. अब भाभी भी गर्म हो गईं, उन्होंने भी रंग लिया और फटाफट भैया की पेंट और चड्डी नीचे करके उनके लंड पर रंग मल दिया.
अब तक भाभी तड़फ उठी थीं- धीरू, अब लंड मेरी चुत में लंड कर दो … आआहह उईईईई … शीई … भैया ने भी भाभी को वहीं जमीन पर पटका और अपना लंड दो तीन बार चुत पर रगड़ कर एक ही झटके में अन्दर कर दिया.
भाभी की जोरदार चीख निकल गई आह मर गई … उम्म्ह… अहह… हय… याह… उईईईइ धीरू मर गई मैं आःह ऊऊऊ शीईईई … भैया पर तो चूत का भूत सवार था.
उन्होंने जोरदार धक्के दिए और तकरीबन 15 मिनट की पारी में उन्होंने भाभी की हड्डी पसली चटका दी.
फिर आखिरी में दोनों ने एक दूसरे पर अपने नाखून और दांत गड़ा के अपनी अपनी गर्मी निकाली और शांत हो गए.
कुछ देर बाद भैया उठे और बोले- मैं बाहर जा कर अमित के साथ दारू पीता हूँ … तू थोड़ी बहुत देर आराम कर ले.
आज पूरी रात तुझे पेलूँगा.
मैं मन ही मन में सोच रहा था कि यहां तो मैं भाभी को चोदने की जुगाड़ लगा रहा था और भैया ही इन्हें नहीं छोड़ रहे हैं.
मुझे अगर भाभी को पेलना है, तो कुछ रास्ता तो निकालना ही होगा.
भैया जैसे ही बाहर के हॉल में आने लगे, मैं जल्दी से जाकर दारू की बोतल ग्लास के पास जाकर ऐसे बैठ गया … जैसे मैंने कुछ देखा ही नहीं हो.
भैया और हमारा पीने का एक बार फिर दौर चला.
इस बार भी मैंने पैग बनाने में वही चालाकी की और भैया को हार्ड हार्ड पैग देता रहा.
तकरीबन आधे घंटे बाद भाभी भी एक सेक्सी सा गाउन पहन कर आ गईं और वहीं बैठ कर टीवी देखने लगीं.
जब भैया को जम कर नशा चढ़ गया, तब मैं बोला- भैया, अब मैं भाभी के साथ होली खेल लूँ? भैया बोले- हां हां आज तो होली का दिन है … रंग दे अपनी भाभी को … भाभी बोलीं- नहीं अमित … मैं अभी नहा कर साफ़ होकर आई हूँ … अब रहने दो.
मैं बोला- अरे ये तो नहीं हो सकता.
मैं भाभी की ओर रंग हाथ में लेकर बढ़ा.
इस बार भी भाभी हॉल में इधर उधर भागने लगीं, पर मैंने थोड़ी ही देर में उन्हें पकड़ लिया.
अब मैं भाभी के गाल पर रंग लगाने लगा.
मैंने उन्हें पकड़ा, तो मुझे अहसास हुआ कि उन्होंने गाउन के अन्दर कुछ नहीं पहन रखा है.
मैंने भैया की तरफ नजर डाली, तो भैया ज्यादा दारू पीने और सुबह से होली की थकान के कारण सोफे पर ही लुड़क कर सो गए थे.
मैंने अपनी हल्की सी पकड़ ढीली कर सीधे सीधे भाभी के मम्मों को पकड़ के मसला ही था कि भाभी एक बार फिर मुझे धक्का दे कर भाग गईं.
इस बार वो छत पर जाने वाली सीढ़ियों की ओर भागीं और छत का दरवाजा खोल उस पर चली गईं.
वो छत का दरवाजा बंद ही करने वाली थीं, पर मैं भी वहां पहुंच गया और दरवाजे को जोर से धक्का दे कर छत पर पहुंच गया.
उनकी छत पूरी खुली थी.
भाभी अब छत पर बने बाथरूम में घुसने लगीं.
मैंने पहले सीढ़ियों वाला दरवाजा बंद किया और लपक के उनके बाथरूम वाला दरवाजा भी धक्का दे कर खोल कर अन्दर घुस गया.
बाथरूम में जाते ही मैंने वो दरवाजा भी अन्दर से बंद कर दिया.
अब मैंने भाभी से बोला- बहुत हो गई भागा भागी … अब आप तैयार हो जाओ मुझसे रंगने और चुदने के लिए.
ये बोल कर मैंने अपनी कैपरी की जेब से रंग का पाउच निकाला और हाथ में रंग और पानी ले कर भाभी को जोर से पकड़ा.
इस बार मेरी पकड़ बहुत जोरदार थी और पहले उनके चेहरे पर फिर गर्दन पर रंग मलने लगा.
मैंने अपने पैरों से उनके दोनों पैर फैलाए और अपने लंड को उनकी चुत के आस पास जमा कर रगड़ने लगा.
भाभी बीच बीच में कहे जा रही थीं कि अमित ये कैसी होली खेल रहे हो … छोड़ दो मुझे … आह ऊऊ यार मत करो … कहीं तुम्हारे भैया ऊपर न आ जाएं … आआह.. मैं बोला- भैया टुन्न हो कर सो गए हैं और मैंने छत का दरवाजा भी बंद कर दिया है.
आप ज्यादा नखरे मत करो.
मैं आपको इतनी आसानी से नहीं छोड़ने वाला.
ये बोल कर मैं उनके बोबे दबाने लगा अब वो भी ‘उईईई … अह … अमित..’ करने लगीं.
कब हम दोनों के होंठ आपस में मिल गए, पता ही नहीं चला.
जोरदार चुम्बन ‘मूऊआह … ऊऊउ म्हुह..’ होने लगे.
अब मैं भाभी का गाउन खोलने लगा, तो वो बोलीं- अमित कपड़े मत खोलो, जो करना हो ऊपर ऊपर से कर लो.
मैं अब अति उत्तेजित हो गया था, तो मैंने उनकी एक नहीं सुनी और गाउन उतार फेंका और उन्हें वहीं बाथरूम में लेटा कर उनके पूरे शरीर को मसलने लगा.
मैं बोला- भैया ने तो पूरे शरीर पर रंग लगा दिया … कोई खाली जगह ही नहीं बची … तो अब तो मैं अपने लंड पर रंग लगा के आपकी चुत के अन्दर रंग लगाऊंगा.
यह बोल कर मैं उनकी चुत को अपनी उंगली से मसलने लगा और मैंने अपना लंड उनके हाथ में दे दिया.
वो भी कैपरी के ऊपर से ही लंड मसलने लगीं.
भाभी संग होली के रंग के साथ चुदाई का मजा भी मिलने का सोच कर मैं बहुत उत्तेजित हो गया था.
तभी कुछ ऐसा हुआ, जिससे मुझे उनकी चूत का नशा एक ऐसे मुकाम पर ले गया.
जहां मेरी सेक्स ने मेरी लाइफ में ही जबरदस्त रंग भर दिए.
दोस्तो, भाभी की चुदाई कहानी में बहुत मजा आने वाला है.
मेरे साथ अन्तर्वासना से जुड़े रहिये, बस कल आपके साथ भाभी की चूत में लंड पेलने की सेक्स कहानी पूरी करता हूँ.
आपके मेल का इन्तजार रहेगा.
आपका अमित दुबे [email protected].
स्रोत:इंटरनेट