डार्क

Gunjan Ki Ma Ki Kahani Landlord Sex Story 3

🇮🇳 हिंदी
गति: 1.0x
स्थिति: तैयार
×

प्लेबैक सेटअप सहायता

यदि आप पहले से ही Chrome/Edge का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी प्ले नहीं हो रहा है, तो अपने फ़ोन/पीसी सेटिंग्स की जाँच करें।
सुनिश्चित करें कि TTS इंजन सक्रिय है, उस भाषा का उपयोग कर रहा है जिसे आप सुनना चाहते हैं।

Android और अन्य OS उपयोगकर्ताओं के लिए

Android, Harmony, Lineage, Ubuntu Touch, Sailfish, ColorOS / FuntouchOS, hyperOS आदि के उपयोगकर्ताओं के लिए
मेनू एक्सेस: सेटिंग्स खोलें > एक्सेसिबिलिटी > टेक्स्ट-टू-स्पीच आउटपुट
यदि नहीं है, तो सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "text-to-speech" या "text" दर्ज करें
फिर टेक्स्ट-टू-वॉयस या टेक्स्ट-टू-स्पीच, या ऐसा ही कुछ चुनें।
भाषा जोड़ने के लिए, गियर आइकन ⚙ पर क्लिक करें > वॉइस डेटा इंस्टॉल करें और अपनी इच्छित भाषा चुनें।

iOS उपयोगकर्ताओं के लिए

सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट पर जाएं
या सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "स्पोकन कंटेंट" दर्ज करें और एंटर करें
भाषा जोड़ने के लिए वॉइस चुनें और आवाज़ चुनें

MacOS पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए

मेनू एक्सेस: एप्पल मेनू पर क्लिक करें () > सिस्टम सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट

Windows उपयोगकर्ताओं के लिए

Windows 10 & 11
मेनू एक्सेस: स्टार्ट खोलें > सेटिंग्स > समय और भाषा > स्पीच
Windows 7 & 8
कंट्रोल पैनल > ईज़ ऑफ़ एक्सेस > स्पीच रिकग्निशन > टेक्स्ट टू स्पीच
Windows XP
स्टार्ट > कंट्रोल पैनल > साउंड, स्पीच और ऑडियो डिवाइस > स्पीच
Windows 2000 & ME
स्टार्ट > सेटिंग्स > कंट्रोल पैनल > स्पीच
अन्य प्रकार के पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए, जैसे लिनक्स, क्रोमओएस, फ्रीबीएसडी, आदि।
कृपया Google, Bing आदि जैसे सर्च इंजन में टेक्स्ट-टू-स्पीच को सक्षम करने के लिए सेटिंग्स खोजें

नोट वर्तमान में, यह पृष्ठ आपके डिवाइस के इंजन के अनुसार काम करता है।
इसलिए उत्पन्न होने वाली आवाज़ आपके डिवाइस के TTS इंजन का अनुसरण करती है।

