. हसबैंड ने मेरी टाइट बुर को अपने भरोसेमंद दोस्त से चुदवा दिया मेरे हसबैंड मुझसे कहने लगे- उस समय की बात और थी, पर अब मुझे तुम्हें किसी पराये मर्द के लंड से अपनी इस टाइट बुर की चुदाई करवाते हुए और कुतिया बनकर गांड मरवाते हुए देखने का बहुत दिल कर रहा है.
मेरे हसबैंड की इन हवस से भरी गन्दी गन्दी बातों से मैं खूब गर्म हो जाती थे.
मेरे पति ऐसी अशलील बातें करते करते मुझे पूरी रात खूब जमकर कामसूत्र की आलग आलग सेक्स पोजीशन में चोदते थे.
धीरे धीरे मुझे भी मेरे हसबैंड की इस सेक्सी फैंटेसी में बड़ा मजा आने लगा था और अब मैं भी किसी पराये मर्द से अपनी गांड मरवाने और टाइट चूत चुदवाने के लिए उतावली रहने लगी थी.
फिर कुछ समय बाद कुछ ऐसा हुआ कि मेरे हस्बैंड को बिजनेस के सिलसिले से बाहर जाना पड़ा.
और वो एक महीने के लिए अपने काम के सिलसिले में शहर से बाहर चले गए.
उनके जाने के बाद मैं घर में एकदम अकेली हो गई.
मेरे गोरे जिस्म को चोदने वाला अब कोई नहीं था और मैं अपनी टाइट बुर को चुदवाने के लिए बेताब होती जा रही थी.
आप सोच सकते हो कि मुझ पति व्रता महिला ने एक महीना कैसे काटा होगा.
फिर एक दिन मेरे हस्बैंड का फोन आया कि वो घर वापस आ रहे हैं.
मैं भी उनके लिए मस्त सजने और संवरने लगी.
मैं पति व्रता महिला एकदम दुल्हन की तरह सज और संवर रही थी.
रात को करीब 10 बजे मेरे घर की डोरबेल बजी.
मैंने जाकर दरवाजा खोला, तो सामने मेरे हस्बैंड थे.
मैं उनको देखकर एकदम खुश हो गई.
एक महीने से मैं घर पर अकेली थी और अपनी उँगलियों से अपनी चूत की खुजली शांत कर रही थी तो उनको देखकर मेरा खुश हो जाना लाजिमी था.
लेकिन मेरे हसबैंड अकेले नहीं थे, उनके साथ उनका एक दोस्त दिल्ली से साथ आया था.
उनके दोस्त ने मुझसे कहा- भाभी जी नमस्ते.
मैं उसे देख कर थोड़ा हक्की-बक्की सी रह गई, लेकिन फिर मैंने कहा कि आइए ना अन्दर आइए.
उस मर्द को देख मेरी लंड लेने की प्यासी चुत और गांड की आग बुझ सी गई थी.
मुझे लगा कि इसके आ जाने से न जाने आज भी मैं अपने पति से अपनी प्यासी बुर और गांड चुदवा पाऊंगी या नहीं.
फिर मेरे हस्बैंड और उनके दोस्त घर में अन्दर आ गए.
मैंने उनके लिए डिनर बनाया और हम सबने साथ में बैठकर डिनर करा.
रात के करीब 11 बजे हम सभी सोने के लिए चले गए.
मैं और मेरे हस्बैंड अपने बेडरूम में चले गए और उनका दोस्त हमारे बराबर वाले रूम में सोने के लिए चला गया.
मेरे हस्बैंड ने अंदर बैडरूम में जाते ही मेरे सारे कपड़ों को मेरे सेक्सी जिस्म से खोलकर अलग कर दिया और वो मेरे नंगे गोरे जिस्म को चूमने लगे.
फिर हम दोनों चिम्मा चाटी करने लगे और मेरी पति मेरी जीभ को अपने मुँह में लेकर चूसने लगे.
अब मेरे हस्बैंड कभी मेरे मम्मों को चूसते, तो कभी मेरी चूत को चाटते.
मैं तो एकदम पागल सी हुई जा रही थी.
मैं भी अपने हस्बैंड का 12 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा लंड अपने मुँह में लेकर किसी धंधा करने वाली रंडी औरत की तरह पुरे जोश के साथ चूसने लगी और उन्हें ब्लोजॉब देने लगी.
