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Kahani Ek Pariwar Ki Family Sexy Stories 2

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“भावना तुम्हें यहां नहीं आना चाहिये था, प्लीज चली जाओ ।” दामिनी विनती कर रही थी । भावना के गदराये बदन को बाहों में लपेटे दामिनी उसकी हथेलियों को अपने दुखते स्तनों पर फ़िरता महसूस कर उसकी उत्तेजना बढ गई । लेकिन अपने बेटे के सामने.. नहीं नहीं । रोकना होगा ये सब । किन्तु किशोर अमन का लंड तो मां के मुख से अपनी चाची का नाम सुनकर और ज्यादा कठोर हो गया । दामिनी ने भावना को धक्का देने की कोशिश की और इस हाथापाई में भावना के बदन पर लिपटी एक मात्र रेशमी चादर खुल कर गिर. पड़ी । हॉल से आकर थकी हुई भावना नंगी ही अपने बिस्तर में घुस गई थी । जब पानी पीने के लिये उठी तो मर्यादावश बिस्तर पर पड़ी चादर को ही लपेट कर बाहर आ गई थी । भावना के नंगे बदन का स्पर्श पा दामिनी के तन. बदन में बिजली सी दौड़ गई, उसकी सोया लंड जाग उठा । एकाएक उसका विरोध भी ढीला पड़ गया । अमन के लंड को चोदते हुये दामिनी और कस कर भावना से लिपट गई । नीचे अमन अपनी माता की गिली हुई गांड के छेद को अपने लंड से भर रहा था तो ऊपर से चाची ने दाहिना हाथ आगे बढ़ा कर मम्मी की तने हुए लंड को कस के पकड ली । किसी अनुभवी खिलाड़ी की तरह भावना चाची ने मम्मी के तने हुए लंड के फोर-स्कीन को उपर-निचे करते हुए लाल सुपाडे. को अंदर बाहर करने लगी । लंड पर चाची की उन्गलियों का चिर परिचित स्पर्श पा मम्मी मजे में कराहा, “ईईईई”.
“हां भावना”, भावना चाची ने भी नीचे देखते हुये हुंकार भरी । दामिनी की गांड अमन के लंड के कारण चौड़ी हुई पड़ी थी और भावना भी उसे बख्श नहीं रही थी । रह रह कर बार बार जेठानी के लंड के सुपाडे पर जिभ फिरा रही थी । दामिनी बार बार अमन की जांघों पर ही अपनी भारी नितम्ब को गोल गोल. घुमा और ज्यादा उत्तेजना पैदा करने की कोशिश कर रही थी ।. अमन के सामने ही भावना एक हाथ से मम्मी की 10 इंच के लंड को पम्प कर रही थी और दूसरे से मम्मी के चूचों को निचोड़ रही थीं । चाची के होंठ मम्मी के होंठों से चिपके हुये थे और जीभ शायद कहीं मां के गहरे गले. में गोते लगा रही थी । आंख के कोने से अमन ने चाची को मम्मी की लंड मुठियाते देखा तो झटके से चाची की स्तन को थाम लिया । अपना हाथ मम्मी की लंड पर से खींच कर चाची अमन के कानों मे फ़ुसफ़ुसाई “अमन, देखो तुम्हरी मम्मी क्या कर रही हैँ ? जिस्मों की उत्तेजना में कुछ भी स्वीकार कर लेना काफ़ी आसान होता है । हां, अपने बेटे के सामने दामिनी पूरी तरह से चरित्रहीन साबित हो चुकी थी । उसके बेडरूम के बाहर वो सिर्फ़ उसकी मां थीं । वो भी उन दोनों के इस कृत्य का बदला चुकाने को उत्सुक था । पर किससे कहे, दोनों ही उससे उम्र में बड़ी होने के साथ साथ भारतीय पारिवारिक परम्परा के अनुसार सम्मानीय थी । और जब से अपनी मम्मी की रहस्य सामने आई है उसका तो चैन ही उड गया था । मम्मी को मर्द कहा जाए या औरत ! औरत की भी इतनी बडी लंड होती है ? मम्मी की चोदाई व अपनी आँखोँ से देख चुका है , बड़ी बेरहमी चाची की बुर मेँ चोद रही थी । कितनी ताकत थी मम्मी की लंड मेँ । दोनों ही के साथ उसका संबंध पूरी तरह से अवैध था । इसीलिये जब उसकी चाची ने मात्र एक चादर में लिपट कर उसके कमरे में प्रवेश किया और. अपने भारी भारी स्तनों को मां के कन्धे से रगड़ना शुरु किया तो वो उन पर से अपनी नज़र ही नहीं हटा पाया । चाची की नाजुक उन्गलियां मम्मी के तने हुये लंड पर थिरक रही थीं तो बदन उसके पूरे शरीर