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Maa Ki Kahani Chachi Sex Story

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Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4. पार्ट 5. पार्ट 6. पार्ट 7. पार्ट 9. । । ।  दादी मेरी तरफ देखकर बोली, क्यों अब अच्छा लग रहा हे ना । मेने मुस्कुराते कहा, हाँ दादी अब गर्मी से कुछ राहत मिली। दादी हंसने लगी और बोली – बेटा रात को इससे अच्छी ठंडक मिलेगी। ,में हंसने लगा..इतने में चाची चाय लेकर आई चाय डालते हुए बोली मांजी आपको कैसा लगा । दादी मेरी और देखकर बोली। मुझे अच्छी ठंडक लग रही हे। मानो बदन की सारी गर्मी निकल गई। में उनकी और देखकर मुकुरारहा था.
चाची-मेने कहाथा ना नहाने से अच्छा लगेगा। चाची को क्या मालूम दादी किस गर्मी की बात कर रही हे। वो तो रोज आसमान की सेर कर आती हे..उनको क्या मालूम की गर्मी केसी लगती हे। ?? शाम को चाचाजी आगये..सब साथ में खाना खाने लगे..चाचा ने बताया कल उन्होंने छुट्टी लेली हे। और सामन ट्रांसफर करने केलिए टेम्पो वाले को भी कह दिया हे। वो साथ में दो मजदुर भी लाएगा वेसे शादी का मोसम हे इसलिए मजदुर मिलना मुश्किल हे..मेने कहा में हेल्प करने के लिए तो आया हु..चाचा — वोतो हे लेकिन मजदुर आजाये तो अच्छा हे.. ऐसी कुछा बातें होती रही फिर सब सो गये??।  नहीं..वो आसमान की सेर करने कि सोच रहेथे । हम गर्मी भगाने की सोच रहे थे। आज कुछ जल्दी ही..आसमान में जाने की तयारी होने लगी। । । । । .. चाची-ओह..आपका ड्रामा सुरु हो गया..पहले चेक तो करो..वो सोये हे या नहीं। चाचा-तू..भी..ना उनके आने के दो। दिन से तेरी ठुकाई कर रहा हु..तू खामखा शक करती हे..देख वो आराम से सोये..हे। चाची- अँधेरे में क्या देखू?.. चाचा-हाँ यार,तुजे नंगा देखे कई दिन हो गये। चलोना किचन में चलते हे.. चाची-अँधेरे मेभी इसी को ठोकना हे उजाले मेभी इसीको..राजा। अभी काम करो..और मुजेनंगी देखना हे तो सुबह जल्दी उठजाना.. चाचा- ओके..डार्लिंग..आओ तुजे में अपनी गोदी में बेठा के प्यार करताहू। चाची- क्यूँ लेटे हुए चूत मारने में तकलीफ होती हे क्या।. चाचा-क्यों मुड ख़राब कर रही हो.. चाची –रूठो मत मेरि जान येचुत तुम्हारी तो हे जेसे चाहो चोदते रहो।. चाचा- हाँ..ऐसे ही सामने मुह करके बेठा जाओ..पहले थोडा संतरे का रस पिलाओ.. चाची- पीले-पीले ओ मेरे राजा। मेरे चुचों से । आह ऐसे ही पुरे चुचे को मुहमे भर के चुसो..ओह.. चाचा-तेरे छोटे-छोटे संतरों का रस पीना मजा आजाता हे।. चाची-इसलिए..तो बड़ा नहीं होने देती..जानू..तुम जब पूरा संतरा आह्ह..उह्मे भर लेते हो तो..आह्ह्ह..निकल जातिहे ..और.. चाचा-और क्या रानी..चाची और चूत गीली हो जाती हे। चाचा- सचमे?..चलो खड़ी होजाओ चूत का भी रस चूसता हु। चाची- लो । जी भर के चूस लो..चाचा-एक पैर मेरे कन्धे पर रखदो। हाँ ऐसे ही। चाची- ओह..आह्ह..ऐसे तो आप की पूरी..जीभ अंदर तक जाती हे..ओह्ह.. जानूतू..म.
आज जल्दी ही मुझे ..आह्ह..आसमान में पंहुचा दोगे। ओह्ह.. चाचा- नहीं जान जल्दबाजी मत करो।  आजाओ। गोदी में बेठ जाओ ।. चाची—ओह ..लो..जी..तुम्हारी गोदी में आ गई। अब मेरे संतरे..को मुहमे भर लो..जान्न्न। आह। चाचा-मजा आ..रहा..हेडार्लिंग ऐसे ही चुत्तड़ो को आगे-पीछे करती। रहो..तुम्हारी..चुतपे.. लंड को रगडती। रहो.. चाची-.
ससस्स। आ.
हह..राजा। तुम्हारा लंड..कितना गरम हे। ओह्ह। मेरी चूत। से। रगड़ता..हुआ। तुम्हारा..सुपाड़ा। गांड को छूता हे। आह्ह्हह्ह्ह्ह। बहुत मजा आरहा हे। जान। चाचा-हाय मेरी..रानी..बस ऐसे ही चुत्तड़ो को हिलाती..रहो। ओह्ह। चाची-औ..डार्लिंग। स्स्स्स। आह्ह्ह्ह..मेरे..संतरों.
