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Bhai Ki First Time Sex Story 2

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 .  . मैंने सोचा कि अब ज्यादा औपचारिकता की ज़रुरत नहीं, सीधा मुद्दे पे आ जाना चाहिए, तो मैंने सीधे-सीधे ही मीकेश से पूछ डाला- मीकेश क्या तुम्हें इन्हें दबाना अच्छा लग रहा है?  .  . उसने नज़र उठा कर मेरी तरफ देखा और बोला,” हाँ दीदी, बहुत अच्छा लग रहा है !”  .  . मैंने अपनी नाईटी का गला एक तरफ से हटा कर अपना दायाँ स्तन पूरा बाहर निकाल कर उसके सामने कर दिया और बोली,”लो, अब आराम से इसे दबा कर देखो।”  .  . वो हिचकिचाया तो मैंने उसका हाथ पकड़ कर खुद ही अपने बूब पर रख दिया। उसने धीरे से दो एक बार मेरा बूब दबाया पर शायद यही उसके सब्र की आखरी हद थी, उसने बिना कुछ कहे अपना मुंह आगे किया और मेरा निप्पल मुंह में लेकर चूसने लगा। मैंने भी समझ लिया कि गाड़ी अब पटरी पर चल पड़ी है। मैंने अपना दूसरा स्तन भी नाईटी से बाहर निकाला और हाथ उसके पायजामे के ऊपर से उसके लण्ड पे फेरने लगी जो पहले से ही अकड़ा हुआ था।.  .  . “दीदी, सीधी होकर लेटो !” मीकेश बोला। जब मैं सीधी होकर लेटी तो मीकेश ने उठ कर मेरी दोनों छातियाँ अपने हाथों में पकड़ी और बारी बारी से चूसने लगा और मैं उसकी पीठ सहलाने लगी। थोड़ी देर बूब्स चूसने के बाद मीकेश ने मेरे गालों और होंटों को चूमना. शुरू किया, मैंने भी मज़े लेते हुए उसका भरपूर साथ दिया। हम दोनों बारी बारी से अपनी जीभें एक दूसरे के मुंह में डाल कर चूस रहे थे।  .  . फिर मैंने उससे कहा,”मीकेश, पजामा उतारो !”  .  . मीकेश ने अपने पायजामा और अंडरवियर उतारा और अपना लण्ड लाकर मेरे मुंह के पास कर दिया और मैंने भी उसका इशारा समझते हुए उसका पत्थर जैसा अकड़ा हुआ लण्ड मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। लण्ड चूसते-२ मीकेश. ने अपनी शर्ट और मेरी नाईटी भी उतार कर फ़ेंक दी। कुछ देर लण्ड चुसवाने के बाद मीकेश टेढा होकर लेट गया और अपने हाथों के दोनों अंगूठों से मेरी पेंटी उतार दी। अब उसने मेरे पेट, कमर और जांघों को चूमना-चाटना शुरू किया और धीरे-२ मेरी टाँगें चौड़ी करके अपनी जीभ मेरी चूत में फिराने लगा। मैं भी चूत से टप-टप पानी छोड़ रही थी और उसका लण्ड चूस रही थी।.  .  .  . फिर मैंने कहा,”मीकेश, अब ऊपर आ जाओ !”  .  . यह सुन कर मीकेश मेरी टांगों के बीच में आकर बैठ गया और अपना लण्ड मेरी चूत के होठों में फिराने लगा, जिससे मेरी चूत के पानी से उसके लण्ड का सुपाड़ा गीला और चिकना हो गया। जब उसने अपना लण्ड अन्दर डालना चाहा तो उसके मुंह से हल्की सी “ऊऽऽऊऽऽहऽऽ” करके चीख सी निकल गई। मैं समझ गई कि संजू तुझे तो कच्चा कुँवारा लौड़ा मिल गया। उसने ३-४ बार कोशिश की पर हर बार तकलीफ के साथ उसे अपना लण्ड बाहर निकालना. पड़ा।.  .  . वो बोला,”दीदी मुश्किल है, ये अन्दर ही नहीं जा रहा, और डालता हूँ तो दर्द होता है !”  .  . मैंने कहा,”ऐसे नहीं जायेगा, मैं तुम्हें तरीका बताती हूँ !”  .  . मुझे पता था कि अगर इससे ना डाला गया तो मैं तो प्यासी रह जाउंगी, इसलिए मैंने उसको अपने ऊपर लिटाया, अपनी टांगों का घेरा उसकी कमर के चारों तरफ बना कर अपनी एडियाँ उसके चूतडों पे रखीं, फिर अपने दोनों हाथों से उसकी कमर को पकड़ा और उससे बोली,” अब धीरे धीरे से घस्से मारते हुए अपना लण्ड मेरी चूत में डालने की कोशिश करो और अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल दो ताकि मैं उसे चूस सकूं !”  .  . उसने ऐसा ही किया और धीरे धीरे लण्ड चूत में डालने की कोशिश करने लगा, पर तकलीफ उसे अब भी हो रही थी। मैं भी मौक़ा देख रही थी, जब उसने कमर थोड़ी ढीली की तो मैंने पूरा जोर लगा अपने पांव से उसके चूतड़ और हाथों से उसकी कमर अपनी ओर खींची जिससे एक ही झटके में उसका लण्ड मेरी चूत में आधे से ज्यादा घुस गया।.  .  . अपने होंठों से मैंने उसके होंठ पकड़ रखे थे जिस वजह से वो चीख भी ना सका और उसकी चीख मेरे मुंह में ही दब गई। मुझसे अपने होंठ छुड़वा कर बोला,”दीदी प्लीज़ ! बाहर निकलने दो, बहुत दर्द हो रहा है, मुझे लगता है शायद खून निकल रहा है !”.  .  . मैं बोली,”रुको ! ऐसे नहीं निकालते ! तुम्हें और ज्यादा दर्द होगा, मैं बताती हूँ, धीरे धीरे आगे पीछे करके निकालना !”  .  . वो जब दर्द से तड़पता हुआ आगे पीछे हो रहा था तो मैंने उसे दूसरा झटका मारा जिससे उसका पूरा लण्ड मेरी चूत में समां गया और वो दर्द से तड़प उठा,”नहीं दीदी, अब नहीं सहा जाता, प्लीज़ निकाल दो !” मीकेश बोला।.  .  . “बेवकूफ, मर्द बन ! ज़रा से दर्द से डर गया? सिर्फ आज ये दर्द होगा उसके बाद सारी उम्र का आराम है, मुझे भी पहली बार में बहुत दर्द हुआ था मैं लड़की हो कर सह गई और तू लड़का हो कर रोता है? डर मत ! चुपचाप चोदता रह !”.  .  . मेरे कहने पे वो धीरे-२ लगा रहा। मैंने उसके साथ पूरा सहयोग करके उससे सम्भोग करवाया और उसे अपने बूब्स और चूमा-चाटी से बांध के रखा। सेक्स करते-करते वो मेरे होंट और चूचियां चूसता रहा। मैं जानती थी कि उसे. दर्द हो रहा है पर मर्द का बच्चा लगा रहा ! पीछे नहीं हटा ! और फिर तो स्पीड बढ़ा कर मुझे चोदने लगा।.  . जब उसे मज़ा आने लगा तो वो भी दर्द भुला के मुझे चोदने का स्वाद लेने लगा और ५-६ मिनट बाद हम दोनों बारी बारी से झड़ गए। मैं तृप्त हो कर सो गई और वो बाथरूम में अपना लण्ड धोने चला गया।. पढ़िए My Hindi Sex Stories पर..
स्रोत:इंटरनेट