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Do Kamuk Padosi Pariwar Hindi Erotic Story

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एक बहुत ही कामुक Hindi erotic story सुनाने जा रही हूँ आप लोगो को.. ये मेरे और मेरे पडोसी परिवार की कहानी है जो बहुत ही करीब आ जाते है एक दुसरे के.. Hindi Sex Stories के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4. पुणे में औंध के बंगला सोसाइटी में, वंदना शर्मा अपने बंगले की खिड़की पर खडी हो कर गली में बाहर का नज़ारा देख रहीं थीं.
वंदना एक बहुत की खूबसूरत औरत थीं – गोरा रंग, लम्बा कद, काले लम्बे बाल, .
उनका बदन एक संपूर्ण भारतीय नारी की तरह भरा पूरा था.
वंदना एक जिन्दा दिल इंसान थीं जिन्हें जिन्दगी जी भर के जीना पसंद था.
वंदना इस घर में अपने हैण्डसम पति हरीश और अपनी बेटी काजल के साथ रहती थी.
काजल यूनिवर्सिटी में फाइनल इयर की क्षात्र थीं.
वंदना एक गृहणी थीं.
हरीश एक सॉफ्टवेयर कंपनी में ऊंची पोस्ट पर थे.
वंदना को ये बिलकुल अंदाजा नहीं था की उसकी जिन्दगी में काफी कुछ नया होने वाला है.
वंदना के सामने वाला घर कई महीनों से खाली था.
उसके पुराने मालिक उनका मोहल्ला छोड़ कर दिल्ली चले गया थे.
आज उस घर के सामने एक बड़ा सा ट्रक खड़ा था.
उसके ट्रक के बगल में एक BMW खडी थी जिसमें मुंबई का नंबर था.
लगता था मुंबई से कोई पुणे मूव हो रहा था.
पुराने पडोसी काफी खडूस थे.
मोहल्ले में कोई उनसे खुश नहीं था.
वंदना मन ही मन उम्मीद कर रही थी कि नए पडोसी अच्छे लोग होंगे जो सब से मिलना जुलना पसंद करते होंगे.
वंदना ने देखा की उस परिवार से तीन लोगों थे.
पति पत्नी शायद 40 प्लस की उम्र में होंगे.
उनकी बेटी वंदना की अपनी बेटी काजल की उम्र की लग रही थी.
वंदना ने अपने पति हरीश को पुकारा, “हनी, जल्दी आओ.
हमारे नए पडोसी आ चुके हैं” हरीश लगभग दौड़ता हुआ आया और बाहर का नज़ारा देखते ही उसकी बांछे खिल उठीं.
बाहर एक हैण्डसम आदमी की बहुत ही सेक्सी बीवी अपने बॉब कट हेयर स्टाइल में एकदम कातिल हसीना लग रही थी.
जैसे जैसे वो चलती थी, उसकी चून्चियां उसकी टी-शर्ट में इधर से उधर हिलती थीं.
इसी बीच हरीश की नज़रों में उनकी कमसिन जवानी वाली बेटी आई.
हरीश का तो लंड उसके पाजामें के अन्दर खड़ा होने लग गया.
नए पड़ोसियों की बेटी ने लो-कट टी-शर्ट पहन रखी थी.
इसके कारण उसके आधे मम्मे एकदम साफ़ दिखाई पड़ रह थे.
उसके मम्मे उसके माँ की भांति सुडौल थे जो एक नज़र में किसी को भी दीवाना बना सकते थे.
उसने बहुत छोटे से शॉर्ट्स पहन रखे थे जिससे उसके गोर और सुडौल नितंब दिखाई पद रहे थे.
हरीश सारा नज़ारा अपनी पत्नी वंदना ने पीछे खड़ा हो कर देख रहा था.
हरीश ने पीछे से वंदना को अपने बाहीं में भर लिया.
उसके हाथ वंदना के दोनों चून्चियों पर रेंगने लगे.
वंदना मुस्कराई और उसने अपनी गुन्दाज़ चूतडों को हरीश के खड़े लंड पर रगड़ना शुरू कर दिया.
इससे हरीश का खड़ा लंड वंदना की गांड की दरार में गड़ने लगा.
वंदना ने धीरे से हँसते हुए पूंछा, “डार्लिंग! तुम्हारा लंड किसे देख के खड़ा हो गया?” हरीश बोला, “दोनों को देख कर.
तुमने देखा की उनकी लडकी ने किस तरह के कपडे पहने हैं”? “वो बहुत हॉट है न? जरा सोचो अपनी काजल अगर ऐसे कपडे पहने तो?” वंदना बोली.
हरीश के हाथ अब वंदना के ब्लाउज के अन्दर थे.
वो उसकी ब्रा का आगे का हुक खोल रहा था.
हरीश वंदना की चून्चियों को अपने हाहों में भर रहा था और धीरे मसल रहा था.
