डार्क

Hawas Ka Bhookha Mera Pariwar Indian Porn Story 2

🇮🇳 हिंदी
गति: 1.0x
स्थिति: तैयार
×

प्लेबैक सेटअप सहायता

यदि आप पहले से ही Chrome/Edge का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी प्ले नहीं हो रहा है, तो अपने फ़ोन/पीसी सेटिंग्स की जाँच करें।
सुनिश्चित करें कि TTS इंजन सक्रिय है, उस भाषा का उपयोग कर रहा है जिसे आप सुनना चाहते हैं।

Android और अन्य OS उपयोगकर्ताओं के लिए

Android, Harmony, Lineage, Ubuntu Touch, Sailfish, ColorOS / FuntouchOS, hyperOS आदि के उपयोगकर्ताओं के लिए
मेनू एक्सेस: सेटिंग्स खोलें > एक्सेसिबिलिटी > टेक्स्ट-टू-स्पीच आउटपुट
यदि नहीं है, तो सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "text-to-speech" या "text" दर्ज करें
फिर टेक्स्ट-टू-वॉयस या टेक्स्ट-टू-स्पीच, या ऐसा ही कुछ चुनें।
भाषा जोड़ने के लिए, गियर आइकन ⚙ पर क्लिक करें > वॉइस डेटा इंस्टॉल करें और अपनी इच्छित भाषा चुनें।

iOS उपयोगकर्ताओं के लिए

सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट पर जाएं
या सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "स्पोकन कंटेंट" दर्ज करें और एंटर करें
भाषा जोड़ने के लिए वॉइस चुनें और आवाज़ चुनें

MacOS पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए

मेनू एक्सेस: एप्पल मेनू पर क्लिक करें () > सिस्टम सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट

Windows उपयोगकर्ताओं के लिए

Windows 10 & 11
मेनू एक्सेस: स्टार्ट खोलें > सेटिंग्स > समय और भाषा > स्पीच
Windows 7 & 8
कंट्रोल पैनल > ईज़ ऑफ़ एक्सेस > स्पीच रिकग्निशन > टेक्स्ट टू स्पीच
Windows XP
स्टार्ट > कंट्रोल पैनल > साउंड, स्पीच और ऑडियो डिवाइस > स्पीच
Windows 2000 & ME
स्टार्ट > सेटिंग्स > कंट्रोल पैनल > स्पीच
अन्य प्रकार के पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए, जैसे लिनक्स, क्रोमओएस, फ्रीबीएसडी, आदि।
कृपया Google, Bing आदि जैसे सर्च इंजन में टेक्स्ट-टू-स्पीच को सक्षम करने के लिए सेटिंग्स खोजें

नोट वर्तमान में, यह पृष्ठ आपके डिवाइस के इंजन के अनुसार काम करता है।
इसलिए उत्पन्न होने वाली आवाज़ आपके डिवाइस के TTS इंजन का अनुसरण करती है।

