. सर बोले- चूस ले इसको मेरी जान.
मैंने सर का लंड अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.
कुछ ही देर में सर का लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया.
पूरा लंड टाइट होने के बाद एक बार फिर से उन्होंने मुझे कुतिया बना दिया.
कुतिया बना कर उन्होंने मेरी गांड को अपनी उंगली सहलाना शुरू कर दिया.
कुछ देर उंगली से सहलाने के बाद वो बोले- रुक, मैं जरा तेल की शीशी लेकर आता हूं.
तेरी सील पैक गांड वैसे नहीं खुलेगी.
वो नीचे उतर गये.
मैं इंतजार कर रही थी.
मुझे कुछ सुनाई भी नहीं दे रहा था.
मैंने सर को आवाज दी- सर? कहां हो आप? पीछे से आवाज आई- यहीं हूं, रुक आ रहा हूं तेल लेकर। फिर वो बेड पर आ गये.
तभी मेरी गांड पर तेल गिरने लगा.
इससे पहले कि मैं कुछ और समझ पाती मेरी गांड पर लंड का सुपारा सेट हो चुका था.
मगर इस बार ये सुपारा कुछ मोटा सा लग रहा था.
ऐसा लग रहा था कि सर के लंड का सुपारा फूल गया है.
तभी मेरी गांड में एक जोर का धक्का लगा और मेरी चीख निकल गयी.
ये लंड सर का नहीं था.
इतना मोटा लंड सर का नहीं हो सकता है.
मगर मुझे अभी बेहोशी होने लगी थी.
मैं खुद को संभाल नहीं पा रही थी.
पकड़ से छूटने के लिए मैं आगे की ओर खिसकी ही थी कि मुझे किसी ने आगे से रोक लिया.
ये क्या? दो-दो आदमी? मैंने बोला ही था कि इतने में ही मेरी गांड में एक दूसरा प्रहार हुआ.
ऐसा लगा कि मैं आज नहीं बचूंगी.
मैं बेसुध सी होने लगी कि तभी मेरे कानों में आवाज आई- अरे प्रिंसीपल साहब, ये तो बहुत ही मस्त माल है.
इसकी गांड तो एकदम से कसी हुई है.
मैं तो सोच रहा हूं कि इसका प्रोमोशन करवा कर इसको अपने ही ऑफिस में रख लूं.
ऐसा कहते हुए वो आदमी मेरी गांड में धक्के लगाने लगा था.
इतने में ही मेरी आँख की पट्टी खोल दी गयी.
सामने प्रिंसीपल ही था लेकिन पीछे से गांड में किसी और का लंड घुसा हुआ था.
सर उठ कर सामने सोफे पर जा बैठे और मेरी ओर देख कर अपना लंड हिलाने लगे.
मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो एक 45 साल के करीब का आदमी अपने 8 इंच लम्बे और 2.
5 इंच मोटे लंड को मेरी गांड में ठोक रहा था.
वो बोला- ऐसे क्या देख रही है साली रंडी? तेरा ट्रान्सफर ऑर्डर तो मुझे ही देना है.
अगर तू मुझे खुश नहीं करेगी तो तेरा तबादला किसी और शहर में हो जायेगा.
इतना कह कर उसने अपना पूरा लंड मेरी गांड में घुसा दिया.
मैं दर्द से बिलबिला उठी.
हां अगर सच कहूं तो उस वक्त मजा भी बहुत आया.
गांड में लंड पूरा घुसा तो उसका मजा भी अलग ही था.
सामने बैठे प्रिंसीपल से मैंने कहा- सर ये गलत बात है.
वो बोले- कुछ गलत नहीं है रानी.
तू एकदम से मस्त होकर चुदवा ले.
यदि सही जगह काम करना है तो सर की सेवा भी करनी पड़ेगी.
इतने में ही उस दूसरे आदमी ने मेरी गांड को बुरी तरह से चोदना शुरू कर दिया.
मुझे कुतिया बना कर उन्होंने मुझे पूरे 25 मिनट तक चोदा.
मैं अपनी चूत से दो बार पानी निकाल चुकी थी.
बड़े अधिकारी ने भी अपना माल मेरी गांड में ही गिरा दिया और हम दोनों बेड पर ढेर हो गये.
मुझे तभी नींद आ गयी.
जब मेरी आंख खुली तो वो दोनों मेरी चूचियों के साथ खेल रहे थे.
उन दोनों का मन अभी भी नहीं भरा था.
उसके बाद उन्होंने फिर से मुझे लंड चूसने के लिए कहा.
