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Chhoti Bahan Ki Jigyasa Bhai Bahan Sex Story

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मैं सेक्स-ज्ञान के मामले में बिलकुल कच्ची थी, तब मेरे बड़े भाई ने मुझे कुछ ज्ञान दिया और किसी और ने भी हमारा साथ दिया.
इस प्रैक्टिकल एजुकेशन की bhai bahan sex story का मज़ा लीजिये.. Hindi sex story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. मेरा नाम प्रीटी है और मै चन्डीगढ की रहने वाली हूं.
आज मै आप को अपनी फ़ैमली की एक ऐसी काहानी बताने जा रही हूं जो मैने अबतक किसी से भी शेयर नही करी है.
इस काहानी मे कुछ भी झूट नही है हर बात सच सच है लेकिन सिर्फ़ नाम बदल दिये हैं मैने.
मै एक मिडल क्लास फ़ैमली से हूं.
हमारी फ़ैमली एक बडी फ़ैमली है.
मेरे दो भाई और एक बैहन हैं.
सब से बडा भाई सूरज २५ साल फिर करण २२ साल फिर मै २० साल और सबसे छोटी रिया १७ साल की है.
मेरे पिताजी की एक ट्रांसपोर्ट कम्पनी है.
मा ग्रिहणी हैं.
बडा भाई शादी शुदा है और वो भी पिताजी के साथ काम करता है.
हम सब साथ ही रहते हैं.
बाकी बहन भाई शादी शुदा नही हैं.
मै और करण घर मे सब से अच्छे दोस्त हैं.
हमारी सिटी मे शायद ही किसी बहन भाई मे इतनी दोस्ती हो जितनी के मेरी और करण की है.
मैने कभी भी ये सोचा ना था के मै ऐसा भी कर बैठूंगी.
पता नही करण के दिमाग मै ऐसी बातें कब से आ गयी थीं.
अक्सर हम रात को देर रात तक बातें करते रहते थे.
एक रात हम बातें करते करते टीवी भी देख रहे थे और हमारी बातों का टॊपिक लव मैरिज था.
उस का कैहना था के शादी हमेशा मा बाप की मरज़ी से करनी चाहिये और मै लव मैरिज को वोट कर रही थी.
क्यों के मुझे एक लडके से प्यार था लेकिन करण को इस बात का पता नही था.. उस रात जब मैने लव मैरिज को इतना वोट किया तो अचानक करण ने मुझसे एक सवाल किया जिसके लिये मै तय्यार नही थी.
उसने काहा: प्रीटी एक बात तो बताओ.
क्या तुम्हे किसी लडके मे इन्टरस्ट है? मेरा मतलब क्या तुम किसी से प्यार करती हो? मै अचानक इस सवाल को सुन कर चुप हो गयी.
वो फिर बोला: बताओ तो सही.
.
इस मे कोई बुराई तो नही.
सब को हो जाता है.
हो सकता है तुम को भी हो गया हो, मुझ से शेयर कर लोगी तो शायद मै तुम्हारी मदद कर सकूं.
ये सुन कर मेरा कुछ हौसला बढ गया.
और मैने सिर्फ़ सर हिला कर उसे हां काहा.
वो बोला: कौन है वो? मैने उसे बता दिया के मै अपनी क्लास के लडके रिशी को पसन्द करती हूं.
कुछ देर बाद वो बोला: एक बात बताओ.
.
सच सच बताना.
क्या तुम दोनो मे कुछ हुआ है? मै ये सवाल समझ नही सकी तो मैने पूछा: क्या मतलब? वो फिर बोला.
.
मेरा मतलब कोई ऐसी वैसी हर्कत की है उसके साथ? अब मै उस का मतलब समझ गयी और बोली : नही.
वो कई बार कोशिश कर चुका है.
पर मैने कभी भी उसे अपने को छूने नही दिया.
