×
प्लेबैक सेटअप सहायता
यदि आप पहले से ही Chrome/Edge का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी प्ले नहीं हो रहा है, तो अपने फ़ोन/पीसी सेटिंग्स की जाँच करें।
सुनिश्चित करें कि TTS इंजन सक्रिय है, उस भाषा का उपयोग कर रहा है जिसे आप सुनना चाहते हैं।
Android और अन्य OS उपयोगकर्ताओं के लिए
Android, Harmony, Lineage, Ubuntu Touch, Sailfish, ColorOS / FuntouchOS, hyperOS आदि के उपयोगकर्ताओं के लिए
मेनू एक्सेस: सेटिंग्स खोलें > एक्सेसिबिलिटी > टेक्स्ट-टू-स्पीच आउटपुट।
यदि नहीं है, तो सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "text-to-speech" या "text" दर्ज करें
फिर टेक्स्ट-टू-वॉयस या टेक्स्ट-टू-स्पीच, या ऐसा ही कुछ चुनें।
भाषा जोड़ने के लिए, गियर आइकन ⚙ पर क्लिक करें > वॉइस डेटा इंस्टॉल करें और अपनी इच्छित भाषा चुनें।
iOS उपयोगकर्ताओं के लिए
सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट पर जाएं
या सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "स्पोकन कंटेंट" दर्ज करें और एंटर करें
भाषा जोड़ने के लिए वॉइस चुनें और आवाज़ चुनें
MacOS पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए
मेनू एक्सेस: एप्पल मेनू पर क्लिक करें () > सिस्टम सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट।
Windows उपयोगकर्ताओं के लिए
Windows 10 & 11
मेनू एक्सेस: स्टार्ट खोलें > सेटिंग्स > समय और भाषा > स्पीच।
Windows 7 & 8
कंट्रोल पैनल > ईज़ ऑफ़ एक्सेस > स्पीच रिकग्निशन > टेक्स्ट टू स्पीच
Windows XP
स्टार्ट > कंट्रोल पैनल > साउंड, स्पीच और ऑडियो डिवाइस > स्पीच
Windows 2000 & ME
स्टार्ट > सेटिंग्स > कंट्रोल पैनल > स्पीच
अन्य प्रकार के पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए, जैसे लिनक्स, क्रोमओएस, फ्रीबीएसडी, आदि।
कृपया Google, Bing आदि जैसे सर्च इंजन में टेक्स्ट-टू-स्पीच को सक्षम करने के लिए सेटिंग्स खोजें
नोट वर्तमान में, यह पृष्ठ आपके डिवाइस के इंजन के अनुसार काम करता है।
इसलिए उत्पन्न होने वाली आवाज़ आपके डिवाइस के TTS इंजन का अनुसरण करती है।
दोस्तो हर आदमी के बचपन मे कभी ना कभी कोई ऐसा वक़्त आता है जब वो सेक्स को समझने लगता है.
ठीक उसी तरह मे बचपन मे, चाची के साथ हुए कुछ हादसों को देख कर मे भी सेक्स के प्रति आकर्षित हुआ.
ये एक रियल desi kahani है मेरी सग़ी चाची की, जो अभी देल्ही मे रहती है
Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4.
चाचा जॉब पर है.
थोड़ी चाची के बारे मे आप लोगो को बता दू, मेरी चाची का नाम साक्षी है, अभी चाची की उमर 40 साल.
है पर उस वक़्त उनकी उमर 28 य्र.
थी, दिखने मे एक दम नॉर्थ इंडियन घरेलू औरत की तरह है, रंग गोरा, कद 5.
2 इंच.
ज़्यादा लंबी नही है, सरीर से थोड़ी हेल्ती है, चेहरा एक दम गोल, बूब्स थोड़े बड़े, कमर थोड़ी मोटी, उनकी खास बात ये है कि वो बहुत ज़्यादा भोली है और थोड़ी भुलक्कड़ है, इसीलये चाचा हमेशा उन्हे डाँट ते रहते है, उनके दो बेटे है और देल्ही मे पढ़ते है बड़ा बेटा शशि 15साल का और छोटा जय 10साल का है.
