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Isha Ki Didi Ke Kaarname Sex Story Hindi

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2 लडको से बेरहम चुदाई के बाद भी दीदी की भूख शांत नही हुई थी.
उन्हें राजन अंकल का लंड भी लेना था.
पर राजन अंकल का कुछ और ही इरादा था.
पढ़िए इस ज़ोरदार sex story hindi का अगला भाग– Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. राजन अंकल, खुद ही बोल पड़े – इसके लिए मेरी कुछ शर्तो को मानना होगा और दीदी के कान में कुछ बोला.
दीदी ने सिर हिला कर “हाँ” बोल दिया…. राजन अंकल ने दीदी के कानों में कुछ कहा तो दीदी ने मुस्कुरा के हाँ कह दिया और पेट के बल, बिस्तर पर लेट गई.
अंकल ने दीदी के पेट के नीचे 2 पिलो रख दिए तो अब दीदी की गाण्ड उँची हो गई और उसका छेद भी अब क्लियर दिखने लगा.
रुपाली आंटी समझ गई की उनके हसबैंड, अब दीदी की गाण्ड मारना चाहते हैं.
उन्हें तो जैसे, कोई ऐतराज़ ही नहीं था.
मैं ये सोच के भी उस समय हैरान थी.
मतलब बीवी, अपने पति को किसी और लड़की की गाण्ड मारते अपनी आँखों से देखेगी.
यहाँ, अंकल ने दीदी की गाण्ड पर थूक गिराया और उससे दीदी की गाण्ड के छेद पर लगा कर, ऊपर ही ऊपर से दीदी की गाण्ड के छेद की मालिश करने लगे.
(इससे गाण्ड का छेद थोड़ा बड़ा हो जाता है और थोड़ा चौड़ा भी, जिससे लण्ड आराम से अंदर चला जाता है.
) अब मुझे ये पता है.
उस टाइम मे ये सब बातें, नहीं समझ सकती थी.
मैं उस समय, केवल 12 वी क्लास में थी.
मैं ये सब बगल के रूम से रात भर देख रही थी.
थोड़ी देर तक, अंकल ने गाण्ड के छेद पर ही थुका और बाहर ही बाहर, छेद पर उस थूक को मलते रहे.
फिर उन्होंने एक बार गाण्ड के छेद पर काफ़ी ज़्यादा थुका और एक उंगली दीदी के गाण्ड के छेद मे सरका दी.
दीदी को थोड़ी परेशानी हुई पर एक मिनट में ही वो नॉर्मल हो गई.
फिर 5 मिनट तक, अंकल ने दीदी की गाण्ड के छेद में एक उंगली से मालिश की और उसके बाद एक बार फिर काफ़ी सारा थूक गिराया और दो उंगलियाँ अंदर डाली.
दीदी को फिर से थोड़ी परेशानी हुई पर 2-3 मिनट मे ही, वो नॉर्मल हो गई.
राजन अंकल ने रुपाली आंटी से बोला की अब इसको कस के पकड़ लो…. आख़िर, ये इसका गाण्ड में पहली टाइम जो है.
आंटी बेड पर चड़ी और दीदी की पीठ पर अपना पूरा वेट दे कर बैठ गई.
उसने पीछे से दीदी के दोनों हाथ भी पकड़ लिए.
अब दीदी, हिल भी नहीं सकती थी.
राजन अंकल ने दीदी की दोनों टाँगों को पकड़ कर, पूरा अलग किया और दीदी की गाण्ड के चीक्स को भी दोनों हाथ से पकड़ कर दोनों साइड मे ज़ोर लगा कर अलग करने लगे.
दीदी को ऐसा लगा की उनकी गाण्ड, बीच से अलग हो जाएगी पर अंकल को इसका बहुत तजुर्बा है.
फिर उन्होंने आंटी और खुद के मुंह से अपना थूक अपनी हथेली में लिया और दीदी की गाण्ड के छेद में लगा कर, वहाँ पर मालिश करने लगे.
थोड़ी ही देर मे, दीदी को मज़ा आने लगा और दीदी नीचे से गाण्ड उठा उठा कर ऊपर करने लगी.
अब अंकल समझ गये की दीदी पूरी जोश में है और गाण्ड मरवाने तो तैयार है.
राजन अंकल ने फिर अपने लंबे 8 इंच के काले हिलते हुए लण्ड पर थूक लगाया और दीदी के गाण्ड के छेद पर लगाया और दीदी की गाण्ड में 1 ही धक्के मे 4 इंच अंदर कर दिया.
दीदी बुरी तरह चीखने लगी तो उनकी पीठ पर बैठी, आंटी ने दीदी को शांत कराया.
फिर दीदी की गाण्ड में फँसे लण्ड पर आंटी ने अपना थूक गिराया और दीदी की गाण्ड में धीरे धीरे आगे पीछे करने लगे.
