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Gaav Naya Maal Village Sex Story

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गाँव में कल से चर्चा थी की एक नया परिवार आया है रहने के लिए, एक आंटी और 2 लड़कियां.
और सुन्दर इतनी कि सबका ध्यान उन्ही पे था.
उन सबके स्वागत की एक कामुक village sex story पढ़िए.. गाँव में कल से चर्चा थी की एक नया परिवार आया है रहने के लिए…और उसमें सिर्फ़ 3 औरतें ही है..एक तो आंटी है और दो उसकी जवान लड़कियाँ..और वो भी एक से बढ़कर एक सुंदर…मां का नाम था सीमा जिसकी उमर लगभग 38 के आस पास थी..पर वो उनकी बड़ी बहन ही लगती थी.. जिस-जिसने भी उन्हें देखा था, वो उनकी तारीफ करे बिना नहीं रही पता था, बिलकुल फिल्मी हेरोइनो जैसी दिखती थी सभी…साँचे में ढाला बदन था उन तीनों का, गोरी चिट्ठी, मोटे-2 स्तन और मटकती हुई गान्ड..ये सब बहुत था गाँव के सभी मर्दों की नींद उड़ाने के लिए.. गाँव का ज़मींदार, ठाकुर बलवीर सिंग, जिसके कहर से सभी डरते थे,और जो गाँव का सबसे बड़ा ठरकी भी था, जब उसके कानों में वो खबर गयी तो उसने अपने खास आदमी रामलाल को बुलाया ठाकुर : “ये मैं क्या सुन रहा हूँ रामलाल, गाँव में नया माल आया है और तूने मुझे बताया भी नहीं..’गाँव का ज़मींदार – रामलाल : “सरकार, मैंने भी बस सुना ही है उनके बारे में…देखा अभी तक नहीं है..पर सुना है सरकार,तीनों आंटी बेटियाँ बड़ी सुंदर है…” ठाकुर (गुस्से में गरजते हुए) : “तो साले तू उनकी किसी और से चुदाई की प्रतीक्षा कर रहा है क्या…मेरे होते हुए उन्हें कोई और देखेगा भी ना तो मैं तेरी जान ले लूँगा..जा जल्दी से वहाँ और हवेली में आने का बुलावा भेज…वैसे भी, ऐसे कोई भी आकर कैसे रही सकता है हमारे गाँव में..बिना मेरी इजाज़त के..जल्दी से उन्हें मेरे पास लेकर आ ….
जा अब और उन्हें साथ लेकर ही आना” ठाकुर तो ऐसे बोल रहा था जैसे वो तीनों सिर्फ़ उसके लिए ही आई है वहाँ पर.. रामलाल डर के मारे,बिना कुछ बोले,वहाँ से निकल गया…अपने दो साथियों को लिया और उनके घर की तरफ चल दिया.. और दूसरी तरफ, गाँव का सबसे मनचला और पहलवान टाइप का लड़का गजेंदर अपने एक दोस्त के साथ उन जवान लड़कियों की फिराक में उसके घर के आस पास चक्कर लगा रहा था..पर पूरा दिन खड़ा होने के बाद भी वो बाहर नहीं निकली…सूरज भी डूब गया..और वो तक हार कर वापिस जाने लगे..और तभी उनके घर का दरवाजा खुला और दोनों बहने बाहर आती हुई दिखाई दी.. दोनों के चेहरे खिल उठे…वो चुप कर उनके पीछे चल दिए.. दोनों बहने कुछ ही दूर बने पानी के झरने की तरफ जा रही थी..जहाँ अक्सर सुबह के समय गाँव की दूसरी औरतें नहाने के लिए जा करती थी.. और वहाँ पहुँचकर गजेंदर और उसके दोस्त ढोलू को अपनी आँखों पर विश्वास ही नहीं हुआ…दोनों बहने अपने कपड़े उतार कर झरने के नीचे नंगी नहा रही थी..ऐसी सुंदरता और वो भी पूर्ण रूप से नग्न…किसी ने नहीं देखी थी आज से पहले.. गजेंदर : “यार..मुझसे तो अब रहा नहीं जा रहा …चल ना हम भी चलते हैं..उनके साथ मजा करने का इस से अच्छा मौका हो ही नहीं सकता..” पर उसके दोस्त ढोलू ने उसको रोक दिया…और बोला : “हमें ऐसे एक साथ नहीं जाना चाहिए उनके सामने.. नहीं तो वो डर कर भाग जाएँगी…एक-2 करके जाते हैं..” गजेंदर को भी उसकी बात सही लगी..