डार्क

Ghar Ki Bahu Hot Sexy Stori 2

🇮🇳 हिंदी
गति: 1.0x
स्थिति: तैयार
×

प्लेबैक सेटअप सहायता

यदि आप पहले से ही Chrome/Edge का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी प्ले नहीं हो रहा है, तो अपने फ़ोन/पीसी सेटिंग्स की जाँच करें।
सुनिश्चित करें कि TTS इंजन सक्रिय है, उस भाषा का उपयोग कर रहा है जिसे आप सुनना चाहते हैं।

Android और अन्य OS उपयोगकर्ताओं के लिए

Android, Harmony, Lineage, Ubuntu Touch, Sailfish, ColorOS / FuntouchOS, hyperOS आदि के उपयोगकर्ताओं के लिए
मेनू एक्सेस: सेटिंग्स खोलें > एक्सेसिबिलिटी > टेक्स्ट-टू-स्पीच आउटपुट
यदि नहीं है, तो सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "text-to-speech" या "text" दर्ज करें
फिर टेक्स्ट-टू-वॉयस या टेक्स्ट-टू-स्पीच, या ऐसा ही कुछ चुनें।
भाषा जोड़ने के लिए, गियर आइकन ⚙ पर क्लिक करें > वॉइस डेटा इंस्टॉल करें और अपनी इच्छित भाषा चुनें।

iOS उपयोगकर्ताओं के लिए

सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट पर जाएं
या सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "स्पोकन कंटेंट" दर्ज करें और एंटर करें
भाषा जोड़ने के लिए वॉइस चुनें और आवाज़ चुनें

MacOS पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए

मेनू एक्सेस: एप्पल मेनू पर क्लिक करें () > सिस्टम सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट

Windows उपयोगकर्ताओं के लिए

Windows 10 & 11
मेनू एक्सेस: स्टार्ट खोलें > सेटिंग्स > समय और भाषा > स्पीच
Windows 7 & 8
कंट्रोल पैनल > ईज़ ऑफ़ एक्सेस > स्पीच रिकग्निशन > टेक्स्ट टू स्पीच
Windows XP
स्टार्ट > कंट्रोल पैनल > साउंड, स्पीच और ऑडियो डिवाइस > स्पीच
Windows 2000 & ME
स्टार्ट > सेटिंग्स > कंट्रोल पैनल > स्पीच
अन्य प्रकार के पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए, जैसे लिनक्स, क्रोमओएस, फ्रीबीएसडी, आदि।
कृपया Google, Bing आदि जैसे सर्च इंजन में टेक्स्ट-टू-स्पीच को सक्षम करने के लिए सेटिंग्स खोजें

नोट वर्तमान में, यह पृष्ठ आपके डिवाइस के इंजन के अनुसार काम करता है।
इसलिए उत्पन्न होने वाली आवाज़ आपके डिवाइस के TTS इंजन का अनुसरण करती है।

