डार्क

Aashram Luti Ijjat True Sex Kahani

🇮🇳 हिंदी
गति: 1.0x
स्थिति: तैयार
×

प्लेबैक सेटअप सहायता

यदि आप पहले से ही Chrome/Edge का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी प्ले नहीं हो रहा है, तो अपने फ़ोन/पीसी सेटिंग्स की जाँच करें।
सुनिश्चित करें कि TTS इंजन सक्रिय है, उस भाषा का उपयोग कर रहा है जिसे आप सुनना चाहते हैं।

Android और अन्य OS उपयोगकर्ताओं के लिए

Android, Harmony, Lineage, Ubuntu Touch, Sailfish, ColorOS / FuntouchOS, hyperOS आदि के उपयोगकर्ताओं के लिए
मेनू एक्सेस: सेटिंग्स खोलें > एक्सेसिबिलिटी > टेक्स्ट-टू-स्पीच आउटपुट
यदि नहीं है, तो सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "text-to-speech" या "text" दर्ज करें
फिर टेक्स्ट-टू-वॉयस या टेक्स्ट-टू-स्पीच, या ऐसा ही कुछ चुनें।
भाषा जोड़ने के लिए, गियर आइकन ⚙ पर क्लिक करें > वॉइस डेटा इंस्टॉल करें और अपनी इच्छित भाषा चुनें।

iOS उपयोगकर्ताओं के लिए

सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट पर जाएं
या सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "स्पोकन कंटेंट" दर्ज करें और एंटर करें
भाषा जोड़ने के लिए वॉइस चुनें और आवाज़ चुनें

MacOS पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए

मेनू एक्सेस: एप्पल मेनू पर क्लिक करें () > सिस्टम सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट

Windows उपयोगकर्ताओं के लिए

Windows 10 & 11
मेनू एक्सेस: स्टार्ट खोलें > सेटिंग्स > समय और भाषा > स्पीच
Windows 7 & 8
कंट्रोल पैनल > ईज़ ऑफ़ एक्सेस > स्पीच रिकग्निशन > टेक्स्ट टू स्पीच
Windows XP
स्टार्ट > कंट्रोल पैनल > साउंड, स्पीच और ऑडियो डिवाइस > स्पीच
Windows 2000 & ME
स्टार्ट > सेटिंग्स > कंट्रोल पैनल > स्पीच
अन्य प्रकार के पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए, जैसे लिनक्स, क्रोमओएस, फ्रीबीएसडी, आदि।
कृपया Google, Bing आदि जैसे सर्च इंजन में टेक्स्ट-टू-स्पीच को सक्षम करने के लिए सेटिंग्स खोजें

नोट वर्तमान में, यह पृष्ठ आपके डिवाइस के इंजन के अनुसार काम करता है।
इसलिए उत्पन्न होने वाली आवाज़ आपके डिवाइस के TTS इंजन का अनुसरण करती है।

