चोद ? उसने कहा तू साली इतनी देर से बड़े बड़े लौड़े अपनी कुंवारी चूत में ले रही है और कहती है तेरी चूत छोटी है.
अरे तेरी ये कुंवारी बुर तो गधे और घोड़े का लंड भी ले सकती है.
चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने कहा तेरा घरेलू लंड घोड़े से कम नही है.
लगता है तेरी माँ ने घोड़े से चुदवाया था तब तू पैदा हुआ.
कंचन बोली अरी नेहा इसकी माँ ने तो गधे के लम्बे मोटे लंड से भी अपनी गांड और चूत को चुदवाया होगा क्योंकी यह साला भोसड़ी का बड़ी बेरहमी से चूत चोदता है.
ऐसी गन्दी गन्दी बातें करते करते मुझ रांड ने खूब जमकर अपनी चुदने की भूखी चूत को चुदवाया | दूसरे दिन कंचन ने कहा नेहा चल आज तुमको अपनी सहेली अंजली शर्मा से मिलवाती हूँ.
हम दोनों शाम को उसके घर पहुँच गए.
मेरी पहली मुलाकात अंजली से हुई.
बड़ी खूबसूरत लड़की थी अंजली.
बात करते करते कंचन ने पूंछ लिया आज तुम सवेरे से कितने लंड पकड़ चुकी हो ? अंजली ने जबाब दिया यार तीन लंड तो हो चुके है एक मामा का लंड , दूसरा मेरी भाभी के बड़े भैया का लंड और तीसरा मेरे पापा जी का लंड .
चुदने की प्यासी मुझ कुंवारी लड़की ने कहा की क्या तुम अपने पापा जी का लंड पकडती हो ? उसने कहा हां बिल्कुल इसमे बुरा क्या है ? चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने कहा यार जिस लंड ने तुमको पैदा किया उसी लंड को ??????? उसने कहा. यार मेरी माँ को भी नही पता की मुझे किस लंड ने पैदा किया.
मेरे पापा जी मेरे असली पापा जी है इसकी क्या गारंटी है.
वो बोली की देख साली कुतिया मैं सुबह से तीन मर्दों से अपनी बुर चुदवा चुकी हूँ और गांड मरवा चुकी हूँ अब कोई बच्चा मेरे से पैदा हो जाए तो मैं रंडी कैसे बता पाऊंगी की उस बच्चे का बाप कौन है इसलिए हमारे समाज में माँ का पता होता है बाप का नही.
मैं इसी लिए अपने पापा जी से चुदवाती हूँ और फ़िर उसका घरेलू लंड इतना बड़ा है की बिना चुदाये रह नही सकती.
मैं क्या मेरे घर में और मेरे नाते रिश्तेदारों में कोई ऐसी औरत नही है जिसने मेरे पापा जी से चुदवाया न हो.
अब मैं तो चाहती हूँ की आज तुम दोनों भी चुदवा कर जाओ.
कंचन ने कहा यार अंजली तुमने हमारे मन की बात कह दी है.
हम दोनो तुम्हारे घर चुदवाने ही आए है बताओ इस समय कितने लंड है घर पर.
उसने कहा मेरे बड़े भैया है , पापा जी है , मेरे मौसाजी है और मेरे जीजा.
इस समय तो चार लंड है.
तुम जी भर चुदवाओ अगर कम पड़े तो मैं मुहल्लेवालों के काले मोटे लंड मंगवा लूंगी.
वह हमको बेड रूम ले गयी और पहले ख़ुद नंगी हो गयी और हमें भी नंगी धड़ंग कर दिया.
फ़िर अपने बड़े भैया और जीजा को आवाज़ लगा कर बुलवा लिया.
वे दोनों आ गए.
कंचन बड़े भैया को नंगा करने लगी और मैं उसके जीजा को.
दोनों हरामी मर्दों के गधे के लंड के जैसे काले मोटे लंड बाहर निकल आए थोड़ी देर तक सहलाने से दोनों खड़े हो गए.
ये दोनों लंड अलग तरीके के थे इसलिए मेरा मन लग गया.
मैं लंड को बड़ी देर तक देखती रही.
फ़िर जीजा से ही पहले चुदवाया.
उसने एक नए तरीके से चोदा मुझे अच्छा लगा.
चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने फ़िर लपक कर उसके बड़े भैया का घरेलू लंड पकड लिया.
यह घरेलू लंड भी नए तरीके का था उसका चूंचियां मसलना भी एक नया मज़ा था.
और फ़िर चुदवाने का नया मज़ा.
रात में उसके पापा जी ने मुझे दबोच लिया मेरी चूंचियां खूब नोचीं.
उधर करिशमा के मौसाजी ने कंचन को नंगी करके उसकी चूंचियां चूसने लगे.
फ़िर हमने ग्रुप सेक्स करने के लिए उसके पापा जी को नंगा किया और उनका काला मोटा लंड पकड़ लिया और उसके साथ खेलने लगे.
हाय रे क्या घरेलू लंड था पापा जी का साला कंचन के पापा जी की तरह इसका भी घरेलू लंड लंबा चौड़ा था.
चुदने की भूखी मुझ कुंवारी रांड ने कहा की सभी के पापा जी का लंड इतना लम्बा और मोटा होता है क्या…? कंचन उसके मौसाजी के गधे के लंड के जैसे काले मोटे लंड से खेल रही थी.
रात भर हम दोनों ने इन दोनों लंड से अपनी अपनी चूत की खूब जमकर चुदाई करवाई.
सवेरे जब उठी तो हमने कहा कंचन अब चलो अपने घर फ़िर मुझे वहां से अपने होस्टल जाना है.
इतने में करिशमा बोल पड़ी रह साली रांड आज कहाँ जाएगी आज तो मुहल्ले वाले भी चूत चोदने और आयेंगें.
हमारे मोहल्ले वाले मर्दों के काले मोटे लंड भी बहुत मस्त मस्त है.
तुमको चुदवाकर मज़ा आ जाएगा.
नए नए लंड से चुदवाने के लिए मैं रांड फ़िर से वहीँ पर रुक गयीं दोस्तों मेरी बेस्ट फ्रेंड ने मुझे एक था….
स्रोत:इंटरनेट