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दीदी ने अपना हाथ मेरे सीने पर रख लिया और काफी देर तक हम इधर उधर की बातें करते रहे फिर सो गये ।. अगले दिन जब मैं शाम को घर वापस आया तो देखा दीदी नीली जीन्स और सफ़ेद टॉप पहनकर कहीं जाने की तैयारी में हैं ।.  . मैंने कहा , ” दीदी क्या बात है आज जीन्स टॉप ? ”  . दीदी हमेशा साड़ी या सलवार सूट ही पहनती थी । इसलिए उन्हें पहली बार जीन्स टॉप में देख कर मुझे थोड़ा आश्चर्य हुआ ।.  . दीदी बोली , ” हाँ मोनू , ये कुछ दिन पहले मैंने खरीदे थे पर कभी पहन नहीं पायी । क्यूंकि मम्मी को पसंद नहीं थे । पर अब मम्मी की absence में तो पहन ही सकती हूँ । ”  . मैं बोला , “ क्यों नहीं , ये मॉडर्न ड्रेस तो आप पर बहुत सूट कर रही है । ”  . दीदी खुश होते हुए बोली , ” तू सच कह रहा है या मेरा मज़ाक उड़ा रहा है ? ”  . मैंने बोला , ” तुम्हारी कसम दीदी एकदम सच ! तुम वाकई सुन्दर दिखती हो इस ड्रेस में ।”  . दीदी कुछ सामान अपने पर्स में रखते हुए बोली , ” चल अपना बैग रख और मेरे साथ ज़रा मार्केट चल , कुछ शॉपिंग करनी है । ”  . मैंने कहा , “ 2 मिनट दीदी , मैं ज़रा फ्रेश हो लूँ ।”  . दीदी , ” ठीक है जल्दी कर । ”  . फिर हम मार्केट गये । दीदी ने कुछ घर का सामान खरीदा और अपने लिये कुछ मॉडर्न ड्रेस. जीन्स , टॉप्स , शार्ट स्कर्ट्स , लॉन्ग स्कर्ट्स लिये । दीदी ने सारे ड्रेस मेरी पसंद से खरीदी । फिर हमने बाहर ही खाना खाया और घर आ गये ।.  . रात को दीदी सोने के लिये फिर मेरे कमरे में आयी । उन्होंने कॉटन का नाईट सूट पहना था ।. वो मेरे बगल में आकर लेट गयी और बोली , ” मोनू , एक बात पूछूं ? ”  . मैंने कहा , “ पूछो दीदी । ”  . दीदी बोली , ” सच सच बताना , क्या तेरी कभी कोई गर्लफ्रेंड नहीं रही ? ”  . मैंने कहा , ” नहीं दीदी , कभी नहीं । ”  . दीदी बोली , ” अच्छा ये बता तुझे आजतक कोई भी लड़की अच्छी नहीं लगी ? ”  . मुझे थोड़ी हंसी आयी और मैंने कहा , ” नहीं दीदी , पहले तो सभी अच्छी लगती थीं पर अब नहीं लगती । ”  . दीदी बोली , “ तुझे लड़कों में क्या इतना अच्छा लगता है ? ”  . मैं थोड़ी देर चुप रहा । फिर बोला , ” दीदी आप सो जाओ । मैं लाइट बंद कर देता हूँ । ”  . और मैंने उठ कर लाइट बंद कर दी ।. दीदी बोली , ” तुझे नहीं बताना है तो मत बता । पर तूने प्रॉमिस किया था कि तू मेरी एक महीने तक हर बात मानेगा । ”  . मैंने दीदी के बगल में लेटते हुए कहा , ” ओहो दीदी !! अब आपको क्या बताऊँ कि मुझे लड़कों में क्या अच्छा लगता है , मुझे नहीं पता । लेकिन जब भी मैं किसी सुन्दर लड़के को देखता हूँ तो ….
। ”  . दीदी बोली , ” तो क्या ? ”  . मैंने कहा , ” तो मैं excited हो जाता हूँ और मेरा erect हो जाता है ।”  . दीदी आश्चर्य से बोली , ” रियली ? ” फिर थोड़ी देर बाद बोली , “ अच्छा एक बात बता । अगर कोई तुझे नीचे वहां टच करे तब भी क्या तेरा erection नहीं होता ? ”  . मैंने कहा , ” वो तो इस पर depend करता है कि टच करने वाला कौन है ? लड़का है या लड़की । ”  . दीदी बोली , ” ओके । ”  . फिर दीदी 2-3 मिनट तक कुछ नहीं बोली ।. फिर उन्होंने कहा , ” पता नहीं मुझे ऐसा क्यों लगता है कि अगर ….
