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Jijaji Ne Chudai Family Chudai Stories

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मेरा नाम प्रियाहै, उम्र 19 साल, शादी को कुछ महीने हो चुके हैं। मेरे पति मुझे बहुत प्यार करते हैं, मैं भी उन्हें बहुत प्यार करती हूँ। मैं अपने पति से कई बार चुद चुकी हूँ। मेरी चुदाई मुझे बहुत तकलीफ देती है। मेरे पति मुझे चोदते समय मुझ पर बिल्कुल भी दया नहीं दिखाते, बेरहम हो जाते हैं। मैं रोती रहती हूँ, वो चोदते रहते हैं। पढ़िए मस्त family chudai stories –  . ऐसा नहीं कि मैं शादी से पहले नहीं चुदी हूँ। मैं शादी से पहले अपने जीजाजी से कई बार चुद चुकी हूँ। जीजाजी भी मुझे चोदते समय बेरहम हो जाते थे। शायद सारे पुरुष एक जैसे ही होते हैं। पहले मैं जीजाजी से अपनी. चुदाई के बारे मैं बताती हूँ।. बात उस समय की है जब दीदी की शादी हुई थी। जो मुझसे दो साल बड़ी थी। हम दोनों बहनें कम सहेलियाँ ज्यादा थी। हमने एक दूसरे को पूरा नंगा करके देखा था एक दूसरे की चूत भी देखी थी। लेकिन चुदाई क्या होती है यह. पता नहीं था। दीदी ने ही ससुराल से लौटकर बताया था कि जीजाजी ने उन्हें कैसे और कितनी बेरहमी से चोदा था।. मैंने एक बार पापा मम्मी को चुदाई करते चुपके से देख लिया था। तब मैं 19 साल की थी। यह तो पता था कि औरतों के चूत होती है। लेकिन यह नहीं पता था कि लण्ड इतना मोटा और लम्बा होता है और चूत में घुस जाता है।. मम्मी बड़े आराम से चुद रहीं थीं। मम्मी बैड पर लेटी थीं। उनकी टांगें नंगी थीं और ऊपर को मोड़ी हुई थीं। पापा नीचे खड़े थे। वो अपने लण्ड को मम्मी की चूत में अन्दर-बाहर कर रहे थे।. मुझे डर लगा और दीदी को भी दिखाया। तब दीदी ने बताया था कि पापा मम्मी को चोद रहे हैं।. मैंने पूछा- क्यों?. तो उन्होंने बताया- हर औरत को चुदना पड़ता है।. दीदी साइंस पढ़ती थी, उन्होंने बताया- एक दिन तुझे भी चुदना पड़ेगा, मुझे भी चुदना पड़ेगा। मैने पूछा- तकलीफ़ नहीं होती है क्या?. उन्होंने कहा- पता नहीं, जब तू खुद चुदेगी तो पता चल जायेगा। कुछ सालों में दीदी की शादी हो गई। वहाँ से लौट कर दीदी ने अपनी चुदाई के बारे में बताया था। उन्होंने बताया कि जीजाजी उन्हें पूरी नंगी करके चोदा। चुदाई में लगती भी है और मजा भी बहुत आता है।. अब मेरी भी चुदने की इच्छा होने लगी थी। अगली बार मैं भी उनके साथ उनके घर गई। वो दोनों ही नौकरी करते थे। फ्लैट में दो कमरे थे। एक में वो दोनों और एक में मैं अकेली सोती थी। मैं रात को बिस्तर में लेटने के. बाद उन दोनों की चुदाई के बारे में सोचा करती थी। मुझे देखना था कि ज़ीजू दीदी को कैसे चोदते हैं।. एक रात को मुझे मौका मिल ही गया। उनके कमरे की लाइट जली थी। दरवाजे में एक छेद था। मैंने देखा कि जीजाजी दीदी के कपड़े उतारने की कोशिश कर रहे थे।. एक रात को मुझे मौका मिल ही गया। उनके कमरे की लाइट जली थी। दरवाजे में एक छेद था। मैंने देखा कि जीजाजी दीदी के कपड़े उतारने की कोशिश कर रहे थे।. दीदी विरोध कर रही थी, कह रही थी- प्रियाजाग जायेगी। जीजाजी कह रहे थे- अब मेरे से और इंतजार नहीं होता। आज तो मैं तुम्हें चोदकर ही मानूँगा।. जीजाजी जबरदस्ती दीदी को नंगी करने लगे तो दीदी गिड़ड़ाने लगी- मान जाओ ……… मान जाओ……… बहुत लगती है। मेरी चीख निकल जाती है। प्रियासुन लेगी।. जीजाजी नहीं माने, बोले- कि तुम चीखती हो तो और मजा आता तुम्हें चोदने में ! उन्होंने दीदी की साड़ी खींचनी शुरू की। दीदी उनको रोक रही थी। लेकिन जीजाजी ने दीदी को एक