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Isha Ki Didi Ke Kaarname Indian Sex Kahani

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हेल्लो दोस्तों, आज मैं अपनी इस Indian sex kahani का आखिरी भाग पेश करने जा रही हूँ.
दीदी ये सब छोड़ना नहीं चाहती थी, बल्कि वो मुझे भी वो अपनी इस राह पर चल के लिए तैयार कर रही थी.
मज़े से पढ़िए.. Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4.  . उन्हीं दिनों, जब मम्मी के आने में वक़्त था एक रात मैं दीदी के साथ लेटी हुई टीवी देख रही थी तो मैंने दीदी से कहा – दीदी, ये सब छोड़ दो… दीदी ने, मेरे से बोला – तू जब बड़ी हो जाना और जब तेरी चूत में खुजली हो और तुझे ऐसा मोका मिले तो छोड़ के दिखा देना तो मैं मान लूँगी… कितना सच कहा था, दीदी ने.
15 दिन बाद, दीदी चलने फिरने लायक हो गई थी.
दीदी छत पर, शाम में टहल रही थी.
कॉलोनी के लड़कों, अंकल और आंटी दीदी को देख कर आपस में कनाफूसी कर रहे थे.
मैंने दीदी से बोला – प्लीज़, नीचे चलो… दीदी ने झटके से, मेरा हाथ छुड़ा कर मेरे से बोला – मुझे मज़ा आ रहा है… हो सकता है, कोई ग्राहक मिल जाए… तुम नीचे जाओ, ईशा… मुझे थोड़ा इन सबको टीज़ करने दो… पता लगने दो की मेरी जैसी ब्यूटिफुल गर्ल कहीं नहीं है… मादर चोद, हरामी साले.
मैं नीचे चली आई.
दीदी भी थोड़ी देर बाद, नीचे आ गई.
उसने आंटी से बोला – ईशा को लेकर, आज अपने घर चले जाना… मैंने कुछ मामला सेट किया है… आंटी ने पूछा – किससे… ??. दीदी ने बताया – बगल वाले, रॉय अंकल से… 15000/- में… आंटी ने दीदी के गाल चूमते हुए कहा – तू पूरी रंडी निकली…. डिनर के बाद, रुपाली आंटी मुझे लेकर अपने घर चली आई.
उधर दीदी ने मेरे जाने के बाद, हमारे पड़ोसी रॉय अंकल को बुलाया.
उनसे पैसे लिए और उनके साथ सेक्स किया.
रॉय अंकल, काफ़ी खुश थे पर दीदी शायद उतनी नहीं पर पैसे तो मिले ही थे.
अगले दिनों भी दीदी ने ऐसा ही किया.
दिन में भी किसी ना किसी कॉलोनी वाले को बुला लेती… 10,000 – 15000/- में मामला सेट करतीं.
उसके साथ दिन में सेक्स करतीं और रात में किसी और को बुला कर उससे भी इतने ही पैसे चार्ज करती और उसके साथ सेक्स एंजाय करती.
वो उन दिनों काफ़ी कम सोती थी.
उसका पूरा ध्यान “सेक्स और पैसों” पर ही था.
केवल 1 महीने में ही, दीदी ने अपनी चूत के दम पर 12 लाख बना लिए और उसको अपने बैंक के अकाउंट में जमा किया.
मुझे याद है, बैंक में डेपॉज़िट करने के अगले दिन ही मम्मी घर वापस आ गई.
उनके आने के कुछ दिनों बाद तक घर पर सब कुछ ‘शांत’ रहा.
दीदी ने भी अपना माइंड कुछ दिनों के लिए सेक्स पर से हटा लिया था शायद या वो काफ़ी थकान महसूस कर रही थी या दीदी के दिमाग़ मे कुछ और ही चल रहा था… …. मम्मी के गाँव से आ जाने के बाद, दीदी एकदम शांत रहती थी.
बस हमेशा बुक्स खोल के पढ़ने का दिखावा करती थी या शायद पढ़ती भी थी क्यूंकी उसे पढ़ना बहुत पसंद था.
हमारे पड़ोसी, हमारे परिवार से जलन रखते थे क्यूंकी उस कॉलोनी में हमारा परिवार ही सबसे अमीर था इसलिए दीदी ने क्या क्या ‘गुल’ खिलाया, वो सब मम्मी को नहीं पता चला.
दीदी ने भी चैन की साँस ली पर हमारे कुछ पड़ोसी दीदी पे ‘गंदी नज़र’रखते थे.
उनके दिमाग़ में, अब दीदी को घेरने की प्लांनिंग चल रही थी.
अब मैं, कॉलेज में आ गई थी.
मैं रोज़ 7 बजने पर जाती थी और 2 बजे वापस आती थी.