फिर हम नंगे पति पत्नी दोनों ने 69 वाली सेक्स पोजीशन में मुखमैथुन करने के लिए आ गए.
दोस्तों यदि आपको मुखमैथुन की जानकारी नहीं है तो मैं आपको बता देती हूँ की प्राय: सम्भोग से पूर्व योनांगों को मुख, जीभ, होंठ के प्रयोग से उत्तेजित किया जाता है। इसे आम बोलचाल की भाषा में मुख मैथुन कहते हैं। मैं अपने हस्बैंड का लंड चूस रही थी और वह मेरी चूत को चूस और चाट रहे थे.
इसके बाद मेरे हस्बैंड ने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और मुझे चोदने लगे.
आज वो बहुत तेजी से मेरी चूत में धक्के लगा रहे थे.
मेरी कसी हुई चुत में भी बहुत मजा आने लगा था.
हम दोनों एक महीने के भूखे थे और एक दूसरे से चुदाई का पूरा मजा लेने लगे.
मेरे पति मुझसे गंदी गंदी बात करने लगे.
मेरे पति मुझसे कहने लगे की डार्लिंग आज मैं तुम्हें पूरी रात खूब जमकर चोदूंगा और घोड़ी बनाकर तुम्हारी गांड भी मरूँगा.
मैं भी कहने लगी की हाँ आज मेरी गांड और चूत को खूब जमकर चोदना मैं बहुत दिनों से बहुत प्यासी हूँ चुदने के लिए.
मेरे पति मुझसे बातों ही बातों में वो सब फिर से कहने लगे, जैसा कि वे हमेशा कहते थे कि मुझे किसी और से चुदते हुए देखना है.
आज वो मेरी चुत में लंड पेलते हुए मुझसे कहने लगे कि अगर तुम्हारी भूख आज मुझसे शांत नहीं हो रही हो तो बताओ, मैं अपने भरोसेमंद दोस्त को भी बुला लूं तीनो मिलकर थ्रीसम सेक्स का आनंद लेंगे बड़े मजे आयंगे.
मुझ पति व्रता महिला ने मजाक मजाक में ऐसे ही बोल दिया- हां जाओ बुला लो अपने उस भरोसेमंद दोस्त को आज उसके लंड से भी चुदवा लेती हूँ, आज मैं तुम दोनों मर्दों को एक साथ थ्रीसम सेक्स करके शांत कर दूंगी.
ये सुनकर मेरे हस्बैंड मेरे ऊपर से हटे और दूसरे बैडरूम में अपने दोस्त को बुलाने चले गए.
मैं तो एकदम से जैसे हैरान रह गई.
मुझे इस बात का बिल्कुल भी यकीन नहीं था कि वह सचमुच चले जाएंगे.
अगले ही पल मेरे ठरकी हसबैंड अपने उस दोस्त को कमरे में बुला लाए.
मैंने उसे हम पति पत्नी के बैडरूम में अन्दर आते देखा तो झट से बेड की चादर से अपने नंगे जिस्म को ढकने की कोशिश करने लगी.
लेकिन उनका दोस्त और मेरे हस्बैंड मेरे पास आए और मुझे उनके साथ थ्रीसम सेक्स करने के लिए मनाने लगे.
मैं तो जैसे कुछ बोल ही नहीं पा रही थी.
उनका दोस्त मेरी नंगी जांघों पर अपना हाथ फेरने लगा जिस वजह से मैं गरम होने लगी.
वो मुझसे कहने लगा मैं आपके पति का भरोसेमंद दोस्त हूँ, प्लीज भाभी जी हमारे साथ थ्रीसम सेक्स करने के लिए मान जाओ इस बारे में किसी को कुछ पता नहीं चलेगा, आप बिल्कुल भी चिंता मत कीजिए यदि आप अपनी मर्जी से हम दोनों दोस्तों के साथ सेक्स करने के लिए राजी नहीं होउगी तो मजबूरन हमें आपका बलात्कार करना पड़ेगा.
शर्म और हया के मरे मैं शादी शुदा महिला तो जैसे कुछ बोल ही नहीं पा रही थी.
मेरे ठरकी हसबैंड मुझसे बोले की हाँ डार्लिंग ये मेरा भरोसेमंद दोस्त है ये किसी को कुछ नहीं बतायगा और फिर तभी मेरे हस्बैंड ने उस चादर को खींच दिया, जिससे मैंने अपना नंगा जिस्म ढका हुआ था और अपनी इज्जत बचाने का प्रयास कर रही थी.
