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Do Tharki Buddhe Aur Main Bechari Sex Hindi Story 2

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कुछ देर बाद खाना आ गया । हमने उठकर खाना खाया फिर वापस आकर सोफे पर बैठ गये। सोनी अंकल और गुप्ता अंकल अब बड़े वाले सोफे पर बैठे। वो सोफा टीवी के ठीक सामने रखा हुआ था। मैं दूसरे सोफे पर बैठने लगी तो सोनी. अंकल ने मुझे रोक दिया-“अरे वहाँ क्यों बैठ रही हो। यहीं पर आजा यहाँ से अच्छा दिखेगा। दोनो सोफे के दोनो किनारों पर सरक कर मेरे लिए बीच में जगह बना दिए। मैं दोनो के बीच आकर बैठ गयी। फिर हम मैच. देखने लगे। वो दोनो वापस बियर लेने लगे। मैं बस उनका साथ दे रही थी। बातों बातों में आज मैने ज़्यादा ले लिया था इसलिए अब मैं कंट्रोल कर रही थी जिससे कहीं बहक ना जाउ। आप सब तो जानते ही होंगे कि. भारत-पाकिस्तान के बीच मैच हो तो कैसा महौल रहता है। शारजाह के मैदान में मैच हो रहा था। इंडियन कैप्टन था अज़हरुद्दीन।” आज पाकिस्तानी जीतना ही नही चाहते हैं।” सोनी जी ने कहा” ये ऐसे खेल. रहे हैं जैसे पहले से सट्टेबाज़ी कर रखी हो।” गुप्ता अंकल ने कहा।”आप लोग इस तरह क्यों बोल रहे हैं? देखना पाकिस्तान जीतेगी।” मैने कहा” हो ही नही सकता। शर्त लगा लो पाकिस्तान हार कर. रहेगी” सोनी अंकल ने कहा।तभी एक और छक्का लगा। ” देखा…देखा….
” सोनी अंकल ने मेरी पीठ पर एक हल्के से धौल जमाया ” मेरी बात मानो ये सब मिले हुए हैं।” खेल आगे बढ़ने लगा। तभी एक विकेट गिरा तो हम तीनो उछल पड़े। मैं खुशी से सोनी अंकल की जाँघ पर एक ज़ोर की थपकी दे कर बोली “देखा अंकल? आज इनको कोई नही बचा सकता। इनसे ये स्कोर बन ही नही सकता।”. मैं इसके बाद वापस खेल देखने में बिज़ी हो गयी। मैं भूल गयी थी कि मेरा हाथ अभी भी सोनी अंकल की जांघों पर ही पड़ा हुआ है। सोनी अंकल की निगाहें बार बार मेरी हथेली पर पड़ रही थी। उन्होंने सोचा शायद मैं जान. बूझ कर ऐसा कर रही हूँ। उन्होंने भी बात करते करते अपना एक हाथ मेरा स्कर्ट जहाँ ख़त्म हो रहा था वहाँ पर मेरी नग्न टांग पर रख दिया। मुझे अपनी ग़लती का अहसास हुआ और मैने जल्दी से अपना हाथ उनकी जांघों पर. से हटा दिया। उनका हाथ मेरी टाँगों पर रखा हुआ था। कंदार अंकल ने मेरे कंधे पर अपनी बाँह रख दी। मुझे भी कुछ कुछ मज़ा आने लगा।अब लास्ट तीन ओवर बचे हुए थे। खेल काफ़ी टक्कर का हो गया था। एक तरफ जावेद. मियाँदाद खेल रहा था। लेकिन उसे भी जैसे इंडियन बौलर्स ने बाँध कर रख दिया। खेल के हर बॉल के साथ हम उछल पड़ते। या तो खुशियाँ मनाते या बेबसी में साँसें छोड़ते। उछल कूद में कई बार उनकी कोहनियाँ मेरे बूब्स. से टकराई। पहले तो मैने सोचा शायद ग़लती से उनकी कोहनी मेरे बूब्स को छू गयी होगी लेकिन जब ये ग़लती बार बार होने लगी तो उनके ग़लत इरादे की भनक लगी।. आख़िरी ओवर आ गया अज़हर ने बॉल चेतन सोनी को पकड़ाई।” इसको लास्ट ओवर काफ़ी सोच समझ कर करना होगा सामने मियाँदाद खेल रहा है।”” अरे अंकल देखना ये मियाँदाद की हालत कैसे खराब करता. है।” मैने कहा “नही जीत सकती पाकिस्तान की टीम नही जीत सकती लिख के लेलो मुझसे। आज भारत के जीतने पर मैं शर्त लगा सकता हूँ।” सोनी अंकल ने कहा।” और मैं भी शर्त लगा सकती हूँ की. पाकिस्तान ही जीतेगी” मैने कहा। आख़िरी दो बॉल बचने थे खेल पूरी तरह पाकिस्तान के फेवर में चला गया था।”मियाँदाद कुछ भी कर सकता है। कुछ भी। इसे आउट नही कर सके तो कुछ भी हो सकता है।” सोनी. अंकल ने फिर जोश में कहा।” अब तो मियाँदाद तो क्या उसके फरिश्ते भी आ जाएँ ना तो भी इनको हारने से नही बचा सकते।””चलो शर्त हो जाए।” सोनी अंकल ने कहा।. ” हां हां हो जाए।।” गुप्ता अंकल ने भी उनका साथ दिया। मैने पीछे हटने को अपनी हार मानी और वैसे भी पाकिस्तान की जीत तो पक्की थी। लास्ट बॉल बचा था और जीतने के लिए दो रन चाहिए थे। पाकिस्तान का. जीतना लगभग तय था. “बोलो अब भगोगे तो नहीं। आख़िरी बॉल और मियांदाद। दो रन तो ले ही लेगा।” मैने गर्व से गर्दन अकड़ा कर सोनी जी की तरफ देखा। सोनी अंकल ने अपने कंधे उचकाय कहा कुछ नही। उनको भी लग गया था कि आज. पाकिस्तान ही जीतेगी। फील्डर्स सारे जगह पर लगा दिए गये थे। मैने उनसे पूछा-“सोच लो…। अब शर्त लगाओगे क्या। 99% तो पाकिस्तान जीत ही चुकी है।””शर्त तो हम लगाएँगे ही। देखना मियाँदाद. बैटिंग कर रहा है। वो पूरी जान लगा देगा।” सोनी अंकल ने अपनी हाथ से फिसलती हुई हेकड़ी को वापस बटोरते हुए कहा।”ठीक है हो जाए शर्त।” कह कर मैने अपने एक हाथ सोनी अंकल के हाथ में दिया और. एक हाथ गुप्ता अंकल के हाथ में दिया।”अगर पाकिस्तान जीती तो……………….
