. सेनेटरी पैड हटाकर चुदाई करी स्कूल टीचर की माहवारी के दौरान कुछ दिनों के बाद उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने उस दुकानदार से लिए हुए नम्बर पर कॉल किया, जो कि मेरा नम्बर था.
उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने अपना नाम बताया.
उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने कहा- हैलो मेरा नाम यशबाला है, मैं दिल्ली से बात कर रही हूँ.
उसकी इतनी मधुर आवाज सुनकर मैं मस्त हो गया.
मैंने मंत्रमुग्ध होते हुए पूछा- जी, बताइए मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ.
वो- मेरी कुछ प्रॉब्लम है … क्या आप उसे ठीक कर सकते हैं.
मैंने हां कह दिया.
उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने कहा- मेरा इंटरनेट पिछले 5 दिनों से नहीं चल पा रहा है.
मैंने आपकी कंपनी में शिकायत भी दर्ज की, पर कोई फायदा नहीं हुआ.
क्या आप सही कर देंगे.
मुझ हवस के पुजारी ने बोला की हां मैडम मैं ठीक कर दूंगा.
मैं अपने काम से फ्री होने के बाद आपको कॉल करता हूं.
अगली दोपहर को लगभग 2 बजे मैंने उस नम्बर पर कॉल किया और उससे पूछा कि मैं फ्री हूँ, तो आपकी प्रॉब्लम सही करने अभी आ जाऊं क्या? उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने हां कह दिया.
मैं अपनी गाड़ी उठाकर उसके बताए पते पर पहुंच गया.
मैंने उसके फ्लैट की बेल को बजाई, तो मैडम ने गेट खोला.
उसे मैं देखता ही रह गया.
घर में नाईट सूट में क्या क़यामत ढा रही थी वो … उसके मम्मों की साइज भी अभी बहुत अच्छी दिख रही थी.
उसे देखने से ऐसा लग रहा था कि अभी पकड़ कर चोद दूं.
उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने मुझे घर के अन्दर आने को कहा.
मैं घर पर जाकर सोफे पर बैठ गया.
वो मेरे लिए पानी लेकर आई.
मैं पानी पीते पीते उसके मम्मों को ही देखे जा रहा था.
फिर मैंने उससे पूछा- क्या प्रॉब्लम है बताइए.
वो वहां से उठकर लैपटॉप लेने गई.
लैपटॉप लाने के लिए वो जैसे ही पलटी, मेरी नजर उसकी मचलती गांड पर पड़ी, क्या मस्त माल थी वो.
वो लैपटॉप लेकर आई और मुझे देकर बोली- इसमें 5 दिन से इंटरनेट नहीं चल रहा है.
मैंने उसके हाथ से लैपटॉप ले लिया और उसे ऑन करने लगा.
उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने कहा- आप क्या लेंगे जूस या कॉफी! मैंने उसको थैंक्स कहते हुए बोला- बस मुझे कुछ नहीं चाहिए.
वो बोली- आप मेरे काम के लिए अपना काम छोड़कर आए हैं, तो आपको कुछ तो लेना ही होगा.
मैंने मन में सोचा कि हां लेनी तो आपकी चुत है मगर कैसे कहूँ.
मगर सामने से मुझ हवस के पुजारी ने बोला की ठीक है कॉफी चल जाएगी.
उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने कहा- ओके आप लैपटॉप देखिए, मैं आपके लिए कॉफ़ी लेकर आती हूँ.
मैं अपने काम में व्यस्त हो गया.
वो कॉफी लेकर आई और मुझे कॉफी का मग पकड़ा कर सामने बैठ गई.
उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने भी कॉफी का एक मग लिया हुआ था.
मैं कॉफी पीते पीते ही काम करने लगा.
तो वो बोल पड़ी- पहले आप कॉफ़ी पी लीजिये … काम तो होता रहेगा.
तो मैंने भी लैपटॉप एक तरफ रखा और कॉफ़ी पीते हुए उससे बात करना शुरू कर दी.
बात बात में मैंने उससे उसके परिवार के बारे में पूछा, तो उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने बताया कि मेरा एक बेटा है और एक बेटी.
मेरे ससुरजी भी हैं.