वो मेरे ऊपर से चादर खींचने लगे और मुझसे कहने लगे- प्लीज डार्लिंग, आज हम दोनों दोस्तों के साथ थ्रीसम सेक्स करने के लिए मान जाओ गेंग बेंग चुदाई में बड़ा आनंद आयगा.
मेरे ठरकी हसबैंड ने मेरी चादर खींच कर मेरे नंगे जिस्म से अलग कर दी और मेरे जवान और सेक्सी जिस्म पर किस करने लगे.
उन्होंने अपने दोनों हाथों से मेरे चेहरे को पकड़कर अपने होंठ मेरे होंठों पर लगा लिया.
नीचे उनका दोस्त भी मेरी जांघों पर किस करने लगा.
मैं भी अब गेंग बेंग थ्रीसम सेक्स के लिए बहुत ज्यादा गर्म हो रही थी.
आज ये मेरा पहली बार था जब मैं किसी पराये मर्द के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने वाली थी और वो भी मेरे पति के सामने इस वजह से मुझे शर्मा भी बहुत आ रही थी.
आज मेरे पति मुझे अपने भरोसेमंद दोस्त के लम्बे व मोटे लंड से मेरी टाइट बुर और गांड चुदने के लिए मजबूर कर रहे थे.
फिर मेरे हस्बैंड उनके भरोसेमंद दोस्त के सामने ही मेरे मोटे मोटे बूब्स के निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसने लगे.
मुझे तो जैसे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था बस मेरा चेहरा शर्म से लाल पड़ गया था.
कुछ देर तक उनके चूमने और चाटने से मैं अपने दिल और दिमाग पर से अपना कंट्रोल खोती जा रही थी.
धीरे-धीरे मैंने अपने बदन को ढीला छोड़ दिया और वो दोनों मेरे बदन को जमकर चूसने लगे.
उनका दोस्त मेरी चूत को चाटने लगा और मेरे हस्बैंड अपनी इंडियन देसी सेक्सी वाइफ के मम्मों को चूस रहे थे.
तभी मेरे हस्बैंड एक साइड को हो गए और उनका दोस्त मेरे सामने आ गया.
उसने अपने सारे कपड़े निकाल दिए और मेरे ऊपर चढ़ गया.
मेरे हस्बैंड एक महीने के बाद आए थे, तो उनके लिए मैं एकदम दुल्हन की तरह तैयार हुई थी.
मुझे क्या पता था कि मेरे साथ सुहागरात आज कोई और ही मनाएगा.
तभी उसने मेरी चुत में अपना लंड डाल दिया और वो मुझे चोदते हुए मेरे साथ सुहागरात मनाने लगा.
उसका लंड भी मेरी चुत की आग में घी का काम करने लगा.
धीरे-धीरे मैंने भी अपने हाथ उसकी कमर पर रख लिए.
अब वो मेरे चुत को जमकर चोदने लगा.
कुछ पल बाद वो मेरे होंठों को अपने होंठों में लेने की कोशिश करने लगा.
लेकिन मैंने होंठों को उसे बचाने की कोशिश की.
मैं अपना चेहरा इधर-उधर कर देती थी.
हालांकि वह मेरे मम्मों और मेरे गाल पर जमकर किस कर रहा था.
मेरा सारा बदन उसका हो गया था, लेकिन मैंने अपने होंठों में उसे जीभ नहीं डालने दी थी.
जैसे-जैसे वह मुझे चोदता जा रहा था, मैं मस्त होते हुए अपने अंतिम चरण पर आने वाली हो गई थी.
बस अब मैं झड़ने वाली थी.
मेरे जवान और खूबसूरत जिस्म की ऐंठन से वह जान गया था कि मैं झड़ने वाली हूं.
उसी समय मेरे पति के भरोसेमंद दोस्त ने फिर से मेरे लाल गुलाबी होंठों को अपने होंठों में लेने की कोशिश करी तो मुझ पति व्रता महिला ने भी अबकी बार मना नहीं किया और प्यार से अपने लाल गुलाबी होंठों के बिच में उस बहन के लंड को उसकी जीभ डालने दी.
मेरे पति का भरोसेमंद दोस्त भी अब जान गया था कि उसने सेक्स करने के लिए मुझ शादी शुदा महिला को पूरी तरह से जीत लिया है.
