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Kahani Ek Pariwar Ki Family Sexy Stories

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Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4. पार्ट 5. पार्ट 6. “ओह” दामिनी चीख पड़ी । जैसे ही विर्य की पहली बौछार का अनुभव उन्हें हुआ बेटे को कस के भींच लिया । अगले पांच मिनट तक दामिनी की लंड से वीर्य की कई छोटी बड़ी फ़ुहारें निकलती रहीं । थोड़ी देर. बाद जब ज्वार उतरा तो दामिनी बेटे के शरीर पर ही लेट गय़ीं । भारी भरकम स्तन अमन की छातियों से दबे हुये थे । दोनोँ के लंड एक दुसरे से रगड खा रहे थे । अमन ने मां के माथे को चूमा और गर्दन को सहलाया ।. “मां, मैं हमेशा सिर्फ़ तुम्हारा रहूंगा । तुम जब चाहो जैसे चाहो मेरे संग सैक्स कर सकती हो ।दामिनी ने धीरे से सिर हिलाया । उनका बेटा उनके प्यार की गहराई को समझ चुका था । अमन आज के बाद उनकी आंखों से दुनिया देखेगा । एक बार फ़िर अमन को सब कुछ सिखाने की जिम्मेदारी उनके ऊपर थी । और अब उन्हें भी सैक्स में वो सब करने का मौका मिलेगा जो उनके पति के दकियानूसी विचारों के कारण आज तक वह करने से वंचित रहीं. । दामिनी ने अमन के मोबाईल में सवेरे जल्दी उठने का अलार्म सेट किया ताकि अपने पति से पहले उठ कर खुद नहा धो कर साफ़ हो सकें । मोबाईल वापिस रख अमन के होठों पर गुड नाईट किस दिया और उस की बाहों में ही सो. गयीं ।इसी तरह घर का माहोल चलता रहा । दामिनी अपने बेटे और भावना के साथ अलग-अलग समय पर अपनी कामवासना पुरी करती रही । एक दिन रात को भावना की आंखें थकान और नींद से बोझिल हो चली थी और दिमाग अब भी पिछले २-३. महीनों के घटनाक्रम को याद कर रहा था । अचानक ही कितना कुछ बदल गया था उसके सैक्स जीवन में । पहले अपने ही बहन जैसी जेठानी की बदली हुई लिँग और अकस्मात ही बना उसका सेक्स संबंध फ़िर जेठानी के द्वारा संभोग. के दौरान नये नये प्रयोग किसी मादा शरीर से मिला अनुभव नितांत अनूठा था । पर रात में इस समय बिस्तर में किसी पुरुष के भारी कठोर शरीर से दबने और कुचले जाने का अपना अलग ही आनन्द है । जेठानी औरत तो थी ही पर. उसकी विशाल लंड मेँ गजब का ताकत था । जेठानी की चोदाई से मिली आनंद पहले कभी नहीँ मिली थी उसे । बडी बेरहमी से उसे चोदा था जेठानी ने । काश! दामिनी इस समय उसके पास होती । दुसरा था भतीजा अमन जो अभी नौजवान. है और उसे बड़ी आसानी प्रलोभन देकर अपनी चूत चटवाई जा सकती है । फ़िर वो दामिनी की लंड की तरह ही उसके मुहं पर भी वैसे ही पानी बरसायेगा । मजा आ जायेगा । पता नहीं कब इन विचारों में खोई हुई उसकी आंख लग गयी. । देर रात्रि में जब प्यास लगने पर उठी तो पूरा घर गहन अन्धेरे में डूबा हुआ था । बिस्तर के दूसरी तरफ़ पवन खर्राटे भर रहे थे । पानी पीने के लिये उसे रसोई में जाना पड़ेगा सोच कर बहुत आहिस्ते से अपने कमरे. से बाहर निकली । सामने ही अमन का कमरा था ।. भावना चुपके से अमन के कमरे का दरवाजा खोला और दबे पांव भीतर दाखिल हो गई । कमरे में घुसते ही उसने किसी मादा शरीर