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2 Atript Padosan Bhabhi Aur Main Padosan Sex Story

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ये sex story मेरे पड़ोस के घर में रहने वाली दो padosan भाभियों और उनके ससुर की है, पर मेरे देख लेने के बाद sex kahani का रुख ही बदल जाता है.
एक मस्त padosan sex story.. हमारे घर के pados वाले घर मैं कामनाथ नाम का जो आदमी रहता था उसकी दो बहुवे थी.
घर पा सास थी नही केवल दो लड़के थे.
वह गाँव के रहने वाले थे और लड़के दोनों सीधे सादे थे और दोनों बहुवे भी अभी कम उमर थी.
बड़ी बहु 20 की और छोटी वाली तू 18 ki ही लगती थी.
मुझे तय छोटी बहु अभी कुंवारी ही लगती थी.
दोनों सारी पहनती थी और घूंघट भी करती थी पर जब दोनों लड़के काम पर चले जाते तू दोनों शलवार कमीज़ पहन लेती थी.
उनकी इस हरकत सी मुझे एक शक सा हुवा.
मैं टाक झाँक करने लगा.
एक महीना इसी तरह बीत गया.
एक दीन करीब ११ बजे मैंने उसे अपनी बड़ी बहु को आवाज़ देते देखा तू जल्दी सी दीवार सी उचक कर देखने लगा.
वह एक chair पर बैठा था.
बड़ी बहु आई तू वह उसकी चूचियों को देखता बोला, “आओ मेरी जान.
” यह देख मैं समझ गया की मेरा शक सही था.
वह पास आई तू उसकी दोनों चूचियों को पकड़ बोला, “छोटी वाली कहाँ है?” “वह कपडे बदल रही है बाबूजी.
” उस बुढे को जवान बहु की चूचियां पकड़ते देख मैं तरप गया.
मेरा लंड तड़पने लगा.
मैं इसी दीन के इंतज़ार मैं था.
चूची पकड़ने के साथ बड़ी बहु ने अपनी कमीज़ के बटन खोल दोनों को नंगा किया तू वह मेज़ सी दोनों को चूसने लगा.
मुझे सब साफ दिख रहा था.
तभी वह बोली, “कल की तरह पियो न बाबूजी.
” और चूची की घुंडी को ससुर के हून्तो सी लगा ज़रा सा झुकी.
तब वह बुढा ससुर अपनी जवान बहु की एक चूची को मुंह सी दबा दबा चूसने लगा और दूसरी को दबाने लगा.
बड़ी बहु प्यार सी ससुर के गले मैं हाथ दाल बोली, “बाबूजी आप घुंडी चूसते है तू खूब मज़ा आता है.
” इसपर वह घुन्दियों को चूसने लगा.
कासी कासी जवान चूचियों का मज़ा बुढे को लेते देख मैं तड़प गया.
मैं समझ गया की दोनों बहुवे जवानी सी भरी हैं और चोदने पर पूरा मज़ा देंगी.
आज मैं मौका जाने नही देना चाहता था पर रुका रहा की थोड़ा और मस्त हो जाए दोनों.
वह बार बार चोसिए बाबूजी कह रही थी.
बुढा ससुर जवान बहु के निप्प्ले चूस रहा था.
अभी छोटी वाली नही आई थी.
pados की दोनों बहुवो को बुढे ससुर सी मज़ा लेते देख समझ गया की दोनों प्यासी हैं और अपने पती से उनकी प्यास नही भुझ्ती.
फीर जब सहा नही गया तू अपना digital कैमरा ले उनकी तरह कूद गया.
धाप की आवाज़ से दोन ओने चौंक कर देखा.
मुझे देख दोनों घबरा गए और बड़ी बहु अपनी चूचियों को अन्दर करने लगी और बुढा मेरे हाथ मैं कैमरा देख काँपने लगा.
मैं तेज़ आवाज़ मैं कहा, “तुम दोनों की हरकते कैमरा मैं आ गई हैं.
पीलाओ अपनी जवान चूचियां इस मरियल बुढे को.
”बड़ी बहु तू थार थार काँप रही थी.
उसने चूचियों को अन्दर कर लीया था पर घबराहट मैं बटन नही बंद किया था.
दोनों मस्त चूचियों को पास से देख मेरा लंड झटके लेने लगा.
मैं मौके का फायदा उठाने के लिए बुढे से बोला, “कमीने बहुवो को चोद्ता हैं, सबको बता दूंगा.
” वह गिद्गिदाने लगा, “नही भगवन के लिए ऐसा नही करमा, अब कभी नही करूँगा.
” ससुर को गिद्गिदते देख बड़ी बहु भी घबरा गई.
“कमीने मैं सब देख रहा था.
बुढापे मैं बहुवो के साथ मज़ा ले रहे थे तू जवानी मैं अपनी बेटी को भी छोडा होगा.
सच बताओ कितनी बार छोडा है.
” “एक बार भी नही बेटे, अब नही करूँगा.
” “जब चूची पीते हो तू दोनों को चोदते भी होगे, तुम बताओ चुद्वती हो” बड़ी वाली से पूछा तू वह मेरी उर देखती चुप रही.
