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Bhabhi Bahut Achchhi Hai Bhabhi Sex Kahani 2

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 . “भाभी, मम्मी-पापा सो गये क्या ?”  . “हां सो गये, भैया के जाते ही वे भी सो गये थे, समय तो देखो ग्यारह बज रहे हैं।”  . “ओह हाँ, मैं भी अब काम बन्द करता हूँ, भाभी एक चुम्मा दे दो !”  . मैं उठ कर बिस्तर पर बैठ गया। भाभी ने लाईट बन्द कर दी और कमरा भी अन्दर से बन्द कर दिया।.  . “अब चाहे कितनी भी बाते करो, कोई डर नहीं !”  . “भाभी आप कितनी सुंदर हैं, आपके प्यारे नरम होंठ बार बार चूमने को मन करता है !”  . “सच … तुम भी बहुत अच्छे हो… मेरे दिल में बस गये हो।”.  . “मुझसे बहुत प्यार करती हो ना …?”.  . हमारी प्यार भरी बातें बहुत देर तक चलती रहीं। मेरा दिल बहुत खुश था… भाभी और मैं बिस्तर पर लेट चुके थे… भाभी ने अपने गीले होंठ एक बार फिर मेरे गीले होठों से चिपका दिये। मेरा डण्डा तन गया था। भाभी मेरी. पीठ को सहलाते हुये सामने पेट पर हाथ ले आई। भाभी के कड़े स्तन मेरी छाती से रगड़ खा रहे थे। वो बार बार अपनी चूंचियाँ मेरी छाती पर दबा दबा कर रगड़ रही थी। मुझे लगा कि जैसे मैं भाभी को सचमुच में प्यार. करने लगा हूँ। मैंने अपने प्यार का इजहार भी कर दिया,”भाभी सच कहूँ तो मैं तुमसे प्यार करने लगा हूँ, तुम्हारे बिना अब नहीं रहा जायेगा !”  . “आह, मेरे कमल, तुमने तो मेरे दिल की बात की बात कह दी, मैं भी कैसे रह पाऊंगी तुम्हारे बिना… ?!!”  . “पर भाभी, बड़े भैया का क्या होगा…?”  . “बड़े भैया अपनी जगह है, अपन दोनों को तो बस प्यार करना है सो करते रहेंगे !”  . भाभी के हाथ मेरे शरीर पर इधर उधर फ़िसल कर मुझे रोमान्चित करने लगे थे। मेरी छाती पर सर रख कर वो लेट गई थी और प्यार भरी बातें करने लगी थी। क्या वो प्यार की प्यासी थी, या उन्हें शारीरिक तृप्ति चाहिये थी ? पर कुछ भी हो, मैं तो बहुत खुश था। भाभी अपने एक एक अंग को मेरे शरीर के ऊपर दबा रही थी, सिसक रही थी… चुम्बनों से मेरा मुख गीला कर दिया था।  . भाभी अपने एक एक अंग को मेरे शरीर के ऊपर दबा रही थी, सिसक रही थी… चुम्बनों से मेरा मुख गीला कर दिया था। लण्ड मेरा फ़ूलता ही जा रहा था। लग रहा कि बस भाभी की चिकनी चूत को मार ही दूँ। भाभी के हाथ जैसे कुछ ढूंढ रहे थे… और … और यह क्या … ढूंढते हुए उनका हाथ मेरे तने हुए लण्ड पर आ गया। उन्होंने उसे छू लिया … मेरा दिल अन्दर तक हिल गया। दो अंगुलियों से मेरे लण्ड को पकड़ लिया और हिलाने लगी। मुझे कुछ बचैनी सी. हुई… पर मैं हिल ना सका… भाभी ने मेरे होंठों में अपनी जीभ डाल दी और मुझे कस कर चिपका लिया। मुझे एक अजीब सी सिरहन दौड़ गई। मेरे हाथ अपने आप भाभी की कमर पर कस गये। मेरा बड़ा सा लण्ड अचानक भाभी ने जोर से. दबा दिया। मेरे मन में एक मीठी सी वासनायुक्त चिंगारी भड़क सी उठी।.  . “भाभी, आह यह कैसा आनन्द आ रहा है … प्लीज और जोर से दबाओऽऽ !” मैं सिसक उठा।  . “आह मेरे भैया … क्या मस्त है … ” भाभी भी अपनी सीमा लांघती जा रही थी।.  . “भैया, अपना पजामा उतार दो !”  . मेरे दिल यह सुनते ही बाग बाग हो उठा… आखिर भाभी का मन डोल ही गया। अब भाभी को चोदने का मजा आयेगा।.  . “नंगा होना पड़ेगा… मुझे तो शरम आयेगी !”.  . “चल उतार ना … “.  . “भाभी… मुझसे भी नहीं रहा जाता है … मुझे भी कुछ करने दो !”.  . भाभी की हंसी छूट गई ….  . “किसने मना किया है … कोई ओर होता तो जाने अब तक क्या कर रहा होता !”.  . “मैं बताऊँ कि क्या कर रहा होता?”.  . “हूँ… अच्छा बताओ तो…”.  . “तुम्हें चोद रहा होता… तुम्हारी चूंचियों को मसल रहा होता !”.  . “हाय ये क्या कह दिया कमल … ” उन्होंने मुझे चूम लिया और अपना पेटीकोट ऊपर उठा लिया।.  . “ले मैं अपना पेटीकोट ऊपर उठा लेती हूँ, तू अपना पजामा नीचे सरका ले !”  . “नहीं भाभी, अब तो अपने पूरे कपड़े ही उतार दो… मैं भी उतार देता हूँ”  . मैंने बिस्तर से उतर कर अपने सारे कपड़े उतार दिये और बत्ती जला दी। भाभी भी पूरी नंगी हो चुकी थी। पर लाईट जलते ही वो अपने बदन को छिपाने लगी। मैं भाभी के बिलकुल सामने लण्ड तान कर खड़ा हो गया। एक बारगी तो. भाभी ने तिरछी नजरों से मुझे देखा, फिर लण्ड को देखा और मुस्करा उठी। वो जैसे ही मुड़ी मैंने उन्हें पीछे से दबोच लिया। पढ़िए My Hindi Sex Stories पर.. Hindi Sex Kahani के अन्य भाग-. पार्ट 1.
स्रोत:इंटरनेट