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Kahani Ek Pariwar Sex Story 4

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” वी माआअ…..आआआआ, आआआहह! धीरे दीदी धीरे । इतने उतावले क्यों हो रहें हैं । एयेए…..आआआः कहीं भागी तो नहीं जा रही ।” मम्मी ने अपना लंड भावना की चूत से बाहर खींच लिया । भावना की चूत के रस में गीली मम्मी की लंड एकदम भयानक लग रहा था । मम्मी ने फिर से भावना की झांटों भरी चूत में मुँह दे दिया और जीभ निकाल कर चाटने लगी । भावना की सिसकारियाँ तेज होती जा रही थी । वो चूतर उच्छाल उच्छाल कर अपनी चूत. मम्मी के मुँह पर रगड़ रही थी । आख़िर जब भावना से नहीं रहा गया तो बोली, ” बस करो दीदी । अब चोद कर मेरी चूत की आग ठंडी करो ।” मम्मी ने भावना की चूत में से मुँह निकाला और लंड का सुपरा भावना की चूत पे रख कर ज़ोरदार धक्का मारा । पूरा 10 इंच का मूसल भावना की चूत को चीरता हुआ जड़ तक घुस गया ।. “आआआआआ…….
आआआआआअ….
आआआः, ऊऊ…… चोदो दीदी और ज़ोर से चोदो । फाड़ डालो चूत । अया ओई माआ……बहुत अच्छा लग रहा है ।” चाची मम्मी की धक्कों का जबाब चूतर उछाल उछाल कर दे रही थी । चूत बुरी तरह गीली थी । मम्मी कराहने लगी थी, मुँह से अजीब आवाजें निकल रही थी । भाशो की चूत से फ़च..फ़च…फ़च ओर मुँह से आआआआ…..ऊओ…ऊऊओफ़ की आवाज़ से पूरा कमरा गूँज़ रहा था । फिर मम्मी के धक्के तेज़ होने लगे और । और मम्मी गांड उछाल-उछाल कर चाची को चोदे जा रही थी । अचानक मम्मी कराहने लगी, मानो रो पड़ेगी और एक बार जोर से अपनी उभरी गांड हवा उछाली और चाची के ऊपर लुढ़क गई । फिर से मम्मी की लंड ने ढेर सारा वीर्य भाशो की चूत में उंड़ेल दिया । दो मिनिट के बाद मम्मी ने भाशो की चूत के रस और अपने वीर्य में सना लंड बाहर निकली और उसकी होंठों पे रख दिया । मोटे लंड पे सफेद सफेद रंग का भाशो की चूत का रस और उनका अपना वीर्य चिपका हुआ था. । मम्मी के 10 इंच लंबे लंड को जड़ से सुपरे तक चाटने और मुँह में डाल कर चूसने लगी । भाशो की चूत में से वीर्य निकल कर उनकी गांद के छेद की ओर बह रहा था चूत बुरी तरह से फूल गयी थी और झाँटें गीली हो कर चमक. रही थी । भावना ने चाट चाट के मम्मी का लंड साफ कर दिया । मम्मी ने चादर मुट्ठी में भर रखी थी और नीचला होंठ दातों के बीच में दबा रखा था । फिर मम्मी निचे आयी और भावना की बुर से अपनी वीर्य और बुर रस के. मिश्रण को चाटने लगी । अभी तक जी नहीं भरा मम्मी का?। मम्मी अपनी दोहरी सेक्स अंगोँ से भरपूर लुफ्त उठा रही थी….. ये सोचते हुए अमन की आंखें फ़िर से बन्द होने लगी । गहन नींद में समाने से पहले उसके कानों में चाची का याचना भरा स्वर सुनाई दिया ।. जब दामिनी सुबह उठी तो बाथरुम से किसी के नहाने की आवाज आ रही थी । अमन पास में ही सोया पड़ा था । बाहर सवेरे की रोशनी चमक रही थी । शायद छह बजे थे । अभी उसका पति या देवर नही जागे होंगे । लेकिन यहां अमन का. कमरा भी बिखरा पड़ा था । चादर पर जगह जगह धब्बे थे और उसे बदलना जरुरी था । तभी याद आया कि आज तो उसके सास ससुर आने वाले है । घर की बड़ी बहू होने के नाते उसे तो सबसे पहले उठ कर नहाना-धोना है और उनके. स्वागत की तैयारियां करनी है । पुरी रात की चोदाई के बाद उसकी लंड दुख रहा था । दामिनी निचे अपनी लंड पर नजर गडाया… क्या लंड पाई है! अपनी पति और बेटे से भी ज्यादा लम्बा और मोटा लंड था दामिनी का ।. अपनी मुरझाए लंड को फिर एक बार मसलते हुए भावना मेँ खो गई….
लंड से चोदने मेँ उसे अद्भुतपूर्व आनंद प्राप्त हो रहा था जो उसकी नारी जीवन कभी नहीँ मिला था । गोरे बदन पर जगह जगह काटने और चूसने के निशान बन गये थे और बालों में पता नहीं क्या लगा था । माथे का सिन्दूर भी बिखर गया था । जैसे तैसे उठ कर जमीन पर पड़ी नाईटी को उठा बदन पर डाला और कमरे से बाहर आ सीढीयों की तरफ़ बढ़ी । और जादू की तरह भावना पता. नहीं कहां से निकल आई । पूरी तरह से भारतीय वेश भूषा में लिपटी खड़ी हाथों में पूजा की थाली थामे हुये थी । “दीदी, मां बाबूजी आते होंगे । मैने सबकुछ बना लिया है । आप बस जल्दी से नहा लीजिये” कहकर भावना झट से रसोई में घुस गई, आज दिन भर उसे सास ससुर की खातिरदारी में अपनी जेठानी का साथ देना था । रात भर भी साथ देती ही आई थी । खैर, दिन के उजाले में सब कुछ बदल चुका था । Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4. पार्ट 5. पार्ट 6.
स्रोत:इंटरनेट