वो बोला: वैसे मै जानता हूं उसके बारे में.
काफ़ी लडकियां हैं उसके जाल मे तुम्हारी तरह.
और बहुतों के साथ तो वो काफ़ी कुछ कर भी चुका है.
मै बोली: क्या कर चुका है? वो कुछ देर चुप रहने के बाद बोला.
.
सेक्स कर चुका है और क्या.
मै सुन कर हैरान रह गयी और फ़ोरन करण से लडने वाले अन्दाज़ मे बोली: नही वो ऐसा नही है.
.
हां मुझसे वो ज़रूर छेड छाड करता है मगर उसका किसी और लडकी के साथ चक्कर नही है.
  वो बोला: अरे तुम चाहो तो मेरे दोस्त की बहन सिमरन से पूछ लेना.
वो उसकी शिकार बन चुकी है.
  ये सुन कर मै बहुत परेशान हो गयी लेकिन मुझे अब भी इस बात का यकीन नही था.
एक दो दिन बाद मुझे सिमरन मिली तो मैने उससे रिशी के बारे मे पूछा.
सिमरन ने करण की बात को कन्फ़र्म कर दिया के दो साल पहले रिशी ने उसे पटा के उसके साथ सेक्स किया था.
मुझे बहुत बडा धक्का लगा और मैने रिशी से अपना रिशता तोड दिया.
उस दिन मै घर आके सारा दिन रोती रही.
रात को भी ठीक से नही सोई और रोती रही.
अगले दिन सन्डे था.
जब मै उठी तो ९ बज चुके थे पर मेरी आंखें अभी भी लाल थी.
मा ने देख कर पूछा क्या हुआ प्रीटी तुम को? मै बोली कुछ नही मा बस रात को नीन्द ठीक से नही आई.
वो ये सुन कर दांटने लगी : एक तो तुम दोनो बहन भाई पता नही रात को इतनी देर तक क्या बातें करते रहते हो.
कभी जलदी भी सो जाया करो, बीमार हो जायेगी और वो तुम्हारा भाई भी.
  मै बोली: कुछ नही होता मा.
और बाथरूम मे चली गयी.
नाश्ता करते हुए मा ने बताया के आज राहुल का मुन्डन है और हम सब जा रहे हैं, नाशते के बाद तय्यार हो जाओ.
(राहुल मेरी चाची का दो साल का लडका है) मेरा जाने का मूड नही था इसलिये बोली: मा मेरी तबीयत ठीक नही है.
मै नही जाना चाहती.
मा ये सुन कर गुस्से मे बोली: और जागो सारी सारी रात, लेकिन तुम घर मै अकेली क्या करोगी?  करण बोला: मा मै भी नही जाना चाह राहा.
मै प्रीटी के पास रहता हूं आप लोग चले जाओ.
नाशते के बाद सब लोग तय्यार होने लगे और करीब ११ बजे सब चले गये.
अब घर में सिर्फ़ मै और करण थे.
वो टीवी देख राहा था और मै अपने कमरे में थी.
कुछ देर बाद करण मेरे कमरे में आया और बोला : कैसी हो प्रीटी तुम अब?  मै: ठीक हूं करण.
  करण: नराज़ हो क्या मुझसे?  मै: नही करण ये कैसे सोच लिया तुमने?  करण: बात तो करती नही मुझसे तो फिर ऐसा ही सोचूंगा ना.
  मै: कुछ नही करण तुम भी ना.
अच्छा चलो कोयी और बात करो.
  करण: पहले हंस कर दिखाओ.
  इस बात पर मै फ़ोरन ही हंस पडी और उसने मुझे हंस्ता हुआ देख कर उसने अपने गले लगा लिया.
उसने मुझे माथे पर किस भी किया.
ऐसा पहले कभी नही किया था उसने.
मुझे बहुत ही अच्छा लगा और मै और भी चिपक गयी उसके साथ.
