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Aadhi Gharwaliyan Sali Hindi Sexy Stories

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मेरी दूसरी साली तो मेरे नीचे आने से पहले प्लम्बर के ही भेंट चढ़ने जा रही थी.. पढ़िए वो प्लम्बर मेरी माल साली की चूत की किस तरह फिटिंग करता है इन sali hindi sexy stories के अगले भाग में.. Sex Stories के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4. पार्ट 5. कन्हैया को जन्नत का मजा मिल रहा था .
तभी कन्हैया को महसूस हुवा की अगर लंड को मिताली के मुह से नही निकला तो फव्वारे की तरह उसका लंड भी पानी फेंकने लगेगा .
उसने मिताली को बाथ टब मे लेटकर उस पर छा गया और उसके मम्मे अपने हाथों से पकड़ एक को मुह मे लेकर आम की तरह चूसने लगा .
मिताली के मुह से सिस्कारी निकल गई ..आह्ह..उफ्फ्फ..इश..श.
स्.
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धीरे.. लेकिन अब कन्हैया कुछ नही सुनने वाला था .
कनु बगैर दांतों से नुकसान पहुँचाये उसके एक -एक करके दोनों उरोजो को बारी -बारी से मुह मे लेकर चूस रहा था .
साथ मे बोलता भी जा रहा था , “मेम साहेब , तुम्हारे चुचियो का जवाब नहीं …..तुम्हारे चूंची कितने मलाई जितने चिकने है …..और तुम्हारे गुलाबी निपल .. उफ़ ….
इन्हे तो मैं खा जाऊंगा .
”मिताली सिस्कारी लेते हुए बोली , “”हाय ! और जोर से मेरी चूची मसलों , इनको ख़ूब दबाव , दबा दबाके इनका सारा रस पी जाओ .
मुझे बहुत मज़ा आ रहा है .
मेरे पुरे बदन मे नशा छा रहा है .
हाय मुझको इतना मज़ा कभी नही मिला .
और दबाव मेरी चूची को .
”कन्हैया उसके मम्मे चूसते हुए अपने एक हाथ को उसके मम्मे से सरकाते हुए उसकी चूत के ऊपर हाथ से मालिश करने लगा .
मिताली का जोश दुगुना हो गया .
उसकी सिस्कारियां बढती ही जा रही थी .
जिनको सुनकर कन्हैया का भी जोश बढ़ गया .
उसका मुह और दोनों हाथ की स्पीड डबल हो गई .
अपनी जीभ से उसकी कड़क हुयी निपल को चूसने के साथ उसकी चूत और झांटो पर अपनी रगड़ बढ़ा दी .
“आः आह्ह ……प्लीज़ आहिस्ता करो .
रगडो मेरी चूत को .. आराम से करो .. मजा आ रहा है तुम ने क्या कर दिया है .. आज ऐसा पहली बार फील कर रही हूँ और बहुत अच्छा लग रहा हाँ ऐसे .. आराम से .. मगर रुकना मत .. करते रहो .. ओह्ह हह स्.
स्.
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स्.
स्.
उफ्फ्फ….
और उसने टटोल कर फ़िर से उसके लंड को पकड़ा जो की फुफकार रहा था… “लोहे को गरम होते देख कन्हैया ने अब अपना हथोडा मारना ही अच्छा समझा .
उसने मिताली को दीवाल के सहारे उठा के खड़ा कर उसके पीछे से अपने दोनों हाथो से उसके चूतड को सहलाना शुरू कर दिया .
उफ़ … क्या गुदाज़ जिस्म के उसके चूतड थे .
दूध मे सिन्दूरी कलर डाले हुए रंग के चूतड .
वोह अपनी किस्मत पर यकीन ही नही कर पा रहा था .
वाकई मे ऐसी चूत और चूतड किस्मत वाले को ही मिलते है .
उसने अपनी जीभ निकल कर उसके चूतड को चाटना चालू कर दिया .
मिताली के मादक बदन मे एक सिहरन दौड़ गई .
उसका बदन का एक -एक रोंया सिहर उठा .
पुरे बदन मे बिजली कड़क रही थी .
चूतड को चाट -ते चाट -ते अपनी जीभ को उसकी पीछे से उभर कर बाहर आई हुयी चूत पर लगा दिया .
जीभ चूत पर लगते ही मिताली के मुह से “ऑफ़ फ .
..ओफ्फ्फ ” की आवाज आनी शुरू हो गई .
अपनी जीभ को कन्हैया ने धीरे धीरे आगे बढ़ाते हुए चूत की चुदाई अपनी जीभ से चालू कर दी .
चोदना -चाटना , चोदना -चाटना , चोदना -चाटना यही कर रहा था अपनी जीभ से उसकी गुलाबी चूत को दोनों फांक चिपकी हुयी थी..उसे ऊँगली से थोड़ा फैला लिया था…”ओओओह मा .. ओह आहा आया .. यह क्या कर रहे हो , बहुत मज़ा आ रहा है और चाटो , चूस डालो … पानी निकल दो इसका ….
