. जब वो मेरी मसाज कर रही थी तो मेरा लंड फिर से तन गया.
लेकिन इस बार मैंने अच्छा प्लान बनाया था.
मैंने पहले से ही अपने अंडरवियर में दो हजार रुपये दबा कर रखे हुए थे.
उससे नजर बचा कर मैंने चुपके से अपने अंडरवियर से पांच सौ रुपये के चार नोट निकाल लिये और उनको अपने अंडरवियर की इलास्टिक में दबा लिया.
जब उसने नोट देखे तो वो देख कर मुस्कराने लगी.
उसने नोट मेरे अंडवियर से निकालने के लिए अपना हाथ बढ़ाया तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया.
मैंने उसका हाथ सीधा अपने लंड पर ही रखवा दिया और उसका नर्म हाथ लगते ही मेरे लंड ने जोर का झटका मारा.
वो हाथ छुड़ाने लगी तो मैंने नोट निकाल कर उसकी तरफ बढ़ा दिये.
फिर वो लंड पर हाथ रख कर उसको दबाने लगी.
लेकिन एक-दो बार दबा कर उसने फिर से हाथ हटा लिया.
मैंने उससे फोन नम्बर ले लिया और उसको ज्यादा पैसे देने का वादा किया तो वो कुछ सोच कर मान गयी.
उस दिन मैं बहुत खुश हो गया.
मछली मेरे जाल में फंस गई थी.
फिर घर आकर मैंने उसको फोन किया.
उसने फोन नहीं उठाया तो मैंने सोचा कि शायद अभी वो स्पा में ही होगी.
रात को मैंने दोबारा से फोन किया तो वो उसने फोन पर बात की और मैंने उससे मिलने के लिए कहा.
वो मान भी गयी.
फिर जिस दिन हम लोगों को मिलना था तो मैंने उस दिन पहले से ही बीयर लेकर रखी हुई थी.
मैं उस चिकनी के साथ पूरे मजे लेना चाहता था.
मैं कार लेकर उसको लेने के लिए चला गया.
मैंने बियर अपनी कार में ही रख ली थी.
फिर उसको बुला कर मैंने कार में अपने साथ बैठा लिया और हम लोग एक हाइवे की तरफ निकल गये.
रास्ते मैं मैंने उसको बियर की बोतल खोल कर दे दी.
वो बियर पीने लगी.
मैंने उससे कहा- मुझे भी पिला दो.
उसको पता था कि अगर वो मेरे कहे अनुसार काम करेगी तो उसे पैसे मिलेंगे इसलिए वो वैसा ही कर रही थी जैसा कि मैं उसको बता रहा था.
लेकिन उस दिन साली किस्मत भी खराब थी.
जब हम हाइवे पर जा रहे थे पुलिस चैकिंग मिल गई और मेरा चालान कट गया.
एक तो बियर थी और साथ में लड़की भी.
बड़ी मुश्किल से मैंने पैसे देकर पुलिस वालों से पीछा छुड़वाया.
अब मैं बाहर सड़क पर कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था इस लिए मैं अपने ऑफिस की तरफ चला गया.
गार्ड से मेरे अच्छी पटती थी.
मैंने पहुंचने से पहले ही उसको सारी बात बता दी थी.
उसने पहले से ही दरवाजा खोल कर रखा हुआ था और हम दोनों के लिए ऊपर छत पर इंतजाम भी कर दिया था.
मैं उस चिकनी के साथ बैठ कर बियर पीने लगा.
कुछ ही देर के बाद उसको पेशाब लग गया तो मैंने उसको कहा कि साइड पर जाकर कर ले.
वो सच में जल्दी से उठ कर चली गई.
पांच मिनट के बाद वो वापस आ गयी.
उसे हल्का-हल्का नशा हो चुका था और मुझे भी सुरूर सा चढ़ गया था.
वापस आते ही मैंने उसको किस करना शुरू कर दिया.
एक बार तो वो मना करने लगी लेकिन फिर मेरा साथ देने लगी.
मेरा लंड तो उसको छूते ही खड़ा हो गया था.
मैं जोर से उसको चूसने लगा और वो भी मेरे होंठों को चूसने लगी.
मेरा लंड पगला गया और मैं उसके चूचों को जोर से दबाने लगा.
आह्ह … बहुत ही मस्त चूचे थे साली के। अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था और मैं उसकी चूत मारना चाह रहा था.
लेकिन वो साली बिना कॉन्डम के तो मेरा लंड नहीं लेने वाली थी.