अगले दिन, मैंने माही को एयरपोर्ट छोड़ के कविता को कॉल किया। मैं – हैलो, कविता… कविता – हैलो वीरेन… कैसे हो तुम…. मैं – मैं ठीक हूँ, कविता… आप बताओ आप कैसी हो… कविता – मैं भी ठीक हूँ… मैं यहाँ सिंगापुर में हूँ…. मैं – हाँ कविता… पापा ने बताया था की तुम आज सिंगापुर पहुँच जाओगी… मैं भी कल वहाँ आ रहा हूँ… कल मैं, दिन में 3 बजे तक वहाँ पहुँच जाऊंगा… कविता – ठीक है, जल्दी आ जाओ… मैं अभी अभी यहाँ पहुँची हूँ और पेसिफिक होटल में चेक इन किया है… मैं कल 3 बजे एयरपोर्ट आ जाउंगी तुम को लेने… मैं – नहीं कविता, मैं अपने आप ही होटल आ जाऊंगा… तुम को आने की ज़रूरत तो नहीं है, वैसे… फिर भी, अगर तुम फ्री हो और आना चाहती हो तो… कविता – कोई बात नहीं, वीरेन… वैसे भी मैं फ्री हूँ, होटल में बोर हो जाउंगी… हमारी मीटिंग्स 3 दिन बाद, सोमवार से स्टार्ट हैं और बुधवार तक हैं… मैं – ठीक है… कोई बात नहीं, आप आ जाना…  . कविता – ठीक है… हाँ एक और बात… मैंने यहाँ पेसिफिक में हम दोनों के लिए एक ही रूम बुक किया है… मुझे लगता है, तुम को मेरे साथ रूम शेयर करने में कोई प्राब्लम नहीं होगी… अगर, तुम अलग रूम चाहते हो तो बता दो… मैं अभी एक और रूम बुक कर दूँगी…. मैं – (मेरे मन में लड्डू फूटा और लण्ड खड़ा हो गया) अरे नहीं, कविता कोई प्राब्लम नहीं है… हम दोनों एक ही रूम में रह लेंगें… मुझे बिल्कुल भी प्राब्लम नहीं है… कविता – चलो, ठीक है… गुड उनमह: आ जाओ… मैं तुम्हारा इंतेज़ार कर रही हूँ… उफफफफफफ्फ़… मैं – (लंबी साँस लेते हुए और छोड़ते हुए) कविता मैं आ रहा हूँ, कल पक्का… 3 बजे… कविता – चलो, कल मिलते हैं, एयरपोर्ट पर… मैं – ठीक है… बाय बाय…. मैंने अगले दिन, अपना सामान पैक किया और ऊटी के रिज़ॉर्ट से चेक आउट कर के सिंगापुर के लिए निकल पड़ा। जब मेरा प्लेन सिंगापुर एयरपोर्ट पे लैंड हुआ और मैं जैसे ही एयरपोर्ट से बाहर आया तो वहाँ कविता को खड़ा मेरा वेट करते देखा।. कविता ने भी मेरी तरफ देखा और हम दोनों की नज़रें मिली और हम दोनों एक दूसरे को देख के मुस्करा दिए।. कविता, सुपर सेक्सी लग रही थी। कविता ने एक डार्क ब्लू कलर की सी थ्रू साड़ी पहनी थी और उसके साथ मिलते कलर का स्लीवलेस और बैकलेस, डीप नेक का ब्लाउज पहना था। उसने अपनी साड़ी नाभि से, 3 इंच नीचे बँधी थी। उस ड्रेस में, उसको देखते ही, मेरे तन बदन में आग लग गई और मेरा लण्ड खड़ा हो गया। फिर हम दोनों ने ही एक दूसरे को हैलो किया और हग करने के लिए, कविता ने अपनी बाहें फैला दी।  . मैंने भी उसे एक ज़ोर का हग दिया और हग देते हुए, उसकी बैकलेस ब्लाउज से नंगी होती हुई पीठ पर हाथ से हल्का सा मसाज दिया। फिर हम दोनों अलग हो कर, उसको लाई हुई टैक्सी की तरफ चल पड़े। जब हम टैक्सी के पास पहुँचे तो ड्राइवर ने समान डिग्गी में रखा और हम दोनों पीछे की सीट पर बैठ गए।. जब कविता टैक्सी में बैठ रही थी, तब उसने जान बूझ कर, साड़ी का आँचल उसके सीने से ढलका दिया और ऐसे ही बैठ गई। उसने अपना टैक्सी की सीट पे पड़ा आँचल वापस उठाने की फिर कोई कोशिश नहीं की और ऐसे ही बैठी रही।. मैं उसके बगल में बैठा था।. टैक्सी चल पड़ी और मैं कविता के बगल में बैठा उसकी डीप क्लीवेज और नेवेल एरिया को घूर रहा था।. घूरते