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40 साल की मौसी को लौड़ा दिखा कर चुदाई के लिए पटाया हिन्दी सेक्स स्टोरी

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40 साल की मौसी को लौड़ा दिखा कर चुदाई के लिए पटाया हिन्दी सेक्स स्टोरी 1

. 40 साल की मौसी को लौड़ा दिखा कर चुदाई के लिए पटाया हिन्दी सेक्स स्टोरी मैं जब भी मेरी सेक्सी मौसा जी के घर जाता हूँ, तो बस यही सब याद करके मौसी जी को चोदने के बारे में सोचता रहता हूं.
लेकिन मौसी जी का परिवार बहुत बड़ा है, तो मौसी जी के घर में ऐसा कोई चांस नहीं मिल पाता की मै उनकी चुदाई कर सकूँ.
मैं मन मसोस कर बस मौसी जी को छुप छुप कर देखता रहता था और अपना लंड हिला हिला कर उनके नाम की मुठ मारता रहता था.
एक बार जब मेरी 40 साल की सेक्सी मौसी जी मेरे घर आईं, तो मैंने सोचा ये मौसी जी को चोदने का सुनहरा मौका है.
मैं मौसी जी के जिस्म पर हाथ साफ़ करने के मौके की तलाश में रहने लगा.
मेरा घर गांव में है और बहुत बड़ा है.
मेरे घर में सभी सदस्यों के कमरे अलग अलग हैं पर टीवी मेरे कमरे में ही लगा है.
इसलिए सभी लोग मेरे कमरे में आकर ही टीवी देखते हैं.
अब 40 साल की सेक्सी मौसी जी को कैसे पेला जाए, बस मैं इसी प्लानिंग में लग गया.
मैंने सोचा पहले मौसी जी का मन जान लिया जाए कि मौसी जी के मन में क्या है, कहीं ऐसा न हो कि जल्दबाजी के चक्कर लेने के देने पड़ जाएं.
यही सब सोच कर मैंने एक उपाय सोचा कि क्यों ना अपनी मौसी जी को अपने लम्बे मोटे और तगड़े लौड़े के दर्शन करवा दिए जाएं.
पर मुझे डर भी लग रहा था कि कहीं मौसी जी ने मेरी माँ को बता दिया तो मेरा क्या होगा.
फिर मैंने सोचा कि मौसी जी को अपना 9 इंच लम्बा और 5 इंच मोटा लौड़ा कुछ इस तरह से दिखाऊं कि मौसी जी को लगे गलती से लंड दिख गया.
इससे मुझे मौसी जी का रिएक्शन भी पता चल जाएगा.
मेरे घर के बाकी के लोग टीवी देखने के ज्यादा शौकीन नहीं है.
मगर मेरी मौसी जी को रात में देर तक टीवी देखने की आदत थी और मेरा बिस्तर टीवी वाले रूम में ही था.
एक दिन जब सब लोग कुछ देर टीवी देखने के बाद अपने अपने कमरों में सोने चले गए.
मेरे कमरे में मौसी जी औऱ मैं बस हम दो लोग ही बचे थे, तो मैंने मौसी जी से कहा- मौसी जी जी, मुझे नींद आ रही है.
मैं तो सो रहा हूँ अब! तो मौसी जी ने बोला- ठीक है बेटा, तुम सो जाओ, जब मुझे नींद आएगी तो मैं भी टीवी बन्द करके अपने रूम में सोने चली जाऊंगी.
मैंने बोला- ठीक है.
मैं बिस्तर पर लेट गया और चादर ओढ़ कर सोने का नाटक करने लगा.
मैंने चादर सर से ऊपर तक ओढ़ लिया था.
फिर धीरे से मैंने अपने लोअर और चड्डी को निकाल दिया और लेटा रहा.
मौसी जी के साथ सेक्स के बारे में सोच सोच कर मेरा लंड खड़ा हो चुका था.
फिर मैंने एक करवट ली, जिससे चादर मेरे लंड से हट गयी और मेरा लंड दिखने लगा.
पर मौसी जी का सारा ध्यान टीवी पर था.
उन्होंने कुछ देखा ही नहीं.
थोड़ी देर बाद मैंने एक और करवट ली और इस बार मैंने एक पैर मौसी जी को भी टच किया, जिससे मौसी जी मेरी तरफ देखने लगें.
और हुआ भी ऐसा ही.
