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साड़ी ब्लाउज खोल कुतिया बनी गांड मरवाने के लिए Xxx Story

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साड़ी ब्लाउज खोल कुतिया बनी गांड मरवाने के लिए Xxx Story 1

. साड़ी ब्लाउज खोल कुतिया बनी गांड मरवाने के लिए XXX Story मेरा भाभी चोदू देवर नरेंद्र एक प्राइवेट कम्पनी में नौकरी कर रहा था.
मेरे पति मुझे उनके भाई के भरोसे घर पर अकेला छोड़ जाया करते थे.
और दोस्तों आप सभी को तो पता ही होगा ये ओ लोग भरोसे वाले होने हैं यही भोसड़ी वाले होते हैं.
जब मेरे पति फोन पर पूछते थे की तुम कैसी हो तो मैं बहाना बनाकर कहती थी की मुझे तुम्हारी बड़ी याद आ रही है.
मेरा फिगर बिलकुल करीना कपूर जैसा है.
मेरा गरम शरीर एक दम फिट है ना बहुत जादा मोटा और न बहुत जादा पतला.
जब मैं नहा धोकर अपने सेक्सी जिस्म पर साड़ी और ब्लाउज पहनकर सजती सवरती हूँ तो बहुत कमाल की लगती हूँ.
मै अपने घने काले बालो को अच्छे से बाँध कर गजरा लगाती थी और जब मांग में मेरे पति के नाम का सिंदूर भरकर तैयार हो जाती थी वो मैं बिलकुल पटाखा माल लगती थी.
मेरे सेक्सीजिस्म को देखकर मेरा देवर बोलता था “ सविता भाभी!! तुम मस्त माल दिखती हो.
यहाँ भी देखें >> तुम्हारे लिए तो कोई कुछ भी कर डाले”.
मेरा बच्चा अभी 6 महीने का था.
घर में कोई होता भी नही था.
नरेंद्र मुझे सुबह सुबह की पकड़ लेता था और मेरे होठो को चुम्मा चाटी करने लग जाता था.
फिर मैं नरेंद्र के लिए नास्ता बनाती थी.
एक दिन वो नहा धोकर कपड़े पहनकर डाइनिंग टेबल पर बैठ गया.
मैं किचन में उसके लिए आलू पराठे सेंक रही थी.
मेरा भाभी चोदू देवर नरेंद्र मुझे आवाज मारने लगा मेरी प्यारी सविता भाभी!! जल्दी लाओ नास्ता.
मुझे ऑफिस के लिए देर हो रही है… लाती हूँ बाबा!! पराठो को करारा कर रही हूँ” मैं किचन से ही बोली फिर अपने प्यारे देवर जी को पराठा दिया.
नरेंद्र तोड़ तोड़कर खाने लगा.
उसके लिए मैंने 4 पराठे सेंक दिए.
इतने में मेरा बच्चा जग गया और के लिए रोने लगा.
मैं कमरे में गयी और उसे गोद में ले आई और नरेंद्र के सामने ही कुर्सी पर बैठ गयी.
अपने ब्लौस को खोलकर 34” की बड़ी सी चूची को निकालकर निप्पल को अपने बच्चा के मुह में डाला और उसे दूध पिलाने लगी.
वो जल्दी जल्दी चूसने लगा.
मेरी मस्त मोटी फूली हुई छाती से दूध की बुँदे बाहर बहने लगी.
मेरा चोदू देवर नरेंद्र पराठे खाते खाते मेरे दूध से भरे मोटे मोटे बूब्स को किसी भूखे कुत्ते की तरह ताड़ने लगा उसकी नजरें देख लग रहा था मनो वो मेरे बूब्स नोच खायगा.
कुछ देर तक मेरे मोटे मोटे बूब्स ताड़ने के बाद उसका मौसम बन गया और वो मुझसे बोला मेरी प्यारी भाभी आप भाभी!! भतीजे को अपने मोटे मोटे मम्मों से दूध पिला दो, फिर मुझे अपनी गांड और प्यासी चुत चोदने के लिए देना ” नरेंद्र बोला मैं तो चौंक गयी.