जब चुदते चुदते मैं झड़ी तो उसने जमकर मेरी टाइट चूत में खूब जोर जोर से अंदर बाहर धक्के लगाए और कुछ ही धक्कों के बाद वो भी मेरी चूत में झड़ गया और मेरी चूत का भी पानी निकल गया था.
यौन अंगों से पानी निकलते ही हम दोनों एकदम से शिथिल पड़ गए थे.
इस सब सेक्स सीन के दौरान मेरे हस्बैंड थोड़ा अलग हो गए थे.
मेरे ठरकी हसबैंड के दोस्त ने जब मेरी चूत में अपना सारा पानी निकाल दिया तो मैंने उसे अपनी बांहों में भींच लिया और उसे प्यार करने लगी.
एक दो पल बाद उसका गाढ़ा सा वीर्य मेरी टाइट बुर से निकलकर जांघों पर बहने लगा था.
वो नंगा मर्द मेरे नंगे जिस्म के ऊपर से हट गया और मैं मेरी दोनों टांगे पसारे अपनी सांसें नियंत्रित करने लगी.
उस बहन के लौड़े के हटते ही मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मेरे हस्बैंड मेरे पास आ गए.
उन्होंने उसके वीर्य से भरी हुई मेरी टाइट बुर में अपना लंड डाल दिया और उनका लंड एकदम से मेरी टाइट बुर में बच्चेदानी तक घुस गया.
अबकी बार मेरे हस्बैंड मेरी वीर्य से संदी चूत को अपने लम्बे मोटे लंड से चोदने लगे … चूंकि मेरी टाइट बुर का पानी उनके दोस्त के लंड से चुदवाने की वजह से पहले ही निकल गया था, तो मुझे चुदवाने में दर्द होने लगा और उस दर्द की वजह से मैं चुदते चुदते छटपटाने लगी.
इस हार्डकोर चुदाई के दौरान मुझे ऐसे मचलती और तड़पती देख मेरे हस्बैंड का भी पानी जल्दी ही निकल गया और उन्होंने भी शारीरिक सम्बन्ध बनाने के दौरान मेरी चूत के अंदर ही अपना सारा का सारा वीर्य निकाल दिया.
इसके बाद मेरी सांस थमी और मैं अपना चेहरा छिपा कर मुँह ढकने लगी.
मेरे ठरकी हसबैंड ने मुझसे बोला की डार्लिंग आज सच में मजा आ गया थ्रीसम सेक्स करके.
उस पूरी रात मेरे पति और उनके दोस्त ने मिलकर मेरे साथ थ्रीसम सेक्स करा था.
एक बार तो उन दोनों दोस्तों ने मिलकर मेरे साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाये थे.
मेरी गांड और चूत दोनों छेदों में एक साथ लंड पेल कर मेरी बहुत शानदार चुदाई भी करी थी.
पूरी रात मेरे साथ बनाने के बाद सुबह उनका दोस्त अपने बैडरूम में आराम करने के लिए चला गया और मैं और मेरे हस्बैंड भी सो गए.
अगले दिन उनका दोस्त दिन में हमारे घर से चला गया था.
फिर दिन बीतते गए लेकिन मेरे हस्बैंड ने ना उस रात के थ्रीसम से के बारे में कभी बात करी और ना मुझे ऐसा फिर से मजा दिलवाने के बारे में बात करी.
मैं आज भी जब उस रात की खतरनाक थ्रीसम चुदाई के बारे में सोचती हूं तो मुझ शादी शुदा महिला का रोम रोम खिल उठता है और मेरा गांड और चूत एक बार फिर से ऐसी खतरनाक चुदाई का आनंद लेने के लिए तड़प उठती है .
उस रात मुझे बहुत मजा आया था.
और सबसे ज्यादा आनन्द तो मुझे तब मिला था जब मेरी चूत और गांड दोनों में एक साथ लंड घुसे थे.
मैं एक पति व्रता महिला हूँ मगर उस दिन के बाद से मैं एक बदचलन रांड बन चुकी हूँ और अब मैं भी चाहती हूं कि मेरे पति उस रंडी बाज मर्द के जैसा कोई और दूसरा मर्द मेरी लाइफ में एक बार फिर से लेकर आये और हम तीनो मिलकर गेंग बेंग थ्रीसम सेक्स करें….
स्रोत:इंटरनेट