इतना सुनकर मैंने उससे पूछा- और आपके हजबैंड! तो वो कहने लगी कि मेरे हस्बैंड भी हैं.. पर वो केवल बेड पर ही रहते हैं.
मैंने पूछ लिया- क्यों! तो उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने बताया कि एक बार वो मुझे गाड़ी से लेने मेरे स्कूल आ रहे थे तो उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया था.
तभी से वो कोमा में हैं.
चार साल से वो कोमा में ही हैं.
इतना कह कर वो रोने लगी.
उस शादी शुदा चुदाई की प्यासी महिला को ढांढस बंधाते हुए मैंने चुप कराया और दो चार औपचारिक बातें की कि सब कुछ ठीक हो जाएगा.
मैंने उसको चुप करवाया, तो वो उठकर दूसरे रूम में चली गई.
फिर मैंने अपना काम करके उसको आवाज़ दी, पर उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने कोई जवाब नहीं दिया.
मैंने रूम के दरवाजे पर दस्तक देकर पूछा- मैडम आपका सिस्टम रेडी हो गया है.
तब जाकर उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने जवाब दिया.
उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने मेरे करीब आकर पूछा- अब कोई प्रॉब्लम तो नहीं है.
मुझ हवस के पुजारी ने बोला की नहीं अब सब ठीक है, आप उपयोग में लीजिये और बताना.
उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने कुछ नहीं कहा.
चूंकि लैपटॉप गारंटी पीरियड में था तो मैंने उससे एक कागज पर साइन करवाए और मैं वहां से अपने ऑफिस चल दिया.
कुछ दिनों के बाद मेरे मोबाइल किसी का मैसेज आया.
मैंने पूछ लिया- आप कौन? उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने कहा- शायद आप मुझे भूल गए हैं.
मुझ हवस के पुजारी ने बोला की हां मैं नहीं पहचान पाया.
फिर उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने अपना नाम बताया कि मैं यशबाला बोल रही हूँ.
मैंने भी कहा- अच्छा मैडम आप हैं.
कहिये अब क्या प्रॉब्लम हो गई आपके लैपटॉप में! उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने हंस कर कहा- अभी तक कोई प्रॉब्लम नहीं आई … लैपटॉप अच्छा चल रहा है.
ऐसे ही उससे बात चलती रही.
फिर मैंने उससे कहा कि मैं थोड़ा बिजी हूँ … आपसे बाद में बात करूं! वो बोली- हां हां प्लीज़.
मैंने फोन काटा और अपना काम करने लगा.
फिर उसी रात में तकरीबन 11 बजे में सोने ही जा रहा था, तब उसका मैसेज आया- हैलो! मैंने भी कहा- हैलो मैडम जी, कहिये क्या बात है? महिला स्कूल टीचर ने कहा- आपने खाना खा लिया! मुझ हवस के पुजारी ने बोला की हां, अभी थोड़ी देर पहले ही खा कर बेड पर लेटा हूँ.
मैंने भी उनसे पूछ लिया- आपने खाना खा लिया! तो वो भी हां कहने लगी.
बस हमारी इधर-उधर की बात होने लगी.
फिर उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने मुझसे पूछा- क्या आपकी शादी हो गई? मैंने भी उसको लाइन मारते हुए कह दिया- आपके जैसी कोई मिली नहीं अभी तक.
मेरी इस बात पर वो हंसने लगी और बोली- ढूंढो मिल जाएगी.
मैंने भी कह दिया- अरे साब, हमारे ऐसे नसीब कहां हैं.
वो मुस्कुराते हुए कहने लगी की आपको मुझमें क्या ख़ास दिखा? मैंने कह दिया- एक मस्त सी कशिश है जो मैं शब्दों में नहीं बता सकता हूँ.
वो कामुकता से भरी शादी शुदा औरटी जोर जोर से हंसने लगी और बोली- मुझे आपकी आंखों से पता चल जाता है कि वो कशिश किधर है.
मैं समझ गया कि उस सेक्सी स्कूल टीचर को पता लग चूका है की उसपर मेरी गन्दी नजर है और मैं उसके साथ अवैध सेक्स संबंध बनाना कहता हूँ.
उस दिन मेरी उससे रात को 3 बजे तक ऐसे ही बातें होती रहीं.