मैंने वासना में भरी हुई चूत को दबा कर जैसे ही सिसकी भरी… मम्मी की तन्द्रा जैसे टूट गई। किसी आशंका से भर कर उन्होंने अपना सर घुमाया। वो मुझे देख कर जैसे सकते में आ गई। लण्ड गाण्ड में फ़ंसा. हुआ… जय तो अब भी अपना लण्ड चला रहा था।. “जय … बस कर…” मम्मी की कांपती हुई आवाज आई।. “सॉरी सॉरी मम्मी… प्लीज बुरा मत मानना…” मैंने जल्दी से स्थिति सम्हालने की कोशिश की।. मम्मी का सर शरम से झुक गया। मुझे मम्मी का इस तरह से करना दिल को छू गया। शरम के मारे वो सर नहीं उठा पा रही थी। मेरा दिल भी दया से भर आया… मैंने जल्दी से मम्मी का सर अपने सीने से लगा लिया।. “जय प्लीज करते रहो… मेरी मां को इतना सुख दो कि वो स्वर्ग में पहुँच जाये… प्लीज करो ना…”. मम्मी शायद आत्मग्लानि से भर उठी… उन्होंने जय को अलग कर दिया। और सर झुका कर अपने कमरे में जाने लगी। मैंने जय को पीछे आने का इशारा किया… मम्मी नंगी ही बिस्तर पर धम से गिर सी पड़ी।. मैं भी मम्मी को बहलाने लगी- मम्मी… सुनो ना… प्लीज मेरी एक बात तो सुन लो…. उन्होंने धीरे से सर उठाया- …मेरी बच्ची मुझे माफ़ कर देना… मुझसे रहा नहीं गया था… सालों गुजर गये… उफ़्फ़्फ़ मेरी बच्ची तू नहीं जानती… मेरा क्या हाल हो रहा था…. “मम्मी… बुरा ना मानिये… मेरा भी हाल आप जैसा ही है… प्लीज मुझे भी एक बार चुदने की इजाजत दे दीजिये। जवानी है… जोर की आग लग जाती है ना।”. मम्मी ने मेरी तरफ़ अविश्वास से देखा… मैंने भी सर हिला कर उन्हें विश्वास दिलाया।. “मेरा मन रखने के लिये ऐसा कह रही है ना?”. “मम्मी… तुम भी ना… प्लीज… जय से कहो न, बस एक बार मुझे भी आपकी तरह से…” मैं कहते कहते शरमा गई। मम्मी मुस्कराने लगी, फिर उन्होने जय की तरफ़ देखा। उसने धीरे से लण्ड मेरे मुख की तरफ़ बढ़ा दिया। “नहीं, छी: छी: यह नहीं करना है…” उसका लाल सुर्ख सुपारा देख कर मैं एकाएक शरमा गई। मम्मी ने मुरझाई हुई सी हंसी से कहा- …बेटी… कोशिश तो कर… शुरूआत तो यही है…. मैंने जय को देखा… जय ने जैसे मेरा आत्म विश्वास जगाया। मेरे बालों पर हाथ घुमाया और लण्ड को मेरे मुख में डाल दिया। मुझे चूसना नहीं आता था। पर कैसे करके उसे चूसना शुरू कर दिया। तब तक मम्मी भी. सामान्य हो चुकी थी… अपने आपको संयत कर चुकी थी। उन्होंने बिस्तर की चादर अपने ऊपर डाल ली थी।. मैंने उसका लण्ड काफ़ी देर तक चूसा… इतना कि मेरे गाल के पपोटे दुखने से लगे थे। फिर मम्मी ने बताया कि लण्ड के सुपारे को ऐसे चूसा कर… जीभ को चिपका चिपका कर रिंग को रगड़ा कर… और…. मैंने अपनी मम्मी को चूम लिया। उनके दुद्दू को भी मैंने सहलाया।. “मम्मी… लण्ड लेने से दर्द तो नहीं होगा ना… जय बता ना…?”. “जय … मेरी बेटी के सामने आज मैं नंगी हो गई हूँ… बेपर्दा हो गई हूँ… अब तो हम दोनों को सामने ही तू चोद सकता है… क्यों हैं ना बेटी… मैं तो बाथरूम में मुठ्ठ मार. लूंगी… तुम दोनों चुदाई कर लो।”. जय ने जल्दी से मम्मी को दबोच लिया- …मुठ्ठ मारें आपके दुश्मन… मेरे रहते हुये आप पूरी चुद कर ही जायेंगी।. कह कर जय ने मम्मी को उठा कर बिस्तर पर लेटा दिया और वो ममी पर चढ बैठा।. “यह बात हुई ना जय भैया… अब मेरी मां को चोद दे… जरा मस्ती से ना…”. मम्मी की दोनों टांगें चुदने के लिये स्वत: ही उठने लगी। जय उसके बीच में समा गया… तब मम्मी के मुख से एक प्यारी सी चीख निकल पड़ी। मैंने मम्मी के बोबे दबा दिये… उन्हें चूमने लगी… जीभ से. जीभ टकरा दी… जय अब शॉट पर शॉट मार रहा था। मम्मी ने मेरे स्तन भी भींच लिये थे। तभी जय भी मेरे गाण्ड गोलों को बारी बारी करके मसलने लगा था। मेरी धड़कनें तेज हो गई थी। जय का मेरे शरीर पर हाथ डालना. मुझे आनन्दित करने लगा था।. मां उछल उछल कर चुदवा रही थी। मम्मी को खुशी में लिप्त देख कर मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था।. “चोद … चोद मेरे जानू… जोर से दे लौड़ा… हाय रे…”. “मम्मी… लौड़ा नहीं… लण्ड दे… लण्ड…”. “उफ़्फ़… मेरी जान… जरा मस्ती से पेल दे मेरी चूत को… पेल दे रे… उह्ह्ह्ह”. मम्मी के मुख से अश्लील बाते सुन कर मेरा मन भी गुदगुदा गया। तभी मम्मी झड़ने लगी- उह्ह्ह्ह… मैं तो गई मेरे राजा… चोद दिया मुझे तो… हा: हा… उस्स्स्स… मर गई मैं तो राम…. मम्मी जोर जोर से सांसें भर रही थी। तभी मैं चीख उठी।. जय ने मम्मी को छोड़ कर अपना लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया था।. “मम्मी… जय को देखो तो… उसने लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया…”. मम्मी तो अभी भी जैसे होश में नहीं थी-…चुद गई रे… उह्ह्ह…. मम्मी ने अपनी आँखें बन्द कर ली और सांसों को नियन्त्रित करने लगी।. फिर जय के नीचे मैं दब चुकी थी। नीचे ही कारपेट पर मुझ पर वो चढ़ बैठा और मुझे चोदने लगा। मैंने असीम सुख का अनुभव करते हुये अपनी आँखें मूंद ली… अब किसी से शरमाने की आवश्यकता तो नहीं थी ना… मां. तो अभी चुद कर आराम कर रही थी… बेटी तो चुद ही रही थी… मैंने आनन्द से भर कर अपनी आंखे मूंद ली और असीम सुख भोगने लगी।. पढ़िए My Hindi Sex Stories पर..
स्रोत:इंटरनेट