“देवर जी आप तो ऑफिस जा रहे थे ना??” मैं रोमांचित होते हुए पूछने लगी“ आज आपकी प्यासी चुत चुदाई करने के साथ साथ गांड मारने का बहुत ज्यादा दिल कर रहा है इसलिए छुट्टी मार रहा हूँ.
मेरा चोदू देवर मेरे बूब्स घूरते हुए मुझसे बोला भाभी जी आपकी चूचियां देखकर दिमाग घूम गया है.
मुझे आपकी प्यासी चुत और गांड अभी चाहिए.
फिर उसने पराठे खाना भी बंद कर दिया और अपनी पेंट खोलकर काला मोटा लंड बाहर निकाल दिया और जल्दी जल्दी हस्तमैथुन लगा.
देखते ही देखते नरेंद्र का लंड 8 इंची लम्बा हो गया और काफी फूल गया.
“कुछ तो शर्म करो.
अपने भतीजे के सामने ऐसा मत कहो” मैं कहने लगी“ये मेरा भतीजा नही लड़का है” नरेंद्र कहने लगा उसके बाद मेरा बच्चा मेरे मोटे मोटे बूब्स के निप्पल से दूध पीकर सो गया.
उसे मैं गोद में उठाकर कमरे में सुला आई.
फिर हम दोनों भाभी देवर भी सेक्स करने के लिए बेडरूम में चले गये.
बेडरूम में मैं पलंग पर अपनी मोटी गांड टेक कर बैठ गयी और मेरा चोदू देवर नरेंद्र मेरे पास आ गया.
मेरे ब्लाउज की बटन अभी भी खुली हुई थी जिसमे से मेरे मोटे मोटे बूब्स आजाद होने के लिए झांक रहे थे.
मेरा चोदू देवर नरेंद्र मेरे पास ही बैठ गया और मुझसे चिपकने लगा.
मैं लाल साड़ी और ब्लाउज में थी.
मेरे बच्चा ने दूध पिया था इस वजह से दूध की कुछ बुँदे मेरे ब्लाउज को गीला कर दी थी.
नरेंद्र ने मुझे पकड़ लिया और चुम्मा चाटी करने लगा.
“भाभी उतार दो अपना ब्लाउज!!” वो मेरे कान में बोला मेरा अभी चुदने का मन नही था.
ये सब गंदे काम तो शाम को और रात में किये जाते है पर देवर का तो अभी ही मूड बन गया.
नरेंद्र ने बैठे बैठे ही मेरे ब्लाउज पर हाथ लगाना शुरू कर दिया.
वो मुझे ब्लाउज खोलने के लिए बोलने लगा तो मुझे मजबूरन अपना ब्लाउज उतारना ही पड़ा.
यहाँ भी देखें >> फिर ब्रा भी उतार दी.
“ओह्ह कितनी मस्त दिख रही हो भाभी जी !! अब बाल भी खोल दो” वो बोला मैंने अपने बालो में से पिन निकाल दिया.
अब मेरे बाल खुल गये.
काले बालो में मेरी दूध जैसे रंग की उजली चूचियां कुछ जादा ही सेक्सी दिख रही थी.
मेरा देवर नरेंद्र मुझे सीने से लगाकर चुम्मा चाटी करने लगा और खूब प्यार करने लगा.
फिर मेरे गुलाबी लिप्स पर लिप्स रखकर चुम्बन करने लगा.
वो मुझे उसी तरह चूस रहा था जैसे इमरान हाश्मी फिल्मो में चुम्मा चाटी करता है.
मेरी चूचियों को उसने पकड़ लिया और दबाने लगा.
मुझे लिप्स पर चुम्मा चाटी कर रहा था और साथ में बूब्स को हाथ से प्रेस कर रहा था.
“लेट जाओ भाभी!!” नरेंद्र बोलामैं पलंग पर चित हो गयी.