मैं बोली- “उफ्फ… मुझे उठाओ गोपाल, मेरे पांव में काफी दर्द हो रहा है और तुमने मुझे उठाने के बजाय मुझे नंगा कर दिया है…”  . गोपाल बोला- “मेम साहिब हमारी गलती नहीं है हम तो खुद नंगे हो गये थे…” फिर गोपाल ने मेरी साड़ी उठाई और मुझे पहनाने लगा।.  . तो मैं बोली- अब तुम मुझे ये गंदी कीचड़ से भरी हुई साड़ी पहनाओगे?.  . गोपाल बोला- “मेम साहिब आपका बदन भी तो छुपाना है…”.  . मैं बोली- “तुम मेरा पूरा बदन तो देख ही चुके हो, चलो ऐसे ही उठाओ…”  . गोपाल मुझे उठाने के लिए झुका तो उसकी धोती जो पानी से गीली होकर भारी हो गई थी वो फिर खुलकर गिर गई। गोपाल अपनी धोती उठाने लगा।.  . तो मैं बोली- “रहने दो तुम्हारी धोती भी गंदी हो गई है, तुम मुझे ऐसे ही उठाओ…”  . गोपाल मुझे उठाने के लिए झुका तो मैं खुद भी थोड़ा सा उठ चुकी थी। गोपाल के झुकने से उसका लण्ड फिर मेरे मुँह से टकराया।.  . मैं मुश्कुराकर बोली- “गोपाल, तुम ये अपना घोड़े जैसा लण्ड तो हटाओ, ये बार बात मेरे मुँह में घुसने की कोशिश कर रहा है…”  . मेरे मुश्कुराने से गोपाल की हिम्मत बढ़ी और वो बोला- मेम साहिब, अब भगवान ने इतना बड़ा दिया है तो मैं क्या कर सकता हूँ?  . मैं बोली- “अच्छा अब मुझे उठाओ, मेरे पैर में बहुत दर्द है…”  . गोपाल बोला- “मेम साहिब आपकी चड्डी भी गंदी हो गई है…”.  . मैं मुश्कुराई और बोली- “हाँ, इसको भी उतार दो। तुमने मेरा पूरा जिश्म तो देख ही लिया है तो इसको भी देख लो…”  . गोपाल ने मेरी अंडरवेर की डोरी खोली और उसे भी उतारकर फेंक दिया। फिर गोपाल ने मुझे अपनी गोद में उठा लिया।.  . मैंने कहा- “मुझे मेरे कमरे में ले चलो…” गोपाल जब मुझे गोद में उठाकर चल रहा था तो उसका लण्ड मेरी पीठ से रगड़ खा रहा था जिससे मुझे बहुत मजा आ रहा था।.  . गोपाल को भी मजा आ रहा था इसीलिए उसका लण्ड बार-बार झटके खाकर मेरी पीठ से लग रहा था। गोपाल मुझे मेरे कमरे में लाया और मुझे बेड पर लिटाने लगा।.  . तो मैं बोली- “उफ्फ… क्या मुझे बेड पर लिटाकर बेड को भी गंदा करोगे? मुझे वाशरूम में लेकर चलो…”.  . गोपाल मुझे इसी तरह गोद में उठाये हुये वाशरूम में आ गया।. मैंने कहा- “मुझे शावर के नीचे खड़ा कर दो…”.  . गोपाल ने मुझे शावर के नीचे खड़ा कर दिया। मैंने पानी खोल दिया और पानी की तेज फुहार मुझ पर गिरने लगी। मैंने गोपाल का हाथ पकड़कर अपनी तरफ खींचा और बोली- “तुम्हारी वजह से मैं कीचड़ में गिरी थी, अब तुम ही मुझे नहलाओगे…”.  . अंधे को क्या चाहिए दो आँखें। मेरी आफर पर गोपाल खुश हो गया। मैंने साबुन उठाकर गोपाल को दिया और गोपाल मजे में मेरे पूरे बदन पर साबुन मलने लगा।.  . मुझे मजा आ रहा था। फिर मैं बोली- “तुम मेरी वजह से गंदे हुये हो इसलिए तुम्हें मैं नहलाऊँगी…” फिर मैंने भी साबुन उठा लिया और गोपाल के बदन पर मलने लगी।.  . साबुन मलने के दोरान गोपाल का लण्ड बार-बार मेरी चूत में घुसने की कोशिश कर रहा था।.  . मैंने मुश्कुराकर उसका लण्ड पकड़ लिया और कहने लगी- “गोपाल तुम्हारा ये बदतमीज बच्चा बार-बार मुझे तंग कर रहा है…”.  . गोपाल मुझे लिपटाकर बोला- “मेम साहिब आप ही इस बच्चे को तमीज सिखा दें…”.  . मैं मुश्कुराकर बोली- “मैं अभी इस बदतमीज बच्चे का इलाज करती हूँ…” ये कहकर मैं घुटनों के बल बैठ गई। फिर मैंने बड़े प्यार से खूब अच्छी तरह गोपाल के लण्ड पर साबुन लगाया और अच्छी तरह उसे रगड़ने लगी। फिर. मैंने उसे पानी से धोया तो उसका लण्ड चांदी की तरह चमकने लगा। मुझे गोपाल का लण्ड इतना प्यारा लगा कि मैं अपने आपको उसे मुँह में लेने से रोक नहीं पाई। अब मैं खूब मजे से गोपाल का लण्ड चूस रही थी।.  . गोपाल मदहोशी की हद तक पागल हो चुका था और फिर उसने मेरा सर पकड़ा और तेजी से अपने लण्ड को मेरे मुँह में अंदर-बाहर करने लगा। गोपाल का लण्ड मेरे गले से भी नीचे जा रहा था। गोपाल 15 मिनट तक अपना लण्ड मेरे. मुँह में अंदर-बाहर करता रहा। फिर उसने अपना लण्ड बाहर निकाला। वो अब फारिग होने वाला था तो उसने अपने लण्ड को मेरे मुँह के सामने रखकर अपने मनी की पिचकारी मेरे मुँह पर मारी।.  . मैं हँसी और बोली- “फिर बदतमीजी… तुम अपने लण्ड की मनी जाया क्यों कर रहे हो? ये तो मैं पियूंगी…” ये कहकर मैंने जल्दी से उसका लण्ड पकड़ा और अपने मुँह में डाल लिया। गोपाल के लण्ड से पूरे एक मिनट तक मनी. निकलती रही और मेरा पूरा मुँह मनी से भर गया। मैंने सारी मनी पीकर उसका लण्ड अच्छी तरह चाट-चाटकर साफ किया और फिर मैं खड़ी हो गई।.  . गोपाल ने मेरी दोनों चूचियों को पकड़कर कसकर दबा दिया जिससे मेरी मेरी सिसकारी निकल गई। गोपाल ने मुझे दीवार से लगा दिया और बेतहासा मुझे किस करने लगा। मैंने भी उसे लिपटा लिया और उसके किस का साथ देने लगी।. अब गोपाल का लण्ड दुबारा से खड़ा होने लगा और फिर वो पूरी तरह से खड़ा होकर मेरी चूत में चुभने लगा।.  . मैं कहने लगी- “गोपाल प्यारे, तुम्हारा बदतमीज बच्चा फिर बदतमीजी करने लगा है…”  . गोपाल बोलने लगा- “मेम साहिब अब मेरे बच्चे को भूख लगी है और ये खाना माँग रहा है…”.  . मैं सिसकारी लेकर बोली- “उउफफ्फ… प्यारे, तो इसे खाना खिलाओ ना… तुम्हें रोका किसने है?”  . गोपाल ने अपने हाथ से अपने लण्ड को पकड़कर मेरी चूत के छेद पर रखा और एक झटका मारा। उसका लण्ड दो इंच तक मेरी चूत में घुस गया। मेरी एक सिसकारी निकल गई। गोपाल ने फिर धक्का मारा तो उसका लण्ड मेरी चूत को. चीरता हुआ 5 इंच तक घुस गया। अबकी बार मेरे मुँह से चीख निकल गई क्योंकी उसका लण्ड बहुत मोटा था और मेरी चूत फटी जा रही थी। उसने एक झटका और मारा तो अब उसका लण्ड 8” इंच तक मेरी चूत में चला गया।.  . मैं चीखकर बोली- “आअह्ह… क्यों तड़पा रहे हो प्यारे…”.  . अब गोपाल ने मुझे कमर से पकड़कर एक बहुत तेज झटका मारा जिससे मेरे गले से बहुत तेज चीख निकली और गोपाल का लण्ड पूरा का पूरा मेरी चूत में जड़ तक घुस गया। गोपाल ने अपना लण्ड टोपी तक मेरी चूत से निकाला और फिर. उसने अपनी पूरी ताकत से झटका मारकर अपना 11” इंच लंबा लण्ड एक ही झटके में मेरी चूत में उतार दिया।.  . मैं बुरी तरह से चीखी और मैंने गोपाल को बुरी तरह से जकड़ लिया। दर्द की वजह से मेरी आँखों में आँसू आ गये थे। मैं गोपाल के कान में बोली- “गोपाल प्यारे, मुझे कमरे में ले चलो…”  . गोपाल ने उसी तरह मुझे गोद में उठा लिया और अपने लण्ड को मेरी चूत से निकाले बगैर वो मुझे लेकर कमरे में आ गया। उसने लाकर मुझे बेड पर लेटाया और खुद मेरे ऊपर लेटने लगा।.  . तो मैं बोली- “प्यारे, पहले मेरा और अपना बदन तो खुश्क कर लो…”  . गोपाल ने अपना लण्ड मेरी चूत से एकदम से निकाल लिया, तो मेरी चूत से ऐसी आवाज निकली जैसे किसी बोतल का ढक्कन खोल दिया गया हो। मेरे मुँह से फिर सिसकारी निकल गई। गोपाल वाशरूम जाकर एक तौलिया उठा लाया। फिर उसने पहले मेरे बदन को खुश्क किया, फिर उसने अपने बदन को खुश्क किया। तौलिया रखकर वो फिर मेरे ऊपर लेटने लगा।
स्रोत:इंटरनेट