आश्रम में मेरी बीवी मीरा का बुरी तरह से बलात्कार हो गया, मुझे लगा सब ख़त्म हो गया पर अभी बहुत कुछ होना है.
इस true sex kahani का आखिरी भाग- Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2 . योगेश ने कहा, “अभी तो शानू बाहर निकला है, तुम क्या कर रही थी शानू से साथ अंदर?” मीरा ने नजरे झुका कर कहा, “शानू ने मुझे जबरदस्ती अंदर खींच लिया था.
” योगेश ने पुछा, “तुम्हारा पति कहा था उस टाईम?” मीरा ने कहा, “वो बाहर गये थे खाना लेने, शानू नहाने आया था, नहाने के लिए अंदर घुसा और मुझसे टावेल मांगा, मै टावेल देने आई तो मुझे अंदर खींच लिया.
” योगेश ने कहा, “बहुत कमीना है, है मेरा रिश्तेदार पर बहुत कमीना.
” योगेश ने फिर पुछा, “तुम्हारे पति को पता है कि तुम अंदर हो?” मीरा ने न मे सर हिलाया.
योगेश ने फिर पुछा, “क्या क्या किया शानू ने, सिर्फ ऊपर ऊपर मज़ा लिया या सब कुछ कर लिया?” मीरा की नजरे झुकी हुई थी, वो थोडी़ देर रुक कर बोली, “सब कुछ कर लिया.
” योगेश थोडी़ देर रुक कर बोला, “तुम चिल्लाई क्यो नही.
” मीरा ने कहा, “उसने मुझे धमकी दी थी, मैं डर गई थी.
” योगेश ने पुछा, “तुम्हे मालूम है कि तुम्हारा पति बाहर ही बैठा है.
” मीरा ने सहमति में सर हिलाया.
योगेश ने आगे कहा, “अब जो हो गया सो हो गया, तुम अपने पति को कुछ मत बताना, मै उसे बाहर ले जाऊंगा और कह दुंगा कि तुम मेरे साथ आश्रम गई थी.
” मीरा ने कहा, “आपका बहुत बहुत धन्यवाद, आपने मेरी परेशानी आसान कर दी, पता नही मैं आपका कर्ज़ कैसे चुकाऊंगी.
” मेरे खुद के नजर मे योगेश की इज्जत बढ़ गई थी पर अगले ही पल उतर भी गई.
योगेश ने अपने दोनो हाथो से मीरा के दोनो स्तन थाम लिया और उन्हे सहलाने और मसलने लगा.
उसने कहा, “एहसान का बदला तो अभी ही वसूल लुंगा, जो शानू करके निकला है मै भी वही कर लेता हूं.
” मीरा कुछ कहना चाहती थी उससे पहले ही योगेश ने कहा, “एक बार तो शानू सब कर चुका है, मै भी कर लुंगा तो तुम्हारा कुछ नही जाएगा.
” मीरा ने उसे स्तनो से खेलने से रोका तो नही पर एक सवाल पुछा, “अभी तो आप शानू को गालियां दे रहे थे, आप भी तो वही कर रहे हैं.
” योगेश ने मीरा के होंठो को चुमा और मुस्कुरा कर कहा, “शानू तुम्हे मुसीबत में डाल कर गया है और मै तुम्हे मुसीबत से निकाल रहा हूं, इतना तो अंतर है ही.
पर अगर तुम्हे परेशानी है तो चलो बाहर चलते है और मैं तुम्हारी तुम्हारे पति से आमना सामना करवा देता हूं.
” एक डर की लहर मीरा के चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी, उसने थोडा़ रुक कर कहा, “नही! मुझे कोई परेशानी नही है, आप कुछ भी कर सकते है, मुझे सब शर्ते मजूंर है, पर शानू तो कोई नहीं लगता उनका पर आप तो उनके दोस्त हैं आपको भी तो दिक्कत होगी अगर उनको पता चल जाए.
” योगेश ने कहा, “मानता हूं शानू कमीना है, पर मैं भी कम नही हूं, अगर तेरे पति मुझसे उलझेगा तो मै भी वही करूंगा जो शानू कर सकता है.
तुझे जी भर के नोचुंगा और फिर कोठे पर नुचवाने के लिए छोड़ दुंगा.
” मैने चुप रहने में ही भलाई समझी, योगेश जोर जोर से मीरा के स्तनो को मसलने लगा.
दर्द की लहर मीरा के चेहरे पर दिख रही थी पर आवाज मुंह से नही निकल रहा था.
संतुष्ट होने के बाद योगेश मीरा के निप्पल चुसने लगा, बारी बारी से एक एक निप्पल को आराम से चुसता रहा पर बीच बीच मे मीरा के चेहरे के भाव बता रहे थे कि वो निप्पल को चबा भी रहा था.
