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Bus Ki Bheed Me Sheela Desi Sex Kahani

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बस में मिली मस्त औरत शीला के साथ अब मैं एक सुनसान इलाके में आ गया था। अब कोई देखने वाला नही था हमें। अब ढंग से चूत बजाऊंगा उस साली की, पर वो भी कम खिलाडी नही थी। इस धमाकेदार desi sex kahani का अगला भाग-. Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. ————————-. शीला अपना सीना और तान के विशाल का सिर पकड़ के अपने मम्मों पे दबाते हुए बोली, “अरे अब तेरे पास हूँ तो नंगी करेगा ही ना, इतनी जल्दबाज़ी मत कर, या तूने किसी और को वक्त दे रखा है? अरे पल्लू तो डालूँगी पर उसके नीचे से खुला हुक लोगों को मुफ़्त का तमाशा दिखायेगा… उसका क्या? रहा मेरी किस्मत का सवाल तो तू तो ऐसे बोल रहा है कि हर खूबसूरत औरत का पति ऐसा होता है। असल में मेरा पति काम की वजह से थकता है. नहीं तो दो बच्चे कैसे पैदा करती मैं उसके साथ? आहह सुन इतना बेरहम मत बन, आराम से हौले-हौले मसल मेरा सीना।” आधी खुली साड़ी, घुटनों तक ऊपर आये पेटिकोट और हुक टूटे ब्लाऊज़ में शीला को एक बार देख के विशाल उसे नीचे बिठा के उसकी गोद में सिर रख के लेटते हुए और हल्के-हल्के उसके मम्मे मसलते हुए बोला, “मैंने किसी को वक्त नहीं दिया जान… पर सोचा तुझे जल्दी होगी जाने की, वैसे जल्दी नहीं होगी तो रात भर रखुँगा तुझे। तेरीजैसी गरम औरत का सीना हर दिन थोड़ी लोगों को देखने को मिलता है, एक दिन फ़्री में दिखाया तो क्या जायेगा तेरा? अब जो दो लड़कियाँ हैं… वो तेरी हैं पर उनका बाप कौन है रानी? तेरे चूतिया पति की ही निशानी हैं वो दोनों या किसी और की? तेरी जैसी गरम औरत को बेरहमी से ही मसलना चाहिये जिससे तुम और गरम. हो कर चुदवाती हो, तेरी जैसी औरतों को खूब जानता हूँ मैं शीला।” नीचे बैठने से शीला का पेटिकोट खराब हो गया। वो उठना चाहती थी लेकिन तब तक विशाल उसकी गोद में लेट गया था। विशाल के बालों में हाथ घुमाते हुए वो बोली, “अरे ये क्या विशाल, ये नीचे क्यों बिठा दिया? मेरी साड़ी पूरी खराब हो जायेगी, वैसे ही पसीने से भीगी थी… अब उसपे मिट्टी लगेगी। उम्म बस ऐसे ही मसल हौले-हौले मेरे मम्मे, आहह बहुत मज़ा आता है। क्या तू ऐसे ही अपनी बीवी को भी मसलता है? तो उसे रोज़ जन्नत नसीब होती होगी? अरे मेरा सीना हर किसी को दिखाने के लिये थोड़ी है। हाँ ये बात और है कि तेरे जैसे लोग चोरी छिपे देख लेते होंगे। वैसे मेरा सीना कड़क है इसलिये तो तूने मुझे देखा ना…? रही बात मेरे बच्चों की. तो विशाल वो दोनों मेरे पति के ही बच्चे हैं। मेरे पति ने ही मुझे अम्मी बनाया… इतनी ताकत है उसमें… भले आज वो पहले जैसा हर दिन मस्ती नहीं करता मेरे साथ।” ये सब बोलने के बाद शीला ने मोबाइल से. अपनी सहेली को फोन करके बताया कि वो किसी काम में फंसी है… इसलिये उसे आने में देर होगी, लेकिन वो आयेगी ज़रूर। फोन पे हुई शीला की बात सुन के विशाल खुश हुआ और शीला को झुकाके उसके मम्मे बारी-बारी चूमते हुए विशाल बोला, “ये अच्छा किया तूने कि सहेली से कहा कि तुझे देर होने वाली है। अब फ़ुर्सत से तुझे चोदुँगा रानी, तेरी जैसी मुसल्ली औरत को मस्ती से चोदना चाहिये… तब पूरा मज़ा मिलेगा। शीला साड़ी खराब हुई तो क्या… तेरी चूत को तो मज़ा मिलेगा ना?” विशाल मुड़कर पेटिकोट के ऊपर से चूत चूमते हुए बोला। “मेरी शादी. नहीं हुई अब तक इसलिये तेरी जैसी गरम औरतों को ढूँढता हूँ। तुम मुसल्ली औरतें बहुत शर्मिली होती हो….
