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First Class Ac Coach Train Xxx Story

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वो रेल यात्रा मैंने प्लान नहीं की थी, मैं तो बस जल्दी से घर पहुच अपनी बीवी को चोदना चाहता था.
पर ऊपर वाला अगर एक नयी चूत मुझे गिफ्ट देना चाहे तो उसे कौन रोक सकता है.
एक रोमांटिक train xxx story पढ़िए.. Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. महाकौशल एक्सप्रेस की उस दिन की यात्रा मैंने प्लान नहीं की थी .
मैंने तो जबलपुर से दिल्ली की  फ्लाइट बुक करा रखी थी परन्तु सुबह को पता चला कि गहरे कोहरे के कारण दिल्ली की सभी फ्लाइट रद्द कर दी गयी है तो मेरे ऑफिस ने महाकौशल के फर्स्ट क्लास A/C डिब्बे मैं मेरी सीट बुक कर दी.
मैं जबलपुर एक हफ्ते के लिए आया था और ये पूरा हफ्ता काफी व्यस्त रहा था .
शाम को भी देर तक मीटिंग्स चलती रहती थी.
मेरी कोशिश थी कि सब काम समय से पूरा हो जाये क्योंकि किसी मनोरंजन कि व्यवस्था भी जबलपुर का ऑफिस नहीं करा पाता था.
ऑफिस मे २-३ स्त्री अधिकारी थी पर मैं उनको ज्यादा पसंद नहीं करता था .
  खैर इस तरह पांच दिन पुरे हुए और मैं अपने घर जाने के लिए बेताब था परन्तु कोहरे ने सारे रंग में भंग कर दिया .
अब शुक्रवार कि शाम को घर पहुचने के बजाये मैं शनिवार को दोपहर तक ही पहुँच पाने कि उम्मीद कर सकता था क्योंकि कोहरा रेलगाड़ी को भी पक्का लेट कर देगा.
मैंने उदास मन से  महाकौशल का चलने का पता किया .
बताया गया कि गाड़ी सही समय पर है.
क्योंकि , गेस्टहाउस मे कुछ करने को नहीं था तो मैं 5 बजे  ही स्टेशन पर पहुंच गया .
 . स्टेशन पर जैसे हमेशा भीड़ होती है यहाँ भी वैसा ही था.
रेलगाड़ी प्लेटफार्म एक पर आनी थी और अभी तीस मिनट का समय था.
मेरे पास दो अदद थे.
एक में कपडे और दुसरे में रास्ते के लिए खाने पीने का सामान .
मैंने खोमचेवाले से पूछ कर जंहा फर्स्ट क्लास A/C का डब्बा लग्न था वहा अपना सामान रखा और फ़ोन निकल कर घर पर फोन लगाया.
मेरी पत्नी मधुस्मिता ने फ़ोन उठाया .
मैं उसे पहले ही बता चूका था कि मैं अब कल पहुन्चुगा और वो भी काफी मायूस हुई थी.
हम दोने ही एक दुसरे को बहुत मिस कर रहे थे और दोनो ही चुदाई के लिए बैचन हो रहे थे.
कल जब मुझे फ्लाइट रद्द होने का नहीं पता था तो मैंने उसे कहा था कि शुक्रवार की रात को घमासान चुदाई होने वाली है.
तो मधुस्मिता भी खुश हो गयी थी और कहने लगी मरी तो मैं भी जा रही हूँ ऐसा करती हूँ कि प्रतीक ( हमारा १० साल का बेटा) को दादी -दादा के पास भेज देती हूँ.
तुम्हारे पुरे दम देख लूंगी.
ठीक है और तुम पूरी तैयारी कर लेना .
मैंने मुस्कुराते हुए कहा.
मै जानती हूँ की तुम्हे क्या चाहिए तुम्हे सब चीजे एक दम फिट मिलेगी.
मधुस्मिता ने हंसते हुए कहा और मैंने फ़ोन बंद कर दिया.
 . मेरी फ्लाइट शाम को ६:३० बजे की थी मैंने ऑफिस असिस्टेंट को ११ बजे सुबह फ्लाइट की जानकारी लेने को कहा तो सूचना आई की कोहरे के कारण फ्लाइट रद्द कर दी गयी है तब आनन-फ़ानन मे महाकौशल का टिकेट बुक कराया गया.
इन सब में १२:३० बज गए , बीच में मधुस्मिता का फ़ोन भी आया पर मैंने उसे मेसेज कर दिया की अभी मीटिंग मे हूँ जल्दी ही बात करता हूँ.
मैं समझ रहा था कि मधुस्मिता भी बैचन हो रही होगी पर अब इस स्तिथि मे क्या बताऊँ.
मेरा मूड भी ख़राब हो गया था और एक-दो सहकर्मी को बिना मतलब मे डांट भी पड गयी थी.
