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Bhade Ka Pati Romantic Sex Story

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मैं अपनी फर्जी बीवी को उसके घटिया प्रेमी से बचाने के लिए कुछ भी कर सकता था। उससे सच्चा प्यार जो करने लगा था। पढ़िए इस romantic sex story का लास्ट पार्ट-. Hindi Sex Kahani के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4. पार्ट 5. सोमवार की सुबह मैं संजना का सामना करने से बच गया। संजना अभी तक ऑफिस में आयी नहीं थी। और जब वो आयी तो उसने मुझसे बात करने की जरूरत महसूस नहीं की। मैंने भी यही सोचा कि फिलहाल मैं उससे जितना दूर रहूँ. अच्छा है, इसलिये मैं अपने होटल में आ गया और दो दिन अपने कमरे की बुकिंग बढ़ा दी। अगले दिन सुबह संजना ने मुझे फोन किया, “कहाँ हो तुम?” “एक होटल में ठहरा हुआ हूँ,” मैंने जवाब दिया। “नहीं, ऐसे चलने वाला नहीं है। कोर्ट की तारीख पड़ने वाली है, हम इस तरह अलग-अलग नहीं रह सकते। मैंने दूसरी पार्टी वालों को बात बनाने का कोई मौका देना नहीं चाहती। वैसे तो जो तुमने किया उसके बाद मैं तुम्हारी शक्ल भी देखना नहीं चाहती, पर आज मुझे तुम्हारी जरूरत है। जब तक केस खत्म नहीं हो जाता हमें समाज के सामने एक प्यार में डूबे पति-पत्नी की तरह रहना होगा। हाँ, एक बात याद रखना। जब भी हम अकेले हों तो मेरे पास भी मत फ़टकना और अपनी मनहूस सूरत मुझे मत दिखाना” कहकर उसने जोर से फोन पटक दिया।. हालातों को देखते हुए मेरे पास और कोई चारा नहीं था। मैंने संजना की बात मान ली पर मैं ज्यादा से ज्यादा वक्त घर के बाहर बिताता। सिर्फ़ उस दिन खाने के वक्त दोपहर को घर जाता जिस दिन सादिया आने वाली होती थी।. हम शाम तक जम कर चुदाई करते। मैं अपने आपको दूसरे कामों में व्यस्त रखने लगा। मैं क्लब और जिम में जाने लगा ताकि मेरा ज्यादातर समय घर से बाहर गुज़रे।. एक दिन ऑफिस में सुबह संजना ने मुझे अपने चेंबर में बुलाया, “राज, तुम अपने एग्रीमेंट का वादा पुरा नहीं कर रहे हो। समाज के फ़ंक्शन में तुम्हें मेरे साथ होना चाहिये, मैं वहाँ अकेले नहीं जा सकती सिर्फ़ इसलिये कि तुम दूसरे कामों में व्यस्त हो।”. “हमारे एग्रीमेंट मे ये नहीं लिखा संजना कि मैं अपनी ज़िंदगी अपनी मर्ज़ी से नहीं जी सकता” मैंने कहा।. “सवाल इस बात का नहीं कि क्या लिखा है और क्या नहीं, बस मुझे तुम्हारा साथ चाहिये जिससे लोगों के दिमाग में किसी तरह का प्रश्न ही ना उठे।” “जब हम समाज के सामने अकेले या साथ-साथ होते हैं, तुम्हारा उभरता पेट ही काफी है ये जताने के लिये कि हम एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं” मैंने कहा। संजना थोड़ी देर तक मुझे घूरती रही, फिर थोड़ा सा उदास होकर बोली, “राज क्या बात है, हमारे बीच कहाँ गलत हुआ। वो कौन है जिसने तुम्हारे दिमाग में मेरे खिलाफ़ जहर भरा है। ऐसी कौन सी बात है जिसके बदले में तुमने मेरे साथ ऐसा कुछ किया।”. “तुम्हें सब कुछ जल्दी ही पता चल जायेगा। पता चलने के बाद तुम्हें अच्छा तो नहीं लगेगा लेकिन तुम्हें पता चल जायेगा,” मैंने कहा। वही हुआ जिसकी मुझे पहले से ही उम्मीद थी। कोर्ट की तारीख के दिन जब अमित संजना के खिलाफ़ गवाही देने के लिये कटघरे में खड़ा हुआ तो संजना के चेहरे का रंग ही उड़ गया।. “हरामी साला! कल रात मेरे साथ मेरे ही बिस्तर में सोया था, और आज मेरे ही खिलाफ़ खड़ा हो कर गवाही दे रहा है, कुत्ता साला!” संजना गुस्से में उसकी तरफ़ देखते हुए बोली। “ये सब तुम्हारी वजह से हुआ है, तुम मुझसे तलाक लेने के बाद उससे शादी नहीं करोगी ये तुम्हें उसे नहीं कहना चाहिये था,” मैंने संजना से कहा। “तुम कहना क्या चाहते हो?”