बहुत प्यासी है मेरी चूत ,” मिताली की लहराती हुयी आवाज बाथरूम मे गूँज रही थी .
मेरी प्यास बुझा दो , मुझे ठंडा कर्दो .. मेरा जिस्म बहुत जल रहा है .. कुछ कुछ हो रहा है मन मे , प्लीज़ मेरी आग बुझा दो मेरी .. प्लीज़ कन्हैया ने उसकी रसीली छूट की चुसाई कर उसे वैसे ही खड़ा रहने दिया और अपने सख्त लंड को उसके चूतड पर दबाना शुरू कर दिया .
लंड को एकदम नजदीक देख उसकी चूत का पानी बहना चालू हो गया .
चूत एकदम से जूसी हो गई .
अपने हाथ को पीछे ले कर कन्हैया को अपने बदन से चिपका लिया .
उसकी चूत की भूख अब बढती ही जा रही थी .
अब उससे सहन नही हो पा रहा था .
वोह भड़क कर बोली , “उफ्फ्फ … देख क्या रहे हो … चालू करो ….
लगाओ अपने लंड को निशाने पर और मारो धक्का .
”कन्हैया ने अपने लंड को उसकी चूत के निशाने पर ला थोड़ा सा धक्का दिया .
आधा सुपाडा लंड का चूत मे जा कर फँस गया .
दूसरा धक्का मारा तो उसके लंड का पूरा सुपाडा उसकी चूत मे जा कर धंस गया .
तीसरा धक्का मारा तो आधा लंडउसकी गुफा मे गायब हो गया .
साथ ही मिताली की चीख पूरे घर मे फ़ैल गई..ऊह मेरी माँ..मर गयी..निकालो….
अह्ह्ह..आह्ह..बाप रे..इतना मोटा…निकालो..मैं मर जाऊंगी.. लेकिन कन्हैया रुका नही..वो समझ गया था की ये चुदी हुयी चूत है ..थोड़ा चिल्लायेगी..क्युकी इतना मोटा लंड कभी चूत मे नही घुसा है ..उसके शहरी दोस्त का नए ज़माने का लंड ही घुसा होगा..उसने मिताली को थोड़ा दबा के पकड़ा और फ़िर धीरे धीरे चोदने लगा..एक और धक्का मारा तो इस बार मिताली की आनंद भरी चीख भी निकल गई .
“हाय ….
क्या लंड है तुम्हारा ….
एक दम से तगड़ा और सख्त ….
उफ़ ….. वाकई मे ही … जैसे कोई गरम गरम हथोडा जाकर मेरी चूत मे फँस गया हो .
” अब कन्हैया ने अपने धक्के लगाने शुरू कर दिए .
खड़े होने की वजह से पूरा लंड तो अन्दर नही जा रहा था लेकिन जितना भी जा रहा था वह मिताली की चूत मे खलबली जरूर मचा रहा था .
थोड़ी देर इस तरह दक्के मरने के बाद उसने अपने लंड को बाहर निकाल दिया और मिताली को बाथरूम के फर्श पर लेटा कर अपने लंड को उसके मुह मे दाल दिया .
मिताली ने गप्प से उसको मुह मे ले लिया .
थोड़ी देर चूसाने के बाद बाहर निकाल उसके लंड को हाथ से पकड़ सुरेश को कहा , “प्लीज़ अपना लंड मेरी चूत मैं डाल दो .
मुझे और मत तड़पाओ ज़ालिम .
मुझे छोड़ो , मैं तुम्हारे लंड की दीवानी बन गयी हूँ .
अपने लंड से मेरी चूत की प्यास बुझाओ .
”कन्हैया ने उसकी जांघों को चौड़ा कर अपने लंड को उसकी चूत पर टिका दिया .
फिर कस कर एक धक्का मारा .
लंडउसकी रस से भरी हुयी उसकी चूत को ककड़ी की तरह फाड़ता हुआ चूत की अन्दर वाली दीवार से सीधा जा टकराया .
मिताली तो एक बार पुरी तरह कंप गई और पूरा बदन दहल उठा और मुह से चीख निकल गई..उईई माँ.
मार डाला ..मेरी फट गयीई…आह्ह्ह..लेकिन कन्हैया को अब कोई परवाह नही थी..उसने आव देखा ना ताव..और फटके लगाने शुरू कर दिए..उसने देखा उसके लंड पर कुछ खून के दाग लगे है..आज सच मे मिताली की चूत फट गई..कन्हैया ने .
लंड को बाहर निकाल वापस धक्का मारा तो उसकी सिस्कारी निकालनी चालू हो गई .
“उफ़ … अह्ह्ह …” कन्हैया अपनी फुल्ल स्पीड से उसकी चूत के अन्दर बाहर अपने लंड को कर रहा था .

स्रोत:इंटरनेट