सबसे पहले गजेंदर बाहर निकला और उस तरफ चल दिया जहाँ वो नहा रही थी.. उसने सोचा था की उसे देखते ही दोनों डर कर इधर-2 चुप जाएँगी…पर वो दंग रही गया जब वो दोनों उसे देखकर खुद ही उसकी तरफ आने लगी..वो भी पूरी नंगी.. दोनों हँसती हुई सी उसके सामने आकर खड़ी हो गयी…उनमें से जो बड़ी थी, उसका नाम अपर्णा था, वो बोली : “वो…इस गाँव में तो काफी तंदुरुस्त मर्द हैं…” वो शायद उसका कसरती बदन देखकर ऐसा बोल रही थी.. और छोटी वाली, प्रीति ने भी उसकी हाँ में हाँ मिलाते हुए क हा : “हाँ दीदी…देखो ना इसके बदन को …कितना मस्त है ये तो…”. अपर्णा ने आगे बढ़कर उसके बदन को छू लिया…अब गजेंदर तो पहले से ही खाया पिया लड़का था…उसने ये मौका नहीं जाने दिया …और अपना हाथ प्रीति की नंगी कमर से लपेट कर उसे अपनी छाती से चिपका लिया…वो खिलखिलाकर हँसने. लगी..और गजेंदर ने उसको बेतहाशा चूमना – चाटना शुरू कर दिया..प्रीति भी पीछे से आकर उसके बदन से लिपट गयी…और उसे पीछे से चूमने लगी.. गजेंदर ने सोचा भी नहीं था की ये सब इतनी आसानी से हो जाएगा..ये दोनों बहने तो एक नंबर की रंडियन निकली… उसने ज़ोर से आवाज़ देकर ढोलू को भी बाहर बुला लिया…उसे देखकर तो दोनों बहनों की आंखों में एक अलग ही चमक आ गयी..और कुछ ही देर में उन दोनों दोस्तों के जिस्म भी नंगे थे और सभी एक दूसरे को चूम चाट रहे थे.. तभी उन्हें दूर से अपनी आंटी की आवाज़ सुनाई दी..: “अपर्णा ……….
प्रीति ….. कहाँ हो तुम दोनों …” और वो आवाज़ सुनते ही एक पल में ही दोनों बहनों के चेहरे की रंगत बदल गयी…और अगले ही पल में दोनों ने अपने-2 कपड़े उठाए और झरने के पीछे की तरफ बने घने झाड़ पेड़ो के पीछे जा छिपी.
उनकी देखा देखी गजेंदर और ढोलू भी अपने कपड़े उठाकर वहीं जा छिपे.. थोड़ी ही देर में उनकी आंटी उन्हें ढूँढती हुई वहाँ आई और उन्हें वहाँ ना पकड़ वापिस चली गयी.. उनके जाते ही दोनों ने जल्दी-2 अपने कपड़े पहने और बाहर निकल आई.. गजेंदर और उसका साथी बारे ही मायूस हुए…इतना मजा जो आ रहा था उन्हें..पर आईं वक्त पर उनकी आंटी ने आकर सब गड़बड़ कर दिया.. अपर्णा ने उनकी हालत देखी और बोली : “देखो…मान तो हमारा भी बहुत कर रहा है..पर हमारी मजबूरी समझने की कोशिश करो…हमें भी ये सब करना बहुत पसंद है…और हम दोनों की इन्हीं हरकतों के कारण हमें पिछले गाँव से निकाला गया था..और तब से हमने अपनी आंटी से वादा किया है की हम ऐसा कोई भी काम इस गाँव में नहीं करेंगी…जिसकी वजह से हमें यहाँ से भी निकाला जाए…इसलिए..हमें अभी जाना होगा…” और कुछ दूर जाकर अचानक वो पलटी और बोली : “पर जैसा की मैंने कहा की ये सब हमें भी बहुत पसंद है तो तुम एक काम कर सको तो हम सभी ये मजे ले सकते हैं..” उसकी बात सुनते ही गजेंदर और उसके दोस्त ढोलू के चेहरे पर खुशी दोबारा लौट आई…वो बोले : “तुम जो भी कहो…जैसा भी कहो…हम करने के लिए तैयार हैं…”. दोनों बहनों ने एक दूसरे की आंखों में देखा और फिर अपर्णा बोली : “तुम दोनों आज रात को हमारे घर आ जाना…मां तो नींद की दवा लेकर सोती है..सो पूरी रात हम दोनों और तुम दोनों…समझ गये ना….
