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Dost Ki Chalu Biwi Aur Bahan Group Chudai Kahani 2

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कविता ने कहा- हाँ पंकज !. और कविता ने मुझे पानी की बोतल और एक गिलास दिया तो मैंने कविता को कहा- जरा मेरा बैग देना !. तो कविता ने ने मेरा बैग उठा कर दिया और मैंने बकाडी की बोतल निकाली और ढक्कन खोलकर अपने गिलास में डाली कि शायद दोनों कुछ घबरा जायें, और पानी डालकर और एक ही बार में पूरा का पूरा गिलास खत्म कर दिया और अपना बैग वैसे ही अपनी सीट के नीचे रख दिया। पर उसका तो उलटा ही असर हुआ और दो ही मिनट के बाद कविता ने कहा- पंकज, जो अभी आपने पानी पिया वो मुझे और भाभी को भी दो ना। तो वो कहने लगी- सब लोग सो रहे हैं, आप ही तो जाग रहे हो, आप ही मुझे दे दो ना ! मैंने सोचा कि आज कहा फँस गया? और मैं तो यही सोच रहा था कि कविता ने मेरे बैग से बकाडी की बोतल निकाल ली और रुपाली से बोली- भाभी, मैं अभी आपको पंकज वाला पानी देती हूँ ! और गिलास आधा से भी ज्यादा भर लिया। मैंने गिलास कविता के हाथ से छीन लिया तो कविता बोली- पंकज मैं सब की गारंटी ले रही हूँ तो आपको क्या कष्ट है? मै हूँ ना? घबराने की कोई जरूरत नहीं ! अब पंकज इस पानी में. से आधा मुझे और आधा भाभी को दो ना।. अब मैं क्या करूँ क्या ना करूँ ? मैं तो फँस ही गया ? मैंने कविता से कहा- ठीक है, आपको यही पानी पीना है ना तो मैं और गिलास निकाल लेता हूँ और सभी लोग लेते हैं। मैंने अपने बैग से प्लास्टिक के दो गिलास निकाले और उनमें पानी और लिम्का डाल दी और कविता और रुपाली दोनों को थमाने लगा। इतने में ही रुपाली ने पहले वाला गिलास उठा लिया। मुझे पता नहीं चला कि कब रुपाली ने. गिलास मेरे पास से उठा लिया।. इतने में ही कविता बोली- पंकज, मैं तो भाभी वाला गिलास लूँगी। तुम और भाभी अपना गिलास सम्भालो। कविता ने अपने हाथों में पकड़े दोनों गिलास एक मुझे और एक रुपाली को थमा दिये और रुपाली के हाथ से बकाडी वाला गिलास लेकर पीने लगी। उसने एक ही साँस में पीने की कोशिश की, पर वो तो नीट थी तो थोड़ी ही पी पाई। मैंने कहा- आप यह पानी नहीं पी पाओगी।. पर कविता कहाँ मानने वाली थी, उसने गिलास मुँह से लगाया और पीने लगी। तो मुझे भी गुस्सा आ गया, मैंने गिलास कविता के हाथ से छीन लिया, गिलास मैंने अपने पास में रख लिया तो कविता मुझ से बहस करने लगी। इतने में ही रुपाली ने हम दोनों को बातों में उलझा देखकर वो ही गिलास उठाया और एक ही बार में आधे से ज्यादा पी गई, रुपाली ने दुबारा में पूरा ही गिलास खत्म कर दिया और कहने लगी- पंकज आपकी ड्रिन्क तो बड़ी अच्छी है, पीकर मजा आ गया। मैंने देखा कि रुपाली ने पूरा ही गिलास खत्म कर दिया। वह मुझसे चिपटने लगी तो अब मैंने भी अपने हथियार डाल दिये।. जैसे ही हम लोग मुजफ्फरनगर पहुँचे, मैंने ड्राइवर से कहा- गाड़ी बाई-पास से निकाल लेना ! ड्राइवर ने गाड़ी बाई-पास से घुमा दी और थोड़ी दूर जाने के बाद मैंने गाड़ी रोकने को कहा। ड्राइवर ने गाड़ी साईड में लगा दी, मैं गाड़ी से उतरकर पेशाब करने के लिये चला गया। जैसे ही वापस आया तो देखा- सभी लोग आराम से सो रहे हैं।. मैं भी अपनी सीट पर जाकर बैठ गया और ड्राइवर को चलने को कहा। गाड़ी मुजफ्फरनगर से जैसे ही रुड़की के लिए मुड़ी और तेजी से चलने लगी तो मुझे फिर से रुपाली का हाथ अपने लण्ड पर महसूस हुआ। वो बड़े ही इत्मिनान. से हाथ फिरा रही थी। अबकी बार मैंने भी सोच लिया कि जो भी होगा देखा जायेगा, और मैं भी मजा लेने लगा। तो थोड़ी ही देर में रुपाली अपनी सीट से मेरी सीट पर आकर बैठ गई और मेरा लोवर नीचे खिसका के मेरे लण्ड को मुँह में लेकर चूसने लगी। मेरा लण्ड अब तक अपने पूरे आकार में आ चुका था।. रुपाली ने कहा- पंकज, आपका हथियार तो बहुत ही शानदार है ! और मेरी गोलियाँ हाथ से सहलाने लगी। मुझे भी मजा आने लगा और मेरे मुँह से कोई आवाज ना निकले, इस बात का ध्यान रखने लगा। रुपाली तो अपने काम में लगी हुई थी तो अचानक ही मुझे याद आया कि कविता ने कहा था- भाभी को जो भी करना है करने दो, बाकी की मेरी जिम्मेदारी ! मैंने रुपाली की चूचियों को ब्लाउज के ऊपर से ही सहलाने लगा। रुपाली की चूची हाथ में आसानी से आ गई, मेरे हाथ लगने से ही वो टाईट होने लगी। मैं भी सब कुछ भूल कर रुपाली का होकर रह गया। रुपाली मेरा लण्ड चूस रही थी और मेरी गोलियों को हाथ से बराबर सहला रही थी। मुझे भी पूरा मजा आ रहा था। मैंने भी अब कमर कस ली और सोचा जो होगा देखा जायेगा और एक हाथ रुपाली के पेटिकोट में डाल दिया। मैंने महसूस किया कि रुपाली ने. तो पैन्टी ही नहीं पहनी हुई है और मेरी अँगुली सीधी ही रुपाली की चूत में चली गई। रुपाली की चूत पानी छोड़ रही थी।. मुझे तो पूरा मजा आ रहा था, एक तो मैं रुपाली की चूत में अँगुली डाल रहा था और ऊपर से रुपाली मेरा लौड़ा चूस रही थी। अब मैं भी पूरा मजा लेना लगा और रुपाली को भी मजा देने लगा। कुछ देर में मेरे लण्ड ने अपना पूरा पानी रुपाली के मुँह में छोड़ दिया। रुपाली की चूत तो पहले से ही गीली थी, मुझे नहीं मालूम उसकी चूत ने कितनी बार पानी छोड़ा —————–क्रमशः——————–. दोस्तों चुदाई का यह सफ़र group chudai kahani के अगले भाग में जारी रहेगा. और भी मस्त के लिए आते रहिये my hindi sex stories पर. chudai story के अन्य भाग –. भाग – 1. भाग – 2.
स्रोत:इंटरनेट