मैं उठ कर बारी बारी से उन दोनों के लंड को चूसने लगी.
अब बडा़ अधिकारी उठा और बगल में लेट गया.
उसने मुझे अपने ऊपर चढ़ा लिया और नीचे से मेरी चूत में लंड को पेल दिया.
वो अपनी गांड उठा उठा कर मेरी चूत में नीचे से लंड के धक्के देने लगा.
मेरी चूत में बहुत आनंद आने लगा.
मैं अपनी चूचियों को मसलने लगी और उछल उछल कर चुदने लगी.
उसके दो मिनट के बाद ही प्रिंसीपल सर भी पीछे से आ गये और मुझे बड़े साहब की छाती पर झुका कर मेरी गांड में लंड को सटा दिया.
बड़े साहब मेरे होंठों को चूसने लगे और दूसरे सर ने मेरी गांड में लंड को पेल दिया.
अब मेरी चूत में नीचे से बड़े साहब का लंड जा रहा था और पीछे से मेरी गांड में प्रिंसीपल का लंड चोद रहा था.
मेरे मुंह से निकल गया- हाय दैय्या, मर गयी रे.
वो दोनों बड़ी ताल मेल के साथ मेरी चूत और गांड को एक साथ बजाने लगे.
पहली बार मेरी ऐसी चुदाई हो रही थी जिसमें मैं एक साथ दो लंड का मजा ले रही थी.
चुदाई में दर्द तो बहुत हो रहा था लेकिन मजा उससे भी ज्यादा आ रहा था.
प्रिंसीपल जब गांड में लंड को अंदर करते तो अधिकारी साहब चूत से लंड को बाहर निकाल लेते.
जब अधिकारी साहब चूत में लंड को अंदर करते तो प्रिंसीपल सर अपने लंड को बाहर कर लेते.
इस तरह दोनों ही तालमेल से चोदने लगे.
मैं तो आनंद की लहरों में गोता लगाने लगी थी.
ऐसे ही चुदते हुए 20 मिनट से ज्यादा हो गये थे.
जब दोनों छेद एक साथ दो-दो लंड से चुदते हैं तो चूत बहुत जल्दी पानी छोड़ देती है.
उन 20 मिनट में मैं 5 बार झड़ गयी थी.
मैं बिल्कुल शिथिल होती जा रही थी.
ऐसा लग रहा था कि जैसे सब कुछ अपने आप ही हो रहा है.
ऐसा मजा मुझे पहले कभी नहीं मिला था.
अब उन दोनों ने मुझे घुटने के बल बैठने के लिए कहा.
मेरे सामने आकर दोनों अपने लंड को हिलाने लगे.
मैं जान गयी कि दोनों का पानी निकलने वाला है.
थोड़ी ही देर के बाद प्रिंसीपल सर ने अपना पानी निकाल दिया जो मेरी चूचियों और मेरे मुंह पर आकर लगा.
उसके कुछ पल बाद ही अधिकारी साहब ने मेरे मुंह में लंड दे दिया.
वो मेरे मुंह को चूत समझ कर झड़ने लगे.
अपना माल छोड़ते हुए वो सिसकारते हुए बोले- आह्ह… पी जा इसे मेरी रानी.
मैं उनके लंड का माल अंदर ही अंदर साथ साथ पी गयी.
तीनों के तीनों बेड पर पसर कर लेट गये.
आधे घंटे के बाद मैं उठी और बाथरूम में गयी.
मैंने खुद को साफ किया.
मेरे पूरे बदन निशान पड़ गये थे.
उन दोनों ने मुझे जानवरों की तरह चोद डाला था.
उसके बाद हम सोने लगे.
रात को मेरी चुदाई 4 बार हुई.
सुबह के समय अधिकारी ने एक बार अकेले में ही मेरी चुदाई की.
फिर मुझे मेरे घर पर छोड़ दिया गया.
पांच दिन के बाद मेरे तबादले के ऑर्डर आ गये.
उसमें एक मेमरी कार्ड थी.
मैंने उसको फोन में चला कर देखा तो उसमें हम तीनों के नंगे फोटो थे.
फोटो में वे दोनों मुझे चोदते हुए दिख रहे थे.
उसमें वीडियो भी थे.
ये सब देख कर मैं समझ गयी थी कि ये सब अब रुकने वाला नहीं है.
आज भी मैं उन दोनों से मजे ले लेकर चुदती रहती हूं.
तो ये थी मेरे तबादले की कहानी.
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मुझे आप लोगों के रेस्पोन्स का इंतजार है.
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स्रोत:इंटरनेट