” उनके चेहरे से टपक रही वासना को दोनों ने महसूस किया..और बिना कुछ सोचे समझे हाँ कर दी.. अपर्णा : “पर एक बात का ध्यान रखना …इस बारे में किसी और को मत बताकर आना…अगर बात फैल गयी तो हमारी बड़ी बदनामी होगी और जैसा की मैंने कहा था, हमें ये गाँव भी छोड़कर जाना पड़ेगा..और फिर हम ये काम दोबारा नहीं कर पाएँगे…”. यानि वो दोनों बहने दोबारा चुदवाने के लिए भी तैयार थी….
ऐसा मौका भला कौन उल्लू का पत्ता छोड़ेगा…उन्होंने दोनों बहनों को विश्वास दिलाया की वो इस बात को गुप्त रखेंगे…और रात को 10 बजे मिलने का टाइम निश्चय करके वो दोनों वापिस चली गयी.. उस समय रात के 8 तो बज ही चुके थे…तीनों आंटी बेटियो ने खाना खाया और सोने की तैयारी करने लगी..तभी उनके घर का दरवाजा खड़का और दरवाजा खोलने पर उनकी आंटी ने देखा की बाहर रामलाल खड़ा है..अपने दो मुश्टंडो के साथ.. सीमा : “कहिए…आप कौन है..” रामलाल ने सीमा को ऊपर से नीचे तक देखा और बोला : “ठाकुर साहब ने बुलाया है हवेली पर…अभी के अभी…”. सीमा कुछ देर तक चुप रही और फिर अंदर मुँह करके अपनी बेटियो से बोली : “ये दरवाजा बंद कर लो ….
मुझे शायद आने में देर हो जाए..” रामलाल को तो विश्वास ही नहीं हुआ की एक ही बार में वो चलने के लिए मान जाएगी…वो शायद समझ चुकी थी की ठाकुर ने उसको क्यों बुलाया है.. रामलाल : “और तुम्हारी बेटियाँ…उन्हें भी तो लो साथ में..” सीमा : “पहले मैं तो मिल लू ठाकुर से…वो भी आ जाएँगी…चलो”. और फिर वो रामलाल के साथ चल दी…. रामलाल ने भी ज्यादा ज़ोर नहीं दिया, क्योंकि वो जानता था की एक रात में तो ठाकुर साहब एक के साथ ही मजे ले सकेंगे…आज आंटी से निपट लेंगे, कल-परसों बेटियो का नंबर लगेगा.
