. उसके बाद फंक्शन खत्म हो गया और सब अपने घर चले गये.
घर पहुंचने के बाद सौरव का फोन आया और मुझसे पूछने लगा- कैसा लगा? मैंने कहा- बहुत मजा आया.
थोड़ी देर तक उससे बातें करने के बाद मैंने फोन रख दिया.
उसके कुछ दिन बाद गर्मी की छुट्टियाँ होने वाली थीं.
मैं गर्मी की छुट्टियों में अपने मामा के घर चली गई.
वहाँ पर भी रोज सौरव से फोन पर बात होती रही.
मुझे सौरव से मिलने का मन कर रहा था.
मैं माँ से पूछने के बाद अकेली ही घर वापस आ गई.
सुबह पापा चले जाते थे और शाम को वापस आते थे.
मेरे मन में आया कि क्यों न सौरव को बुला कर घर पर मजे ले लूँ? मैंने ये बात सौरव को भी बता दी.
वह बहुत खुश हुआ और अगले दिन पापा के जाते ही मैंने सौरव को फोन कर दिया.
वह गली में सबकी नजरों से बचता हुआ मेरे घर आ पहुंचा.
उसको अंदर लेने के बाद मैंने गेट बंद कर लिया.
मैं उसको अपने बेडरूम में ले गई.
गर्मी हो रही थी तो मैंने उसको पहले पानी पीने के लिए पूछा.
उसने पानी माँगा तो मैं अंदर पानी लेने चली गई.
तभी सौरव ने पीछे से आकर मुझे पकड़ लिया.
वह अपनी बांहों में लपेट कर मुझे जकड़े हुए मेरे चूचों के निप्पलों को मसलने लगा.
मेरे गालों को चूमते हुए उसने मुझे आई लव यू बोला.
मैंने भी उसे जवाब दिया और फिर मैंने उसको पानी पीने के लिए दिया.
पानी पीकर उसने गिलास एक तरफ रखा और मुझे उठा कर बेडरूम में ले गया.
बेड पर लिटा कर वो मेरे ऊपर आ गया और मुझे किस करने लगा.
मैं भी उसको जोर से किस करने लगी.
उसका एक हाथ मेरे चूचों को बारी-बारी से दबा रहा था.
मेरे चूचे दबाने की वजह से मैं चुदासी हो गई थी.
फिर वह खुद नीचे लेट गया और मुझे उसके ऊपर आने के लिए कहा.
मैं उसके ऊपर बैठ गई और पूरी तरह से चुदने के मूड में हो चुकी थी.
मैं उसकी छाती पर लेट कर उसके होंठों को चूसने लगी.
वह अपना एक हाथ मेरी कमर पर घुमा रहा था और दूसरे हाथ से मेरी गांड को दबा रहा था.
उसकी इस हरकत से मेरे अंदर की चुदास और तेज हो गई.
उसके बाद सौरव ने उठ कर अपनी शर्ट उतार दी और मेरी भी शर्ट उतारने लगा.
जब मेरी शर्ट उतरी तो मैंने नीचे से रेड कलर की ब्रा पहन रखी थी जो मेरे गोरे बदन पर कहर ढहा रही थी.
मेरी लाल रंग की ब्रा जैसे ही उसने देखी तो वह उस पर टूट पड़ा और उसके ऊपर से ही मेरे चूचों को चूसने लगा.
फिर उसने धीरे से पीछे हाथ ले जाकर मेरी ब्रा के हुक भी खोल दिये.
हुक खुलते ही मेरे तने हुए चूचे बाहर आकर उछल गये.
उसने ब्रा को हाथ में लेकर एक तरफ फेंक दिया और मेरे चूचों के निप्पलों को अपने दांतों से काटने लगा.
आह्ह … मुझे मजा आने लगा मगर उसके दांतों से मीठा सा दर्द भी हो रहा था.
मैं उसके बालों में हाथ फिरा कर उसको प्यार देने लगी.
फिर उसने मुझे बेड पर प्यार से लेटाया और मेरे पेट के नीचे वाले पूरे हिस्से को चूमने लगा.
नीचे आते हुए उसने मेरी स्कर्ट का बटन भी खोल दिया.
मेरी स्कर्ट को नीचे सरका कर उसने मेरी लाल पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत पर होंठ रख दिये.
स्स्स … मैं तड़प सी गई.
बदन में आग सी धधक उठी.
पहली बार किसी लड़के ने मेरी चूत पर अपने होंठ रखे थे.
सौरव के होंठ भी बहुत रसीले थे और वह अपने गर्म होंठों से मेरी चूत को चूमने लगा.
मेरा मन करने लगा कि अपनी गांड को उठा कर अपनी चूत उसके मुंह में धकेल दूं लेकिन मैं सौरव को ही मौका देना चाहती थी.
उसने चाट-चाट कर मेरी पूरी पैंटी को गीला कर दिया.
फिर उसने मेरी पैंटी को उतारा तो मेरी चूत से रस टपक रहा था.
उसने मेरी चूत को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.
मैं स्स्स … स्स्स … करने लगी.
उसने अपने हाथों में मेरी दोनों टांगों को उठा लिया और मेरी चूत में जीभ को अंदर घुसा-घुसा कर मुझे मजा देने लगा.
आह्ह् … मैं तो पागल हो उठी.
सौरव मेरी चूत में जीभ घुसा-घुसा कर उसको अंदर तक उत्तेजित करने लगा.