हरीश को अपनी चून्चियों के साथ खेलने के अनुभव से वंदना भी गर्म हो रही थी.
वो बोली, “हरीश डार्लिंग! आह.. मुझे बहुत अच्छा लग रहा है.
मुझे खुशी हुई की नए पड़ोसियों को देख कर तुम्हें “इतनी” खुशी हुई… अब मुझे तुम्हें यहाँ बुला कर उन्हें दिखाने का इनाम मिलेगा ना?”. हरीश वंदना को जोर जोर से चूमने लगा.
उसने वंदना का गर्म बदन अपने ड्राइंग रूम में बिछे हुए कालीन पर खींच लिया.
उसके हाथ अब वंदना के स्कर्ट के अन्दर थे, उसकी उंगलिया उसकी गीली चूत पर रेंग रहीं थी.
वंदना ने अपनी टाँगे पूरी चौड़ी कर रखीं थीं.
हालांकि दोनों के विवाह को 19 साल हो गए थे, पर दोनों आज भी ऐसे थे जैसे उनका विवाह 19 घंटे पहले ही हुआ है – जब भी उन्हें जरा भी मौका मिलता था, चुदाई वो जरूर करते थे.
हरीश ने अपना पजामा उतार के अपने लौंड़े को आज़ाद किया.
वंदना इस लंड को अपनी चूत में उतार के चोदने के लिए एकदम तैयार थी.
वंदना को चुदाई बहुत पसंद थी.
वो वाकई चुदवाना चाहती थी.
पर हरीश को चिढाने के लिए उसने बोला, “हरीश डार्लिंग… नहीं…काजल के घर आने का टाइम हो गया है.
वो कभी भी आ सकती है” हरीश ने अपना लौंडा वंदना के चूत के मुहाने पर टिका के एक हल्का सा धक्का लगाया जिससे उसके लंड का सुपाडा वंदना की गीली चूत में जा कर अटक सा गया.
वंदना ने अपनी गांड को ऊपर उठाया ताकि हरीश का पूरा का पूरा लंड उसकी चूत के अन्दर घुस सके.
हरीश धीरे धीरे अपनी गांड हिलाने लगा ताकि वो अपनी पूरी तरह गरम चुकी बीवी की गांड के धक्कों को मैच कर सके और बोला, “अच्छा को कि काजल किसी दिन हमारी चुदाई देख ले…कभी कभी मुझे लगता है कि उसकी शुरुआत करने की उम्र भी अब हो गयी है.
” वंदना ने अपने पैर हरीश की गांड पर लपेट लिए और अपनी भरी आवाज में बोली, “अरे गंदे आदमी…यहाँ तुम अपनी बीवी की ले रहा है और साथ में अपनी बेटी को चोदने के सपने देख रहा है…सुधर जा….
” हरीश ने वंदना को दनादन फुल स्पीड में चोदना चालू कर दिया.
उसका लंड वंदना की चूत के गीलेपन और गहराइयों को महसूस कर रहा था.
वंदना आह आह कर रही थी और अपनी चूत को हरीश के लंड पर टाइट कर रही थी.
हरीश को वंदना की चूत की ये ट्रिक बेहद पसंद थी.
हरीश ने धक्कों की रफ़्तार खूब तेज कर दी और वो वंदना की चूत में झड़ने लगा.
वंदना ने अपने चूत में हरीश के लंड से उसके वीर्य की गरम धार महसूस की और वो भी झड़ गयी.
वंदना झड़ते हुए इतनी जोर से चिल्लाई की उसकी अवाज नए पड़ोसियों तक भी शायद पहुची हो.
दोनों एक दुसरे से लिपटे हुए थोड़े देर पड़े रहे.
फिर हरीश के अपना लौंडा उसकी चूत से निकाला उसे होठों पर चूमा और बाथरूम की तरफ चला गया.
वंदना ने अपने कपडे ठीक किये और वापस खिड़की पर चली गयी ताकि देख सके की नए पड़ोसी अब क्या कर रहे हैं.
अब माँ और बेटी शायद घर के अन्दर थे और पिता बाहर खड़ा हुआ था.
हरीश बाथरूम से लौट आया और उसने वंदना के गर्दन के पीछे चूमा.
वंदना गर्दन के पीछे चूमा जाना बहती पसंद था.
वंदना ने अपनी भरी आवाज में बोला “मज़ा आया हरीश.
मुझे बहुत अच्छा लगता है जब तुम कहीं भी और कभी भी मेरी लेते हो..” “ओह यस बेबी…इस शहर का सबसे टॉप माल तो तू है न…”. कहते हुए हरीश ने वंदना की गांड पर एक हल्की चपत लगाईं.
वंदना हंसने लगी और हरीश की बाहों में लिपटने लगी और बोली,
स्रोत:इंटरनेट