वो मेरे सफ़ेद मक्खन जैसी चूचियों से खेलने लगा.
हाथ से कस कसके के बूब्स प्रेस करने लगा.
आटे की तरह गूथ रहा था.
मैं “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….
अअअअअ….
आहा …हा हा सी सी सी” करने लगी.
वो अपने दोनों हाथ से मेरे को बहुत जोर जोर से दबाने लगा.
फिर मेरे मोटे मोटे बोबे के नुकीले निप्पल को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा.
मैं जोर जोर से सिसकी निकालने लगी.
मेरे दूध 34” के गुब्बारे जैसे फूले हुए थे.
देवर दबा दबाकर मजा ले रहा था.
मुझे भी आनन्द आ रहा था.
उसने चूस चूसकर मुझे हॉट कर दिया.
मेरे स्तनों के शिखर पर लाल लाल बड़े बड़े गोले थे जो बड़े कामुक लग रहे थे.
नरेंद्र उनको दबा दबाकर पी रहा था.
वो मेरी निपल्स पर बड़े ही सेक्सी अंदाज में जीभ घुमा रहा था.
“आह सी सी सी…..कितने प्यारे हो तुम नरेंद्र!! मुझे और जादा प्यार करो” मैं कहने लगीनरेंद्र मेरी बात सुनकर और अच्छे से मेरी दोनों चूची चूसने लगा.
मैं काम की अग्नि में जलने लगी.
फिर उसने उसी वक्त मेरी साड़ी खोल दी.
मेरे को खोला और उतार दिया.
मेरी पेंटी को पकड़ कर उसने 1 सेकंड में नीचे खींच दिया.
फिर मेरे पैरो से भी उसे निकाल दिया.
मैं नंगी हो गयी.
“नरेंद्र!! सुबह सुबह चुदाई करना अच्छी बात नही होती है” मैं कही“अरे सविता भाभी!! ये कोई नियम तो है नही.
इसलिए जब इंसान का मूड बन जाए चुदाई कर लेनी चाहिए” नरेंद्र बोलामैंने पैर खोल दिए.
मैं उसके सामने नंगी पलंग पर लेटी हुई थी.
क्या सेक्सी माल दिख रही थी.
मैं विवाहित औरत थी इसलिए हाथो में खूब सारी चूड़ियाँ और सोने के कड़े पहनी थी.
दोनों पैर में मेरी पायल छन छन की आवाज कर रही थी.
मेरे गले में बड़ा सा सोने के लोकेट वाला मंगल सूत्र था.
मैं शुद्ध इंडियन औरत लग रही थी.
मेरा देवर फिर से मेरे सेक्सी चुदासे जिस्म पर लट्टू हो गया और मुझसे प्यार करने लगा.
वो अपनी शर्ट पेंट उतार दिया.
अब नंगा था.
उसका लंड 8” लम्बा था, अब खड़ा हो गया था.
नरेंद्र का लंड काफी मजबूत तलवार जैसा दिख रहा था.
यहाँ भी देखें >> वो मेरे उपर आ गया और मेरे पेट से खेलने लगा.
मैं बहुत गोरी चिट्टी माल थी इसलिए मेरा पेट भी कम सेक्सी नही था.
नरेंद्र जीभ निकालकर पेट चाटने लगा.
मैं “……अई…अई….
अई…..इसस्स्स्स्…….
उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….
”करने लगी.
फिर मेरी चुत पर वो पहुच गया.
मेरी बुर तो पहले से ही काफी कामुक थी.
लाल लाल मलाई जैसी प्यासी चुत थी मेरी.
फिर नरेंद्र मुंह लगा लगाकर रस लेने लगा.
अच्छे से चाटने लगा.
मैं चीखने पर मजबूर हो गयी.
“…..सी सी सी सी….
और चूसो नरेंद्र!! मेरी आग को आज तुम शांत कर दो” मैं कहने लगीवो भी बड़े जोश में आ गया और प्यासी चुत को अच्छे से चाटने लगा.
वो अंदर से रस निकाल रहा था.