इसलिए मैं नीचे गया और मैंने बैग में जाकर कॉन्डम चेक किया.
मैं कॉन्डम को लेकर फटा-फट छत पर वापस आ गया.
मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और उसके हाथ में पकड़ा दिया.
वो लंड को अपने हाथ में लेकर हिलाने लगी.
मैं दोबारा से उसके होंठों को चूसते हुए उसके चूचों को दबाना शुरू कर दिया और उसकी स्कर्ट को खोलने लगा.
स्कर्ट को खोल कर मैंने नीचे कर दिया तो उसकी पैंटी में उसकी चूत उभरी हुई थी जिस पर मैंने हाथ से मसल दिया.
फिर मैंने उसको किस करते हुए वहीं फर्श पर लेटा लिया और उसकी पैंटी को निकाल कर उसकी चूत को चाटने लगा.
वो सिसकारियां भरने लगी.
फिर मैंने कुछ देर तक उसकी चूत को चाट कर मजे लिये और फिर उसको चोदने के लिए तैयार होने लगा.
मैंने अपनी पैंट निकाल दी तो वो भी उठ गई.
उसने मेरे लंड पर कॉन्डम पहना दिया और मैं उसके ऊपर लेट गया.
मैंने एक हाथ से लंड को उसकी चूत पर लगा कर अपना लंड उस चिकनी की चूत में उतार दिया.
लंड आराम से उसकी चूत में उतर गया.
वो साली पहले भी चुद चुकी थी.
इसलिए लंड बड़े ही आराम से चला गया.
मैं उसकी चूत में धक्के लगाने लगा.
वो भी चुदाई के मजे लेने लगी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ मैंने उसके टॉप को उठा रखा था और मैं उसके दूध जैसे सफेद चूचों को भी चूस रहा था.
मेरा लंड उसकी चूत में गच-गच की आवाज करते हुए पूरा अंदर तक जा रहा था.
साली बहुत ही मस्त माल थी.
एकदम चिकनी और बिल्कुल मक्खन की तरह। पूरा मजा आ रहा था उसके चिकने बदन को चूसने में.
मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और तेजी से उसकी चूत को रौंदने लगा.
वो भी आराम से चुदाई के मजे लेती रही.
मेरा साथ देती रही.
फिर मैंने उसकी टांगों को उठा कर अपने हाथ में पकड़ कर अपने कंधे पर रखवा लिया और उसकी गुलाबी चूत में फिर से अपना लौड़ा पेल दिया.
अब मैं फिर से उसकी चूत में धक्के देने लगा.
उसकी चूत की चुदाई करते हुए इतना मजा आ रहा था कि मैं उस आनंद को यहां पर बता नहीं पा रहा हूं.
हां अगर वो बिना कॉन्डम के ही चुदने के लिए तैयारा हो जाती तो फिर तो बात ही कुछ और थी.
लेकिन कॉन्डम के साथ भी उसकी चूत की गर्मी मुझे अपने लंड पर अलग से ही महसूस हो रही थी.
मेरे हर धक्के के साथ उसकी चूत में जब लंड जा रहा था तो वो पीछे सरक जाती थी.
मैं उसकी चूत की चुदाई करते हुए उसको फाड़ देना चाहता था.
वो भी साली पूरे मजे ले रही थी मेरे लंड के.
मैंने दस मिनट तक उसकी चूत रगड़ी और फिर मैं झड़ गया.
मैंने कॉन्डम को निकाला और गांठ मार कर एक तरफ फेंक दिया.
उसने अपनी स्कर्ट ऊपर कर ली और मैंने भी अपने कपड़े पहन लिये.
फिर हम लोग नीचे आ गये और कार में बैठ कर मैंने उसको पैसे दिये.
वो खुश हो गई और मैंने उसको उसकी जगह पर छोड़ दिया.
इस तरह से मैंने उस चिकनी को कई बार अपने रूम पर बुला कर चोदा.
जब तक मेरा मन नहीं भर गया मैंने कई बार उसकी चुदाई की.
तो दोस्तो, ये थी मेरी कहानी.
अगर आप लोगों को मेरी कहानी पसंद आई हो तो मुझे मेल करना.
मैं आप लोगों की प्रतिक्रिया का इंतजार करूंगा.
आगे भी आप के लिए और भी अपनी जीवन की सत्य घटनाएं लेकर आता रहूंगा.
मैंने अपनी मेल आई-डी नीचे दी हुई है.
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स्रोत:इंटरनेट