मौसी जी को जब पैर लगा, तो मौसी जी पीछे मुड़ीं और उनकी निगाह मेरे लंड पर आ पड़ी.
इधर मेरा पूरा लंड खुल गया था और तना हुआ था.
मौसी जी मेरा लंड देख कर चौंक गईं.
मैं सर पर चादर डाल कर अन्दर से सब देख रहा था.
मेरी 40 साल की सेक्सी मौसी बस मेरा तगड़ा लौड़ा देखे जा रही थीं.
उनका ध्यान टीवी से हट कर मेरे लौड़े पर पहुच चुका था.
उनके सामने एक जवान 9 इंच का लौड़ा एकदम नंगा खड़ा था.
मैं चादर के अन्दर से मौसी जी को देख रहा था कि मौसी जी की सांसें तेज़ हो रही थीं.
मौसी जी मेरा तगड़ा लौड़ा देखकर अपने होंठों पर ऐसे जुबान फेर रही थीं जैसे वो मेरे लौड़ा अपने मुह में लेकर उसे चूसना चाहती हों.
फिर वो धीरे धीरे अपने मोटे मोटे बोबो को दबाने लगीं और अपनी साड़ी के उप्पर से ही अपनी चूत को सहलाने लगी.
तभी एक चमत्कार हुआ, जिसकी मुझे कोई उम्मीद नहीं थी.
मेरी रंडी मौसी जी ने मेरे लौड़ा धीरे से छुआ और मेरी तरफ देखने लगीं.
मैंने कोई रिएक्शन नहीं किया, तो मौसी जी ने मेरा लंड अपने हाथ में ले लिया और धीरे धीरे आगे पीछे करने लगीं और मेरा मुठ मारने लगी.
मैंने सोचा इस नाटक को ख़त्म करके असली खेल का मज़ा लेने का यही सही टाइम है, तो मैं नीद खुलने का बहाना बनाते हुए उठा और चौंकते हुए बैठ गया.
मैं मौसी जी से बोला- अरे … ये आप क्या कर रही हो मौसी जी? तो मौसी जी ने बोला- क्या हुआ बेटा … तुम्हें अच्छा नहीं लगा क्या? मैं बोला- आप ये क्या बोल रही हो मौसी जी? मौसी जी ने बोला- अब ज्यादा नाटक ना कर बेटा … मुझे सब पता है, तू मुझे छुप छुप कर देखता है.
आज मैंने देख लिया, तो क्या हुआ? यह कहकर मौसी जी ने मेरा लंड फिर से अपने हाथ में ले लिया और बोलीं- अविनाश बेटा, तुम्हारा लंड तो बहुत मस्त है.
मैंने बोला- मौसी जी आपको पसंद है? मौसी जी ने लंड सहलाते हुए कहा- हां बहुत प्यारा लंड है तुम्हारा.
उनके ये कहते ही मैं खुल गया और मैंने उनसे पूछा- मौसी जी, क्या आपको मेरा लौड़ा पसंद आया..? मौसी जी ने कहा- हां अविनाश, मुझे तुम्हारा लंड बहुत पसंद आया है.
मैं खुद कई दिनों से तुम्हारे लंड से चुदना चाहती थी.
मैंने पूछा- क्यों मौसी जी, मौसा जी जी का लंड आपको पसंद नहीं है? मौसी जी ने उदास भरे स्वर में कहा- तेरे मौसा जी का लंड बस लंड के नाम पर एक टौंटी सा ही है, जिसमें से मूत और थोड़ा सा वीर्य निकलता है, जिससे तेरे दो भाई बहन पैदा हो गए हैं.
मगर मुझे उनके लंड से अब तक कोई संतुष्टि नहीं मिली है.
मुझे अपनी चुत की आग को अपनी उंगली से ही बुझाना पड़ता है.
मैंने मौसी जी को और खोला- तो मौसी जी आपने किसी दूसरे के लंड की तरफ ध्यान नहीं दिया? मौसी जी- मेरा मन तो था कि किसी और के लंड से चुद लूं, पर तू तो जानता भी है कि मेरे घर में जॉइंट फैमिली होने की वजह से किसी बाहर वाले के साथ सेक्स करना संभव नहीं है और घर में कोई ऐसा नहीं था, जिससे मैं अपने सेक्स सम्बन्ध बना सकूँ.