 बुर्के में रहती हो लेकिनचुदवाने की इच्छा बहुत होती है… इसलिये जब मेरे जैसे मर्द के हाथ आ जाती हो तो ना-ना करते दिल खोल के चुदवाती हो।” फिर वो ब्लाऊज़ के ऊपर से किस करते हुए बोला, “शीला रानी! जैसे तेरे ये मम्मे हैं… वो देखके तो किसी की भी नियत खराब होगी जान, और उससे पहले तो तेरी मस्त गोल गाँड देखके मेरी नज़र तुझपे आ गयी। तुम औरतें ये ऊँची ऐड़ी की सैंडल पहन कर खूब अच्छा करतीहो… इससे तुम्हारी गाँड और उभर जाती है। क्या ये सच है कि तेरे पति ने ही तुझे चोद के वो बच्चे पैदा किये…. शीला?”. विशाल से तारीफ और बातें सुन के शीला को अच्छा भी लगा और शर्म भी आयी। विशाल द्वारा मम्मे और चूत चूमने से मस्त हो कर शीला ने अपनी ब्लाऊज़ के हुक खोले और विशाल को अपने सीने का पूरा मुआयना करवाती हुई वो. बोली, “हुम्म्म्म उम्म्म प्लीज़ और चूस… और चूस मेरे मम्मे और मसल भी उनको विशाल। तू सच बोलता है, मेरी जैसी गरम  औरत तेरे जैसे मर्द के हाथ आये तो पहले शर्माती है पर फिर दिल खोलके मज़ा लूटने देती है। विशाल तू पहला मर्द नहीं जो मेरा कसा जिस्म देखके मेरे पीछे पड़ा पर पिछले कईं सालों में तू वो पहला मर्द है जिसे मैंने पूरी लिफ़्ट दी है। शादी से पहले मैंने भी कई लंड लिये हैं। पर विशाल इतनी भी गाली मत दे. मेरे पति को और उसे इतना भी निकम्मा मत समझ। मेरी दोनों बेटियों का बाप मेरा पति ही है विशाल।”. शीला की ब्रा में भरे मम्मों को देख के विशाल चकाचौंध हो गया क्योंकि वो बड़े और कसे हुए मम्मे शीला की ब्रा में भी नहीं समा रहे थे। उस टाइट ब्रा में कसे शीला के मम्मे देखके पागल जैसे उनको चूसने, मसलने और हल्के-हल्के काटते हुए विशाल बोला, “आहह साली क्या मस्त चूचियाँ हैं, तेरा वो चूतिया पति ज्यादा चोदता या ज्यादा मसलता नहीं क्या तुझे… जो इतना मस्त जिस्म है तेरा अब तक? साली तू एकदम गरम माल है जान, खूब मज़ा आयेगा तुझे चोदने में। क्यों गाली नहीं दूँ तेरे चूतिया पति को? साला घर में इतना गरम माल छुपाके रखता है,गाँडू कभी मिला मुझे तो उसकी गाँड मारूँगा।” शीला के मम्मों से खेलते हुए विशाल ने शीला का हाथ पकड़ के अपने लौड़े पे लाके रखा।. विशाल की गंदी बातें और चूत छूने से शीला की चूत और गरम हो गयी। विशाल के लंड पे हाथ जाते ही शीला को करंट सा लगा और उसके निप्पल काफी कड़क हो गये। विशाल का मुँह अपने मम्मे पे दबाते हुए वो बोली, “आहह… आहह ओहहह गॉड हाँ… और चूस… और चूस ले इनको… बहुत बेताब हूँ मैं राजा। मेरे पति ने बहुत मसले हैं मेरे मम्मे, शादी से पहले भी मसलता था जब हम मिलते थे, अब मेरे मम्मों के साइज़ से तो अंदाज़ा लगा कि कितना मसलता था मुझे वो। बाप रे…! तेरे सामान की लंबाईऔर चौड़ाई तो काफी है, शादी क्यों नहीं की अब तक? ऐसे सामान वाले के नीचे कोई भी औरत सोने को तैयार हो कर पूरी-पूरी रात मज़ा ले ऐसे सामान का।”. विशाल ने शीला की ब्रा खोल के उसके कड़क निप्पल देखे तो बेताबी से उनको मसलते हुए और फिर एक-एक को चूसते हुए बोला, “सामान क्यों बोलती है साली? क्या है इसका नाम? साली तेरे उस चूतिया पति का लंड सामान होगा… मेरा तो लौड़ा है लौड़ा… समझी? सिर्फ़ पैंट के ऊपर से छू कर क्या बोलती है, ज़िप खोल के बाहर निकाल के देख कैसा है मेरा लंड शीला! बहनचोद… इसे क्या मसलना बोलते हैं? गाँडू में ताकत है या नहीं? अब मम्मे मैं मसलूँगा… तब देख कैसे चींख-चींख के उछलेगी तू। साली शादी की तो एक ही चूत चोदने को मिलेगी लेकिन नहीं की तो तेरी जैसी मस्त गरम चूत मिलेगी… और तू इस लौड़े से चुदवाके तेरी. सहेलियों को भी सुलायेगी मेरे नीचे… है ना?”. विशाल की ज़िप खोल कर शीला ने अपने दोनों पैर घुटनों में मोड़ लिये जिससे उसकी साड़ी जाँघों से ऊपर खिंच गयी और विशाल को उसकी चूत दिखायी दी क्योंकि शीला ने पेटिकोट के नीचे पैंटी ही नहीं पहनी थी। झटके से. विशाल की पैंट खोल के शीला ने अपने हाथ से उसका लंड निकाला। काले साँप जैसे सख्त गरम लंड को देख कर वो खुश हुई। लंड के आजू बाजू में घनी झाँटें देख कर उसमें अपनी अँगुलियाँ घुमाती हुई वो बोली, “ओहह वॉओ! क्या मस्त लंड है तेरा विशाल। लंड बोलने में ज़रा शर्म आती थी इसलिये मैंने सामान बोला। सुन विशाल तेरा ये लंड का मज़ा सहेलियों में क्यों बाँटू? तेरा ये लंड तो मैं ही पूरा खाऊँगी और खाके थक गयी तो फिर किसी. सहेली को दूँगी… मेरी सहेलियों को चोदना है तो मेरी मिन्नतें करनी पड़ेंगी… विशाल।”.
स्रोत:इंटरनेट