फिर हम लोग सो गए.
ये सिलसिला लगभग 20 दिन ऐसे ही चलता रहा.
अब हमारी बातें काफी खुली खुली होने लगी थीं.
हम दोनों आप की जगह तुम कह कर बात करने लगे थे.
एक दिन महिला स्कूल टीचर ने पूछा- क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या जिसके साथ तुमने सेक्स करा हो…? मुझ कुंवारे लड़के ने मजाक मजाक में हाँ बोल दिया.
मुझ वर्जिन लड़के की हाँ सुनकर वो थोड़ी देर तक तो कुछ नहीं बोली.
मुझ हवस के पुजारी ने बोला की क्या हुआ तुम चुप क्यों हो गईं! वो बोली- कुछ नहीं.
मैंने यशबाला से कहा- सॉरी, मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है.
इस पर वो हंस दी.
फिर मैंने पूछा- मगर तुमने ऐसा क्यों पूछा? यशबाला बोली- बस ऐसे ही.
ऐसी ही बात निकली, तो मैंने पूछ लिया कि तुम ऐसे ही अकेली बोर नहीं होती हैं.
वो कहने लगी- होती हूँ … पर क्या करूं.
मैंने यशबाला को आई लव यू का मैसेज भेज दिया.
तो कहने लगी कि ऐसा क्यों कहा तुमने! मैंने कोई जवाब नहीं दिया और मैंने गुड नाईट कह कर फ़ोन रख दिया.
अगले दिन सुबह महिला स्कूल टीचर ने मैसेज में कहा- तुमने ऐसा क्यों कहा! मैंने कह दिया- बस ऐसे ही बोल दिया क्यों क्या हुआ??? महिला स्कूल टीचर ने मुझसे कहा कि मैं आज स्कूल नहीं जा रही हूँ.
मुझे घर पर कुछ काम है.
मुझ हवस के पुजारी ने बोला की ठीक है.
मुझे तो ऑफिस जाना है.
इतना कहकर मैं नहाने चला गया और चाय पीकर ऑफिस के लिए निकल गया.
दिन में मैं अपना लंच करने बैठा ही था कि यशबाला का मैसेज आया- तुम बुरा ना मानो, तो क्या आज का लंच हम साथ में कर सकते हैं! मैंने थोड़ा सोचा, फिर हां कह दिया.
वो कामुकता से भरी शादी शुदा महिला बोली- ठीक है, तुम दो बजे तक मेरे घर आ जाना.
मैं 2 बजे उसके घर पहुंच गया.
आज यशबाला ब्लू और रेड साड़ी में मस्त लग रही थी.
उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने मुझे बैठने को कहा और बोली- मैं खाना लगाती हूँ.
महिला स्कूल टीचर ने टेबल पर खाना लगाकर मुझे बुलाया.
आज महिला स्कूल टीचर ने मेरे मनपसंद दाल बाफले बनाये थे.
मैंने पूछा- आज ऐसा क्या ख़ास है, जो तुमने दाल बाफले बनाये.
वो कहने लगी- दाल बाफले मेरे भी मनपसंद हैं.
शायद तुमको भी दाल बाफले पसंद हैं? मुझ हवस के पुजारी ने बोला की हां मुझे भी बहुत पसंद हैं.
फिर मैंने पूछा- तुम्हारे बच्चे कहां हैं? वो बोली कि वो आज उनके नानाजी के यहां गांव गए हैं.
उनकी 5 दिनों की छुट्टियां हो गई थीं, तो वो लोग घूमने चले गए.
फिर हम दोनों खाना खाने लग गए.
मैंने यशबाला से कहा- दाल बाफले खाने के बाद मुझे नींद आ जाती है.
वो बोली- कोई बात नहीं थोड़ी देर आराम कर लीजियेगा.
खाना खाने के बाद यशबाला बोली- तुम थोड़ी देर आराम कर लो.
मैं आराम करने के लिए रूम में जाकर सो गया.
इतनी गहरी नींद लग गई कि पता ही नहीं चला.
फिर मैं उठा, तो यशबाला मेरे पास आई और बोली- हाथ मुँह धो लो, मैं तुम्हारे लिए चाय बनाकर लाती हूँ.
