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Dadi Ki Kahani Family Sex Story

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Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4. पार्ट 5. पार्ट 6. पार्ट 7. पार्ट 8. पार्ट 9. बाथरूम से वापस आई तो हाथ में भीगा हुआ नेपकिन था उससे माँ के लंड को साफ़ कर दिया..मामा ऐसे ही बेड पर लेट गये। माँ ने कहा में तेरे लिए यहाँ खाना ला देती हूँ तू आराम कर मामा का लंड ढीला हो गया था तो पेंट के उंदर डालते हुए कहा नहीं दीदी थोड़ी चाय ले आना..में वहां से भाग निकाला क्या करूँ कुछ समज में नहीं आरहा था.
में सोच रहा था अगर घरमे गया तो उनके खेलमे दखल होगी,नहीं गया तो भाई-बनकी कामलीला देखने को नहीं मिलेगी..तो में घरमे ही चला गया। .. माँ ने कहा तू आगया..में हाँ,माँ नोर्मल थी..मेने पीछे से पकड़ा लिया..गाउन उठाया माँ ने कुछ नहीं कहा..जल्दी से किचन के दरवाजे पर आगई और घोड़ी बन गई..मुझसे कहा बेटे अभी के अभी चोद दे मुझे। मेने अपना लंड निकाल और चूत में घुसा दिया माँ की चूत बहुत गर्म हो गई थी.. माँ बहुत जल्दी-जल्दी आगे पीछे होने लगी। में भी ठोकने लगा..कुछ ही देर में दोनों शांत हो गये..मेने पूछा क्यों माँ..?में आपको इतना गरम कभी नहीं देखा.. माँ-जाने दे चीज ही कुछ ऐसी देखि हे। की गरम होगई..अच्छा तूने चोद दिया वरना बेलन घुसा देती,।  मेने कहा- क्यों?..गधा देखा लिया।  क्या? माँ-हाँ मेरे बेटे सच में साला। गधा ही हे।  तेरे बिच्छुमामा का लोडा तुजसे भी बड़ा हे एकदम काला,लम्बा,मोटा भी उतना बिलकुल गधे जेसा.. मैं – तो बात कहाँ तक पहुंची सिर्फ देखा ही की कुछ।. माँ- किया न..देखते ही हिला दिया..और मुंहमे भी लिया। मैं – अब तो सिर्फ चुदवाना ही बाकी हे..??क्यों.. माँ-हाँ,बेटे,में तो उसके लंड को चूत में लेने के लिए मरी जा रही हूँ.. मैं -ओह तो,क्या मामा राजी नहीं हे..?? अरे उसने तो अभी तक किसिकी चूत भी नहीं देखि तो चुदाई का मजा क्या जाने । मैं -तो तकलीफ क्या हे..? माँ- चुदाई करे केसे ?अगर वो उपर रहेगा तो पूरा लंड घुसा देगा और मेरी फाड़ देगा..दूसरी बात वो चूत में लंड तो डाल देगा पर उससे चुदाई नहीं हो सकेगी..क्यों की उसके पैर काम नहीं करेंगे.. मैं – तो एक काम करो न..आप उनके ऊपर चढ़ जाओ..जितना चाहिए उतना घुसा लेना.. माँ-नहीं एसा करुँगी तो में जब ताव में आजौंगी तब पूरा घुसा दूंगी और फिर चुदाई ख़त्म होने के बाद तुरंत डॉ.
के पास जाना पड़ेगा। कितना मोटा हे.. मैं -मोटा लंड लेने का शोक भी हे और डर भी.. माँ-बेटे,तेरा कम्प्लीट नाप का हे। ना छोटा,ना बड़ा..जेसे चाहो खेलो..कोई डर नहीं-दर्द नहीं.
तेरा मोबाईल ला दादी को अपनी परेशानी बताती हूँ । वो कोइना कोई कोई तोड़ जरुर बतायेंगी..माँने दादी से बात की खुश नजर आने लगी.. मुझे आँख मारी बोली अब तो तेरे बिच्छुमामा को बहनचोद बना ही दूंगी.. मैं -दादी ने क्या इलाज बताया बोलो न.
मुझे देखना हे प्लीज.. माँ-ठीक हे खिडकी के पास चले आना में खुली रखूंगी..और माँ चाय लेके कमरेमें चली गई। ..में बाहर गया और खिड़की के पास खड़ा हो गया। बिच्छुमामा बेड पर लेटे थे.
माँ ने मामा को चाय दी वो पीने लगे..माँ से कहा दीदी तूम कितनी अच्छी हो मेरा कितना ख्याल रखती हो। माँ उनका सिर सहला रही थी.. मामा – दीदी,में आपकी। माँ- क्या..मेरे भैया.. मामा – वो दीदी मेने कभी किसी ओरत की नहीं देखी तो । आप। मुझे।. माँ-क्या नहीं देखी। क्या देखाऊं।. मामा – दीदी बुरा मत मानो में आपकी चूत देखना चाहता हूँ.. माँ-ओह,तो प्यारे भैया को दीदी की चूत देखनी हे। तो मेने कहाँ मना किया। हे..लो देख लो..माँ,बेड के किनारे कड़ी हो गई..मामा ने गाउन ऊपर उठाया और पेंटी को देखने लगे। फिर पेंटी को भी उन्होंने उतार दिया। माँ के चुत्तड़ो को दोनों हाथों से पकड़ा और अपनी और खीचने लगे..माँ गाउन पकड़ कर खडी थी। मामाँ ने कहाँ दीदी आप अगर आप गाउन निकाल देती तो आपके बूब्स बी देख लेता। माँ- लियो मेरे भैया देखलियो अपनी बहन कोपूरी नंगी। देखो.