चाची हमेशा सारी पहनती है और घर मे छोटी बहू होने के कारण, सर पर हमेशा पल्लू रखती है और सारा बदन हमेशा सारी से ढका रहता है.
अब थोड़ा चाचा पे नज़र डाली जाए मेरा पिताजी (फादर) के 3 भाई और एक सिस्टर है.
पिताजी सबसे बड़े, संजीव चाचा मझले है, इनके बाद एक छोटे चाचा प्रेम और बुआ एकता.
मेरी पूरी फॅमिली मे संजीव चाचा पढ़ने मे सबसे ज़्यादा तेज और किताबी कीड़े है (बुक वर्म), पढ़ाई की वजह से आँखो पे मोटा चस्मा आ गया है मेरी उनके साथ बहुत बनती है, क्यूंकी बचपन से उन्होने मुझे बहुत खिलाया है मैं बचपन मे उनके साथ ही सोता था और उन्हे छोटे बाबूजी कह कर बुलाता था.
. . अब स्टोरी पर आता हूँ, किस तरह अंजाने मे चाची ने मुझे सेक्स का मतलब बता दिया.
ये बात उन दिनो की जब मेरी उमर 12साल.
की थी, हम सब प्रेम चाचा की शादी मे अपने गाओं गये थे वान्हा पर हमारा पुस्तेनि घर है, जो 2 फ्लोर का है, ग्राउंड फ्लोर मे 5 कमरे है, किचन, स्टोर रूम, छोटे चाचा का कमरा, दादा दाई और गेस्ट रूम है, गेस्ट रूम के बीच एक डोर है जो दालान मे खुलता है, दालान जान्हा खेती के समान, गाये और भैंसे रखे जाते है.
. . और दालान की देखभाल के लिए हमारा नौकर गोपी था जिसकी उमर तकरीबन 40 साल होगी उस वक़्त और वो वन्हि दालान मे रहता था.
, सिफ खाना खाने ही घर मे आता था.
गोपी एक दम हटा कटा ताकतवर मर्द था, हम जैसे 3, 4 बच्चो को तो वो एक हाथ मे ही उठा लेता था पर वो थोड़ा मंद बुधि का था, बचपन मे उसके मा बाप गुजर गये थे, दादाजी ने उसे अपने पास रख लिया, वो घर के सब काम कर देता था और दादा जी की बहुत सेवा करता था.
. .
सेकेंड फ्लोर पे हमारा रूम, चाची का और चाचा का स्टडी रूम था और दो कमरे हमेशा बंद रहते थे जिसमे कोई रहता नही हा, जब हमारी एकता बुआ या कोई रिलेटिव आते थे उसी मे रुक ते थे और उपर छत (टेरेस) थी, जान्हा से दालान और गाओं साफ दिखता था.
साल दो साल मे एक बार हम गाओं जाते थे, दादा दादी हमे देख कर काफ़ी खुस होते थे, हमे भी वान्हा काफ़ी अछा लगता था, दिन भर गाओं, खेत मे घूमना और नदी मे नहाते और मस्ती करते और वैसे भी वान्हा पर किसी भी तरह की कोई रोक टोक नही थी.
. . घर मे शादी का महॉल था सब काफ़ी खुश थे, बहुत सारे रिलेटिव और मेहमान आए हुए थे, हमारी बुआ (एकता) और फूफा (प्रीतम) भी आए हुए थे, ये सब शादी एक 4, 5 दिन पहले ही आगाये थे, घर मे पैर रखने की जगह नही थी, हम सब बच्चो को रात को छत (टेरेस) पर सोना पड़ता था.
गाओं मे रात बहुत जल्दी हो जाती थी, रात होते ही हम सब दालान मे घुस जाते और खूब हो हल्ला करते.