चाय पीते पीते यशबाला बोली- तुमने रात में आई लव यू क्यों कहा था.
मैं कुछ नहीं बोला.
महिला स्कूल टीचर ने कहा- क्या मैं एक बात पूछ सकती हूँ … तुम बुरा तो नहीं मानोगे? मैंने भी कह दिया- पूछो … मैं बुरा नहीं मानूंगा.
वो बोली- तुमने कभी किसी के साथ सेक्स किया है क्या? मैंने उसकी आंखों में आंखें डालकर कहा- नहीं … आज तक नहीं किया है.
क्या तुम्हारा मन है? वो कुछ नहीं बोली और मेरे पास आकर बैठ गई.
धीरे से वो मेरी जांघ पर अपने हाथ फेरने लगी.
मैं समझ गया कि अब इस महिला स्कूल टीचर की प्यासी चूत चुदने के लिए तड़प रही है और ये अब मेरे वर्जिन लंड के साथ सेक्स के लिए तैयार है.
दोस्तों मेरा वर्जिन लंड मेरी पैंट में से ही तनकर खड़ा हो चूका था और मेरी पेंट के अंदर तम्बू बनवा चूक.
उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने खड़ा होता लंड देख लिया और बोली- तुम्हारा तो ये तो काफी बड़ा लगता है.
मैंने भी कह दिया कि लेकर देख लो.
वो झट से उठी और मेरे लंड को पैंट में से आजाद करके अपने मुलायम हाथों से सहलाने में लग गई.
मुझ हवस के पुजारी ने बोला की यशबाला मेरे इस कड़क लंड को मुँह में लेकर चूसो.
वो कहने लगी- नहीं यार, ये सब मुझे गंदा लगता है.
मेरे बार बार कहने के बाद यशबाला मेरे लंड को अपने गुलाबी होंठों के बीच में लेकर चूसने लगी.
मैं सोचने लगा कि कहां तो लंड चूसने से मना कर रही थी और कहां रंडी के जैसे चूस रही है.
कुछ देर बाद मैंने कहा कि मेरा निकलने वाला है.
वो शादी शुदा महिला किसी रंडी की तरह वासना से बोली कि मेरे मुँह में ही छोड़ दो अपना माल मुझे तुम्हारे इस लम्बे मोटे लंड का रस पीना है.
मैंने आह करते हुए लंड का सारा वीर्य यशबाला के मुँह में डाल दिया.
वो झट से पी गई.
अब मैंने उसके मम्मों को ब्लाउज़ के ऊपर से ही दबाया … तो वो ‘हम्म्म्म हहहहह ..’ करने लगी.
चुदाई करने के लिए मैंने उस शादी शुदा स्कूल टीचर की साड़ी उतार दी थी और अब वो केवल ब्रा और पेंटी में ही मेरे सामने थी.
उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए.
उस कामुक महिला स्कूल टीचर ने जैसे ही मेरा अंडरवियर उतारा, तो मेरा तना हुआ लंड सीधा उसके होंठों पर जाकर टकरा गया.
यशबाला मेरा लम्बा लंड देखकर आश्चर्य चकित हो गई; कहने लगी- मेरे पति का लंड तुम्हारे लंड से तो बहुत ही ज्यादा छोटा है मेरे पति के लंड से चुदाई करवाने में तो बिलकुल भी आनंद नहीं आता है.
फिर हम दोनों बिस्तर पर एक दूसरे की बांहों में खोते चले गए.
बहुत देर तक मैंने उसके होंठों को चूसा.
मेरा एक हाथ उसके बोबे पर था और दूसरा हाथ उसकी चूत पर था.
होंठों को छोड़कर मैं उसकी ब्रा को खोलकर बोबे चूसने लगा.
बोबे चूसने की वजह से अब वो धीरे धीरे सेक्स करने के लिए गर्म होने लगी और कहने लगी- मेरे बोबे ऐसे ही चूसते रहोगे या मुझे चोदोगे भी? यशबाला की चूत मुझ कुंवारे लड़के का वर्जिन लंड लेने को बेकाबू सी हो रही थी.
मैंने चुदाई करने के लिए उसकी पैंटी उतारी तो उसकी बुर देखकर बहुत ही ज्यादा डर गया.