संतुष्ट होने के बाद उसने मीरा के होंठो को चुमना शुरू किया और साथ ही मीरा के योनि में भी उंगली डाल दी.
जब भी योगेश उंगली अंदर डालता था तो मीरा थोडा़ उछल जाती थी.
काफी देर बाद वो अलग हुआ और अपना टावेल उतार दिया.
योगेश का लॅंड किसी भी तरीके से शानू से रत्ती भर भी कम नही था, बल्कि ज्यादा ही लंबा और मोटा था.
योगेश का लंबा और मोटा लॅंड देख कर मीरा के चेहरे पर परेशानी साफ झलक रही थी.
योगेश ने मीरा के टांगो को फैलाया और अपना लॅंड मीरा के चूत के द्वार पर सटाया.
मीरा को समझ आ गया था कि क्या हो सकता है इसलिए उसने खुद अपने मुंह पर ढक्कन लगा लिया.
उसने अपने हाथ से अपना मुंह बंद कर ली थी.
योगेश ने मीरा के दोनो कंधो को पकडा़ और जोर से धक्का लगाया.
पुरा लॅंड अंदर समा गया, मीरा के चेहरे पर दर्द की लहर दिख रही थी.
वो चीखना भी चाहती थी पर मेरे बाहर होने के डर से उसने आवाज दबा ली.
योगेश ने धीरे धीरे धक्का लगाना शुरु किया.
लगभग 3 मिनट के बाद मीरा उन धक्को से अभ्यस्त हुई और उसने अपने मुंह से अपना हाथ हटा लिया.
योगेश के धक्के इतने तीव्र थे कि ऐसा लग रहा था कि वो अपने बदन के भार से मीरा को अपने और दीवार के बीच पीस देगा.
धीरे धीरे धक्को का वेग तेज होता गया और एक समय पर योगेश ने अपना बीज अंदर छोड़ दिया.
उसने थोडे़ देर तक मीरा के निप्पल और होंठो को चुसा और अलग हो गया.
फिर दोनो साथ मे नहाए.
मैं फौरन बिस्तर पर बैठ गया.
योगेश कपडे़ पहन कर बाहर आ गया.
बाहर आते समय उसने बाथरूम का दरवाजा भीडा़ दिया.
योगेश ने बडे़ भोलेपन से पुछा मीरा के बारे में, मैने उसे बताया कि वो अभी तक नही आई है.
उसने कहा कि अगर मुझे चिंता हो रही हो तो मैं मीरा को धुंधने जा सकता हूं वो तब तक यही रूक जायेगा.
मैं भी कोई फसाद नही करना चाहता था तो बाहर निकल गया.
लगभग 30 मिनट के बाद वापस आया तो मीरा योगेश के साथ कमरे में बैठी थी.
मैने उस से बस इतना ही कहा कि नये शहर में अकेले नही घुमने जाना चाहिए.
योगेश ने बीच मे पड़ कर कहा, “तुम व्यर्थ मे चिंता करते हो भाई, ये शहर आश्रम के लिए मशहूर है.
इस शहर में कभी कुछ गलत नहीं हो सकता.
” मैने और बहस करने कि अपेक्षा चुप रहना ही उचित समझा.
योगेश के जाने के बाद मीरा ने चुप चाप खाना खाया और सो गई.
मुझे पता था कि सुबह तक कोई ट्रेन नही थी तो सुबह तक रुकना मजबूरी थी, फिर भी अपने तरीके से होटल धुंधना शुरू किया पर नाकामयाब रहा.
रात में ठीक आठ बजे योगेश आ गया.
उसने खाने के बारे में पुछा तो मैने बताया कि मीरा के साथ बाहर खाने जाऊंगा.
उसने शानू को फोन किया और कुछ देर पंजाबी में बात करने के बाद बताया कि शानू शायद रात में आश्रम में ही रुकेगा.
उसने कहा कि अब तो जिंदगी भर मै मीरा के साथ ही खाऊंगा एक दिन उसके साथ खा लूँ, वापसी में मीरा के लिए ले आयेंगे.
बहुत जिद करने के बाद मैने हा कह दिया और हम पास ही एक होटल में आ गये.
एक कैबिन में बैठने के बाद योगेश ने कहना शुरू किया, “सैम! मै जानता हूं कि मीरा के साथ जो मैने और शानू ने किया वो तुम जानते हो, और मुझे उसका अफसोस भी नही है.
अगर तुम जाना चाहते हो तो जा सकते हो, पर ट्रेन तो सुबह ही है.
अभी निकल कर स्टेशन पर इंतिजार ही करोगे.
और हमारा भी डर बढा़ दोगे, जिसमे हम कुछ उलटा सीधा कर सकते है.
सुबह पुरे सत्कार के साथ जाओगे तो हमें बहुत खुशी होगी.
” मुझे तो उसकी बातो से बहुत डर लग रहा था तो मैने कोई जवाब नही दिया.
उसने फिर पुछा कि अभी जाओगे या सुबह.

स्रोत:इंटरनेट