मैं अपने सिर को बेड पर पटकने लगी.
मेरी गांड उठ-उठ कर उसके मुंह में चूत को धक्का देने लगी.
अब सौरव ने जीभ को बाहर निकाल लिया और अपनी पैंट को खोल दिया.
पैंट उतारते ही उसके अंडरवियर में तना हुआ लंड मुझे दिखाई दिया.
पहली बार मैंने अपनी आंखों के सामने इस तरह किसी लड़के के लंड को यूं तना हुआ देखा था.
उसका लौड़ा बहुत ही मस्त लग रहा था.
मेरे मुंह में उसको देख कर ही पानी आने लगा.
सौरव ने मेरी तरफ देख कर आंख मारी तो मैं उसका इशारा समझ गई.
मैंने उठ कर उसके अंडवियर को नीचे खींचा और उसका लंड फनफनाकर बाहर आ लटका.
मैंने पल भर की देरी किये बिना ही उसके लाल सुपारे वाले गोरे से लंड को अपने मुंह में भर लिया और उसके रस को जीभ से चाटती हुई उसके लंड को चुसाई का मजा देने लगी.
मैंने पहली बार किसी मर्द के कामरस का स्वाद अपनी जीभ पर महसूस किया था.
मेरे लिए यह एक अनोखा अनुभव था.
काफी देर तक उसका लंड चूसने के बाद उसने मुझे नीचे पटक दिया और मेरे ऊपर आकर मेरी चूत पर अपना लंड लगा दिया.
मेरी चूत पर लंड को रख कर उसने हल्का सा धक्का मारा तो चिकनी हो चुकी चूत में लंड दो इंच तक फिसल कर घुस गया.
मगर साथ ही उम्म्ह… अहह… हय… याह… थोड़ा दर्द भी हुआ.
उसका लंड मोटाई में काफी अच्छा खासा था.
उसने दूसरा धक्का मारा तो मेरी चीख निकलने को हो गई मगर उससे पहले ही उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख कर मुझे शांत करने का प्रयास शुरू कर दिया.
उसके होंठों का रस मेरे मुंह में जाने लगा.
नीचे से उसका लंड मेरी चूत में था.
बहुत ही कामुक पल था वो.
सौरव जैसे हैंडसम लड़के का लंड मेरी चूत में जगह बनाता हुआ गहराई में उतर रहा था और मैं उसकी लार को उसके मुंह से खींचने की कोशिश कर रही थी.
आह्ह … उसने तीसरे धक्के में पूरा का पूरा लंड मेरी चूत में उतार दिया.
मैंने उसको जोर से अपनी बांहों में भींच लिया और उसको गर्दन पर काटने लगी.
मेरे नाखून उसकी पीठ को नोंचने लगे.
फिर सौरव मेरी चूत में लंड डाल कर नीचे से धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। अब मुझे भी चुदाई का असली मज़ा आने लगा.
चूत में पहली बार लंड का घर्षण हो रहा था.
वह कभी लिप्स चूसता कभी मेरे निप्पल चूसता। कुछ देर की चुदाई के बाद उसका छूटने को हुआ तो उसने अपना लंड जैसे ही निकाला उसका वीर्य मेरे पेट पर छूट गया.
पिचकारी के बाद पिचकारी मारते हुए उसने सारा वीर्य मेरे गोरे पेट पर फेंक दिया.
उसके लंड पर मेरी चूत का खून लगा था। उसका वीर्य बहुत गर्म था। एक के बाद एक धार उसके वीर्य की मेरे पेट पर गिर रही थी। सारा माल लंड से टपकने के बाद वह उठा और मेरे माथे पर एक किस करके बाथरूम में चला गया जो मेरे बेडरूम में. ही था.
फिर मुझे भी उठा कर टॉयलेट में ले गया और चूत को साफ करने में मेरी मदद की.
मैंने टाइम देखा तो 11 बजे थे। मुझे खाना बनाना नहीं आता था और भूख भी लग रही थी तो वह बाहर से खाना ले आया और हमने मिल कर खाना खाया और ऐसे ही बिना कपड़ों के नंगी होकर मैं उसके ऊपर लेटी हुई थी.
बातें करते-करते हम दोनों का फिर से मूड बन गया। उसने दोबारा से मेरी चूत को घोड़ी की पोजीशन में चोदा.
दूसरी चुदाई बीस मिनट तक चली.
मजा आ गया सौरव के लंड से चुद कर.
सौरव के लंड से चुदते हुए मेरी चूत ने दो बार पानी छोड़ा था जो मेरे लिए मजेदार अहसास था मगर चूत में बहुत दर्द हो रहा था। उसने मुझे कहा कि वह मेरी गांड का दीवाना है और मेरी गांड मारना चाहता है। मगर मैंने मना कर दिया। उसने मुझसे काफी जिद की पर मेरे कहने पर वह मान गया और उसने उस दिन मेरी गांड नहीं मारी.
मगर वह भी कहां रुकने वाला था.
मेरी गांड को उसने कैसे चोदा वह स्टोरी मैं आपको अगली बार बताऊंगी.
कई सालों तक मैं सौरव से ही चुदती रही और चुदते-चुदते रंडी ही बन गई.
दोस्तो, आपको स्कूल गर्ल सेक्स की स्टोरी कैसी लगी, कमेंट करके जरूर बताएं। मैं जल्दी ही अपनी चुदाई की अगली कहानी लेकर वापस लौटूंगी.
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स्रोत:इंटरनेट