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Kahani Ek Pariwar Sex Story

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Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4. पार्ट 5. पार्ट 6. चूत के दाने से उठी लहरें भावना के पूरे शरीर में चींटी बन कर रेंगने लगी थीं । बार-बार जेठानी के स्तनोँ में नाखून गड़ा वो उनको रफ़्तार बढ़ाने के लिये उकसा रही थीं । दोनों जेठानी-देवरानी मुख मैथुन के. मामले में अनुभवहीन थे किन्तु भावना जो थोड़ी देर पहले ही अपनी जेठानी के साथ काम संसार के इस मजेदार रहस्य से परिचित हुई थी, जानती थी कि अगर जेठानी रफ़्तार के साथ छोटे स्ट्रोक से उसकी क्लिट को सहलायेगी तो वो जल्दी ही आर्गैज्म की चरमसीमा पार कर लेंगी । “आह..और तेज..तेज !”, भावना अपने विशाल नितंबों को दामिनी के ऊपर थोड़ा हिलाते हुये कराही । अमन के हाथ भी भावना की आवाज सुन कर रुक गये । जब उसने चाची के चेहरे की तरफ़ देखा तो आश्चर्यचकित रह गया । दोनों आंखें बन्द किये चाची पसीने से लथपथ जैसे किसी तपस्या में लीन थी । चाची ने मम्मी के पेट पर उन्गलियों से छोटे घेरे बना जतला दिया. कि उसे क्या पसन्द है । मम्मी भी तुरन्त ही चाची के निर्देश को समझ गई । जैसे ही मम्मी की जीभ सही जगह पर आती भावना उसके जवान भरे हुये सीने पर चिकोटी काट लेती । अपनी चूत के मजे में उन्हें अब मम्मी के दर्द. की भी परवाह नहीं थी ।. “ऊह.. आह.. आह.. उई मांआआआ… आह”, भावना के मुहं से हर सांस के साथ एक सीत्कार भी छुटती । पागलों की तरह सारे बाल खोल जोर जोर से सिर हिलाने लगी थीं । शर्मो हया से दूर शोर मचाती हुई भावना को दीन दुनिया की कोई खबर ना थी । अभी तो खुद अगर कमरे में उसका पति भी आ जाता तो भी वो जेठानी के मुहं को ना छोड़ती थी । दामिनी की जीभ इतने परिश्रम से थक गयी थी । क्षण भर के लिये रुका तो भावना ने दोनों. हाथों के नाखून उसकी खाल में गहरे घुसा दिये “नहीं दीदी अभी मत रुक.. प्लीज…आह” । बेचारा दामिनी कितनी देर से अपनी देवरानी की हवस बुझाने में लगी हुई थी । चाची तो अपनी भारी भरकम गांड लेकर मम्मी के चेहरे के ऊपर ही बैठ गय़ीं थीं । फ़िर भी बिना कुछ बोले पूरी मेहनत से चाची को बराबर खुश कर रही थी । मम्मी का लंड थोड़ा मुरझा सा गया था । पूरा ध्यान जो देवरानी की चूत के चोंचले पर केन्द्रित था ।. अमन बिना पलकें झपकाये एकटक चाची की भारी चौडी नितम्ब मम्मी के मुहं पर उछलते देख रहा था । भावना, उसकी चाची, इस वक्त पूरी तरह से वासना की मूर्ति बनी हुई थी । सब कुछ पूरी तरह से आदिम और पाशविक था । उसका अधेड़ मादा शरीर जैसे और कुछ नहीं जानता था ना कोई रिश्ता, ना कोई बंधन और ना कोई मान्यता । कमरे में उपस्थित तीनों लोगों में सिर्फ़ वही अकेली इस वक्त मैथुन क्रिया के चरम बिन्दु पर थीं । उनकी इन स्वभाविक भाव-भंगिमाओं से किसी ब्लू-फ़िल्म की नायिकायें भी शरमा जायेंगी । दामिनी की समझ में आ गयी कि अगर किसी औरत को इस तरीके से इस हद तक गरम कर दिया जाये तो वो सब कुछ भूल कर उसकी गुलाम हो सकती है । दामिनी के. दिल में काफ़ी सालों से भावना के अलग ही जज्बात थे ।भावना ने ही पहली बार उसकी लंड को चूसा था और उसे चोद कर उसका कौमार्य भी भंग किया था । आज वही भावना दुबारा से उसे एक नयी काम कला सीखा रही थीं और अगर इस. समय उसके कारण भावना के आनन्द में जरा भी कमी हुई तो ये उसके लिये शर्म की बात होगी । बाद में वो भावना को अपने दिल की बात बतायेगी कि अब उसे किसी और से चुदने की जरुरत नहीं है । देवर से भी नहीं । उसे जो. चाहिये जैसे चाहिये वो देगी । देवरानी की चूत को चाटने का हक अब सिर्फ़ उसकी है । दामिनी ये भी नहीं जानती थी कि भावना आज पहली बार ही मुख मैथुन कर रही है और वो ही उनकी जिन्दगी में ये सब करने वाली पहली औरत. भी है ।. भावना का चूत रस दामिनी की क्षमता से कहीं ज्यादा था। सांस लेने के लिये दामिनी ने अपना सिर थोड़ा सा घुमाया तो भावना की चूत से उसकी जीभ बाहर फ़िसल गई । मारे हवस के चाची ने अपनी भारी गांड को पीछे ढकेला तो. मम्मी की नाक उनकी बुर की फ़ांकों में घुस गई । भावना ने उस बिचारी नाक को भी नहीं छोड़ा और लगी अपनी तनी हुई क्लिट को नाक की हड्डी पर रगड़ने । थोड़ी पस्त हो चुकी थी सो आगे को झुकते हुये जेठानी के स्तनोँ. पर ही पसर गई भावना । कमर ऊपर नीचे हिलाते हुये भी कुछ बड़बड़ा रही थी व । “हमारा अमन अब सब सीख गया दीदी…अब आप भी उससे अपनी लंड चटवा सकती हैँ । कभी भी..आह..” हर शब्द के साथ उसकी कमर तालबद्ध होकर दामिनी के चेहरे पर रगड़ रही थी । आर्गैज्म की तेज धारें अब बहते पानी में बदल गई थी । दामिनी को भी थोड़ी राहत मिली । अपना चेहरा देवरानी के चिकने चर्बीयुक्त नितम्बोँ पर रगड़ने लगी । भावना को. तुरन्त ही चूत में ढेर सारे छोटे किन्तु शक्तिशाली आर्गैज्मों का अहसास हुआ । मानों किसी ने जलती पटाखों की लड़ी घुसेड़ दी हो । शान्त होती भावना के चेहरे पर असीम शान्ति पसर गई । दामिनी को गले लगा वो उसका. धन्यवाद व्यक्त करना चाहती थी ।.
स्रोत:इंटरनेट