बुढा बोला, “भगवन कसम बेटा केवल दील बहलाता हूँ.
” “छोटी बहु कहाँ हैं?”. “अन्दर हैं अभी.
” “जाओ उसे लेकर मेरे पास आओ.
” मेरी बात सुन वह अन्दर गया तू मैं बड़ी वाली को अपने पास बुलाया.
जब वह पास आई तू उसके चुतर पर हाथ लगा बोला, “तुम दोनों तू अभी जवान हो, तुम लोगो का मज़ा लेना तू समझ मैं आता है पर यह साला बुढा.
केवल चूचियों को चूसता है?”. “जी.
” “चूत भी चाटता है?”. “जी.
” “हमे तुम दोनों की जवानी पर तरस आ रहा है.
तुम दोनों की उंर है मज़ा लेने की.
पर यह तू तुमको गरम कर के तर्पता होगा.
बताओ चोद्ता है?” मेरी बात सुन वह कुछ सहमी तू उसकी चियो को पकड़ हल्का सा दबा बोला, “मुझे लगता है यह तुम दोनों को चोद्ता भी है?” “नन्न नही.
” वह सहमकर बोली.
तभी वह घबराया सा अपनी छोटी बहु के साथ वापस आया.
तिघ्त शलवार कमीज़ मैं छोटी बहु की छोटी छोटी चूचियों को देख लंड ने तेज़ झटका लीया.
बड़ी वाली के साथ मुझे देख वह घबरायी.
छोटी को देख मैं बेचैन हो गया.
बहुत कसा माल था.
वह भी दरी थी.
फीर बुढा पास आ मेरे सामने हाथ जोड़ बोला, “बेटा मेरी इज्ज़त तुम्हारे हाथ मैं है..” मैं दोनों कुंवारी लड़कियों सी बहुवो को देखते बोला, “चूचियों को पीते हुवे photo आया है.
” “भगवन के लिए बेटा.
” वह गिद्गिदय.
अब वह मेरे बस मैं था.
लंड को दोनों के सामने पन्त पर से मसलता बोला, “जब लोग जानेंगे कित उम अपनी बहुवो को चोदते हो तू क्या होगा.
” “नही नही बेटा.
” “तुम्हारे लड़के नामर्द लगते हैं जो इन बेचारियों को चोदकर ठंडा नही कर पते.
ज़रा इधर आओ.
” फीर उसे अपने रुम मैं ले जा बोला, “खूब मज़ा लेते हो अकेले अकेले.
चोदते भी हो दोनों को?” “नही बेटा अब ताकत नही रही.
” “अपने लड़को के जाने पर अपनी बहुवो से मज़ा लेते हो, मैं एक शर्त पर अपनी जुबां बंद रख सकता हूँ.
” “बेटा मुझे मंज़ूर है.
””तुम्हारी बहुवे प्यासी हैं.
इस उमर मैं उन्हें पूरी खुराक चाहिए.
लड़के तू तुम्हारे बेकार लगते हैं.
इस उमर मैं तू दो- चार से चुदने पर ही मज़ा आता है.
ऊँगली से चोदते हो?”. “कभी-कभी.
” “देखो मेरी बात मनो तुम जो करते हो करते रहना कीसी को पता नही चलेगा.
अगर तुम ऐसा नही करोगे तू वह दोनों अपनी प्यास भुज्वाने को बाहर के चक्कर मैं पड़ जाएँगी.
” “बेटा यही सोचकर तू दोनों को चूम चाटकर ऊँगली से चोद्ता हूँ.
” “तुम दोनों को चूस चाटकर गरम करो और मैं दोनों को छोड़कर ठंडा कर दिया करूँगा.
ऊँगली से तू बुधियों को छोडा जाता है.
जवान तू लंड खाती हैं.
दोनों जवान हैं जब तक लंड डालकर न छोडा जाए उनको मज़ा नही आयेगा.
बोलो तैयार हो?” “हाँ बेटा आओ.
” “जाओ पूछकर आओ.
मेरी ड्यूटी रात की है.
दिनभर हम्दोनो एक एक को मज़ा दिया करेंगे.
जाओ.
” “दोनों हमारी बात मानती हैं.
आओ बेटा अभी से काम शुरू कार्ड.
” “चलो, मुझसे चुदकर तुम्हारी बहुवे खुश हो जाएँगी.
तुमको भी खूब मज़ा देंगी क्योंकि तुम उनके लिए लंड का इन्तेजाम कर रहे हो न.
” “हाँ बेटा दोनों मेरे साथ ही रहती हैं.
” “मैं भी अकेला हूँ.
दीन भर मज़ा लीया जाएगा.
छोटी वाली तू कुंवारी लगती है?” “हाँ बेटा अभी ठीक से चुदी नही हैं मुझसे शर्माती हैं.
” “जब मेरा जवान लंड खायेगी तू शर्माना छोर देगी.
” और पन्त खोल लंड बाहर क्या तू वह मेरा लंड देख बोला, “अरे बेटा तुम्हारा तू बहुत लंबा मोटा है.
ऐसा तू घोडे का होता है.

स्रोत:इंटरनेट