. दोस्तो, आपको मेरी कहानियाँ पसंद आती हैं, इसके लिए धन्यवाद। मेरी पिछली कहानी थी: एक रात नए बेड पार्टनर के साथ असल में वो ही कहानी पसंद आती है पाठकों को, जो उनकी सोच से मिलती हैं। मेरी कहानियाँ आप जैसे पाठकों के व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित हैं तो जाहिर है, आपकी सोच से तो मिलेंगी ही! आज की कहानी कुछ हट के है … किसी पुरानी जासूसी फिल्म जैसी! यह हॉट गर्ल X स्टोरी इन हिंदी सनी और रोज़ी की है। दोनों ही टूरिस्ट गाइड हैं। दोनों बेहद स्मार्ट और सलीकेदार हैं। देश/विदेश के कहीं के भी टूर पेकेज मिलें तो ये गाइड बन कर जाते हैं। रोज़ी गोरी चिट्टी, लंबी छरहरी, दिल्ली यूनिवरसिटी से टूरिज़म का डिप्लोमा किए हुए फर्राटेदार इंगलिश बोलने वाली सरदारनी है। सनी मोना सरदार है, क्लीन शेव, सलीकेदार और दो-तीन भाषाएँ अच्छे से बोलने वाला व्यवहारकुशल लड़का है। टूरिज़म से पहले सनी ने बॉडी मसाज का प्रोफेशनल कोर्स किया है। रोज़ी भी उसी सेंटर में एक ट्रेनी की तरह आई थी। इसी दौरान इन दोनों की जान पहचान और नज़दीकियाँ बढ़ गईं। सनी एक सर्टीफाइड ट्रेनर था और ‘तांत्रिक मसाज’ का स्पेशलिस्ट था। विदेशी पर्यटकों को भारतीय. तांत्रिक मसाज की बड़ी चाहत होती है और वो इसके बड़े अच्छे पैसे दे देते हैं। रोज़ी भी यही सीखना चाहती थी। पर उसकी मजबूरी थी कि सिखाने वाला केवल एक ही ट्रेनर था वो भी आदमी था। रोज़ी के टूर गाइड के. पोर्टफोलियो में ये मसाज सीखना उसके लिए बहुत फायदेमंद होता इसलिए वो सीखना चाहती थी। इसके लिए बाहर भेजने के लिए उसके घर वालों ने मना कर दिया। तो घरवालों से यह बात छिपा कर कि यहाँ ट्रेनर एक आदमी है, रोज़ी ने सनी को ही जॉइन कर लिया। मसाज ट्रेनिंग के जनरल टिप्स तो हाल में ग्रुप में दिये जाते पर ‘तांत्रिक मसाज’ की बारीकियों को तो एकांत कमरे में ही सिखाया जा सकता था। हालांकि वहाँ सनी के अलावा एक हेल्पर. लड़की भी होती पर वो भी एक दो दिन के बाद इधर उधर हो जाती क्योंकि ये तो उनके लिए रोज़ की बात थी। इस मसाज को सीखने सिखाने के लिए सनी को उस लड़की हेल्पर के जिस्म की आवश्यकता होती तो रोज़ी ने कहा- बारीकियाँ आप. मेरे जिस्म और अपने जिस्म पर कर के ही बता दो। अब तांत्रिक मसाज की बारीकियों को समझना और समझाने में तो दोनों शारीरिक रूप से बहुत नजदीक आ गए। सनी कुछ दूरी बनाना चाहता भी था तो रोज़ी ने बहुत मन से. बारीकियों को करके सीखना चाहा तो उनके बीच की सभी लिहाज शर्म खत्म हो गयी और अंतरंगता बढ़ती गयी। अब दोनों देर रात तक साथ घूमते और मस्ती करते! चूमचाटी तो अब आम बात थी। एक-दो महीने के बाद ही रोज़ी की तो किसी. टूरिस्म कंपनी में जॉब लग गयी तो उसने ये कोर्स बीच में ही छोड़ दिया। तब तक सनी और उसके बीच नज़दीकियाँ ज्यादा ही बढ़ गईं थीं और दोनों ने साथ कुछ कर गुजरने के सपने सँजोए थे, तो रोज़ी ने सनी को भी अपनी कंपनी में ही जॉब दिलवा दिया। सनी की बातों में कुछ ऐसा खिंचाव था कि वो बहुत जल्दी ही एक कामयाब गाइड बन गया.