आह्ह्ह। को मुहमे डालकर..चुसो। आह्ह्ह। अपने हाथ। से..अहह..मेरे चुत्तड़ो..स्स्स्स। अपन लोड़े..पे..घिसो। ओह जान। बस इसे ही करते रहो। .
चाचा—ओह मेरी रानी । आह्ह्ह..लो। और तेज..तेरी चूत। के..पानी। से पूरा गिला होगयाहे। अंदर डाल दू। चाची—नहीं। जानू..आह्ह्ह। एसा ही करने दो मुझे। आह्ह्ह्ह। आज तो..तुम्हारे गरम लोडे पे सस्स्स्स..सवार होके आह्ह। आसमान में जा रही हूँ..जान। आह्ह्ह..अब डिस्टर्ब मत करो..एसा ही करते।  रहो। ओह्ह्ह। .
ओह्ह्ह्ह। ,चाची की साँसे तेज चल रही थी। शायद वो आसमान पे पहुचने वाली थी..चाची—ओह । सस्स्स्स। आह्ह्हह्ह। ओह्ह्ह। ओह्ह्ह। ओह्ह..नो..जान। आह्ह..उईईई..माँ। स्टॉप..राजा। स्टॉप।  कुछ देर बाद चाचा—जानू । क्या। अब .
मेरे लंड को अपनी चूत में घुसने की इजाजत हे। चाची—हाँ पर आहिस्ता। धीरे..से..एक ही झटके में नहीं.. चाचा—लो ये मेरा सुपाड़ा गया। और ये। लंड..भी। घु। चाची—उईईईइ..मम्मी। मम्मी..ना। मर गैईई.. (..चाची इतनी बड़ी जोर से चीखीथी की में और दादी दोनों खड़े हो गये। अगर मेने दादी के मुह पर हाथ नहीं रखा होतातो वो बोल भी जाती..क्या हुआ। बहु??? )..चाचा ने झटसे मोबाइल ओंन किया उजाले में चाची को देखने लगे..में और दादी लेट गये। लेकिन में चुपकेसे देखने लगा क्या हुआ। हे..चाची के आँखों से आंसू निकल रहेथे.. चाचा ने उनको लिटा दिया और अपनी नंगी गोदमें सिर लेलिया। चूमने लगे। चूत पर हाथ फेरनेलगे। मोबाईल बंद हो गया। मेने दादी के सिनेपर हाथरखा उनकी धड़कने तेज चलरही थी..में भी उनके सिर को सहलाने लगा ..काफी देरबाद चाचा उठे पानीकी बोतल ले आये और चाची को पानी पिलाया। फिर गोद में सिरलेके बेठगये।  चाचा—क्या हुआ..रानी..मेने तो धीरे हि डालाथा। चाची—जब आपने मुझे गोदीमे बैठाया तो बड़ा अच्छा लगरहा था..आपका लंड चूत पे था..और आगे-पीछे होते वक्त गांड को छू रहाथा..मजा आरहा था..और मेरा..स्खलन भी होगया..लेकिन जब आपने अंदर डाला तब..तो मेरी जान ही निकल गई। गोदीमे बेठी होने की वजह से वो सीधा..अंदर तक चला गया और..सुपाड़ा..तो बच्चेदानी तक पहुच गयाथा..मुझे लगा जेसे..चूत तो फट हीगई लेकिन बच्चेदानी को भी फाड़देगा..और मेरे मुंह से चीख निकल गई। सोरी जान..तुम्हारा मुड ख़राब हो गया.. चाचा—कोई बात नहीं जानू ..लेकिन में तो घबरा गया था..की मेरी हसंती-खेलती रानी को.. अचानक क्या हो गया..?? अब केसा लग रहाहे?? चलो सोजाते हे.. चाची—नहीं जानू..तुम्हे..आसमान की सेर कराके ही सो जाउंगी। ,( मुझे और दादी को राहत हुई चलो सब ठीक तो हे। ) चाचा—नहीं रानी..तुम्हे दर्द होगा। चाची– नहीं होगा.. मेरे रंगीले राजा। देखो ये भी तेयार हो गया हे.. चाचा—तेरे जेसी जीवनसाथी पा के मेतो धन्य हो गया। कितना ख्याल रखती हो.. चाची- जी मेरे मालिक..ख्याल..तो रखना ही पडेगा..अगर घरमें भूखे रहे तो..बाहर मुंह मारोगे। चाचा—नहीं जानू..तुम घरमे ही रोज नया-नया परोसती हो तो। में बाहर जाने का सोचभी नहीं सकता। में जेसा कहता हु तुम हंमेशा..वेसा करने को तैयार हो जातिहो..सचमे रानी में बहुत खुशनसीब हूँ। चाची—मुझे मालुम हे मैने अभी तक मेरी एक चीज आपको..नहीं दी हे लेकिन वो..भी आपको बहुत जल्द मिलने वाली हे। Hindi Sex Story के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4. पार्ट 5. पार्ट 6. पार्ट 7. पार्ट 9.
स्रोत:इंटरनेट