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Dost Bahan Nath Mast Hindi Sex Story

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 . हेलो दोस्तों, मैं शिखर आप सभी का My Hindi Sex Stories dot com पर बहुत बहुत स्वागत करता हूँ.
मैं पिछले कई सालों से यहाँ की sexy stories पढता हूँ.
अब तो मैं रात को मैं जब तक यहाँ की कहानियाँ ना पढूं मुझे चैन नही आता है.
तो बिना समय नष्ट किये हुए आपको अपनी mast hindi sex story सुनाता हूँ.
मेरी छोटी बहन बबिता अब पूरी तरह से जवान हो चुकी है.
उसने १२ वी पास कर ली थी.
अब वो बीए  में आ गयी थी.
जैसा ही हर जवान लड़की के साथ होता है, मेरी बहन बबिता का बदन भी फूल की तरह खिल चुका था.
बी ए में लडकियाँ शर्ट और स्कर्ट की जगह सलवार सूट पहनती है.
क्यूंकि जादातर लडकियाँ जवान हो जाती है.
शर्ट में उनकी बड़ी बड़ी छातियाँ ढक नही पाती है.
इसलिए लडकियाँ सलवार सूट पहनने लगती है.
ठीक ऐसा ही मेरी बहन बबिता के साथ हुआ था.
कहाँ वो पहले कितनी छोटी थी, पर जैसे ही उसने १२ वी पास किया उसकी लम्बाई चौड़ाई इकदम से बढ़ गयी.
उसका शरीर बड़ी तेजी से बढ़ गया.
उसकी पीठ, कमर, टाँगे, सब बढ़ गयी.
बाबिता की अब छातियाँ उभर आई और खूब बड़ी बड़ी हो गयी.
उसकी गिनती मेरे मोहल्ले की सबसे मस्त माल में होने लगी.
सुबह शाम जब को कॉलेज जाती तो लड़के उसको ताड़ते रहते.
उपसर कई तरह की कमेंट्स भी पास करते.
ऐ! देगी क्या?? क्या माल है!! क्या मस्त माल है यार, एक बार इसकी चूत मिल जाए तो कहने की क्या??, ऐसा सामान तो यार आज तक नही देखा!! इस तरह की कमेंट्स उसे लड़के मारने लगे.
पर बबिता कभी किसी लड़के को पलट के जवाब नही देती थी.
हर धीरे धीरे वो जान गयी थी की लडकियाँ लड़कों से पटने के लिए ही होती है.
लडकियाँ जब जवान हो जाती है तो लड़कों से प्यार करने लग जाती है.
फिर लड़के उनको चोद चोद के खूब मौज देते है.
मेरी जवान बहन अब धीरे धीरे सब कुछ जानते लगी थी.
एक दिन एक लड़के ने कॉलेज में जबरदस्ती मेरी जवान हो चुकी बहन का हाथ पकड़ लिया और उसके गाल पर चुम्मा ले लिया.
बबिता कुछ नही बोली.
वो घर आई तो जोर जोर से रोने लगी और मुझे सब बात बताई.
मुझे बहुत गुस्सा आया.
मैंने अपने दोस्त अभिषेक को लिया और अगले दिन कॉलेज पहुच गया.
अभिषेक मेरा बहुत अच्छा दोस्त था.
वो मेरा जिगरी दोस्त था.
मैं उस पर आखं मूंद पर विश्वास करता था.
अभिषेक मार पीट भी कर लेता है.
जबकि मैं बड़ा डरपोक किस्म का था.
मैं और अभिषेक अगले दिन बबिता के कॉलेज गए तो अभिषेक से उस लड़के को खूब मारा.
मोटे मोटे डंडे से मार मार कर उसका मुंह फोड दिया.
दोबारा उस लड़के ने मेरी जवान बहन बबिता की तरह नजर उठा के नही देखा.
एक दिन जब अभिषेक मेरे घर आया तो मेरी बहन बबिता से उसके लिए चाय पकोड़ी बनायीं.
अभिषेक बहुत खुश हुआ.
मेरी जवान हो चुकी बहन बार बार अभिषेक की तरह ही देख रही थी.
बबिता अब बहुत सुंदर निकल आई थी.
बिल्कुल कमल का फूल लड़की थी.
वो बहुत गोरी निकल आई थी.
मेरे मोहल्ले के सब लड़के उसको देख देख के यही सोचते थे की काश वो उनसे के बार बोले.
धीरे धीरे बबिता और मेरे जिगरी दोस्त अभिषेक में अच्छी दोस्ती हो गयी.
धीरे धीरे मैं जान गया था की मेरी जवान और बड़ी हो चुकी बहन बबिता मेरे दोस्त से प्यार करने लगी है.
मुझे ये अहसास हो गया था.
एक दिन मैं रात के वक्त बाथरूम गया तो दरवाजे के छेद से देखा की बबिता मुठ मार रही थी.
‘अभिषेक !! मेरे यार ! मेरे जानू! मेरे दिलबर! एक बार मुझसे प्यार करो! मैं तुमसे मिलने को बेक़रार हूँ!! बबिता धीरे धीरे बुदबुदा रही थी और जल्दी जल्दी अपनी चूत में अपनी बीच वाली ऊँगली डाल कर जल्दी जल्दी. फेट रही थी.