और वक़्त की बात, सनी और रोज़ी की जोड़ी ऐसी चली कि अब टूरिस्ट्स की डिमांड पर दोनों साथ-साथ जाने लगे। असल में रोज़ी की दिलकश अदाएं और बात करने का अपनापन मेल टूरिस्ट्स को बहुत भाता था.
पर उसने आज तक किसी मेल टूरिस्ट को अपने को हाथ नहीं लगाने दिया था। वो नजदीक जाती थी, शराब सर्व करती थी, उनके फूहड़ मज़ाक पर मुस्कुरा भी देती थी.
पर ‘नो टच’ की पॉलिसी पर काम करती थी। लेडी टूरिस्ट भी उससे अच्छा महसूस करती थीं, रोज़ी उनके नितांत एकांत के पलों में उन्हें तांत्रिक मसाज भी देती थी, जिसका वो लोग भरपूर पैसा भी उसे देते। सनी और रोज़ी जब साथ साथ टूर पर जाते तो इतना पैसा तो मिलता नहीं था कि अलग-अलग रूम ले सकें, तो साथ रहना पड़ता। रोज़ी रात को मस्ती में सारे किस्से सनी को चटकारे लेकर बताती। अब बंद कमरे में जवान जिस्म साथ रहें तो क्या कुछ नहीं हो जाता! इनके साथ भी वही हुआ। इन दोनों के बीच अंतरंगता बढ़ती गयी.
सनी ने तांत्रिक मसाज का एक अहम भाग जिसमें योनि मसाज और निप्पल मसाज आती है वो रोज़ी को सिखाया। वो सिखाते सिखाते दोनों के शारीरिक संबंध हो गए। रोज़ी अब सनी के साथ गहरी अंतरंगता से सेक्स करती। अब दोनों को दिन में भी जब मौका मिलता तो चूमा चाटी या फटाफट सेक्स का एक सेशन हो जाता। वैसे तो वे पूरी सावधानी बरतते. कि रोज़ी के गर्भ न ठहरे! पर रोज़ी बहुत चंचल थी, कई बार लापरवाही कर जाती और असुरक्षित सेक्स कर लेती। असल में मसाज के दौरान वो दोनों ही इतने उत्तेजित हो जाते। रोज़ी सनी का लंड इतनी तन्मयता से मसलती और चूसती कि सनी को अपने को संभालना मुशकिल हो जाता और ऐसे ही सनी रोज़ी की चूत में या निप्पलस पर जब उँगलियाँ या जीभ फिराता तो उत्तेजना में रोज़ी सनी को अपने ऊपर चढ़ा लेती और ऐसे में कब मसाज सेक्स में तबदील हो. जाती, कब असुरक्षित सेक्स हो जाता, पता ही नहीं चलता। इस मस्ती का नतीजा ये हुआ कि रोज़ी गर्भवती हो गयी। अब शादी की न तो स्थिति थी और न पैसा था। उन दोनों ने साथ साथ बहुत बड़े सपने देखे थे … पर उसके लिए वक़्त चाहिए था। वे अपनी टूरिस्ट कंपनी बनाना चाहते थे। दोनों की जोड़ी एक कामयाब जोड़ी होती जा रही थी। पर अब क्या हो? सनी जानता था कि अगर उसके घरवालों को इस बारे में मालूम पड़ गया तो पता नहीं वे क्या कर. बैठेंगे। रोज़ी केवल इस शर्त पर बच्चा गिराने को तैयार हुई कि सनी उससे अभी शादी कर ले। तो इस तरह दोनों की शादी हो गयी पर आपस में ये तय हुआ कि अभी बच्चे की कोई प्लानिंग नहीं। बल्कि केवल नजदीक के लोगों के. अलावा किसी को ये बताएँगे भी नहीं की वे पति पत्नी हैं, वरना इससे उनके जॉब करियर पर फर्क पड़ता। हर कंपनी/टूरिस्ट जवान