अपनी आंटी के जाते ही दोनों बहनों के चेहरे पर रोनक सी आ गयी…और वो दोनों गजेंदर और ढोलू का इंतजार करने लगी..ठीक 10 बजे के आस पास दोनों छुपकर वहाँ पहुँच गये…प्रीति बाहर खड़ी होकर उनका ही इंतजार कर रही थी..वो उन्हें अंदर ले गयी..और फिर उन्हें बताया की आंटी घर पर नहीं है तो उन दोनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
और अंदर जाते ही अपर्णा गजेंदर से और प्रीति ढोलू से लिपट गयी और सभी एक दूसरे के कपड़े उतारने लगे..कुछ ही देर में सभी नंगे थे..दस मिनट की चूमा छाती के बाद गजेंदर नीचे लेता और अपर्णा को अपने ऊपर खींच कर अपना खड़ा हुआ लंड उसके अंदर डाल दिया.. अपर्णा सिसकियां मार्टी हुई उसके लंड पर बैठ गयी…दूसरी तरफ ढोलू ने भी वैसा ही किया, प्रीति भी उसके लंड को अंदर लेती हुई चीखें मार्टी हुई उसके लंड के मजे लेने लगी और फिर पूरे घर में चुदाई की आवाज़ों और सिसकारियों का सिलसिला शुरू हुआ…और अंत में सभी लगभग एक साथ झाड़ते हुए एक दूसरे से लिपट कर हाँफने लगे.. गजेंदर का लंड सिकुड़ गया पर वो बाहर नहीं निकल पा रहा था…वो जैसे अपर्णा की चुत के चंगुल में फँस सा गया था..गजेंदर ने ज़ोर लगाया तो उसे ऐसा लगा की उसका लंड अंदर की तरफ खींचा जा रहा है…वो दर्द से चिल्ला पड़ा…. ”आआआअहह ….. ये ….
क्या हो रहा है ………… मेरा …….. लंड …… अंदर …..अहह ….
चोदा ……इसको …….
” उसने अपने ऊपर ओंधी गिरी हुई अपर्णा को धक्का देकर हटाना चाहा तो उसके चेहरे को देखकर वो डर के मारे चीख पड़ा…. अस्का चेहरा एक भयानक रूप ले चुका था….
जैसे कोई चुड़ैल …खून की प्यासी ….
उसका चेहरा पूरी तरह से बदल चुका था…बाल भी बिखर कर दूसरा रूप ले चुके थे…दाँत बाहर निकल आए…वो पूरी तरह से एक चुड़ैल में बदल चुकी थी…. ढोलू का भी वही हाल था…प्रीति के बदले रूप को देखकर उसकी तो गान्ड फट गयी ..और वो पागलों की तरह चिल्लाने लगा…पर उसका कोई असर नहीं हुआ…क्योंकि वो घर गाँव से बिलकुल बाहर था, उनकी चीख सुनाने वाला कोई नहीं था वहाँ पर…. दोनों बहनों ने मिलकर उनके शरीर को नोंच डाला और कहा गयी.
और वहाँ से काफी दूर, ठाकुर की हवेली में भी ऐसी ही चीख गूँज रही थी…सीमा ने ठाकुर के बाद वहाँ मौजूद हर इंसान को अपनी हवस और प्यास की बली पर चड़ा दिया.. अगले दिन तीनों आंटी बेटियाँ बैठकर बातें कर रही थी, सीमा अपनी बेटियों को समझा रही थी : ”इस गाँव में भी काफी तन्डरस्ट मर्द हैं….
अगले एक महीने तक यहीं पर रहेंगे…और जब कुछ नहीं बचेगा तो आगे चलेंगे…इन मर्दों को अपने हुस्न में फँसना कितना आसान होता है…साले… कुत्ते की तरह भागते चले आते हैं जवान जिस्म देखकर..पर थोड़ा संभाल कर करना ये सब…कल की तरह खुले में मर्दों के साथ कुछ मत करना….
अगर किसी ने देख लिया तो हमारा यहाँ रहकर ये सब करना मुश्किल हो जाएगा..उन्हें अपने हुस्न के जाल में फँसाओ और घर लाकर उनसे पहले मजे लो और बाद में कहा जाओ…कोई तुम्हें देख ना ले, और हमेशा की तरह अंधेरे में ही निकलना घर से बाहर वरना हमारी शक्तिया काम नहीं करेंगी.. ही ही ही…..” वो तीनो कुछ महीनो हमारे गाँव में रही फिर उनको इस गाँव से भी जाना पड़ा.
पर जाने से पहले उन्होंने गाँव के कई बन्दों को अपने छेद दिए.
पर वो village sex story फिर कभी..
स्रोत:इंटरनेट