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Dost Bahan Nath Mast Hindi Sex Story 2

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मेरा हाथ छोडो! वरना कोई देख लेगा! बबिता बोली.
उसको डर था की कहीं और ना आ जाए.
छोड़ दूँगा! पर पहले बता कब देगी?? अभिषेक से शरारत के साथ पूछा.
मेरी जवान और चुदासी बहन बबिता जान गयी की अभिषेक उससे उसकी चूत मांग रहा है.
हकीकत तो ये थी की बबिता भी चुदवाने के पुरे मूड में थी.
क्यूंकि पिछले कई महीनो से वो अभिषेक ना नाम ले लेकर मुठ मार रही थी.
वो जानती थी की जब अभिषेक उसको चोदेगा तो उसे भी खूब मजा आएगा.
इसलिए बबिता भी उससे चुदवाना चाहती थी.
अच्छा कल रात में ले लेना, 9 बजे! बबिता बोली.
मेरे जिगरी दोस्त अभिषेक ने मेरी जवान और चुदासी बहन का हाथ छोड़ दिया.
बबिता घर आ गयी.
अभिषेक मेरी बहन को चोदने के सुनहरे ख्वाब बुनने लगा.
अगला दिन जब शाम हुई तो वो बेसब्री से 9 बजने का इंतजार करने लगा.
पर जैसे आज तो घरी की सुई रुक सी गयी थी.
एक एक घंटा बड़ी देर देर में गुजर रहा था.
आखिर बड़े इंतजार करने के बाद 9 बजा तो मेरी जवान, चुदासी बहन बबिता कोई सामान खरीदने के बहाने से अभिषेक की दूकान पर गयी.
अभिषेक से उसे दूकान के अंडर खीच लिया.
बाहर उसने बोर्ड लगा दिया की दूकान बंद है और उसने अंदर से दूकान का सेटर गिरा लिया.
उसने बबिता को पकड़ लिया और ताबड़तोड़ उसके होठ पी डाले.
बबिता!! कबसे तुझको चोदना चाहता हूँ! तू मेरी तडप नहीं जानती!! अभिषेक बोला.
उसने वहीँ फर्स पर कोका कोला की विज्ञापन वाली बड़ी की पन्नी बिछा दी और मेरी पहन को उस पर लिटा दिया.
खुद भी वो बबिता के बगल लेट गया.
अभिषेक ने बबिता को बाहों में भर लिया और उसके गाल, गले, कान, मुंह, होंठों पर जगह चूमने लगा.
बबिता को भी बड़ी मौज मिल रही थी.
उसने बबिता की पतली कमर में अपना हाथ डाल दिया और उसके सुरमई होंठ पीने लगा.
अभिषेक के हाथ बबिता का बड़े बड़े मस्त मस्त गोल गोल उभरे मम्मो पर खुद ब खुद जाने लगे.
बबिता को भी बड़ा अच्छा लग रहा था.
आज पहली बार कोई लड़का उसके जवान बदन को हाथ लगा रहा था.
दोनों नौजवान बड़ी देर तक चुम्मा चाटी करते रहें.
अभिषेक से ना रहा गया.
उसने मेरी जवान और चुदासी बहन बबिता की हल्के हरे रंग की कमीज उतार दी.
बबिता से समीज पहन रखी थी.
उसके पक चुके बड़े बड़े चुचीयां बता रही थी की लौंडिया अब आम की तरह पक चुकी है.
इसके पके पके मम्मो की अब पीकर इसको चोदना खाना चाहिए.
अभिषेक इमरान हासमी जैसा हब्सी हो गया.
उसने बबिता की कसी कसी समीज निकाल दी, तो उसकी दुनिया बदल गयी.
२ खूब बड़े बड़े चूचे उसके सामने थे.
बड़े बड़े गोल गोल गोरे मम्मे थे बबिता के.
दोनों मम्मो को शिखर पर बड़े बड़े काले काले चोकोलेट कलर के घेरे थे.
मेरी जवान बहन का गजब का हुस्न देख के अभिषेक का लंड बहने लग गया.
उसका माल उसके मोटे से लौडे से बाहर बहने लगा.
अभिषेक ने देर नहीं की, वो मेरी बहन पर लेट गया और उसके मम्मे पीने लगा.
बड़े बड़े कसे कसे गोल गोल मम्मो को पाकर अभिषेक को लगा की उसे स्वर्ग मिल गया था.
बबिता के जवान नए नए मम्मो को उसने मुंह में भर लिया और मस्ती से पीने लगा.
वहीँ दूसरे हाथ से वो मेरी चुदासी बहन के दूसरे मम्मे को कस कसके दबोट रहा था.
बबिता के मम्मे रबर जैसे मुलायम थे.
सच में उसको जैसे स्वर्ग मिल गया था मेरी बहन के कबूतर को पीकर.
करीब १ घंटा उसने बबिता के दूध पिए.
फिर उसकी चूत पर आ गया.
बबिता अभी सिर्फ १६ साल की थी.
हल्की हल्की झांटे उसकी निकल आई थी.
अभिषेक उसकी चूत पीने लगा.
कुछ देर बाद उसने बबिता के दोनों पैर खोल दिए.
बबिता का दिल धड़क उठा.
अभिषेक का लंड कोई १० इंच लम्बा और २ इंच मोटा था.
उसने बबिता के चूत पर लंड रखा और जोर से धक्का दिया.
बबिता की सील टूट गयी.
अभिषेक ने एक धक्का और दिया तो उसका लंड पूरा मेरी बहन की चूत में धंस गया.
बबिता रोने लगी.
अभिषेक उसको चोदने लगा.
२० मिनट बाद उसका दर्द खत्म हो गया, अभिषेक उसको मजे से जल्दी जल्दी पेलने लगा.
मेरी जवान बहन चुदने लगी.
बबिता आज पहली बार चुदवा रही थी.
कुछ देर के बाद वो बराबर सहवास करने लगी.
कमर उठा उठाके चुदवाने लगी.
अभिषेक ने मेरी बहन को १ घंटे दूकान का सेटर गिरा के चोदा और फिर उसकी बुर में माल छोड़ दिया.
बबिता ने दोबारा कपड़े पहन लिए और घर आ गयी.
१० दिन बाद जब मैं घर लौटा तो पता चला की अभिषेक ने मेरी बहन को १० दिन लगातार लिया था.
बबिता की खूब चूत मारी थी.
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स्रोत:इंटरनेट