हम ऐसे ही कोई २ – ३ मिनट तक रहे.
फिर मैने भाई से पूछा: करण एक बात तो बताओ? करण: क्या? मै: क्या सब लडके हम लडकियों के बारे मै ऐसा ही सोचते हैं? करण: म्म्म्म्म हां ज़्यादा तर लडके ऐसा ही सोचते हैं आज कल.
मै: क्या तुम भी ऐसा सोचते हो किसी के लिये? करण: म्म्म्म्म्*म्म्म्म्म हां मै: किसके लिये? करण: हो सकती है कोई भी तुम्हे इससे क्या मतलब? मै : नही..मुझे बताओ ना? करण: छोडो इस बात को अब.
किस तरह की बातें कर रही हो तुम? मै: तुमने रात को ही काहा था के हम सब कुछ शेयर कर सकते हैं.
अब क्यों छुपा रहे हो? करण:देख लो.
तुम जानती हो की मै काफ़ी बोल्ड हूं.
अगर कुछ बोला तो किसी को बताना नही.
मै: नही बताऊंगी.
अब बताओ ना? करण: तो सुनो..मै रीना के बारे मै ऐसा सोचता हूं.
(रीना मेरी भाभी हैं) मै ये सुन कर हैरान हो गयी.
और उससे पीछे हट गयी.
वो अब मुझे सिर्फ़ मुसकुराता हुआ देखता राहा.
मेरी समझ मे नही आ राहा था के अब मै उससे क्या कहूं.
फिर मै बोली: क्या मतलब है तुम्हारा? क्या तुम भाभी की बात कर रहे हो? करण : हां.
उसी की बात कर राहा हूं.
और बात बताऊं तुमको? उसे भी ये पता है और उसे ये सुन कर खुशी हुई थी.
अब तो मेरी हैरानगी की कोयी हद नही थी.
मेरी समझ मे नही आ राहा था के वो क्या कह राहा है.
फिर मै बोली: करण तुम को पता है ना तुम क्या कह रहे हो? वो तुम्हारी भाभी हैं.
कैसे सोच लिया तुमने उसके बारे में? करण: भाभी हैं तो क्या हुआ.
हैं तो एक लडकी ही ना आखिर.
खुबसूरत हैं मुझे अच्छी लगती हैं और उसे मै भी अच्छा लगता हूं.
इसमे बुराई क्या है? मै: एक बात बताओ..किस किसम का रिशता है तुम्हारा और रीना भाभी का? करण: वैसा ही जैसा होता है इस सूरत मे.
मै: क्या मतलब.
कैसा होता है इस सूरत मे? करण: प्यार भरा और क्या मै: क्या तुम उसके साथ कुछ कर तो नही बैठे? करण: हां थोडा बहुत कर चुका हूं मै: हे भगवान.
भाभी के साथ? करण तुम पागल तो नही हो गये? किस हद तक गये हो तुम उसके साथ? करण: हां पागल कर दिया था उसने.
मै क्या करता.
और रही बात हद की, तो प्यार मे कोई हद नही होती मै: क्या मतलब? करण: वही जो प्यार करने वाले करते हैं..कुछ किसिंग..कुछ हगिंन्ग ..और कुछ वो भी.
मै: वो भी.
? सच सच बताओ..कहीं सेक्स तो नही क्या तुम ने? करण: हां हो तो गया है .
इसमे मेरा क्या कसूर? इतनी खुबसूरत औरत जब पास हो तो आदमी से ये कुछ भी हो सकता है.
मै: कसूर..? क्या मतलब ? अगर कोई भी खुबसूरत औरत हो तुम उसके बारे मे ऐसा ही सोचोगे? चाहे वो तुम्हारी बहन ही क्यों ना हो करण:म्म्म्म्म्*म्म्म्म्म्*म्म्म.. ..हां ..ऐसा ही है.

स्रोत:इंटरनेट