हाथ से पकड़ लिया और दूसरे हाथ से दीदी की साड़ी उतार दी। अब जीजाजी ने दीदी को पीछे से बाँहों में भर लिया और दीदी का. ब्लाउज खोलने लगे। दीदी जीजाजी से छूटने की कोशिश कर रही थी। उन्हें अपने ब्लाउज के हुक खोलने से रोक रही थी। लेकिन जीजाजी ने ब्लाउज के हुक भी खोल दिये। मेरी साँसें रुकी हुई थीं। जीजाजी ने दीदी का ब्लाउज. भी उतार कर फेंक दिया। दीदी की ब्रा उतारने के लिये जीजाजी को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। उन्होंने दीदी की ब्रा की पट्टियों को कधों से नीचे उतार दिया। फिर दीदी को घुमाकर बाँहों में कस लिया और पीछे से. ब्रा की हुक खोल दी। अब दीदी का पेटीकोट रह गया था। ब्रा उतारकर दीदी को छोड़ दिया। दीदी इधर उधर भागने लगी। जीजाजी दीदी के पेटीकोट का नाड़ा खोलने को लपके।. दीदी ने नाड़ा पकड़ लिया ताकि खुले नहीं, वह कह रही थी- मान जाओ…… रहने दो, इसे मत उतारो। वह कह रही थी- मान जाओ…… रहने दो, इसे मत उतारो। जीजाजी बोले- अच्छा ठीक है। वो रुक गये। अब दीदी ने नाड़ा छोड़ दिया और अपने स्तनों को पकड़ लिया। जीजाजी ने लपक कर दीदी को बाँहों में भर लिया। जबरदस्ती दीदी के पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया। दीदी छटपटाने लगी। जीजाजी ने उनका पेटीकोट उतार. कर दीदी को नंगी कर दिया और गोद में उठाकर बिस्तर पर पटक दिया।. उन्होंने दीदी के होंथों पर होंठ रख दिए। फिर ऊपर से नीचे तक चाटा। जब उन्होंने दीदी की चूत चाटी तो दीदी सिसकारी भरने लगी। वो बल खाने लगी।. जब जीजाजी ने अपने कपड़े उतारे तो मैं जीजाजी का लण्ड देखकर दंग रह गई। पापा के लण्ड की तरह बड़ा था।. वो जब दीदी के ऊपर झुके तो दीदी  हाथ जोड़कर कहने लगी- मान जाओ…… बहुत तकलीफ़ होती है।. जीजाजी नहीं माने। जीजाजी ने अपना लंड दीदी की चूत पर रख दिया। दीदी ने अपने हाथ उनके पेट पर रखे ताकि उन्हें रोक सके। जीजाजी के बार बार कहने पर हथियार डाल दिये। दीदी ने अब अपने हाथ ऊपर करके सिरहाने रख. लिये। अब दीदी रुआंसी हो चली थी।. जीजाजी ने लण्ड चूत में घुसाना शुरू किया। दीदी ने अपने होंठ भींच लिये। ताकि आवाज न निकले। लेकिन जैसे ही जीजाजी ने धक्का मारा, दीदी की चीख निकल गई…आ…आ…आ…आ… । जीजाजी का आधा लण्ड दीदी की चूत में फँसा था। दीदी रो रही थी। थोड़ी देर दीदी को रुलाने के बाद जीजाजी ने एक और धक्का मारा और पूरा लण्ड दीदी की चूत में होकर उनके पेट में घुस गया। दीदी की फिर से चीख निकल. गई…आ…आह…आ…आई…।. एक दिन वो जल्दी ही घर लौट आये, दोपहर में मुझसे बोले- आओ, तुम्हें बढ़िया फोटो दिखाऊँ। मैंने कहा- दिखाओ।. उन्होंने अपने मोबाइल में मेरी नंगी फोटो दिखाईं।. मैं वहाँ से भागी तो उन्होंने मुझे पकड़कर अपनी टाँगों पर बिठा लिया।. मैं बोली- छोड़ो जीजाजी आप तो बहुत बेशर्म हो।. जीजाजी बोले- अच्छा जी……? नंगी तुम सोती हो, और बेशर्म मैं हो गया? मैंने तो नहीं कहा था नंगी सोने के लिये। मैंने अपना चेहरा हाथों से छिपा लिया।. वो बोले- वैसे तुम्हारी चूत है बहुत सुन्दर। तुम्हारी चूत देखकर तो किसी बु्ढ्ढे का लण्ड भी खड़ा हो जायेगा।. उन्होंने शब्दों में मेरी चूत का नक्शा खींच दिया।. मैंने कहा- जीजाजी चुप रहो !. मैं फिर भागने को उठी।. जीजाजी ने फिर पकड़कर अपनी टाँगों पर बिठा लिया, वो मेरी जाँघों पर हाथ फिराने लगे और कहने लगे- मेघना, सच बताना….. अभी तक किसी से चुदी हो या नहीं? मैं सीधे प्रश्न का कोई सीधा उत्तर न दे सकी।. जीजाजी ने फिर पूछा- बताओ न मेघना, अभी तक किसी से चुदी हो या नहीं?
स्रोत:इंटरनेट