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Kahani Ek Pariwar Ki Family Sex Kahani

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Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4. पार्ट 5. पार्ट 6. भावना ने सोफ़े पर लेट गयी और दामिनी ने भी उसकी टांगों के बीच में जगह बनाते हुये उंगलियों से पैन्टी को सरका कर उतार दिया । काफ़ी मादक दृश्य था । दो सैक्सी औरतें, एक सोफ़े पर साड़ी और पेटीकोट उठाये बैठी है और दूसरी उसकी टांगों के बीच में ब्लाऊज खोले बैठी मुहं को गदराई जांघों के बीच में दबाये तड़प रही है । दामिनी ने भावना की चूत के पास अपने होंठ रख दिये । भावना के अन्दरूनी अंगों पर बहता पानी दामिनी के. भी गालों पर चुपड़ गया । इतना करने के बाद दामिनी भावना के गले से लिपट कर अपने स्तनों पर चुभते भावना के मन्गलसूत्र को एक तरफ़ हटाते हुये कहा ” तुने किसी ब्लू फ़िल्म देखी है? “”हाँ. दीदी, देखा तो मैनें भी है । लेकिन उसके बाद क्या होता है मुझे कुछ पता नहीं । तुम्हारे देवर साहब अपनी उन्गलियां तो चलाते थे मेरी चूत पर और मुझे काफ़ी मजा भी आता था लेकिन लंड से चुदाई तो अलग ही चीज़ है । उनके लंड से चुदने के बाद से तो मुझे इन तरीकों का कभी ध्यान भी नहीं आया ।” भावना बोली ।. दामिनी ने दुबारा से घुटने जमीन पर टिकाते हुये अपनी जीभ देवरानी की टांगों के जोड़ के पास घुसा दी । खुद की बदन में लगी आग के कारण उसे मालूम था की भावना को अब क्या चाहिये । पहले तो दामिनी ने जीभ को भावना. की मोटी मोटी जांघों पर नचाया फ़िर थूक से गीली हुई घुंघराली झांटों को एक तरफ़ करते हुये भावना की रिसती बुर को पूरी लम्बाई में एक साथ चाटा । “उई मां…छोटीईईईईई”, भावना ने गहरी सिसकी भरी । “क्या हुआ भावना?” भोली बनते हुये दामिनी ने पूछा जैसे कुछ जानती ही ना हो । “आपकी जीभ..” भावना का पूरा बदन कांप रहा था । उसकी गांड अपने आप ही दामिनी के चेहरे पर ठीक वैसे ही झटके देने लगी जैसे लंड चुसाई के वक्त पवन अपनी कमर हिलाकर उसका मुहं चोदता था । दामिनी ने महसूस किया की भावना की चूत ने खुल कर उसकी जीभ के लिये ज्यादा जगह बना ली थी । भावना ने अपनी टांगें चौड़ा कर दी. ताकि जेठानी की जुबान ज्यादा से ज्यादा गहराई तक पहुंच सके । हालांकि चूत चाटने में दामिनी को कोई अनुभव नहीं था पर उसे पता था कि देवरानी को सबसे ज्यादा मजा कहाँ आएगा ।. दामिनी ने जीभ को सिकोड़ कर थोड़ा नुकीला बनाय़ा और भावना की चूत के ऊपरी हिस्से पर आहिस्ते से फ़िराया । भावना के मुहं से घुटी हुई सी चीख निकली और उंगलियां दामिनी के सिर पर जकड़ गयीं । दुबारा दामिनी ने. फ़िर से जीभ को उसी चिकने रास्ते पर फ़िराया तो वही हाल । भावना फ़िर से होंठ दबा कर चीखी । अनजाने में ही सही दामिनी का निशाना सही बैठ गया था । भावना की अनछुयी क्लिट सर उठाने लगी । दामिनी भी पूरे मनोयोग. से भावना के चोचले को चाटने चूसने लगी गई । इधर भावना को चूत के साथ साथ अपने चूचों में भी दर्द महसूस होने लगा । बिचारे उसके स्तन अभी तक ब्रा और ब्लाउज की कैद में थे । भावना ने दामिनी के के सिर से हाथ. हटा ब्लाऊज के सारे हुक खींच कर तोड़ डाले । हुक टूटने की आवाज सुनकर दामिनी ने सिर उठाय़ा और छोटी सी रेशमी ब्रा में जकड़े भावना के दोनों कबूतरों को निहारा । भावना की ब्रा का हुक पीछे पीठ पर था पर दामिनी. इन्तजार नहीं कर सकती थी । दोनों हाथों से खींच कर उसने भावना की ब्रा को ऊपर सरकाया और तुरन्त ही आजाद हुये दोनों चूचों को दबोच लिया । भावना ने किसी तरह खुद पर काबू करते हुये जल्दी से अपन ब्लाऊज बदन से. अलग किया और फ़िर हाथ पीछे ले जाकर बाधा बन रही उस कमबख्त ब्रा को भी खोल कर निकाल फ़ैंका । दो सैकण्ड पहले ही दामिनी की जीभ ने भावना की चूत का साथ छोड़ा था ताकि वो उसके स्तनों को थाम सके परन्तु अब भावना. को चैन नहीं था ।. अपने चूचों पर दामिनी के हाथ जहां उसे मस्त किये जा रहे थे वहीं चूत पर जेठानी की जीभ का सुकून वो छोड़ना नहीं चाहती थी । मन में सोचा कि जेठानी को भी ऐसे ही प्यार की जरुरत है पर इस वक्त वो अपने जिस्म के. हाथों मजबूर हो स्वार्थी हो गयी थी । भावना ने पास ही पड़े एक कुशन को उठा अपने चुतड़ों के नीचे व्यवस्थित किया । इस प्रकार उसकी टपकती चूत और ज्यादा खुल गय़ी । दामिनी भी भावना का इशारा समझ कर वापिस अपने. मनपसन्द काम में जुट गई । कुशन उठाते वक्त भावना को अहसास हुआ कि इस समय दोनों कहां और किस अवस्था में हैं । घर के हॉल में बीचों बीच दोनों महिलायें नंगे जिस्मों को लिये वासना और प्यार से भरी हुई एक दूसरे. कि बाहों में समाई थीं । किसी भी क्षण घर का कोई भी पुरुष यहां आकर उन दोनों को रंगे हाथों पकड़ सकता था । परंतु जीवन में पहली बार किसी दूसरी औरत के साथ संभोग के लिये इतना खतरा लेना अनुचित नहीं था । भावना. की खुली चूत दामिनी के मुहं में फ़ुदक रही थी और उसकी जीभ भी भावना की चूत के अन्दर नई नई गहराईयां नापने के साथ हर बार एक नई सनसनी पैदा कर रही थी । किसी मर्द के या कहे पवन के लंड से चुदते वक्त भी सिर्फ़. चूत की दीवारें ही रगड़ती थी ।. लेकिन दामिनी की जीभ तो अन्दर कहीं गहरे में बच्चेदानी तक असर कर रही थी । पूरे शरीर में उठती आनन्ददायक पीड़ा ये सिद्ध करने के लिये काफ़ी थी कि किसी भी औरत के बदन को सिर्फ़ एक छोटे से बिन्दु से कैसे काबू. में किया जा सकता है । कुछ ही क्षण में दामिनी को अपनी जुबान पर भावना की चूत का पानी महसूस हुआ । देखते ही देखते चूत में से झरना सा बह निकला । हे भगवान, इस औरत का पानी पीकर तो किसी प्यासे की प्यास बुझ जाये । दामिनी को अपनी बदन में उठती तेज गरमी सता रहा था । परन्तु अभी देवरानी का पूरी तरह से तृप्त होना जरूरी था ताकि वो फ़िर उसके के साथ भी यही सब दोहरा सके । शायद भावना को भी चूत में खालीपन महसूस हो. रहा होगा । ऐसा सोच दामिनी ने तुरन्त ही अपनी दो उन्गलियों को जोड़ कर उस तपती टपकती चूत में पैवस्त कर दिया । सही बात है भाई, एक औरत ही दूसरी औरत की जरुरत को समझ सकती है, भावना दामिनी के इस कारनामे से सांतवे आसमान पर पहुंच गई । उसके गले से घुटी घुटी आवाजें निकलने लगी और चूत ने दामिनी की उन्गलियों को कसके जकड़ लिया । उधर दामिनी के दिमाग में भी एक नई शरारत सूझी और उसने चूत के अन्दर एक उन्गली को हल्के. से मोड़ लिया ।.
स्रोत:इंटरनेट