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Chalti Tain Me Maa Beti Ki Thukai Hindi Sexy Story 2

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मैंने जब देखा कि शिखा अब मज़े ले लेकर अनिल का लंड अपनी चूत में लील रही है, तब मैंने भी माला के पीछे से जाकर माला की चूत में अपना लंड फिर से घुसा दिया और अपनी रफ़्तार से माला को चोदने लगा। यह देख कर शिखा बोली, “हाय! मम्मी तुम्हारी चूत में भी अमित का लंड घुसा हुआ है और तुम मज़े से चुदवा रही हो। अब मुझे भी मज़ा आ रहा है।” अब शिखा ने अपनी टाँगें उठा कर अनिल की कमर में अपने पैर फंसा लिये और नीचे से अपने चूत्तड़ उठा-उठा कर अनिल के हर धक्के का जवाब देने लगी। अनिल भी शिखा की दोनों चूँचियों को पकड़ कर उसकी चूत में अपना लंड हचक-हचक कर डाल रहा था। अब दोनों माँ और बेटी को चुदाई का मज़ा आ रहा था और दोनों. जोर-जोर से चोदने को कह रही थीं। मैं अपना लुंड माला की चूत में जोर-जोर से अंदर बाहर कर रहा था और दोनों हाथों से उसकी चूँचियाँ मल रहा था। माला भी अपना चेहरा घुमा कर मुझको चुम्मा दे रही थी। थोड़ी देर इस. तरह मैं और अनिल माला और शिखा को चोदते रहे और फिर उनकी चूत में अपना लंड ठाँस कर झड़ गये। हम लोगों के सथ ही माँ और बेटी भी झड़ गयीं।. जब हम लोगों ने अपना लंड माँ और बेटी की चूतों से निकाला तो दोनों ने अपनी-अपनी चूत रुमाल से पोंछी। मैं और अनिल आमने-सामने की सीट पर बैठ गये और तब माला भी मेरे पास बैठ गयी और मेरे लंड को अपने मुँह में. लेकर चूसने लगी। अनिल उठ कर बाथरूम चला गया तो शिखा भी मेरे पास आ कर अपनी मम्मी से मेरा लंड छीन कर चूसने लगी और मेरा हाथ पकड़ कर अपनी चूँची से लगा दिया। मैं भी शिखा की चूँचियाँ मसलने लगा। थोड़ी देर के बाद. अनिल कूपे में आया तो देखा कि शिखा मेरे लंड को मुँह में ले कर चूस रही है और माला मेरे से लिपटी हुए अपनी बेटी को देख रही है। अनिल यह देख कर बोला, “अरे माला, तुम्हारी बेटी है बहुत मस्त चीज़। शिखा की चूत चोदने में मुझे बहुत मज़ा आया। अब तुम भी कुछ अपनी बेटी से सीखो, चलो आओ और मेरे लंड को चूस-चूस कर खड़ा करो । अब मैं तुम्हारी गाँड में अपना लंड पेलुँगा!” यह सुन कर माला पहले मुस्कुरायी और फिर अनिल के पास जा कर बैठ गयी। फरीदा बोली, “सर इजाज़त हो तो पहले एक पैग और पी लूँ… तब आपका लंड गाँड में लेने में ज्यादा मज़ा आयेगा!” अनिल हंसते हुए बोला, “ठीक है! सिर्फ़ एक पैग और ज़रा जल्दी करो…!” माला ने गिलास में व्हिस्की डाली और नीट ही गटागट पी गयी! उसके बाद अनिल ने माला के चेहरे को अपने लंड तक झुका दिया और अपना लंड माला के मुँह से लगा दिया। माला अपनी. जीभ निकाल कर अनिल का लंड चाटने लगी। थोड़ी देर के बाद शिखा ने अपने मुँह से मेरा लंड निकाला और फिर अपनी मम्मी से पुछा, “मम्मी सर का लंड गाँड में लेने से तुम्हें दर्द नहीं होगा?” माला बोली, “नहीं शिखा… मुझे तो बेहद मज़ा आता हैं गाँड मरवाने में… तू भी अमित से कह कि वो अपना लंड तेरी गाँड में डाले!” “नहीं बाबा, मुझे डर लग रहा है। मैंने पहले कभी गाँड नहीं मरवायी। पहले से ही मेरी चूत सरने फाड़ रखी है और अब मैं अपनी गाँड अमित से नहीं फड़वाऊँगी!” शिखा ने अपनी मम्मी से कहातो माला बोली, “अरे पगली! पहली मर्तबा शुरूआत में थोड़ा दर्द होगा लेकिन फिर मज़ा आयेगा! तू भी एक तगड़ा सा पैग मार ले फिर दर्द का एहसास भी कम होगा और मज़ा भी आयेगा!”