दीदी का कॉलेज, 10 बजे से 4 बजे तक चलता था.
मम्मी की ड्यूटी, कभी दिन में और कभी कभी रात मे लगती थी.
इसी तरह, हमारी लाइफ 1 महीने तक बहुत मस्त चली.
उसी 1 महीने के अंदर, सामने वाले राजन अंकल और रुपाली दीदी का ट्रांसफर कहीं और हो गया और वो दोनों वहाँ से शिफ्ट कर गये.
जाते वक़्त, दीदी रुपाली से लिपट कर काफ़ी रोई और दोनों काफ़ी दुखी थी.
इधर, दीदी कॉलेज जानी लगी तो जिन 2 लड़कों ने दीदी के साथ पैसे देकर रात गुज़री थी, उन दोनों ने, दीदी को कॉलेज मे बदनाम कर दिया.
शायद उन्होंने दीदी का वीडियो बना लिया था जो अब उनके कॉलेज में हर लड़के के मोबाइल पर था.
मैं ये भी सुना की आते जाते खुले आम, लड़के उनके मम्मे दबा देते थे.
एक लड़के ने तो क्लास में, उनकी लेगिंग ही नीचे खींच दी थी.
दीदी, अब कॉलेज नहीं जाती थी.
बहुत ही मजबूरी में, कभी कभार जाती थी.
मम्मी दफ्तर चली जाती और मैं भी अपने कॉलेज चली जाती और दीदी घर पर अकेले रह जाती.
इसी तरह, 1 महीना और गुजर गया.
मुझे लगा की दीदी को अब अपने द्वारा की गई ग़लतियो का पछतावा हो रहा है.
एक दिन, मैं कॉलेज से 2 बजे वापस आई तो मैंने डोर पर कॉल-बेल रिंग किया तो दीदी ने 5 मिनट बाद डोर ओपन किया.
दीदी का चेहरा एकदम लाल था और पूरा शरीर, पसीने से भीगा हुआ था.
मुझे समझ नहीं आ रहा था की क्या पूछूँ… ??. दीदी का चेहरा लाल क्यों है और वो पसीने से भीगी क्यों हैं… ??. मैंने कुछ नहीं बोला.
किचन गई और अपना खाना ले कर, अपने रूम में खाया.
जब मैंने खाना खा लिया तो दीदी मेरे रूम में आई और उन्होंने मेरे को बोला – ईशा, मुझे तुम्हारी हेल्प चाहिए… मेरा एक काम करो और इस बारे में किसी को नहीं बताना… मैंने पूछा – बोलो दीदी, क्या करना है… ?? तो वो बोली – वादा करो… ?? इस बारे में किसी को भी नहीं बताओगी… ??. मैंने वादा कर दिया पर मुझे समझ नहीं आ रहा था की ऐसा क्या करना पड़ेगा… ??. दीदी उसके बाद किचन से 2 मोमबत्ती ले आई और 1 की बत्ती जला दी.
उसके तुरंत बाद, वो पूरी की पूरी “नंगी”हो गई.
मैंने उनकी बॉडी देखी तो देखते ही रह गई.
सच में, कितनी सुंदर थी वो.
मैंने उनकी बॉडी देखी तो देखते ही रह गई.
सच में, कितनी सुंदर थी वो.
“36 कप्स” के दूध.
छोटे से, भूरे निप्पल जो इरेक्ट थे.
चूत के ऊपर, काफ़ी जंगल था.
(ना जाने क्यूँ अब वो शेव / ट्रिम नहीं करती थी.
) वो अब मुझे देख के मुस्कुरा रही थी.
फिर मेरे को एक किस करने के बाद, वो बेड पर लेट गई.
अपनी दोनों टाँगों को, उसने फैला दिया.
इससे उसकी “चूत का मुंह”खुल गया.
उनकी चूत का मुंह एकदम “गुलाबी”था और खुल के बंद हो रहा था.
दीदी ने मेरे हाथ को, अपनी जांघों के बीच कर लिया.
अब दीदी की चूत, ठीक मेरी नज़र के सामने थी.
मैं उसको अब सूंघ भी सकती थी.
कितनी प्यारी और मदहोश कर देने वाली “मादक स्मेल” थी, उनकी चूत से जो आ रही थी.
दीदी ने कहा – ईशा, चाट ना मेरी छीनाल चूत… मैं चाहती थी या नहीं पर उनकी चूत, मैं अब चाट रही थी.
जीभ को नीचे से ऊपर की तरफ चूत के दाने तक ले जाकर, मैं थोड़ी देर तक चाटती रही.
दीदी नीचे से गाण्ड उठा उठा कर, मज़े ले रही थी.
उनकी आँखें खुशी से बंद थी.

स्रोत:इंटरनेट