अब तू बातें मत कर .. बस मुझे अपना लंड चूसने दे.
बस यह कहकर मौसी जी ने अपने मुँह में रख लिया.
आह क्या मस्त अहसास था.
मेरा लंड किसी महिला ने पहली बार अपने मुँह में रखा था.
मैं तो जैसे ज़न्नत में पहुँच गया था.
मेरी मौसी जी मेरे पूरे लौड़े को मुँह में डालकर जोर जोर से लोलीपोप की तरह चूस रही थीं और मैं भी अब मौसी जी के बड़े बड़े बोबो को जोर जोर से दबा रहा था.
मैंने धीरे धीरे मेरी 40 साल की सेक्सी मौसी जी की साड़ी निकाल दी और मौसी जी का ब्लाउज उतार दिया.
अब मौसी जी जी सिर्फ ब्रा और पेटीकोट में मेरा लंड चूस रही थीं.
कुछ देर लंड चुसाई का मजा लेने के बाद मैंने मौसी जी के मुँह से लंड निकाला और उनको होंठों पर किस करने लगा.
मौसी जी भी बड़ी गर्मजोशी से चुम्बन का मजा लेने लगीं.
उनकी जीभ मेरी जीभ से खेलने लगी.
मौसी जी के नशीले और मादक जिस्म की गर्मी लगातार मेरे अंदर चुदास भड़काए जा रही थी.
मैंने मेरी 40 साल की सेक्सी मौसी जी के मोटे मोटे बूब्स पर से उनकी और मैं उनके मोटे मोटे बोबो पर किस करने लगा और उनके बोबो के निप्पलो को अपने मुह में लेकर चूसने और अपने दाँतो से काठने लगा और मेरी सेक्सी रंडी मौसी जी के मुँह से गर्म गर्म कामुक आवाजें. आने लगीं.
मैंने मौसी जी के एक दूध पर अपने नुकीले दाँतो से काट लिया, तो मौसी जी जोर से चीख पड़ीं- आह बेटा थोडा धीरे से चुसो दर्द होता है मैंने इन्हें दबा दबा कर तेरे मौसाजी के लिये इतने बड़े और मोटे किए थे पर उन्हें तो इन्हें चूसने का समय ही नहीं मिल पता.
मैंने दूध मसलते हुए मेरी रंडी मौसी से पूछा- तो मौसी जी, अब तो आप अपने इस बेटे को अपना दूध रोज पिलाओगी..? मौसी जी मेरे मुँह में एक चूचुक देते हुए बोलीं- हां बेटा … ले चूस ले मेरे बोबे और पीले इनका सारा का सारा दूध … ये तेरी माँ की बहन के ही बोबे हैं तू नहीं चुसेगा तो क्या पडोसी चुसेगा इन्हें … तुम आज से रोज अपनी इस के बोबे चूस चूस कर इनका दूध. पीना.
मैं मस्ती से मेरी 40 साली की सेक्सी मौसी जी के का मजा लेने लगा और मौसी जी खुद भी अपनी चूचियां मुझे पिलाते हुए मजा लेने लगीं बोबे चुस्वाने का आनंद लेने लगी मेरी मौसी जी के बोबो में बहुत सारा दूध था मै समझ गया की जरुर मेरे मौसाजी को ये नसीब नहीं होता होगा इस लिये इतना सारा दूध बचा हुआ है.
फिर मैं मेरी सेक्सी रंडी मौसी जी की नाभि पर किस करने लगा और धीरे से मौसी जी का पेटीकोट खोल दिया.
अब मौसी जी लाल रंग की पैंटी में मेरे सामने थीं.
मैंने जल्दी से मौसी जी की पैंटी भी उतार दी.
मौसी जी एकदम मादरजात नंगी हो गई थीं.
मेरी सबसे पहली नजर पर गई.
वाह क्या गजब चूत थी मौसी जी की … एकदम साफ … चुत पर एक भी बाल नहीं था.
मौसी जी की चिकनी गोरी चुत देखकर मैं मदहोश हो गया.
मुझसे रुका ही न गया और मैंने अगले ही पल मौसी जी की चूत को फैलाकर उसमें जीभ डाल दी.
जीभ का अहसास पाते ही मौसी जी की सिसकारी निकल गई और उन्होंने अपनी टांगें फैला दीं.
मैं मौसी जी की चुत को मस्ती से चाटने लगा.