. माला ने खुद ही अपनी बेटी के लिये गिलास में व्हिस्की डाल कर उसे दी। माला की आवाज़ और हावभाव से स्पष्ट था कि वो शराब के नशे में मदहोश थी। शिखा अपनी मम्मी से शराब का गिलास लेकर उसी की तरह गटागट पी गयी।. उसके बाद भी वो हिचकिचा रही थी तोमैंने शिखा की चूँची को मसलते हुए कहा, “ठीक है शिखा मेरी जान… मैं पहले तुम्हारी चूत चोदुँगा और अगर तुम चाहो तो बाद में मैं तुम्हारी गाँड मारूँगा!” अब मैंने शिखा को सीट से उठा कर सीट के सहारे खड़ा कर दिया और उसका हाथ सीट के किनारे से पकड़ा दिया। मैं फिर शिखा के पीछे जाकर उसकी चूत, जो कि पीछे से बाहर निकल आयी थी, अपनी जीभ से चूसने लगा। शिखा मारे गर्मी के अपनी कमर आगे-पीछे कर रही थी। मैं अपने एक हाथ से शिखा की चूँचियाँ मसलने लगा। थोड़ी देर के बाद मैंने अपना लंड शिखा की चूत पर रखा और धक्का मार कर उसको अंदर कर दिया। लंड अंदर जाते ही शिखा हाय-हाय. करने लगी लेकिन मैं उसको धीरे-धीरे चोदने लगा। शिखा कहने लगी, “हाय! बेहद अच्छा लग रहा है, तुम जरा जोर से अपना लंड अंदर बाहर पेलो। मेरे चूत में बेहद खुजली हो रही है। अब तुम जोर-जोर से चोदो मुझे!” इतना सुनते ही मैं शिखा पर पिल पड़ा और उसे जोर-जोर से चोदने लगा और अपनी एक अँगुली में थूक लगा कर उसकी गाँड के छेद में घुसा कर घुमाने लगा। उधर अनिल भी माला को सीट के सहारे झुका कर खड़ा कर के उसकी गाँड में. अपना लंड पेल चुका था। माला अपना सैंडल वाला एक पैर उठा कर सीट पर रखा हुआ था और अपनी कमर हिला-हिला कर अपनी गाँड अनिल से मरवा रही थी और बोल रही थी, “देख शिखा… देख कैसे सरका लंड मेरी गाँड में घुस कर मेरी गाँड चोद रहा है। सच कह रही हूँ… मुझे गाँड चुदवाने में बड़ा मज़ा आ रहा है। अब तू भी अमित से अपनी गाँड मरवा ले!”. “नहीं मम्मी, मुझे पहले अपनी चूत चुदवानी है। अमित से चूत चुदवाने में बेहद मज़ा आ रहा है मुझे! मैं बाद में अपनी गाँड में लंड पिलवाऊँगी। तुम अब मज़े से अपनी गाँड चुदवाओ,” शिखा अपनी मम्मी से बोली। मैं उसकी इस तरह खुल्लम खुल्ला बात सुन कर बहुत खुश हुआ और उसकी चूत चोदता रहा। थोड़ी देर के बाद शिखा बोली, “अमित मुझे अपनी मम्मी के पास जाना है। तुम ऐसे ही चोदते-चोदते मुझे मम्मी के करीब ले चलो!” मैंने भी अपना लंड निकाले बगैर शिखा को अपनी बाहों में भर लिया और माला के पास ले गया।. शिखा अपनी मम्मी के पास पहुँचते ही माला की चूंची को अपने मुँह में भर कर चूसने लगी और अपने हाथों को माला की चूत पर रख दिया। फिर वो बोली, “मम्मी जब जब अब्बू तुमको चोदते थे… मैं छुप-छुप कर देखती थी और अपने चूत में उंगली किया करती थी और सोचती थी कि एक दिन मैं तुम्हारे करीब बैठ कर तुम्हारी चूत की चुदाई देखुँगी। आज अल्लाह ने मेरी सुन ली और मैं तुम्हारे करीब खड़ी-खड़ी अपनी चूत में लंड चुदवाते हुए. तुम्हें भी चुदते हुए देख रही हूँ!” यह कह कर शिखा अपनी मम्मी की चूत सहलाने लगी।. हम लोगों ने अपने बिस्तर जमीन पर बिछा दिये और फिर माला और शिखा को साथ-साथ लिटा कर मैंने और अनिल ने उनकी चूत और गाँड खूब जम कर मारी। एक बार तो मैं माला की गाँड मार रहा था और माला शिखा की चूत अपनी जीभ से. चूस रही थी और अनिल अपना लंड शिखा के मुँह में डाल कर चुसवा रहा था। माला और शिखा दोनों अपनी चूत और गाँड हम लोगों से मरवा कर बहुत खुश थीं और लौटने का प्रोग्राम भी हमने साथ-साथ बना डाला। यहाँ तक कि माला. ने अपने घर का पता और फोन नंबर भी मुझे दे दिया और बोली कि “दिल्ली लौट कर हमारे यहाँ जरूर आईयेगा… वहाँ मेरी सहेलियाँ भी होंगी जो कि अपनी चूत और गाँड तुमसे चुदवा कर खुश होंगी!”.
स्रोत:इंटरनेट