मैं तृप्त होने लगी.
मुझ पर अन्तर्वासना का भूत चढ़ रहा था.
बड़ी बेचैनी हो रही थी.
इसलिए मैं अपने दोनों पंजो से अपने दोनों जोर जोर से दबाने लगी.
अपनी निपल्स को ऊँगली में लेकर मरोड़ने तोड़ने लगी.
उधर नरेंद्र ने बड़े अच्छे ढंग से मेरी बुर चाट चाट कर फुला दी.
मेरे प्यासी चुत के दाने को उसने जीभ की नोंक से इतनी बार ठोकर मारी की मेरी तो ऐसी तैसी हो गयी थी.
मेरी चुत काफी गहरी थी.
मेरा भाभी चोदू देवर नरेंद्र में पूरी अंदर तक जीभ घुसा रहा था.
दरार में उपर से नीचे तक घुसा रहा था.
किसी जंगली कुत्ते की तरह खोद खोदकर चूस रहा था साला भड़वा.
मेरी चुत के दोनों होठो को उसने चूस चूसकर चिकना बना डाला.
“देवर!! क्या आज तू मेरा काम नही लगाएगा???” मैं व्याकुल होकर कहने लगी“लगाऊंगा सविता भाभी जान!! इतना बेसब्र क्यों होती हो.
सब कुछ धीरे धीरे करूंगा” वो बोला“कब चोदेगा तू मुझे नरेंद्र!! आऊ…..आऊ….
जो करना है जल्दी कर” मैं बेचैन होकर कहने लगीमेरी बात सुनकर वो मेरी तडप समझ गया.
अपने लंड को खड़ा करने लगा.
जल्दी जल्दी मुठ देने लगा.
मैं लंड से चुदने को व्याकुल हो रही थी.
फिर नरेंद्र मेरी चुत पर आ गया.
मेरे पैर खोल दिए उसने.
उसका 8 इंची लंड काफी शानदार था.
नरेंद्र ने उसे पकड़ लिया और मेरी चुत की गद्दी पर थपकी देने लगा.
मैं और जादा मचलने लगी.
“आऊ…..आऊ….
हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” करने लगी.
कुछ देर वो मेरी चुत की गद्दी पर लंड से पीटता रहा.
फिर सुपारे को प्यासी चुत की लाइन में रगड़ने लगा.
ऐसा करने से मेरी हवस और जादा बढ़ गयी थी.
नरेंद्र मुझे चोद नही रहा था.
सिर्फ लंड के मुंह से मेरी चुत पर घिसाई कर रहा था.
ऐसा करने से मेरी और बढ़ गयी.
“गांडू!! अब प्यासी चुत में डालेगा की गांडूगिरी दिखाएगा” मैं गुस्साकर बोलीतब नरेंद्र ने लंड को पकड़कर मेरी चुत में धक्का मार दिया और अंदर बाहर करने लगा.
अब मुझे कुछ अच्छा लगा.
मेरा देवर अब जंगली कुत्ते की तरह मुझे चोदने लगा.
मैं भी किसी जंगली कुतिया की तरह आह.. आह… यूई माँ आह… आह… करते हुए चुदने लगी.
कुछ मिनट में ही नरेंद्र ने चुदाई करने की अच्छी स्पीड पकड़ ली और जल्दी जल्दी मुझे मारने लगा.
मैं “….
उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” बोलकर उससे चुदवा रही थी.
““ohh!! yes yes yes dear नरेंद्र!! fuck me hard I am your bitch fuck me lick a bitch….
ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी…” मैं मचल मचल कर कहने लगीवो प्यासी चुत में गचा गच धक्के देने लगा.
फिर मेरी बायीं चूची को हाथ से पकड़ लिया और दबा दबाकर मुझे चोद रहा था.
मुझे अत्यधिक सुख की प्राप्ति हो रही थी.
मेरा रोम रोम उसने चुदाई करके खिला दिया था.