थोड़ी ही देर में, दीदी का गाण्ड के छेद अंकल के लण्ड का आदि हो गया तो दीदी नीचे से अपनी गाण्ड को ऊपर की और धक्का मारने लगी.
अंकल ने ये देख कर, अपना लण्ड थोड़ा और अंदर कर दिया.
6 इंच अंदर जाकर ऐसा लगा की लण्ड और अंदर नहीं जा पाएगा.
दीदी ने अंकल और आंटी से बोला – अब नहीं जाएगा… तो आंटी बोली – ठीक से घुसाया जाए तो गाण्ड में घोड़े का 18 इंच का भी लण्ड घुसाया जा सकता है, मेरी कामिनी… दीदी ने उसी पोज़ में आंटी को चैलेंज मारते हुए कहा – अगर आप और अंदर घुसा सको, तो जो बोलो वो करूँगी… आंटी ने बोला – तो फिर देख तमाशा…. आंटी ने दीदी की पीठ पर बैठे हुए ही दीदी की गाण्ड की पोज़ थोड़ी और उँची की और दीदी की चूत और उनकी गाण्ड (माउंटन ऑफ वीनस) को सहलाया और उनका सीधा पैर ऊपर ले जाकर, दीदी के सिर से मिला दिया.
(इस पोज़ में लण्ड और अंदर तक चला जाता है.
लड़कों और लड़कियों को ये पता है.
) आंटी ने दीदी को इस पोज़ में किया और अंकल को इशारा किया, तो अंकल ने दीदी की गाण्ड से लण्ड को पूरा बाहर निकाल कर एक ही धक्के में लण्ड पूरा 8 इंच अंदर तक डाल दिया.
दीदी की आँखों के सामने, अंधेरा छा गया.
(ऐसा कभी कभी हो सकता है पर नो प्राब्लम इन इट.
) दीदी को 2-5 मिनट लगे, नॉर्मल होने मे.
आंटी दीदी के छेद की मालिश करती रही.
5 मिनट में, जब सब कुछ नॉर्मल हो गया तो अंकल ने ऊपर से ही धीरे धीरे धक्के मारने स्टार्ट किया.
दीदी की गाण्ड से अब “छीछी” भी अंकल क लण्ड के साथ बाहर आ रहा था.
जब “छीछी” बाहर आने लगा तो दीदी को ज़्यादा मज़ा आने लगा.
दीदी ने चीख के कहा – रुकना मत…. अंकल ने अपनी स्पीड धीरे धीरे तेज़ कर दी और 10 मिनट तक दीदी की गाण्ड को चोदने के बाद, वो दीदी की गाण्ड में ही वीर्य निकाल कर दीदी के ऊपर गिर कर अपनी साँसे दुरुस्त करने लगे.
आंटी ने अब सबको छोड़ दिया था और वो किचन में खाना बनाने चली गई थी.
5 मिनट बाद, अंकल और दीदी दोनों उठे और देखा बिस्तर पर थोड़ा सा ब्लड और छीछी भी थी.
अंकल ने बेडशीट को बाथरूम में फेंका और अपने कपड़े पहने और दीदी और अपनी वाइफ से “बाइ” बोल कर, अपने घर पर फ्रेश होने निकल पड़े.
उनके जाने के बाद, मैं अपने रूम से निकली ओर फ्रेश हुई.
मुझे याद है, उसके अगले दिन से मेरा महीना भी चालू हो गया.
दीदी भी फ्रेश हुई और फिर आंटी भी.
आंटी ने हम सबको खाना बना कर खिलाया.
मैंने देखा, उस दिन दीदी काफ़ी खुश थी.
मुझे तब ज़्यादा कुछ समझ नहीं आया पर आज समझ सकती हूँ.
सेक्स, इस अ मिराकल !!! इससे ज़्यादा मज़े देने वाली चीज़, इस वक़्त दुनिया में कुछ भी नहीं है.
लोग चाहे इसकी जितनी भी बुराई कर लें पर हम सब, काफ़ी हद तक सेक्स के गुलाम हैं और हमेशा रहेंगे.
ये बात मुझ पर और सभी औरतों पर समान रूप से लागू है.
फिर, खाना खाने के बाद मैं, दीदी और रुपाली आंटी सो गये.
लगभग 3 बजे पर, हम तीनों लोग थोड़ी थोड़ी देर के अंतराल पर उठे.
थोड़ा नाश्ता किया और फिर इसके बाद, मम्मी का फोन आया तो पता चला की वो एक महीने बाद आएँगी, ज़मीन का कुछ काम संभाल कर और वो अपने गाँव ठीक- ठाक पहुँच गई हैं.

स्रोत:इंटरनेट