लड़के-लड़की चाहता है न की पति-पत्नी। सनी और रोज़ी ने अब नौकरी छोड़ दी और वे फ्रीलांसर गाइड बन गए, मतलब टूर के हिसाब से वो अपनी बुकिंग करते और पैसे लेते। अब उन लोगों को पैसा बचाने की धुन लग गयी थी। पर सपने बड़े थे और समय बीतता जा रहा था। तभी कोरोना आ गया। हर ओर लॉकडाउन! सबसे ज्यादा नुकसान हुआ तो वो हुआ टूरिज़म का! सब खाली बैठ गए। सनी रोज़ी के सामने तो रोजगार की दिक्कत आ गयी। किराये का मकान, पूरे खर्चे, धीरे धीरे बचत भी ठिकाने लगने लगी। पर दोनों बहुत ज़िंदादिल थे। खर्चे कम किए पर ज़िंदगी में मस्ती कम नहीं की। मेल्स पर लगातार अपने क्लाइंट्स से टच में रहते। कामसूत्र को नजदीक से समझ कर सेक्स की नयी मुद्राओं को समझना और उन्हें मसाज के साथ सम्मिलित करना, इस पर खास काम किया दोनों ने! इसके दो फायदे हुए कि उनकी अपनी सेक्स लाइफ बहुत रंगीन हो गयी और दूसरे उन्हें इस बात का अंदाज़ हो गया कि फिरंगियों से कैसे पैसे ज्यादा निकाले जा सकते हैं। सनी ने रोज़ी को मसाज में इतना परफ़ैक्ट कर दिया कि. वो अब आश्वस्त था कि क्लाइंट चाहे मेल हो या फी मेल रोज़ी से मसाज करवा कर उसे वही उत्तेजना होती थी, जिसे आज नवयुवक यवतियाँ दवाइयों और ड्रग्स में ढूंढते हैं। अपनी तांत्रिक मसाज को बल्कि खासतौर से योनि मसाज को सनी ने इतना सुरुचिपूर्ण कर लिया था कि अब रोज़ी भी कहती थी कि कोई फ़ीमेल इस मसाज के बाद बिना चुदवाए तुम्हें कैसे जाने देगी। पर सनी की सोच स्पष्ट थी। वो मसाज को सेक्स से नहीं जोड़ता था। वो मसाज की. पवित्रता में विश्वास करता था। रोज़ी को समझाता था वो … कि जब मैं तुम्हारी या तुम मेरी मसाज करती हो तो अंतिम उद्देश्य सेक्स होता है.
पर जब हम क्लाइंट की मसाज करते हैं तो न तो हमारे मन में कोई सेक्स की भावना होनी चाहिए, न ही हमारा उद्देश्य क्लाइंट की कामभावना को जागृत करके सेक्स करना होना चाहिए। सनी और रोज़ी ने आज तक अपनी इस सौगंध को निभाया भी था। दोनों किसी अन्य से कभी भी अंतरंग नहीं हुए थे, जबकि उनके क्लाइंट्स ने ऐसा कई बार चाहा। तो अब लॉकडाउन में इनकी सुबह जबर्दस्त मॉर्निंग सेक्स से होती और रात को बिना पलंगतोड़ सेक्स के इन्हें नींद नहीं आती। दिन में नाममात्र के कपड़े पहने। रोज़ी को किसी भी. मुद्रा से परहेज नहीं था। वो मुंह से भी कर लेती, मुंह में ही कर लेती, आगे पीछे दोनों तरफ करवा लेती। वह भूखी सो सकती थी पर बिना सेक्स के नहीं। अपने पीरयड्स के दिनों में तो वो हाथ और मुंह से ही सनी का खाली करती। सनी बहुत खुश था रोज़ी की चुदाई से! रोज़ी जब ऊपर बैठ कर उछल उछल कर करती तो ऐसा लगता कि उसमें कहाँ की दैवीय ताकत आ गयी है। वो निचड़ कर रख देती सनी को! रोज़ी नटखट थी तो उसने कुछ अदाएं पॉर्न देख कर. या अपने अनुमान से सीख ली थीं जिससे वो किसी भी मर्द को दीवाना बना दे। लॉकडाउन खुलते ही टूरिज़म की बाढ़ आ गयी। सब ओर एक साथ टूर शुरू हो गये। सनी और रोज़ी को भी काम मिलना शुरू हो गया। पर उनके अरमानों को. पूरा कर दे … ऐसी कमाई नहीं हो रही थी। दोनों ही अब बहुत कम खर्च से काम चलाते, एक एक पैसा जोड़ते, अपनी क्लाइंट्स की खूब सेवा करते ताकि उनसे अच्छी टिप्स मिलें। पर मंज़िल अभी बहुत दूर थी। एक दिन सनी को एक पुराने क्लाइंट का फोन आया। उसने सनी और रोज़ी को मिलने के लिए मुंबई बुलाया, आने जाने और खर्चे के लिए पच्चीस हज़ार रुपए इनके अकाउंट में ट्रान्स्फ़र कर दिये। काम कुछ बड़ा ही होगा … वरना ऐसे कौन बुलाता है इतने पैसे भेजकर! यह सोचकर सनी और रोज़ी अगले दिन की फ्लाइट से ही मुंबई पहुँच गए। उस क्लाइंट ने इनके ठहरने का इंतजाम एक आलीशान होटल में किया था। वो क्लाइंट मिस्टर सैम थे जो अंतराष्ट्रीय कंपनियों के. बिचौलिये की तरह काम करते थे और अक्सर विदेश के ग्रुप टूर बनवाते थे। सैम सनी और रोज़ी से मिलने इन्हीं के होटल में आया। रूम में लाजवाब नाश्ते और बियर के साथ सैम ने अपना प्रस्ताव इन लोगों को बताया। काम यह. था कि एक ग्लोबल टेंडर था, हिन्दुस्तानी रुपयों में बात करें तो लगभग पाँच सौ करोड़ रुपए का! जिसमें एक विदेशी कंपनी कंपनी ‘विस्टा’ भाग ले रही थी। टेंडर एक यूरोप की कंपनी का था। टेंडर फाइनल स्थिति में था बस उनके वाइस प्रेसिडेंट की सहमति बाकी थी। वाइस प्रेसिडेंट मिस्टर डेविड थे जो अपनी पत्नी लिज़ा के साथ पाँच दिन की छुट्टी पर फुकेट, थाईलेंड जा रहे थे अगले हफ्ते! वहीं से वापिस आकर उन्हें टेंडर फाइनल करना था। ‘विस्टा’ के अधिकारी चाहते थे कि किसी भी कीमत पर टेंडर उन्हें मिले। डेविड पैसा लेकर काम करने को तैयार थे पर उनकी पत्नी लिज़ा किसी और कंपनी में इच्छुक थीं। हालांकि डेविड अपनी पत्नी से दब नहीं रहा था, पर डेविड चाहता था कि लिज़ा खुद उन्हें यह सहमति दे दे या फिर डेविड को किसी और रास्ते से मजबूर कर दिया जाये कि वो किसी की न सुने और ऑर्डर ‘विस्टा’ को दे दे। ‘विस्टा’ के अधिकारियों ने सैम को संपर्क किया. कि डेविड और लिज़ा मस्तीखोर हैं, 35-40 साल के आस पास के हैं तो किसी भी कीमत पर इन्हें मजबूर किया जाये कि वो ‘विस्टा’ का साथ दें। सनी ने पूछा- आप हमसे क्या चाहते हो? हॉट गर्ल X स्टोरी इन हिंदी के इस भाग में सेक्स कम ही था.
पर आगे के भागों में आपको मजा आयेगा.
[email protected] हॉट गर्ल X स्टोरी इन हिंदी का अगला भाग: साजिश और सेक्स की कॉकटेल- 2
स्रोत:इंटरनेट