माँ नंगी हो कर खड़ी थी मामा माँ को देख रहे थे। अपने लंड को बाहर निकाल कर सहलाने लगे.. माँ- बिस्तर पर बैठ गई और मामा के लंड को मुठीयाने लगी।. मामा -दीदी में आपकी चूत मारना चाहता हूँ, पर दीदी में तो कुच्छ कर नहीं सकता लेकिन आप मेरी परेशानी को दूर करें। माँ- अपनी दीदी के होते हुए तुजे कोई परेशानी नहीं होगी..में तू जे,अपनी चूत दूंगी और तुजसे चुदाई का आनंद भी लुंगी। बस डर लगाता हे तेरे बडे लंड से। मामा – में तो सोचता था..ओरतो को बड़े लंड ही पसंद होगे..एसा नहीं हे बेटे ओरत को सिर्फ लंड की जरूरत होती हे..छोटे–बड़े की कोई अहमीयत नहीं होती ,बस प्यास बुजनी चाहिए। ठीक हे अब चल अपना बनियान निकाल..मामा ने बनियान निकाल दिया और अपनी नंगी दीदी के बुब्ब्स को दबाने सहलाने लगे। वैसे माँ के बुब्ब्स राजापुरी आम जितने ही थे। पर थे बहुत टाईट जो मामा को मज्जा आने लगा। माँ ने मामा का हाफ पेंट भी निकाल दिया..अब दोनों भाई-बहन नंगे थे। .
मामा के दुबले-पतले जांघो के बीच 11 इंच का गन्ने के टुकड़ा एकदम खड़ा था। माँ हाथो से सहला रही थी.. मामा -दीदी में आपकी चूत का रस पीना चाहता हु । चाट ने दो न..माँ खिड़की की तरफ मेरी और देख कर बोली-नहीं,मेरे भाई अभी नहीं क्यूंकि,अभी मेने तेरे लंड को घुसाने के लिए गिला किया हुआ हे..मतलब मेरा माल अभी उनकी चूत में था..ले..तू मेरे आम का रस पी..और माँ ने अपने बुब्ब्स मामा के मुहमें दे दिए। मामा राजापुरीआम का रस पीने लगे..माँ उनके खड़े लंड को चुत्तड़ो के बीच घिस रही थी। माँ की चूत से पानी छुट रहा था..साथ चूत में से मेरा माल भी निकल रहा था.
तो हलकी झाँक बन रही थी..माँ कहा रुक..जा..माँ गरम होने लगी थी..उसने दो तकिये उठाये एक मामा के लोडे के आगे पेट पर रखा दिया। दूसरा उनकी दुबली-पतली झांगो पर रख दिया अब मामा का सिर्फ आधा ही लंड बाहर दिख रहा था। में समज गया ये कमाल का आइडिया दादी का हे। मेंने मनही मन दादी को सलाम कर दिया..अब माँ ने लंड को पकड़ा और आहिस्ता- आहिस्ता चुत में लेने लगी। सुपाड़ा घुसते ही सस्स्स्स..आह्ह। निकाल दी..और फिर सस्स..आ..आह..करते आहिस्ता-आहिस्ता लंड के उपर दबाव डालने लगी..आधा लंड ले लिया। ओए आह्ह..आह्ह। करते धीरे-धीरे ..ऊपर-नीचे होने लगी..मामा भी ओह्ह..दीदी..मजा आ रहा हे..आह्ह..आह.. करने लगे..थे.
क्या नजारा मस्त था,एक अपाहिज भाई अपनी बहन से चुद रहा था..बहन अपने ही भाई के लंड से आनंद ले रही थी। तकिये की वजह से माँ का डर दूर हो गया था। और वो मजे से चुदवा रही थी,मामा बुब्ब्स को दबाते कभी मुंह में लेते रस पीते ..कमरे में दोनों की मदहोश आह्ह। सस्स्स्स..ओह्ह्ह। आ..आ..ओह.
ओह..ओह्ह्ह..की आवाजे गूंज रही थी। माँ चुत्तड उछाल-उछाल कर मामा के बड़े लंड से चुदवा रही थी..मामा जीवन में पहलीबार चुदाई का आनन्द ले रहे थे।  आह्ह। सस्स्स्स..ओह्ह्ह। आ..आ..ओह.
ओह..ओह्ह्ह..करते हुए उन्होंने अपना काम पूरा किया..माँ हांफ रही थी,मामा के आधे मजबूत बदन पर लेट गई। मामा उनको चूम रहे थे..माँ ने अपने पैर फेला दिए मामा का लोडा अभी चूत में था..माँ की गांड दिख रही थी..अभी कट से दोनों का पानी बह रहाथा..माँ ने बहुत ही धीरे से चुत्तड़ो को उपर उठाया लंड इतना फिट होगया था की चूत की चमड़ी भी लंड से लिपटी-खींचती नजर आरही थी..मने धीरे से चुत्तड़ो को उठा कर लंड को बाहर निकाल दिया। साथ में बहुत सारा माल भी चूत से गिर पड़ा..मामा का लंड और दोनों तकिये गिले हो गये..माँ मामा के पास ही लेट गई। लंड बाहर निकलने के बाद भी उनकी चूत खुली की खुली ही रह गई थी..माँ अपनी अंगुलियों से चूत के फानको को आपस में भिड़ा रही थी.. कुछ देर बाद उनकी खुली चूत बंद हुई..माम से कहा मुन्ना मेरी चूत में हल्का सा दर्द हो रहा हे..तू जरा चाट दे..प्लीज।
स्रोत:इंटरनेट