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हम दोनों मियां बीवी ट्रेन में मिली उस डॉक्टर पर अपना शिकंजा कसते जा रहे है, अब लग रहा है की डॉक्टर की प्यारी चूत अब ज्यादा दूर नहीं है.
इन train hot stories का धमाकेदार  आखिरी भाग.. Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. मैंने फोन स्पीकर पर करके , मधुस्मिता को फोन किया.
मधुस्मिता (चहकते हुए)— हाय राजा , कंहा हो? कितनी देर से तुम्हारे फोन का इंतजार कर रही थी.
मै– तुम्हारे  बिना मायूसी से बता हूँ.
मधु— रहने दो , उस चिकनी डॉक्टर पर डोरे डाल रहे होगे.
यह सुनते ही मैंने महसूस किया कि शिवांगी जो मेरे दांये तरफ बैठी थी उसका हाथ मेरे कोहनी पर कस गया है.
मुझे लगा कि इस से पहले मधु कुछ और चूत- लंड की बाते करे मैंने फोन को स्पीकर से हटा दिया.
परन्तु मै हैरान रह गया जब शिवांगी ने मेरे हाथ से फोन छीन कर वापिस स्पीकर पर डाल दिया और इशारे से मुझे बात करने के लिए कहा.
उसकी आँखे अब एक नये नशे से चमक रही थी.
मै— इतनी खास सुंदर भी नहीं है डॉक्टर.
मधु— राजा, थोड़ी देर पहले तक तो वो बहुत सुंदर लग रही थी तुम्हे.
तुम तो उसको चोदने का प्लान बना रहे थे अब क्या हुआ? मधु की ये बात सुन कर हम दोनों ही हतप्रभ हो गए.
मैने धीरे से कहा — डॉक्टर आ रही है, मै तुम्हारे से बाद में बात करता हूँ.
मधु— छोडना नहीं है, कस के चोदना, कल तुमसे सारी  बाते सुनती हूँ.
और मैंने फोन काट दिया  . मुझे लगा की अब बात बिगड़ गयी अब तो मछली हाथ से फिसल गयी.
आश्चर्य की बात ये थी की शिवांगी अभी भी मेरे दांये में ही बैठी थी.
मैंने फोन साइड में रखा और शिवांगी की तरफ देखा और अचानक शिवांगी ने ठहाका लगाया और हँसते हँसते बोली— तुम्हारी चोरी पकड़ी गयी.
अब मै भी सहज हो गया औ उसका हाथ पकड़ कर बोला– बहुत गलत बात की आपने .
पति- पत्नी की निजी बाते कभी नहीं सुननी चाहिए.
शिवांगी की हंसी रुक नहीं रही थी शायद ये 3 पेग का असर था.
उसकी आँखे चमक रही थी.
आप दोनों ऐसे गन्दी गन्दी बाते करते है.
मै तो सोच भी नहीं सकती कोई औरत ऐसे भी बात कर सकती है.
अब चौकने की बरी मेरी थी.
मैंने कहा क्या आप कभी अपने पति से ऐसे बात नहीं करती.
मेरी बात सुनकर शिवांगी गंभीर हो गयी और उसने न में सर हिलाया.
फिर उसकी आँखों से आंसू निकलने लगे.
नशे में आदमी की हालत ऐसी ही हो जाती है कभी वो हँसता है और अगले ही पल रोने लगता है.
मैंने बिना कुछ सोचे शिवांगी को अपने आलिंगन में भर लिया और शिवांगी मेरे कंधे पर सर रख कर हिचकी ले ले कर रोने लगी.
२-3 मिनट तक शिवांगी ऐसे ही मेरे कंधे से लग कर रोती रही और मै कभी उसके सर पर कभी उसके कमर पर हाथ फिरा कर उसको शांत करता रहा.
 . थोड़ी देर में , शिवांगी शांत हुई और फिर सीधी बैठ गयी उसका हाथ अभी भी मेरे हाथ में था.
  मैंने अपने बैग से एक रुमाल निकल कर उसे दिया.
शिवांगी अपनी आँख पोंछती हुए — धन्यवाद, आप बहुत अच्छे इंसान है.
मै- अब तो आपको यकीं हो गया कि आप बहुत सुंदर है.
हालाकि आपको यकीं दिलाते दिलाते बहुत सारी तुम्हारी और मेरी पोल खुल गयी.
शिवांगी ने मुस्कुराते हुए सर हिलाया और कहा हम दोनों की क्या पोल खुल गयी.
मै– पहली पोल … तुम ने  दो बच्चे होने के बाद भी कभी सेक्स का मजा नहीं लिया.
शिवांगी का हाथ फिर मेरी कलाई पर कस गया शायद वो हल्का सा काँप रही थी.
