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Bus Ki Bheed Hindi Porn Story

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हेल्लो दोस्तों कैसे हो आप लोग, आशा करता हु की आप भी तैयार होगे अपना अपना पानी निकालने के लिए, और निकलेगा क्यूँ नहीं जब आप चलती बस की भीड़ में एक अनजान लड़की के साथ हदें पार करके बहुत कुछ कर जाओ.
एक मस्त hindi porn story पढ़िए.. एक लड़की थी,नाम पता नहीं क्या था उसका,पर मस्त लगती थी,अब आप ही बताइए रास्ते पे आ जा रही लड़की का नाम पता कैसे मालूम होगा, चलो पता तो उसका पीछा करके लगा सकते है,नाम के लिए तो उसके आस पास जाना पड़ेगा, रोज आते जाते मिल ही जाती थी, घर भी उसका पता कर ही लिया, चलो एक दिन नाम उसकी सहेली उसे महिमा के नाम से बुला रही थी तो नाम भी पता चल गया, आप लोग भी.
लड़की का फिगर मालूम चला नहीं लड़के लंड और लडकियाँ चूचियां पहले दबाने लगी, उसका फिगर ३४-२८-३४ था, कभी कभी चलती थी तो लंगड़ाते हुए आती थी ऐसा जैसे किसी ने चोद दिया हो, कभी जीन्स जींस तो कभी सलवार सूट तो कभी और लॉन्ग स्कर्ट और टॉप में तो माल ही लगती थी बस दिल करता था की वो आकर बोले की स्कर्ट उठा दो, पेंटी निकाल दो और लंड डाल दो, चलो भगवान् के घर देर है अंधेर नहीं .
एक मेरा दोस्त है उसके पिता का फाइनेंस का काम था तो औ वो बूढ़े हो गए तो मेरा दोस्त ही वहा बैठता था, पहली बार मै वहा गया था, जैसे ही मै अंदर गया मेरा दिल गार्डन गार्डन हो गया, और लंड उछलने लगा, वो लड़की वही पे काम करती थी, आते जाते लोगो की एंट्री करती थी, मेरे जाते ही देखने लगी फिर नाम पूछा एंट्री की, फिर मै अंदर चला गया, दोस्तों से बातचीत कर रहा था पर बार बार उसकी तरफ ही देख रहा था, तभी मेरे दोस्त ने कहा क्या बात है.
पसंद आ गयी क्या, मैंने कहा हां यार अच्छी तो लगती है, तभी मेरे दोस्त ने कहा दिल से लगाने की मत सोचना चालू लड़की है, पहले से सील टूटी पड़ी थी और मेरे साथ भी कर चुकी है अब तो अब जी चाहे इसे ले जाता हु और जी भर के चोदता हु, मैंने कहा चल यार मुझे भी इसकी दिलवा दे, और कुछ न सही एक और नया एक्सपीरियंस तो ले ही लू, मेरे दोस्त ने कहा हाँ यार किस बात की कभी.
एक तरफ चूत तो दूसरी तरफ गांड, और ऊपर से चुचिया तेरे पास रहती ही है, पैसे देकर भी बुलाती है लेकिन तू जाता नहीं है.
कहता है फीलिंग नहीं आती, यार वीर तेरी जगह हम होते न इसी काम से लाखो रूपये कमाते।. मैंने कहा चल अब काम की बात कर, देख वीर इस लड़की के लिए मेरे से और भी कई ने बोला है और मेने इसके लिए मैंने महिमा से भी पूछा है लेकिन मना कर दिया हाँ तू उसे पटा ले तो बात है। मैंने कहा, यानी मुझे ही सब काम करना पड़ेगा, नहीं यार तू बस रुक २ हफ्ते तेरे लिए मस्त रुस्सियन लड़की आयेंगी मेरी बात हो गयी है, २ लडकिय आएँगी, २०-२२ साल की सारा खर्च मेरी तरफ से, मैंने कहा चल है, ये बात तय रही, पर उनमे से मै पहले पसंद करूँगा, उसने कहा यार नंगी करवा के देख लेना जो तुझे ठीक लगे वो तेरे साथ ही जाएगी, ठीक है इसे तो पटा लू पहले मै, उसने कहा एक काम कर ये अभी जाएगी बस से, तू इसे वही पे पटा सकता है, मैंने कहा ठीक है, फिर कुछ देर बाद वो जाने लगी मै भी उसके पीछे चल दिया, वो बस में चढ़ गयी मै भी चढ़ गया बैठेने के लिए सीट तो थी नहीं, वो खड़ी थी मै भी उसके पीछे खड़ा था.