फिर वो बायीं चूची के नुकीले पिंक निप्पल को अपने मुंह में लेकर किसी छोटे भूखे बच्चे की तरह जोर जोर से चूसने लगा और साथ में मेरी ठुकाई भी कर रहा था.
मैं जन्नत का मजा लूट रही थी.
“बहुत अच्छा नरेंद्र!! ….. ऊँ…ऊँ…ऊँ….
पेलो और अंदर तक लंड पेलो मुझे हूँ.. हूँ… हूँ..” मैं जोश में कहने लगी मेरी पतली कमर नागिन की तरह डांस कर रही थी.
नरेंद्र तो मेरा मस्त चोदन कार्यक्रम कर रहा था.
कुछ देर बाद मेरा देवर झड़ने वाला था.
“भाभी!! ……अअअअअ….
अब झड़ जाउंगा” नरेंद्र कहने लगाफिर उसकी स्पीड बहुत तेज हो गयी.
उसका लंड किसी मशीन की तरह मेरी चुत को मारने लगा.
फिर उसका गरम शरीर ऐठने लगा.
नरेंद्र के चेहरे पर संतुस्टी के भाव मैं साफ़ देख सकती थी.
यहाँ भी देखें >> फिर उसने माल मेरी बुर में ही छोड़ दिया.
अपनी बुर में मैंने उसका ताजा हॉट हॉट पानी महसूस किया.
साथ में मैं भी झड़ गयी.
उसके पूरे चेहरे पर पसीना निकल आया.
मुझे मारने में उसे काफी मेहनत करनी पड़ी.
पर उसे मजा खूब आया.
मुझे भी आया.
“ओह्ह नरेंद्र!! you fucked me so hard” मैं कहने लगी वो मेरे ओंठो पर आकर फिर से चुम्मा लेने लगा.
हम दोनों को आज वाली चुदाई में काफी संतुस्टी मिली थी.
वो बहुत खुश नजर आ रहा था.
“आज तो तुमने मुझे सुबह सुबह की चोद डाला.
देखो सुबह ये सब मत किया करो.
तुम्हारे चक्कर में मैं पूजा नही कर पाई” मैं कहने लगी“अरे सविता भाभी!! जो मजा सुबह आता है वो रात में नही आता” नरेंद्र बोला मैं जाने लगी.
सोची की नहा लूँ.
पर फिर से उसने मुझे मारने के लिए पकड़ लिया.
“अब क्या है???” मैं बोली“ आपने मेरा तंदरुस्त लंड अपने मुह में लेकर तो चूसा ही नही.
लंड चूसो ना भाभी जी प्लीस एक बार मुख-मैथुन का सुख भी दे दो अपने इस प्यारे देवर को” वो मेरा मुह चोदने की बहुत ज्यादा जिद करने लगा.
हम भाभी देवर दोनों अब मुख-मैथुन करने के लिए पलंग से उतर गये.
नरेंद्र फर्श पर खड़ा हो गया.
मैं नीचे घुटने मोड़कर उसका लंड अपने मुह में लेकर मुख-मैथुन करने के लिए बैठ गयी.
फिर मेरे प्यारे देवर जी का काला मोटा लंड मुह में लेकर चूसने से पहले उसका लंड पकड़कर अच्छे से हस्तमैथुन करने लगी.
कुछ देर में देवर का लंड खड़ा हो गया.
जब मैं उसका हस्तमैथुन कर रहती थी तो उसे बहुत मजा आ रहा था.
मैंने अच्छे से मुठ देकर उसे मजा दिया.
फिर लंड को जीभ निकालकर किसी कुतिया रांड की तरह चाटने लगी.
फिर पूरा क्रीम रोल की तरह मुंह में ले ली और अपने गले तक लेकर चूसने लगी.
“….
ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……चूसो और चूसो भाभी!! अच्छा लग रहा है” मेरा भाभी चोदू देवर कहने लगा.
दोस्तों मुझे भी लंड खाने में बहुत आनंद आ रहा था मैं भी किसी आवारा कुतिया रांड की तरह अपने देवर का लंड चूसने लगी.