को अमन के शरीर पर धीरे धीरे उछलते देखा । दामिनी के अलावा और कौन हो सकता है इस वक्त इस घर. में जो अमन के इतना करीब हो । अमन की कमर पर सवार उसके लन्ड को अपनी भारी गांड के छेद में समाये दामिनी तालबद्ध तरीके से गांड मरवा रही थी । खिड़की से आती स्ट्रीट लाईट की मन्द रोशनी में उसके उछलते चूंचे और. मुहं से निकलती धीमी कराहो से दामिनी की मनोस्थिति का आंकलन करना मुश्किल नहीं था । “अभी अभी मुझे चोदी है और फ़िर से अपने बेटे के ऊपर चढ़ गई” मन ही मन दामिनी को गन्दी गन्दी गालियां बक रही थी. भावना । खुद के तन भी वही आग लगी हुई थी ।. उधर दामिनी पूरे जोशो खरोश के साथ अमन से चुदने में लगी हुई थी । रह रहकर उसके हाथों की चूड़ियां खनक रही थी । दामिनी की 8 इंच लम्बा और मोटा लंड उछलने से हवा मेँ लहरा रहा था और गले में पड़ा मंगल्सूत्र भी. दोनों स्तनों के बीच उछल कर थपथपा कर उत्तेजक संगीत पैदा कर रहा था । ये सब भावना की चूत में फ़िर से पानी बहाने के लिये पर्याप्त था । आभूषणों से लदी अमन के ऊपर उछलती जेठानी काम की देवी ही लग रही थी ।. दामिनी की उछलती लंड देखते ही भावना की पहले से नम बुर की दिवारोँ ने अब रिसना चालु कर दिया था । भावना को अब मम्मी की लंड चाहिये था । सिर्फ़ पत्थर की तरह सख्त जेठानी की लंड ही उसे तसल्ली दे पायेगी । अब. यहां खड़े रह कर मां पुत्र की काम क्रीड़ा देखने भर से काम नहीं चलने वाला था । भावना मजबूत कदमों के साथ दामिनी की और बढ़ी और पीछे से उसका कन्धा थाम कर अपनी और खींचा । हाथ आगे बढ़ा भावना ने दामिनी के. उछलते कूदते स्तनों को भी हथेलियों में भर लिया । कोई और समय होता तो दामिनी शायद उसे रोक पाती पर इस क्षण तो वो एक उत्तेजना से गुजर रही थी । अमन नीचे से आंख बन्द किये माँ के गांड मेँ धक्के पर धक्के लगा. रहा था । इधर दामिनी को झटका तो लगा पर इस समय स्तनों को सहलाते दबाते भावना के मुलायम हाथ उसे भा रहे थे । कुछ ही क्षण में आने वाली नई स्थिति को सोचने का समय नहीं था अभी उसके पास । भावना को बाहों में भर. दामिनी उसके सहारे से अमन के तने हथौड़े पर कुछ ज्यादा ही जोश से कूदने लगी । “भावना–आह–आआह”, दामिनी अपनी लंड में उठती विर्य की लहरों से जोरो से सिसक पड़ी । वो भी थोड़ी देर पहले ही अमन के कमरे में आई थी । भावना की तरह उसकी लंड की आग भी एक बार में ठंडी नहीं हुई थी और फिर चोदने के बाद गांड नहीं मराई थी ।. आज अमन की बजाय अपनी प्यास बुझाने के उद्देश्य से चुदाई कर रही थी । अमन की जब नींद खुली तो मां बेदर्दी से उसके फ़ूले हुये लंड को अपनी गांड में समाये उठक बैठक लगा रही थी और माँ के आधे तने मूषल लंड और. अंडकोष उसके पेट पर रगड खा रहे थे । लाचार अमन एक हाथ बढा कर माँ के लंड को पकड लिया और माँ के उछलने से लंड अपने आप पम्प होता गया । आज रात अपनी मां की इस हिंसक करतूत से संभल भी नहीं पाया था कि दरवाजे से. किसी और को भी कमरे में चुपचाप आते देख कर हैरान रह गया । पर किसी भी तरह के विरोद्ध की अवस्था में नहीं छोड़ था आज तो मां ने ।.
स्रोत:इंटरनेट