मैंने उस से बोला नाम महिमा है न, उसने कहा हां क्यों, मैंने कहा ऐसे ही पूछा, फिर मैंने पूछा आप कहा रहती हो, उसने कहा जैसे आपको मालूम ही नहीं की मै कहा रहती हु, रोज़ तो पीछा करते हो, मै अब क्या बोलता,कोई नहीं बस चल पड़ी, सब अपने में ही मस्त थे, मैंने मौका देख के उसकी गांड पे हाथ रख दिया, वो एकदम सीधी हो गयी, पर कुछ बोली नहीं, फिर मै उसके गांड की गोलाइयों को सहलाने लगा, एक एक करके मैंने उसकी दोनों गोलाइयो को सहलाता रहा, वो बस आँखे बंद किये मजे लिए जा रही थी, फिर मैंने उसकी गांड में उंगली कर दी जिस वो थोड़ी उछल सी गयी, फिर उसने मुड़ के कहा सीधे खड़े रहो, पर मै फिर से वैसे ही करने लगा,इस बार और भी भीड़ बढ़ गयी इस बार मै एकदम उसके पीछे खड़ा हो गया,और अपने आधे खड़े लंड को उसकी गांड की दरार में सेट कर दिया, हालाँकि २-३ लोग देख रहे थे, पर उन्हें लग रहा था एक दुसरे को जानते है और आपस में कर रहे है क्युकी हम पहले आपस में बात भी तो कर रहे थे, और मेरा आधा खड़ा लंड खड़ा हो गया, ऐसा करने में मजा तो बहुत आया और उसको भी मेरे लंड के आकार के बारे में पता चल गया होगा.
लड़की की नरम उंगलिया और गरम गांड का स्पर्श कुछ मजेदार ही होता है, फिर वो सीधी हो गयी और सीधे होने से उसके चुचे मेरी छाती से दब गए और लंड उसके अकेला रह गया,पर मजा तो फिर भी आ ही रहा था,पर उसके पीछे से कोई और आकर उसकी गांड दबाने लगा, और आगे से मै उसकी चुचिया दबाने लगा, वो मुझे घूर के देख रही थी.
उसकी आँखे लाल हो चुकी थी और कभी कभी आँखे बंद भी कर रही थी,वो मदहोश हुए जा रही थी, फिर मैंने उसका हाथ पकड़ के अपने लंड पे रख दिया वो हाथ हटाने लगी पर मैंने उसका हाथ नहीं छोड़ा, कुछ देर ऐसे ही मज़बूरी में पकडे रही और फिर मजे से मुठी में पकड़ लिया, पर पीछे से उस आदमी ने शायद उसकी गांड में उंगली डाल दी थी, क्योंकि वो बीच में उछल सी पड़ी थी, अब वो मेरे ऊपर गिर सी ही गयी थी, उसे मजा आने लगा था, खैर उसका स्टॉप आ गया, वो अपने आप को ठीक करके जाने की तैयारी करने लगी, उस आदमी ने उसे अब तक नहीं छोड़ा था.
उसकी गांड अभी भी मसल रहा था, एक आंटी जो सब देख रही थी मै उनकी तरफ देख के मुस्कुराया, वो भी जवाब में मुस्कुरायी और वो भी उठने लगी शायद वो भी जाने वाली थी, बस रुक गयी, पहले महिमा उतर गयी, फिर वो आदमी भी, फिर मै फिर वो आंटी और बाकि लोग भी उतरे थे वैसे आंटी भी मस्त थी, ३५-३७ की उम्र होगी पर मस्त थी, मै महिमा के पीछे जाने लगा, मै आगे बढ़ गया, महिमा उस आदमी से कुछ बात कर रही थी, फिर थोड़ी देर में वो आदमी चला गया और मै महिमा के पास पहुच गया और उसके साथ चलने लगा और वो भी मेरे साथ चलने लगी, थोड़ी देर में उसका घर आ गया और उसने ताला खोलकर दरवाजा खोला, वो अंदर चली गयी पर दरवाजा बंद नहीं किया, दरवाजे पे ताला लगा था मतलब घर पे कोई नहीं और दरवाजा खुला छोड़ने का मतलब खड़े लंड को चूत का इशारा, मैंने अन्दर जाकर दरवाजा बंद कर दिया, वो अपने रूम में जाकर बैठी हुई थी,
स्रोत:इंटरनेट