मेरे देवर जी के लंड को अपने गले तक लेकर तन मन धन से चूस रही थी.
यहाँ भी देखें >> लंड चूसने के बाद उसकी गोलियों को मुंह में लेकर रसगुल्ले की तरह चूसने लगी .
“ सविता भाभी!! आपकी गांड तो ली ही नही मैंने.
प्लीस दो ना” मेरा चोदू देवर बोला.
देवर जी के लंड से अपनी गरम गांड की चुदाई करवाने के लिए मैं फर्श पर ही झुक गयी और कुतिया बन गयी.
मेरी मोटी गांड का छेद बड़ा खूबसूरत था .
मेरी गांड का छेद डेरी मिल्क चोकलेट की तरह भूरा भूरा सेक्सी छेद था.
मेरी को देखकर मेरे देवर की आँखे फटी की फटी रह गई और वो किसी जंगली कुत्ते की तरह जीभ लगा मेरी गरम गांड के छेद को चाटने लगा.
खूब चूसा, चाटा उसने मेरी गरम गांड के छेद को.
फिर मेरी गांड में थूक लगाकर अपना काला मोटा लंड डालने लगा.
मुझे बहुत दर्द हो रहा था क्यूंकि गांड का छेद प्यासी चुत की तरह खुला हुआ तो होता नही है.
इसलिए गांड मरवाने में काफी दर्द हुआ.
मेरा चोदू देवर नरेंद्र ने धक्का दे देकर लंड गांड के सकड़े से छेद में घुसा डाला.
मैं गांड मरवाने के लिए मेरे देवर के आगे नंगी झुककर कुतिया बनी हुई थी और वो किसी जंगली कुत्ते की तरह जल्दी जल्दी मेरी गांड मारे जा रहा था.
मैं अपनी टट्टी से भरी मोटी गांड मरवाते मरवाते “उई माँ.. आह… उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ…ऊँ…ऊँ….
” करती रही.
मुझे लग भी रहा था और मजा भी आ रहा था.
बड़ा अजीब अहसास था गांड की जोरदार चुदाई का.
देवर जी के लम्बे मोटे लंड से अपनी के सकड़े से छेद को चुदवाते चुदवाते मेरी तो जान ही निकली जा रही थी.
फिर भी फर्श पर किसी मासूम कुतिया की तरह झुकी हुई थी और देवर जी के लंड के वार अपनी गांड में सहन कर रही थी.
मेरा देवर नरेंद्र झुककर मेरी गरम गांड मारने का कार्यक्रम कर रहा था.
उसने काफी देर तक बड़ी बेरहमी से मेरी गांड चुदाई करी.
फिर काफी देर तक मेरी गांड मारने के बाद पिली पिली से संदा हुआ अपना लंड मेरी गांड के छेद से बहार निकाल दिया और जल्दी जल्दी अपने हाथ से फेटने लगा.
यहाँ भी देखें >> जब उसके लंड से वीर्य निकलने लगा तो उसने मेरे बड़े बड़े प्यासी चुतड पर अपना सारा वीर्य निकाल दिया.
अपने देवर के साथ सेक्स  करने के बाद मैं बाथरूम में नंगी ही नहाने के लिए चली गई और बाथरूम में भी तो मुझे मेरे देवर जी ने नहीं चोदा वो वहां भी मेरे पीछे पीछे आ गए और फिर हम देवर भाभी बाथरूम में नंगे चुम्मा चाटी करते करते नहाये और फिर नाहा. धोकर मेरे बेडरूम में ही नंगे चिपक कर सो गए.
तो दोस्तों थी ना ये देसी हिंदी सेक्स कहानी शानदार… हम परिवार के सदस्य उम्मीद करते हैं की आपको यह इंडियन हिंदी सेक्स कहानी ” साड़ी ब्लाउज खोल कुतिया बनी देवर जी के लंड से गांड मरवाने के लिए XXX Story ” बहुत पसंद आई होगी.
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स्रोत:इंटरनेट