से रगड़ खा रहा. था ।. दोनों ही औरतों के बदन से निकला पसीने खुश्बू अमन को पागल किये जा रही थी । दामिनी ने जब अमन को भावना के नंगे शरीर पर आंखें गड़ाये देखा तो उन्हें भी अहसास हुआ कि अमन को भरपूर प्यार देने के बाद भी आज तक. उसके दिल में अपनी चाची के लिये जगह बनी हुई है । दोनों औरतों के बदन के बीच में भावना की चूत से निकलता आर्गैज्म का पानी भरपूर चिकनाहट पैदा कर रहा था ।. “देखो अमन” भावना ने उसकी माँ के फ़ूले लंड पर नजरें जमाये हुए कहा । “कैसा कड़क हो गया है?” मम्मी की लंड को मुट्ठी में भरे भरे ही भावना चाची धीरे से बोली । मम्मी के गले से आवाज. नहीं निकल पाई । उत्तेजना में उन्होनें भावना चाची के भारी नितम्बों को थाम कर उसे मसलने लगी ताकि फुंकार मारती हुई लंड की किसी से तो रगड़ मिले ।. भावना ने चेहरा दामिनी की तरफ़ घुमाया और अपने होंठ दामिनी के रसीले होंठों पर रख दिये । होंठों को चूसते हुये भी उसने मम्मी के लंड को मुठियाना जारी रखा । नजाकत के साथ दामिनी के सुपाड़े पर अंगूठा फ़िराने. लगी । ” ईईईईई”, दामिनी सिसक पड़ी । अंगूठे के दबाव से मम्मी की लंड में खून का दौड़ना तेज हो गया । मम्मी की लंड पर चाची की कसती मुट्ठी से मचल सा गया । दामिनी की तो जान ही निकल गई । हे भगवान । इन सब कामों में भावना पूरी सावधानी बरत रही थी कि किसी को भी कुछ भी जोर जबरदस्ती जैसा ना लगे । दामिनी ने नीचे से अपनी चौडी गांड को उछाला भावना कि मुट्ठी को चोदने का प्रयास किया पर तब तक भावना ने अपनी. मुट्ठी खोल सिर्फ़ सहारा देने के लिये लंड को दो उन्गलियों से पकड़ा हुआ था ।. तभी दामिनी अमन के लंड पर से उठ खडी हुई और भावना की बगल में लेट गई । दामिनी ने कुछ बोलना चाहा पर समझ में नहीं आया कि क्या कहे । दिमाग पूरी तरह दिल से हारा हुआ अमन और भावना के हाथों की कठपुतली सा बना. हुआ था । चाची का इशारा पा अमन चेहरे को आगे खींच कर मम्मी की लंड अपनी खुले मुंह में उतार दिया । दामिनी ने तुरन्त ही दोनों हाथों से बेटे का चेहरा दबा जानवरों की तरह धक्के लगा शुरु कर दिया । दामिनी का. लंड अमन के गले को अन्दर तक भरा हुआ था । दामिनी की लंड अब जी भरकर बहना चाहती थी और उसके हाथ भावना की बुर खोज रहे थे ताकि वापिस उसकी बुर में अपनी लंड डाल सके । पर भावना तो पहले से ही मां बेटे का. सम्पूर्ण मिलन करवाने में व्यस्त थी । एक हाथ की उन्गलियों से दामिनी के लंड को थामे दूसरे से उसकी भारी गांड को सहला सहला कर जेठानी को और उकसा रही थी । “हां दीदी, शाबास, लंड को वैसे ही चटवाते रहो जैसे हम इससे अपनी चूत चुसवाना चाहते थे । दामिनी के गालों से गाल रगड़ती हुई भावना बोली । अमन चौंका । निश्चित ही दोनों औरते उसके ही बारे में बातें कर रही थी ।. आंखों के कोनों से दामिनी ने भावना के मोटे मोटे चूचों को झूलते देखा । इस स्थिति में भी वो उन दोनों को जी भर के निचोड़ना मसलना चाहती थी । लेकिन अपनी लंड चटवाने स्वाद भी वो छोड़ना नहीं चाहती थी । मन. भावना के लिये कृतज्ञ था कि उसने मां को अपने बेटे के और करीब ला दिया है । अमन जो अपनी आंखों के सामने अपनी जेठानी और अमन की उत्तेजक हरकतें देख रहा था, अब फ़िर से सक्रिय हो उठी । थोड़ा सा उठ कर उसने दोनों हाथों से दामिनी के उछलते स्तनों को दबोच लिया । भावना को भी अब खुल कर दोनों मां बेटे के बीच में आना ही पड़ा । दामिनी के हाथ अपने चूचों पर पड़ते ही भावना कराह उठी । अन्दर तक सिहर उठी भावना चाची ।. मम्मी के खुले सिग्नल से उनकी चूत में चिकने पानी का दरिया बनना चालू हो गया ।.
स्रोत:इंटरनेट