. “यही कि अगर तुम उससे शादी नहीं करोगी तो वो तुम्हारे से मज़ा कैसे कर पाता। इसलिये उसने राजदीप से पचास लाख में सौदा कर लिया तुम्हारे खिलाफ़ गवाही देने का।”. “मेरी तो कुछ समझ में नहीं आ रहा कि तुम क्या कह रहे हो?” संजना ने झल्लाते हुए कहा।. “शोना, तुम कोई बच्ची नहीं हो कि इतनी छोटी सी बात भी तुम्हारी समझ में नहीं आयी। तुम जिससे प्यार करती थी उसने तुम्हारे प्यार का सौदा कर लिया। राजदीप ने उसे पचास लाख का ऑफर दिया तुम्हारे खिलाफ़ गवाही देने का, ठीक उसी तरह जिस तरह उसने मुझे दिया था, लेकिन वो बेवकूफ़ ये नहीं जानता कि अगर ट्रस्ट केस नहीं जीत पायेगा तो उसे एक फुटी कौड़ी भी नहीं मिलने वाली है,” मैंने संजना को समझाया। “कैसा सौदा राज? जरा मुझे खुल कर समझाओ!” संजना ने कहा।. “थोड़ा सब्र करो, अभी थोड़ी देर में सब कुछ तुम्हारी समझ में आ जायेगा,” मैंने कहा। संजना का वकील अमित के पास जा कर उससे सवाल करने लगा।. “अमित, क्या आज आपको संजना के खिलाफ़ गवाही देने के लिये पैसे दिये जा रहे हैं।” “नहीं बिल्कुल भी नहीं।”. “आप झूठ बोल रहे हैं। मेरे पास सबूत है कि आपको इस गवाही के पचास लाख दिये जा रहे हैं। ठीक से और ठंडे दिमाग से जवाब देना। अगर आपका झूठ पकड़ा गया तो झूठी गवाही के एवज में आपको सज़ा भी हो सकती है” वकील ने. कहा।. अमित के पसीने छूट गये। इस वकील को इतनी सही रकम का पता कैसे चला वो सोचने लगा। उसने अपना सिर उठाकर राजदीप और उसके वकील की ओर देखा।. “ये क्या है अमित, उस तरफ़ देख रहे हैं जैसे वो आपको बतायेंगे कि क्या जवाब देना है, आप मेरी बात का जवाब दीजिये। आपको पचास लाख मिले हैं या नहीं?” वकील ने थोड़ी ऊँची आवाज़ में कहा। राजदीप के वकील ने कई बार ऑब्जेक्शन उठाने की कोशिश की पर जज ने अमित को जवाब देने के लिये कहा और जैसे वो था, उसने दिया, “नहीं, मुझे पैसे नहीं मिले।” उसके बाद कई लोगों की गवाही हुई। आखिर लंच के लिये कोर्ट बरखास्त हो गया। खाने की मेज पर संजना बिफ़र रही थी, “राज, ऐसे वक्त में तुम खाना कैसे खा सकते हो। जो तुमने मेरे साथ किया उतना ही बहुत था और आज ये हरामी मेरे ही खिलाफ़ गवाही दे रहा है।”. “अभी केस खत्म नहीं हुआ शोना, आगे-आगे देखो क्या होता है,” मैंने थोड़ा मज़ाक में कहा। “अब मज़ाक मत करो राज, मुझे मेरी दुनिया डूबती नज़र आ रही है और तुम मेरी हँसी उड़ा रहे हो।” संजना ने कहा। “शोना, अभी ज़िंदगी खत्म नहीं हुई है। अगर खत्म भी हुई तो तुम्हारा पैसा तुम्हारे पास ही रहेगा” मैंने कहा। “तुम्हारे कहने का क्या मतलब है?”. “यही संजना कि अमित सिर्फ़ इतना कह सकता है कि वो तुम्हारा प्रेमी था। और इसके लिये वो गवाह भी इकट्ठे कर सकता है। वो यह साबित कर सकता है कि तुम एक बेवफ़ा पत्नी हो। वो तुम्हें बदनाम कर सकता है कि तुमने अपने. पति से बेवफ़ाई की है। लेकिन सही बात यह है कि इन सब बातों की चिंता किये बिना तुम अपना सर ऊँचा रखो और हालातों का सामना करो” मैंने कहा।. लंच के बाद केस फिर शुरु हुआ। अब हमारे वकील की बारी थी गवाह पेश करने की। उसने कई गवाह पेश किये जो हमारी शादी में शरिक हुए थे। अब उनके वकील ने मुझे कटहरे में बुलाया सवालात के लिये।. “राज, मैं आपसे कुछ ज्यादा सवाल नहीं पूछुँगा, सिर्फ़ दो-तीन। क्या आपकी श्रीमती संजना से शादी एक सौदा है, या फ़िर नकली है?”
स्रोत:इंटरनेट