। ”  . मैंने कहा , “ अगर क्या दीदी ? ”  . दीदी बोली , ” अगर मैं तुझे वहां टच करूँ तो तेरा …..। ”  . मैं बोला , ” क्या बेहूदी बात है ? आप भी ना ! कुछ भी बोल देती हो ।”  . दीदी बोली , ” अरे इसमें बेहूदगी की क्या बात है । मैं तो सिर्फ तुम्हारी मदद करने की कोशिश कर रही हूँ । ”  . मैंने कहा , ” दीदी अब आप सो जाओ । बहुत रात हो गयी है ? ”  . दीदी बोली , ” मुझे नहीं सोना , वैसे भी कल संडे है । ”  . मैंने कहा , ” नहीं सोना है तो मत सो और जो करना है करो । ”  . दीदी बोली , ” सच ? ”  . मैंने कहा , ” क्या सच ? ”  . दीदी बोली , ” यही कि जो मैं चाहूं , करूँ ? ”  . मैंने कहा , “ आपको जो करना है करो । गुड नाईट ! ”  . दीदी बोली , ” ठीक है फिर अपना पायजामा उतार , मुझे तेरा erect करना है । ”  . मैंने चौंकते हुए कहा , ” क्या ? पागल हो गयी हो ? आपको पता भी है क्या बोल रही हो ? ”  . दीदी बोली , ” हाँ पता है मुझे । जब तक मुझे कन्फर्म नहीं हो जाता । मैं कैसे मान लूँ कि तेरा erection सिर्फ लड़कों के लिये ही होता है ? ”  . मैंने झुंझलाते हुए कहा , ” ओहो दीदी , प्लीज ट्राई टू अंडरस्टैंड ।”  . दीदी बोली , ” तुमने प्रॉमिस किया था मेरी हर बात मानोगे ।”  . मैंने कुछ जवाब नहीं दिया और ऐसे ही लेटा रहा ।.  . दीदी मेरे कान के पास अपना मुंह लायी और मादक आवाज़ में बोली , ” एक बार मुझे try करने दे ना प्लीज । ”  . वो सोने देने वाली नहीं थी । इसलिये हारकर मुझे उनकी बात माननी पड़ी । मैंने कोई जवाब दिये बगैर अपना लोअर और अंडरवियर कमर से नीचे सरका दिया । दीदी ने लंड पर अपना हाथ रख दिया । लंड में कोई हरकत नहीं हुई ।. दीदी ने अपने हाथ से उसे सहलाना शुरू किया पर कोई रिस्पांस नहीं मिला । दीदी कभी लंड की चमड़ी को ऊपर करती , कभी उसकी मुठ मारती ,कभी मेरी गोलियों को सहलाती , पर लंड में कोई हरकत नहीं होती। करीब 10 मिनट तक ऐसे ही try करने के बाद दीदी ने मेरा लोअर ऊपर सरका दिया ।.  . उनकी इस नाकामयाबी से मुझे भी बहुत निराशा हुई और मैं उदास हो गया । दीदी मुझे दिलासा देने लगी और मुझे अपने सीने से लगा लिया और मैं ऐसे ही उनसे लिपट कर सो गया ।.  . अगले दिन वीणा दीदी ने मुझे कहा , ” मुझे तुम अपना दोस्त समझो और किसी लड़के की तरह ही ट्रीट करो । ” और ये भी कहा कि जो कुछ रात को हुआ उसको लेकर भी मैं गिल्ट फील ना करूँ ।. मैं उनकी इस guilt ना फील करने वाली बात से बहुत खुश हुआ और मेरा दिल का बोझ कुछ हल्का हो गया ।.  . शाम को वीणा दीदी मेरी लड़कों वाली पोर्न मैगजीन्स मुझे देते हुए बोली कि मैं बाद में उनके सामने ही उन मैगजीन्स को पडूँ ।.
स्रोत:इंटरनेट