हर कोई परेशांन था मेरा प्रोग्राम ख़राब होने से पर सभी की मजबूरी थी.
 . मधुस्मिता का इतनी देर में दुबारा फोन आ गया.
फोन उठाने पर उस ने प्यार भरी नाराजगी से एक ही सांस में कई सवाल पूछ डाले – क्या कर रहे हो? कंहा व्यस्त हो रहे हो ? कितनी देर से तुम्हारे फोन का इंतजार कर रही हूँ? तुम्हे कितनी सारी बाते बतानी थी .
मैं- मधु, बड़ी परेशानी हो गयी है.
फ्लाइट रद्द हो गयी कोहरे के कारण .
मधु – झूठ म़त बोलिए .
ये भी कोई मजाक की बात है मैं- नहीं मधु , कोई मजाक नहीं कर रहा हूँ.
आज शाम की ट्रेन मे रिजर्वेशन कराया है .
तुम मुझे थोडा समय दो , मैं अभी दफ्तर मे ही हूँ यहा काम समाप्त कर गेस्टहाउस जा कर तुम्हारे से बात करता हूँ .
मधुस्मिता रुआंसी आवाज में बोली – अगर मजाक कर रहे हो न तो बहुत बुरा होगा तुम्हरी साथ .
रुला रहे तुम मुझे.
मैं बहुत प्यार से बोला – नहीं मेरी प्यारी मधु , मैं खुद परेशांन हो रहा हूँ.
अब तुम रो कर मुझे और परेशान करोगी क्या .
गेस्टहाउस जा कर फोन करता हूँ प्लीज .
इतना कह कर फोन बंद किया .
भारी मन से बाकी सारा काम खत्म किया और १:३० बजे तक गेस्टहाउस पहुँच गया.
जल्दी से खाना मंगाया और फिर मधुस्मिता को फोन किया .
इतनी देर मे मधुस्मिता ने भी फ्लाइट रद्द होने की खबर इंटरनेट से देख ली थी इसलिए अब वो शांत थी.
मैं- रानी. मधुस्मिता- आ गए तुम गेस्टहाउस मे.
अकेले हो या अभी भी कोई साथ मे है? मैं- नहीं अब तो अकेला हूँ.
खाना मंगाया है .
सोचा खाते- खाते तुम्हारे से बात भी कर लूँगा .
तुम्हारा खाना हो गया क्या मधु- तुम्हे खाने की पड़ी है यहा मेरा अच्छा उल्लू बन गया.
सुबह मम्मी को फोन किया कि स्कूल से डैडी प्रतीक को लेले .
मम्मी हंस रही थी अच्छा सुदेश के आने की तैयारी करनी है तो मैंने भी कह दिया – हां, आप का बेटा एक हफ्ते में आ रहा है यदि उनकी खातिर ठीक से नहीं करूंगी तो आप नाराज हो जाएँगी.
उसके बाद सुबह से तैयारी में लगी हूँ और तुमने कह दिया फ्लाइट रद्द हो गयी .
अब प्रतीक भी यहा नहीं है .
मैं अकेली अब क्या करूँ.
मैं- हम भी तो सुने क्या तैयारी हो रही थी.
मधु- अकेले ही हो ना ? बता दूँ .
मैं- हां हां मेरी रानी .
अकेला ही हूँ .
बता भी दो कब से बेक़रार हूँ सुनने के लिए.
मधु- पहले तो तुम्हारी चूत के सारे बाल साफ़ किये फिर उस को चमकाने के लिए उस पर पैक लगाया .
खुशबू लगायी .
जब पहले तुम्हे फोन किया था तब ये सब प्रोग्राम चल रहा था.
सोचा था तुम्हे बता दू .
इतना जूस भर गया था न अन्दर की तुम्हारी चूत को शांत करने के लिय उसकी लोली को रगड़ना पड़ा.
तब थोड़ी देर के लिए शांत हुई .
अब तुमने तो कह दिया कि फ्लाइट रद्द हो गयी .
मेरा चूतिया बना दिया .
अब सारी रात मैं यहाँ तुम्हारी चूत को कैसे ठंडी करू.
दो दिन से तुम्हारे इंतजार में चूत क्रीम से भरी पड़ी है मैं- मेरी रानी , अब मैं तुम्हे क्या कंहू.
तुम्हे पता है कि तुम्हे कितना मिस कर रहा हूँ.
तुम्हारा लोडा मुझे बैठने थोड़े ही दे रहा है .
आज रात तो ख़राब ही हो गयी .
पता नहीं कैसे लोग मिलेगे ट्रेन में .
मूड तो मेरा भी बहुत ख़राब हो गया है.
अब तुमने मेरी चूत इतनी चमकाई है तो उसे एक बार दिखा तो दो .
मे भी यहाँ से मुठ मर के चलूँगा कम से कम रात को सो तो पाऊंगा .

स्रोत:इंटरनेट