?” सोनी अंकल ने बात मेरे लिए अधूरी छोड़ दी। “तो आप दोनो अलग अलग मुझे ट्रीट देंगे। साथ में हम लोगों की फॅमिली भी रहेगी। मक्डोनल्ड्स मे। मंजूर?” मैने उनसे कहा। दोनो ने तपाक से हामी भर दी।”और अगर भारत जीत गयी. तो……?”-गुप्ता अंकल ने भी शर्त में शामिल होते हुए कहा।”तो कोमल वही करेगी जो हम दोनो कहेंगे। मंजूर है?” सोनी अंकल ने कहा”क्या करना पड़ेगा?” मैने हंसते हुए पूछा। मैं. सोच भी नही पा रही थी कि मैं किस तरह इन दोनो बूढो के चंगुल में फँसती जा रही हूँ।”कुछ भी जो हमें पसंद होगा।” गुप्ता ने कहा।”अरे गुप्ता छोड़ शर्त-वर्त ये लगा नही सकती।” सोनी अंकल. ने कहा।. “ठीक है हो जाए शर्त।” कह कर मैने अपना एक हाथ सोनी अंकल के हाथ में दिया और एक हाथ गुप्ता अंकल के हाथ में दिया। दोनो ने अपने हाथ में मेरे हाथों को पकड़ लिया। दोनो मेरे बदन से सॅट गये। मैं. दोनो के बीच सॅंडविच बनी हुई थी। ऐसे महौल में चेतन सोनी ने दौड़ना शुरू किया। कमरे में महौल गर्म हो गया था। कुछ तो मैच के रोमांच से और कुछ हमारे बदन के एक दूसरे से सटने से। चेतन सोनी दौड़ता हुआ आया और. उसने पता नही क्यों एक फुलटोस गेंद जावेद मियाँदाद को फेंकी। हमारी साँसे थम गयी थी। जावेद मियाँदाद ने आख़िरी बॉल के पीछे आते हुए अपने बैट को लिफ्ट किया और बॉल तेजी से नीचे आती हुई बैट से टकराई। सब ऐसा. लग रहा था जैसे स्लो मोशन में चल रहा हो। बॉल बैट से लग कर आसमान में उछली और लाखों करोड़ों दर्शक सिर्फ़ साँस रोके देखते ही रह गये। बॉल सीधे फील्डर के हाथो में.. भारत जीत गयी। मुझे तो समझ में ही नही आया कि ये सब क्या चल रहा है। मैं बस मुँह फाडे टीवी की तरफ देख रही थी। यकीन तो मेरे साथ बैठे दोनो बुजुर्गों को भी नही हो रहा था कि ऐसे पोज़िशन से पाकिस्तान हार भी सकती है। कुछ देर तक इसी तरह रहने के बाद. दोनो चिल्ला उठे, “हुरर्राह….
हम जीत गये।” मैने मायूसी के साथ दोनो की ओर देखा।”हम जीत गये।” मैं उनकी तरफ देख कर एक उदास सी मुस्कान दी “अब तुम हमारी शर्त पूरी करो।” सोनी जी ने कहा।”ठीक है बोलो क्या करना है।” मैने उनसे कहा।”सोच लो फिर से बाद में अपने वादे से मुकर मत जाना।” सोनी अंकल ने कहा।” नही मैं नही मुकुरूँगी अपने वादे से। बोलो मुझे क्या. करना पड़ेगा।” सोनी जी ने मुस्कुराते हुए गुप्ता अंकल की तरफ देखा। दोनो की आँखें मिली और संवादों का कुछ आदान प्रदान हुआ।”तू बोल गुप्ता…….
इसे क्या करने को कहा जाए।” सोनी अंकल ने गुप्ता अंकल से कहा।” नही तूने शर्त लगाया है सोनी तू ही इसके इनाम की घोषणा कर।”.
स्रोत:इंटरनेट