ये सीन देख कर मैं दंग रह गया दोस्तों.
मैं जान गया की मेरी बहन जो बड़ी मासूम मासूम लड़की थी, जो कुछ जानती नही थी, वो अब पूरी तरह से जवान हो चुकी है.
बबिता को अब चूत और लंड के अनोखे रिश्ते के बारे में भी सब मालुम हो गया है.
वो अब जान गयी है की लड़के लकडियों को लेते है, उनकी चूत मारते है.
लडकियाँ लड़कों से चुदने के लिए ही उपर वाले ने बनायीं है, ये बार मेरी जवान और चुदासी हो चुकी बहन अब जान गयी थी.
इतना ही नही वो अब मेरे जिगरी दोस्त से प्यार करने लगी है.
मुझे ये भी मालूम पड़ गया.
पर मैंने इस बात पर जादा ध्यान नही दिया.
मैं अपनी जवान और चुदासी बहन को पहले की तरह मासूम ही समजता था.
कुछ दिन बाद मेरे जिगरी यार अभिषेक ने एक धनिया मिर्चा की दूकान खोली.
सर्फ, साबुन, क्रीम, शम्पू, हर तरह के जेनेरल चीज वहाँ मिलती थी.
अब तो बबिता कभी साबुन, कभी मैगी, शम्पू लेने के बहाने से अभिषेक की दूकान पर जाने लगी.
दिन पर दिन दोनों का प्यार परवान चढ़ने लगा.
बबिता अभिषेक को देख देख के खूब मुस्कुराती.
बदले में वो भी खूब मुस्कुराता.
मेरी जवान बहन को अभिषेक हँसते देख लेता तो उसका लौड़ा खड़ा हो जाता.
‘यार!! ये शिखर की बहन तो बड़ी गजब का माल है.
बस किसी तरह इसको बोतल में उतार लूँ और चोद लूँ.
सच में जिस दिन इसकी चूत मिल गयी ना, मैं तो सीधा स्वर्ग ही पहुँच जाऊँगा !!’ अभिषेक मेरी जवान और चुदासी बहन को देख देख के कहता.
उनका लंड तो बबिता को देख के दीवाना हो जाता.
मेरा जिगरी यार अब मेरी बहन को किसी भी तरह चोदना चाहता था.
अभिषेक का लंड बबिता की चूत का दीदार करना चाहता था.
मेरी बहन की मलाई सी मुलायम चूत को पेलना चाहता था.
सौ की सीधी बात थी, मेरी बहन चुदना चाहती थी, अभिषेक उसको चोदना चाहता था.
मेरी बहन उसका बड़ा सा मोटा लंड लेना चाहती थी, अभिषेक उसको देना चाहता था.
दोनों युगल चुदाई के सुनहरे सपने देखने लगे.
मुझे थोडा थोडा डर लगने लगा की कहीं अभिषेक मेरी बहन को चोद ना दे.
कहीं वो मेरी जवान और चुदासी बहन की नथ ना उतार दे.
ये डर मेरे मन में बैठ गया.
इसी दौरान मुझे एक नौकरी के सिलसिले में चंडीगढ़ जाना पड़ गया.
वहां मेरा लिखित और इंटरव्यू था.
मैंने चंडीगढ़ की ट्रेन पकड़ ली, पर मन में डर था की कहीं अभिषेक मेरे जवान बहन को चोद ना डाले मेरी गैर माजूदगी में.
अगले दिन जब बबिता अभिषेक की दूकान में गयी कॉपी और पेन लाने गयी तो अभिषेक ने बबिता का हाथ पकड़ लिया.
अभिषेक हँसने लगा.
बबिता शर्मा गयी.
हाथ छोडो अभिषेक!! वरना कोई देख लेगा! बबिता हसकर बोली.
अभिषेक जान गया की मैं तो शहर से बाहर हूँ.
बबिता को भांजने, चोदने खाने का इससे अच्छा मौका नही मिलेगा.
छोड़ दूँगा, पर पहले बताओ किस दिन दोगी?? अभिषेक मजाक करते हुए बोला.
ले लेना किसी दिन! बबिता भी हंसकर बोली.
वहां पर उस समय शाम के ८ बजे थे.
अभिषेक की दूकान पर और कोई नही था, सिर्फ मेरी जवान और चुदासी बहन बबिता ही थी.
अभिषेक ने बबिता का हाथ पकड़ ले अपनी तरफ खीच लिया और उसके नरम नरम गुलाबी होंठों पर किस ले लिया.
बबिता कुछ कह पाती इससे पहले अभिषेक ने उसे कसके कंधे से पकड़ लिया और उसके होठ कुछ देर तक पी लिए.
फिर छोड़ दिया.
आज पहली बार मेरी जवान और चुदासी बहन के नरम नरम होंठ किसी ने पियें थे.
बबिता को बहुत अच्छा लगा.
उसको आज पता चला की कैसे लड़के लड़कियों के होठ पीते है.
अभिषेक ने फिर से बबिता का हाथ पकड़ लिया.

स्रोत:इंटरनेट