हां और एक ख़ास्स बात आप लोगो को बता दू उस वक़्त हमारे गाओं मे बिजली नही थी, गाओं मे सब लालटेन और दिया ही इस्तेमाल करते थे.
हम रात मे अक्सर छुपा छुपी (हाइड & सीक) खेलते.
.
दोपहर का समय था, आज रात प्रेम चाचा का तिलक आने वाला था (इस रसम मे लड़की के घर वाले दहेज का समान ले कर आते है और लड़के को तिलक लगाते है).
तिलक मे आने वाले लोगो के रुकने का बंदोबस्त दालान मे ही किया गया था.
सब लोग काफ़ी बिज़ी थे, मैं भी तिलक मे आने वाले लोगो के लिए चेर और बेड का बंदोबस्त कर रहा था, मेरे साथ गाओं के कुछ लड़के और गोपी भी था.
फूफा वन्हि पर मिठाई वाले के साथ बैठे थे और कुछ बाते कर रहे थे, तभी मैने देखा गाओं के लड़के जो हमारी मदद कर रहे थे बार बार छत की तरफ देख रहे थे और कुछ कानाफुसी कर रहे थे, मैने भी छत की तरफ देखा, देखा तो चाची छत पर नीचे झुक कर कुछ सूखा रही थी चाची ने सारी को घुटनो तक उठा के कमर से बँधी हुई थी और नीचे झुकने से उनकी गोरी गोरी जंघे (थाइस) और चूतर का निचला हिस्सा काफ़ी साफ दिख रहा था.
चाची तो अपने कम मे बिज़ी थी, गोपी भी तिरछी नज़र से ऊपर देख रहा था और अपने पॅंट पर हाथ घुमा रहा था, ये देख कर लड़के उसे पर हस्ने लगे तभी फूफा की नज़र लड़को की तरफ पड़ी और वो भी ऊपर देखने लगे फूफा की आँखे बड़ी हो गयी पर पास मे मिठाई वाला था इसीलिए फूफा ने ज़ोर से आवाज़ दी और कहा “गोपी जल्दी जल्दी चेर लगा दो और अभी और भी काम है” इतने मे फूफा के आवाज़ सुन कर चाची ने नीचे देखा, फूफा उन्हे देख कर मुस्कुरा रहे थे चाची ने भी मुस्कुरा कर जवाब दिया और सारी नीचे कर दी.
मैं कुछ चेर गेस्ट रूम मे रखने गया तभी वो लड़के आपस मे कुछ बाते कर रहे थे.
. . 1-लड़का: “अर्रे तुमने देखा किस तरह गोपी अपना लंड हिला रहा था विकी (शशि) की मा के चूतर देख कर”. . . 2-लड़का: “उसे बेचारे की क्या ग़लती है, विकी की मा की चूतर है ही इतने मस्त की किसी का भी खड़ा हो जाए”
. . 1-लड़का: “और उस बेचारे गोपी को भी तो बहुत दिनो से चूत के दर्शन नही हुए है..जब तक लाली थी, तब तक गोपीने बड़े मज़े किए, अब तो वो भी शादी करके चले गयी है पता नही कब आएगी”
. . 3-लड़का: “मुझे पता है तुम लोगो ने भी गोपी के नाम पर लाली को चोदा था….
जब वो खेत मे काम कर रही थी तब”
. . 2-लड़का: “नही यार ट्राइ तो बहुत किया था पर हाथ नही आई, बोलने लगी “तुम जैसे माचिस की तिलियों से ये आग नही लगेगी”
. . 3-लड़का: “मतलब”. . . 2-लड़का: “मतलब.. तुम अभी बच्चे हो और तुम्हारा बहुत छोटा है मुझे नही चोद पाएँगे”
. . 1-लड़का: “हां साली…हमारा क्यूँ लेती..इस पगले गोपी का मूसल लंड (बिग कॉक) लेने की आदत जो पड़ गयी थी”
स्रोत:इंटरनेट