उसने कहा फुसफुसाते हुए— और दूसरी पोल .
मैंने हँसते हुए कहा — वो तुम समझती हो मै नहीं कहूँगा ( अब हम दोनों एक दुसरे को तुम बोल रहे थे). शिवांगी दुसरे हाथ से मुझ को हलके हलके मुक्के  मारते हुए और झूठा गुस्सा दिखाते हुए — तुम बहुत शैतान हो.
एक अकेली लड़की का फायदा उठाना चाहते हो.
मैंने  बड़ी गंभीरता से कहा– रति , मै ऐसा कभी सोच भी नहीं सकता .
शिवांगी ने फुसफुसाते हुए कहा — please, फिर से मुझे रति कहो.
मैंने उसे धीरे से रति कहा और उसके बांये गाल को चूम लिया.
शिवांगी मेरे चुमते ही जैसे जड़ हो गयी.
उसके हाथ से मेरा हाथ छुट गया और वो अचानक उठ कर अपनी बर्थ पर जा कर बैठ गयी.
मैंने  बड़ी गंभीरता से कहा– रति , मै ऐसा कभी सोच भी नहीं सकता .
शिवांगी ने फुसफुसाते हुए कहा — please, फिर से मुझे रति कहो.
मैंने उसे धीरे से रति कहा और उसके बांये गाल को चूम लिया.
शिवांगी मेरे चुमते ही जैसे जड़ हो गयी.
उसके हाथ से मेरा हाथ छुट गया और वो अचानक उठ कर अपनी बर्थ पर जा कर बैठ गयी.
मै भी शिवांगी की इस प्रतिक्रिया से हैरान हो गया.
मैंने धीरे से कहा — रति , क्या मैंने कुछ गलत कर दिया.
शिवांगी ने ना में सर हिलाया पर कुछ नहीं बोली.
मैंने फिर धीरे से कहा — please कुछ बोलो .
शिवांगी ने धीरे से अपना सर उठाया और मेरी आँखों में देखते हुए कहा — सुदेश , आप बहुत अच्छे है.
आज जो भावनाए आपने  मेरी अन्दर पैदा की है मै तो भूल चुकी थी ऐसी भावनाए मेरे अन्दर जीवित है.
पर यकीन कीजिये मै अपने पति से बहुत प्यार करती हूँ और उनसे बेवफाई की सोच भी नहीं सकती.
मै मानती हूँ कि आज हम दोनों के बिच एक तनाव है और हमारी सेक्स लाइफ समाप्त हो चुकी है .
मै तो धीरे धीरे ये सोचने लगी थी कि शायद सेक्स लाइफ शायद इतनी बड़ी ही होती है.
पर आज तुमने मुझे फिर खुद से रूबरू करा दिया पर मै क्या करू मै अपने पति से बेवफाई नहीं कर सकती आज तुमने मेरे अन्दर एक ऐसा द्वन्द पैदा कर दिया जिस को मै सम्भाल नहीं प् रही हूँ  और ये कह कर वो फिर रोने लगी.
  मैंने उसका हाथ अपने हाथो में ले लिया .
धीरे धीरे सहलाते हुए मैंने कहा — तुम मुझे पसंद करती हो.
उसने हाँ में सर हिलाया .
मै जो कंहू करोगी.
उसने प्रश्नवाचक नजरो से मुझे देखा जैसे कह रही हो — please कुछ गलत नहीं कहना मुझे करने के लिए , मै शायद कर नहीं पाऊ और मना भी न कर पाऊ .
मैंने सहज भाव से कहा — तुम अपने पति से बात करो.
उन्हें बता दो कि तुम्हारे पर क्या बीत रही है और तुम क्या चाहती हो.
 . शिवांगी— सुदेश, ऐसा कैसे हो सकता है.
मै अपने पति को बता दू कि मै किसी दुसरे व्यक्ति के साथ संबंध बनाना चाहती हूँ.
मै– हाँ , मै यही चाहता हूँ और अगर उन्होंने मना कर दिया तो तुम्हारा अंतरद्वंद यंही समाप्त हो जायेगा और हम दोनो एक अच्छे मित्र की तरह आराम से सो जायेंगे .
अगर उन्होंने हाँ कर दी तो तुम दोने में एक दुसरे के प्रति एक नया सम्बन्ध शरू होगा , तुम्हारा आपसी विश्वास और प्यार बढेगा और मै आपको विश्वास दिलाता हूँ कि मै आपको एक ऐसा अनुभव कराऊंगा जो आप अपने शेष जीवन में याद रखेंगी और ये भी मेरा आप से वादा  है कि मै आप को दुबारा मिलने के लिए कभी नहीं कहूँगा.
ये पूर्ण रूप से आप का निर्णय होगा.

स्रोत:इंटरनेट