हुए, मेरा लंबा और मोटा लण्ड एक दम खड़ा हो गया और पैंट मैं टेंट बना के कविता को सलामी देने लगा। मैंने भी लण्ड के टेंट को, कवर करने की ज़रा भी कोशिश नहीं की। कविता मुझे उसको घूरते हुए देख रही थी और मेरे पैंट में बना टेंट भी देख रही थी।. ये देख कर, उसने भाँप लिया की आग दोनों तरफ बराबर लगी हुई है और वो मन ही मन खुश हो रही थी की अब यहाँ सिंगापुर में उसको मेरा लण्ड मिल ही जायगा। थोड़ी देर में, हम लोग होटल पहुँच गये और टैक्सी से उतर कर अपने रूम में आ गए। कविता ने पीछे से रूम लॉक कर दिया और मैंने अपना समान एक तरफ रख दिया।. कविता – आप चेंज कर के, फ्रेश हो जाओ… तब तक मैं, रूम सर्विस से कुछ ऑर्डर करती हूँ… मैं – क्या ऑर्डर करोगी… मुझे अभी भूख नहीं है… एयरपोर्ट पे और फ्लाइट में मैं बहुत कुछ खा चुका हूँ… आप ने लंच किया या नहीं…. कविता – मैं भी लंच कर के ही, एयरपोर्ट के लिए निकली थी… अभी तो 4:30 ही बजे हैं… डिन्नर टाइम होने में, अभी बहुत देर है… मैं – तो अब आगे क्या प्लान है…. कविता – आगे अब 3 दिन तक, हमको यहाँ कोई काम नहीं है… चलो, ऐश करते हैं… कुछ दारू शरु पीते हैं और एंजाय करते हैं… मैं – गुड आइडिया… तुम कुछ ड्रिंक्स और स्नैक्स ऑर्डर करो… तब तक मैं चेंज कर के आता हूँ…. कविता – ठीक है… तुम क्या पियोगे… तुम्हारी पसंदीदा स्कॉच, विस्की या कुछ और… मैं – मैं तो विस्की ही पीऊंगा… और तुम…. कविता – मैं भी आज विस्की पियूंगी… ठीक है, चलो मैं ऑर्डर करती हूँ… मैंने अपने सामान में से एक शॉर्ट और एक टी शर्ट निकाली और बाथरूम में चला गया।. फिर, मैंने अपने सारे कपड़े ओर अंडरवियर उतार के शॉर्ट और टी शर्ट पहाँ ली। शॉर्ट के अंदर, मैंने अंडर वियर नहीं पहना था। फिर, मैं वापस कमरे में आ गया और सोफे पे बैठ गया। कविता बेड पर बैठी थी।. थोड़ी देर में, वेटर एक विस्की की बॉटल, सोडा, आइस क्यूब्स सलाद और कुछ स्नैक्स ले कर आ गया। कविता ने उठ कर, दरवाज़ा खोला और सारा समान टेबल पर लगवा दिया। वेटर के जाने के बाद, वो दरवाज़ा लॉक कर के पलंग पे आ कर बैठ गई। मैं – कविता, तुम भी चेंज कर के कंफर्टबल हो जाओ… कविता – नहीं… मैं ऐसी ही, ठीक हूँ… मैं बस ये साड़ी निकाल देती हूँ, जो इधर उधर गिर रही है… फिर, मैं कंफर्टबल हो जाउंगी… मुझे साड़ी पहाँना ही पसंद है पर इसको संभालना थोड़ा अनकंफर्टबल होता है… ये कह कर, कविता बेड से उठी और अपनी साड़ी उतार कर, वॉर्डरोब में रख दी। फिर, वो वापस आ कर बेड पर बैठ गई। अब वो सिर्फ़ अपने बैकलेस और डीप नेक ब्लाउज और पेटीकोट में थी।. वो मेरे सामने बेड पर बैठी थी और मैं सोफे पर, बीच में टेबल पर ड्रिंक्स और खाने का समान लगा था। कविता ने विस्की के दो पेग बनाए और एक मेरी तरफ बड़ा दिया।. हम दोनों चियर्स कर के, अपना अपना ड्रिंक सीप करने लगे। मैं कविता के सामने बैठ कर, प्यासी नज़रों से उसके डीप नेक ब्लाउज में से बाहर निकलते हुए बूब्स, सेक्सी टमी और डीप नेवेल को देखते हुए विस्की सीप कर रहा था। मेरा 9 इंच का लण्ड, शॉर्ट में पूरा खड़ा था और एक बहुत उँचा टेंट बना रहा था। कविता भी उसे भूखी नज़रों से घूर रही थी और विस्की सीप कर रही थी।. हम दोनों ने, एक एक पेग ख़तम किया और कविता दूसरा पेग बनाने लगी।
स्रोत:इंटरनेट