उस कामुकता से भरी शादी शुदा स्कूल टीचर की माहवारी चल रही थी.
शायद माहवारी का पहला ही दिन था मुझे लगा की साला आज भी चुदाई करने का मौका हाथ से गया.
मुझे पता नहीं था की माहवारी के दौरान चुदाई करनी चाहिये या नहीं तो मैंने पूछ लिया की आपने तो अपनी इस चूत पर सेनेटरी पैड लगा रखी है.
वो कहने लगी- हटा दो सेनेटरी पैड मेरी चूत पर से और चोद डालो मेरी चूत को तुम चिंता मत करो चुदाई करवाने के बाद दूसरा सेनेटरी पैड लगा लुंगी.
मैंने देर ना करते हुए सेनेटरी पैड को निकालकर फेंक दिया.
उसकी बिना बालों की चूत देखकर मज़ा आ गया.
मैंने एक उंगली उसकी महावारी से संदी चूत में जैसे ही डाली वो आंखें बंद करके मजे लेने लगी.
चुदाई करने से पहले मैंने उस कामुकता से भरी शादी शुदा औरत को मैंने अपना लंड चूस कर चिकना करने को कहा.
तो महिला स्कूल टीचर झट से मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी.
जैसे ही मेरा लंड तना, मैं यशबाला को बेड के एक कोने पर खींचकर उसकी दोनों टांगें चौड़ी करके उसकी चूत के ऊपर मेरे लंड को घिसने लगा.
आज मैं एक पढ़ी लिखी महिला को अपनी रंडी बनाकर चुदाई करने जा रहा था और वो भी बिन पानी की मछली की तरह चुदवाने के लिए मचल रही थी.
मैंने बिना देर किए उसकी महावारी से संदी चूत में जैसे ही लंड पेला, वो ‘उम्म उम्म आह ..’ करने लगी.
मेरा लगभग आधा ही लंड गया था कि वो कराहते हुए कहने लगी- थोड़ा धीरे करो डार्लिंग बहुत दिनों से मैंने चुदाई नहीं करवाई इस वजह से मेरी चूत में बहुत ज्यादा रुखा पन आ गया हैं.
कुछ ही देर में हम दोनों ने सेक्स करते करते अपनी पूरी रफ्तार पकड़ ली और पूरे कमरे में चुदाई की फच फच फच फच की आवाज़ गूँजने लगी.
लगभग बीस मिनट की चुदाई के दौरान वो 4 बार झड़ चुकी थी, पर मेरा नहीं हुआ था.
कमरे का एसी चालू होने के बाद भी हम दोनों पसीने में तर हो गए थे.
जब मेरा होने वाला था, तो मैंने यशबाला से पूछा- मेरा होने वाला है, कहां निकलूं? चुदते चुदते वो नंगी स्कूल टीचर कहने लगी की तुम चिंता मत करो मेरी चूत के अंदर ही अपना वीर्य छोड़ दो.
चुदाई करते करते करीब दस मिनिट बाद मैंने मेरा बहुत सारा वीर्य उस नंगी स्कूल टीचर की चूत में भर दिया और बेड पर एक तरफ जाकर लेट गया.
हम थोड़ी देर बाद में उठे और फिर से चुदाई करना चालू कर दी.
उस रात मैं उसी कामुकता से भरी शादी शुदा स्कूल टीचर के घर रुका रहा और सारी रात का मजा लिया.
उस रात को मैंने यशबाला की चूत की करीब चार बार बहुत ही खतरनाक तरीके से चुदाई करी थी जिस वजह से उसकी चूत पर बहुत ही ज्यादा सुजन भी आ गयी थी.
सुबह यशबाला को मैंने उठाया, तो हम दोनों ने एक बार फिर से अवैध सेक्स संबंध बनाये.
वो उठकर बाथरूम जाने लगी, तो उससे चलते ही नहीं बन रहा था.
फिर मैं उसे सहारा देकर बाथरूम में ले गया.
उसकी चूत की सिकाई बर्फ से की, तब जाकर उसको कुछ आराम हुआ.
इसके बाद हम हर दूसरे तीसरे दिन चुदाई कर लेते हैं.
आप सभी को मेरी महिला स्कूल टीचर सेक्स कहानी कैसी लगी …
स्रोत:इंटरनेट