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Chudai Ka Tuition Sex Stories

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लग रहा था कि तरुण की किस्मत खुलने वाली थी और जिया की चड्डी। और उन दोनों के प्यार में कुछ मेरी चूत को भी शांति मिले, गीली तो मेरी भी हो ही रही थी.. इन tuition sex stories का आखिरी भाग.
Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. तरुण अपनी किताबें लेकर अन्दर आ गया। वो मुझसे कुछ पूछने लगा किताब में से।. मैंने उससे कहा- “ज्यादा नाटक मत करो और काम कि बात पर आओ। जिया तुमसे कुछ कहना चाहती है…”. जिया- “नहीं मैम, नहीं मैं क्या? मैंने तो कुछ नहीं कहना…”  . मैं- “अब तुमने नौटंकी शुरू कर दी…”.  . “तरुण सुनो, जिया मान गई है तुमसे दोस्ती के लिए, बल्कि ये तो पहले से ही चाहती थी तुम्हारी दोस्ती, बस तुम्हारे प्रोपोजल का इंतजार कर रही थी…” अब जिया से बोलो- “आई लव यू…” तरुण शर्माते और हकलाते हए बोला- “जिया, आई लव यू…”  . मैंने ताली बजाई और जिया को बधाई दी और कहा- “अब तुम भी बोलो तरुण से…”.  . वो भी धीरे से बोली- “तरुण। आई लव यू…”. मैंने फिर ताली बजाई और तरुण को बधाई दी और कहा- “अब आगे बढ़ो और कुछ करो…”.  . दोनों एक साथ बोले- क्या?.  . मैं- “क्या-क्या? किस करो…”.  . दोनों मेरे मुँह की तरफ देखने लगे।.  . मैं- “हां… हां करो, करो किस एक दूसरे को…”  . तरुण बोला- “मैम… नहीं मैम आपके सामने, आपके सामने नहीं…”  . मैं- “मेरे सामने… क्या हुआ मेरे सामने? जिया तुम उठो और तरुण को किस करो गाल पर…”.  . जिया- “नहीं मैम मुझे नहीं आता किस करना…”. मैं- “नहीं आता तो सीख ले… ले देख किस कैसे करते हैं…” यह कहकर मैं तरुण के पास गई और पहले उसके गाल पे फिर उसके सिर के पीछे हाथ रखकर उसके होंठों पर जोरदार किस किया।.  . तरुण घबरा गया और जिया मुझे ताकती रह गई।.  . मैं- “चल तरुण तू ही शुरू कर। पकड़ ले और चूस-चूस के लाल कर दे इसके गालों और होंठों को…” मैंने तरुण को जिया का हाथ पकड़ाते हुए आदेश दिया।.  . तरुण ने डरते हुए जिया को अपनी ओर खींचा और उसके कंधे पर हाथ रखकर उसका चेहरा ताकने लगा जैसे उससे पर्मिशन मांग रहा हो।.  . मैंने उठकर दोनों के सिर पकड़कर उनके होंठों को आपस में मिला दिया। अब तरुण ने अपने होंठ खोले और जिया के होंठों को किस करने लगा। अब मैं वहां से उठकर बाहर आ गई और दो चार मिनट इधर-उधर बेचैनी से टहलने के बाद. फिर अन्दर झांक कर देखा तो तरुण जिया को चूम रहा था और उसकी चूचियां सहला रहा था। मैं तुंरत अन्दर आ गयी।.  . जिया एकदम से घबरा गयी।.  . मैं- “जिया क्या हो गया? अरे करो, ये तो लड़की और लड़के के लिए जरूरी है…”  . जिया- “मैम सारी… सारी…”.  . मैं- “सच कह रही हूँ, अपना काम चालू रखो। कहो तो मैं मदद कर दूँ?”  . जिया शर्म से झुकी जा रही थी। तरुण ने उसका मुँह ऊपर उठाया और उसके होंठ फिर से चूमने लगा। जिया ने अपनी आँखें बंद कर ली। तरुण ने उसे धीरे से मेरे बिस्तर पर लेटा दिया और अपने कपड़े उतारने लगा। फिर जिया के. कपड़े उतारने लगा। जिया ने मुझे मुझसे परमिशन मांगने की नजरों से देखा।.  . मैंने खुद ही उसका टाप उतार दिया और कहा- “मस्ती करो, शर्म नहीं…”  . तरुण ने उसकी जीन्स भी उतार दी, एक नंगी जवान 18 साल की लड़की देचककर तरुण का लण्ड फूलकर कड़ा हो गया। वो बिस्तर पर उससे लिपट गया।  . मैं- “अरे ये क्या कर रहे हो? इसकी इजाजत नहीं है…”.  . “प्लीज मैम…” दोनों ने मेरी ओर देखा।.  . मैं- “नहीं… बिल्कुल नहीं। तुम दोनों अकेले कैसे मज़ा ले लोगे, मैं कहां जाऊँगी?” कहकर मैं भी अपने कपड़े उतारने लगी।  . तरुण ने मुझे कपड़े उतारते देखा तो बोला- “मैम, तो पहले आप…”  . मैंने जिया के कान में अपनी बात बताई।.  . वो हँसने लगी- “हाँ मैम, फिर तो आज इसकी खैर नहीं…”  . मैं- “हाँ तरुण… पर मेरी शर्त याद है ना… मेरी गाण्ड चाटकर मुझे मस्त कर दो…”.  . जिया- “हाँ मैं भी देखूं कि मैम की गाण्ड कैसे चाटता है तू, फिर मैं भी करवाऊँगी वैसे ही…”  . तरुण- “नहीं… नहीं, मैं नहीं करूंगा। मैं नहीं चाट सकता गाण्ड…”  . मुझे गुस्सा आ गया। मैंने उसके बाल पकड़ लिए और उसके गाल पर एक चांटा जड़ दिया।.  . वो आश्चर्य से मुझे देखने लगा।.  . मैंने फिर उसे कहा- “हरामजादे… बोल चाटेगा की नहीं?” फिर मैं उसके चूतड़ों पर लात मारते हुए बोली- “पहले मेरी चूत चाट फिर गाण्ड…”.  . जिया- “मैम, ये ऐसे नहीं मानेगा। ये लो, इसे बाँध दो…” जिया बोली।  . हम दोनों ने उसे बिस्तर पर लेटाकर बाँध दिया। जिया ने उसके लण्ड को पकड़कर मसलना चालू कर दिया। मैं तरुण पर चढ़ गयी। चूत को उसके मुँह से सटाकर बोली- “अब चूसो इसे…” और मैं अपनी चूत उसके मुँह पर धीरे-धीरे. रगड़ने लगी।.  . तरुण- “नहीं मैम… नहीं, मुझे छोड़ दो मैम…”  . मैं- “तरुण, चुपचाप मेरी बात मानो…” मैंने अपनी गीली चूत उसके होंठों पर घिसनी चालू कर दी।  . वो इधर-उधर होने लगा। उसके मुँह पर मेरी चूत की चिकनाई फैल गयी थी।.  . मैं- “चल न, चाट ले रे चूत को, ज्यादा हरामीपना मत दिखा…”  . तरुण- “मैम क्या कर रही हो?”.  . मैं- “चल चूस इसे मादरचोद, स्कूल में तो मेरी चूचियां खूब देखता था, अब चूस इसे कुत्ते…”  . उसने हार मान ली और चुपचाप चूसने लगा।.  . मैंने कहा- “शाबाश बेटा आआह्ह… और अब देख बहनचोद, इसके बाद मेरी गाण्ड का नम्बर है… और जिया… चल साली तू तरुण का लण्ड चूस…” जिया उसके लण्ड को अपने मुँह लेकर चूसने लगी।.  . मैंने अपने चूतड़ों की फ़ांकों को खोलकर उसके मुँह पर रख दिया। उसने हिम्मत करके अपनी जीभ निकालकर मेरी गाण्ड के छेद में डाल दी।.  . मैं खुशी से झूम उठी। मेरी तरकीब काम आ गयी थी। मैं अपनी गाण्ड उसके मुँह पर पटकने लगी- “ले चाट इसे बहन के लोड़े…” मैं उसका लण्ड पकड़कर मुठ मारने लगी तो उसे भी मजा आने लगा।.  . जिया कहने लगी- “मैम, ये लण्ड तो मेरे लिए छोड़ दो ना प्लीज़…”  . मुझे सू-सू आने लगी थी। मैंने अपनी गाण्ड ऊँची की और उसके मुँह में पेशाब की धार छोड़ दी। उसने अपना मुँह बंद कर लिया, आँखें भी बंद कर लीं। मैं अब उसके पूरे शरीर पर पेशाब करने लगी, वो पूरा भीग गया।  . जिया भी उत्तेजित हो चुकी थी- “मैम थोड़ा इधर भी…” जिया मेरी चूत के पास आ गयी और अपना मुँह खोल दिया।.  . मैंने अपनी धार जिया के मुँह की तरफ कर दी। उसने अपना मुँह पूरा पेशाब से भिगा लिया और अपना मुँह खोल लिया। अब धार उसके मुँह में जा रही थी। वो पेशाब अपने मुँह में भरकर एक घूंट में पी गयी। अब पेशाब मैं कर. चुकी थी। जिया ने मेरी चूत में अपनी उंगली डाल दी।.  . जिया बोली- “तरुण, देखो कैसा मजा आया ना?”  . जिया ने फिर कहा “मैम मजा आ गया… अब मैं भी मूतने की कोशिश करती हूँ…” और जिया तरुण के ऊपर चढ़कर मुझसे लिपट गयी और अपनी धार छोड़ दी।.  . उसकी गरम-गरम धार मेरे शरीर पर भी आ रही थी। मैंने अपनी गाण्ड थोड़ी और ऊँची कर दी। जगह हो गयी थी। अब जिया के पेशाब की धार तरुण के मुँह पर पड़ रही थी। मैंने भी तुरंत हाथ में उसका पेशाब भर लिया और मुँह में. डालकर पी गयी। खारा-खारा सा स्वाद लगा। पर उत्तेजना में उसमें भी स्वाद आया।.
स्रोत:इंटरनेट