सच में मौसी जी की चुत का बड़ा ही मस्त स्वाद था.
क्या मस्त खुशबू आ रही थी, मैं तो एकदम मदहोशी में मौसी जी की चूत चाटने में लगा हुआ था.
मेरे इस तरह चूत चाटने से मौसी जी किसी रंडी औरत की तरह एकदम बेक़ाबू हो गयी थीं.
हम दोनों को चूत चाटने का मजा आ रहा था.
वो जोर जोर से ‘आह हहह आह..’ चिल्ला रही थीं औऱ बोल रही थीं कि अब लंड डाल दो बेटा अपनी माँ की बहन की चूत में… और मत तड़पाओ मेरे बेटे अपनी रंडी मौसी को.. ये सुनकर मैंने मौसी जी को सीधा लिटाया और उनकी टांगें खोल कर लंड मौसी जी की बुर पर रगड़ने लगा.
मौसी जी की चुत बड़ी गर्म और रसीली हो गई थी.
मैं मौसी जी की चुत की फांकों में मेरे लौड़ा फंसा कर पुरे जोर के साथ मौसी जी की चुत में अन्दर घुसेड़ने लगा.
मेरी सेक्सी मौसी 40 साल की थी पर उनकी चूत किसी 16 साल की जवान लड़की की चूत की तरह काफी टाइट लग रही थी.
साफ़ लग रहा था कि मौसी जी कई दिनों से चूत चुदाई नहीं हुई थीं.
मैंने अपना लौड़ा मौसी की चूत में फंसा कर एक झटके में आधा लंड अन्दर डाल दिया.
मेरा लौड़ा बहुत मोटा और लम्बा था मौसी जी मेरे लौड़े के इस हमले से एकदम जोर से चिल्ला दीं- हाय आह हहह … रंडी चोद तेरा लौड़ा तो बहुत मोटा और लम्बा है भादवे तूने तो फाड़ डाली साले आह….
आह… … मेरी चूत में धीरे से डाल कमीने मै कोई रंडी नहीं हूँ तेरी माँ की बहन हूँ … मादरचोद किसी रंडी की चुत समझ कर मत चोद.
मैंने बोला- ठीक है मौसी जी … धीरे धीरे अपना लौड़ा आप की चूत के अंदर बहार करता हूँ.
फिर मैंने धीरे से अपना आधा लौड़ा भी अन्दर डाल दिया.
अब मौसी जी को अपनी चूत में मेरा लौड़ा लेने में मज़ा आने लगा था और अब मेरी रंडी मौसी जी भी नीचे से अपने कुल्हे हिला हिला कर चुदाई में मेरा साथ देने लगी थीं.
मेरी 40 साल की रंडी मौसी की मस्ती देख कर मैंने उनकी और बढ़ाई औऱ जोर जोर से उनकी चूत में अपना लौड़ा अंदर बहार करने लगा.
मेरे जोर से धक्का मारने से मौसी जी के बोबे जोर जोर से उछल रहे थे.
यह देखकर मुझे और भी ज्यादा मज़ा आ रहा था.
करीब 20 मिनट की शानदार चुदाई के बाद मौसी जी झड़ चुकी थीं और अब मैं भी झड़ने वाला था.
मैंने मौसी जी से बोला- मेरा माल निकलने वाला है.
मेरी चुदाई की मौसी ने बोला- मेरे बोबो पर निकाल दो.
मैंने मौसी जी के बोबो पर ही सारा का सारा गरमा गर्म माल निकाल दिया.
फिर हम लोग ऐसे ही नंगे एक दुसरे से चिपक कर लेटे रहे.
कुछ देर बाद मेरा फिर से मौसी जी की चुदाई करने का मन करने लगा.
मैंने मौसी जी से बोला- मेरा मूड फिर से सेक्स करने का बन रहा है मौसी जी आप बोलो तो चुदाई का एक और राउंड खेले! मौसी जी मेरी तरफ देख कर मुस्करा दी.
फिर इसके बाद क्या हुआ, ये सब मैं आपको अपनी अगली सेक्स कहानी में बताऊंगा.
दोस्तों मेरे मेरी माँ की बहन के साथ अवैध शारीरिक संबंध है यह एक बहुत बड़ा राज है और अभी तक तो यह बात हम दोनों के बीच ही दबी हुई है.
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स्रोत:इंटरनेट