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Kahani Ek Pariwar Ki Family Sexy Story

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Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4. पार्ट 5. पार्ट 6. दुसरे ही क्षण दामिनी ने एक ही झटके में अपना पूरा का पूरा लंड भावना की चूत में घुसेड़ा तो वो जैसे चूत के सारे टान्के खोलता चला गया । दस इन्च लम्बे और चार इन्च मोटे लंड से और क्या उम्मीद की जा सकती है ।. उसे समझ में आ गया कि वास्तव में वो चिकना द्रव्य कितना जरूरी था, उसने आँखेँ बन्द कर ली । दामिनी की लंड किसी मोटर पिस्टन की भांति भावना कि चूत मेँ अंदर-बाहर हो रहा था । भावना ने जेठानी को बाहोँ मेँ कस के भर लिया और दोनोँ पैर उसकी कमर मेँ लपेट लिया । दोनोँ के स्तन एक दुसरे से रगड खा रहे थे । पिछे ड्रेसिँ-टेबल पर एक बडा शीशा था । भावना जब आँखेँ खोल सामने पडे शीशे मेँ नजर गडाई तो जेठानी की फैली हुई. विशाल गांड साफ दिखाई पडा जो तेजी से हवा मेँ उछल रहा था । दामिनी के भारी गांड के दरार के निचे बडी सी लंड उसकी बुर मेँ अंदर बाहर हो रहा था साथ मेँ दो बडे अंडे लहरा रहे थे । दामिनी के हर धक्के के साथ ही. भावना की जान सी निकल रही थी । दामिनी की तेजी और ताकत का मुकाबला नहीं था । नाखूनों को जेठानी के कन्धों पर गड़ा कर आखें बन्द कर ली । हर एक मिनट पर आते आर्गैसम से चूत में सैलाब सा आ गया था । कई बार. जेठानी के स्तनोँ पर दांत गड़ाए । लेकिन इससे तो दामिनी की उत्तेजना में और वृद्धि हो गई । चन्द वहशी ठेलों के पश्चात दामिनी ने भी चरम शिखर को प्राप्त कर ली ।. “भावना,भावना..हां भावना, मेरी पानी निकल रही है । मैं अपना वीर्य तुम्हारी बुर में ही खाली कर रही हूं.
आह ।” कहती हुई दामिनी एक बार जोर से अपनी भारी गांड हवा मेँ उछाली और भावना की बुर मेँ जड तक लंड पेल दी । शुरुआती स्खलन तीव्र किन्तु छोटा था । लेकिन उसके बाद तो जैसे वीर्य की बाढ़ ही आ गयी । भावना ने दामिनी को अपने बदन से चिपका लिया । वीर्य की हर पिचकारी के बाद वो अपनी देवरानी के नितम्बों. को निचोड़ती । कभी जेठानी की भारी गांड को मसलती कभी उसकी पीठ पर थपकी देती । दामिनी का बदन अभी तक झटके ले रही थी उसने भावना के दोनो स्तनों के बीच अपना सिर छुपा लिया । दोनों शांत हुये, इस समय अपने ही देवरानी की बुर चोदने के बाद दामिनी के अंग अंग में एक मीठा सा दर्द हो रहा था, लेकिन अब वहां से जाना जरुरी था । भावना को धकेल कर साइड से सुलाया और दामिनी अपने कपड़े ढूढने लगीं । बिस्तर के पास पड़ा हुया अपना पेटीकोट उठा कर कमर तक चढ़ाया, साड़ी को इकठ्ठा कर के बदन के चारों तरफ़ शॉल की तरह लपेट लिया । ब्लाऊज को वैसे ही एक हाथ से साड़ी पकड़े और दुसरे से ब्रा, पैंटी और पेटीकोट का नाड़ा दबाये दामिनी कमरे से बाहर निकल गईं । भावना भी अपने कमरे मेँ चली गई । अपने कमरे का दरवाजा बन्द करते वक्त दामिनी को अमन के कमरे के दरवाजे के धीरे से बन्द होने की आवाज सुनाई दी । दामिनी के मन मेँ अजीब शंका जाग उठा, कहीँ उनका बेटा ये सब देख न लिया हो ! कहीँ उसकी भेद न देख लिया हो । लेकिन ये सब सोचने का समय कहां था । उसकी लंड तो भावना की रसीली बुर की याद मेँ अब तक आधा तन कर ही था । आज की चुदाई ये साबित करने के लिये काफ़ी थी कि 40 की उमर में भी उसकी लंड की ताकत ढली नहीँ थी । दामिनी ने सारे कपड़े दरवाजे के पास ही छोड़ दिये और. पेटीकोट से अपनी जांघों और लंड को पोंछा और झट से नाईटी पहन कर नरेश के साथ बिस्तर में घुस गयीं । नरेश पूरी तरह से सो नहीं रहा था, बीवी के कमरे में आने की आहट पाकर वो जाग गया “कुछ सुना तुमने, दामिनी”.
“पवन और भावना इस उमर में भी कितने जोश से एक दूसरे को चोद रहे थे ।” वो तो मैने सुना, काफ़ी देर हो गई ना उनको खत्म करके तो.
” दामिनी ने धड़कते दिल से पूछा । कहीं भावना और उसकी चुदाई का शोर उसके पति ने ना सुन लिया हो । अपनी और भावना की जन्गली चुदाई ने दोनों को ही दीन दुनिया भूला दी थी । “कहां बहुत देर पहले? अभी दो मिनट पहले ही तो खत्म किया है । दो घन्टे से चल रही. थी चुदाई ।. कल दोनों शायद देर से ही उठेंगे । दामिनी के तो होश ही गुम हो गये । वास्तव में उसके पति ने उन दोनोँ की चुदाई की आवाजें सुनी थी, किस्मत ही अच्छी है कि नरेश उन आवाजों को भावना और पवन की मान बैठा था । तभी नरेश का हाथ उसकी गांड पर आ गया । “बड़ी देर कर दी जानेमन, सो गयीं थीं क्या?” दामिनी की नाईटी को ऊपर करते हुए कमर तक नंगा किया । “आज उस फ़िल्म में देखा, दामिनी चाहकर भी नरेश को रोक नहीं सकती थी । नरेश ने दोनो हाथों से अपनी पत्नी की फ़ूली हूई गांड को दबोचा और एक ही झटके में अपना चार इंच का लंड उसकी गांड के छेद में पेल दिया । शायद उस फ़िल्म का ही असर है” ।.
स्रोत:इंटरनेट