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Main Hun Kamaal Ki Mausi Hot Hindi Sex Kahani

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मेरे पति विदेश रहते है, साल में एक बार आते है l पुरे साल मैं तड़पती रहती थी l मेरा भांजा मेरे साथ रहता था मैंने महसूस किया की वो अब जवान हो चूका था l मेरी hot hindi sex kahani आपके लिए.. मेरा नाम सरिता है मै तीस वर्ष की- शादी शुदा औरत हूँ मेरी गोलाइयों से भरी काया की माप ३४-२८-३५ अभी भी बरकरार है , शा्दी के तीन साल बाद भी कोई बच्चा न होने से सुडौलता मे कमी नहीं आई है ,मेरे पति सिंगापुर में काम करते हैं और साल मे एक बार १५ दिन के लिये आ पाते हैं l. यहाँ मुम्बई में मैं अपने भान्जे अमर के साथ रह्ती हूँ,जो यहाँ एक कालेज मे पढता है l अमर इस उम्र के अन्य लड़्कों की ही तरह है ,और उसी तरह से कामोतेजित भी रहता है,मुझे पता है कि वह मेरे बारे मे कामुक कल्पनायें भी करता है जो कि इस उम्र मे स्वाभाविक है l. उसकी नजरें खुफ़िया तरीके से मेरे शरीर को घूरती हैं और जब कभी मैं उसकी ओर देखने की कोशिश करती हूँ तो ऐसा दिखावा करता है कि वह कहीं और देख रहा था l. १८ साल की उम्र में जवानी का जोश कुछ ज्यादा ही जोर मारता है ,अतः इस उम्र के लड़्कों का चुदासू होना जायज है अमर के सोने का कमरा था और वह उसी में सोता था और मैं हमेशा अपने कमरे मे अलग सोती थी l एक बार बरसात के मौसम में उसके कमरे में मरम्मत चल रही थी और सब फ़रनीचर बैठक में रख दिया गया l.  . बिना बेड के बरसात की रात मे सोना ठीक नही होता ,बैठक में भी जगह नहीं थी क्योंकि कमरे मे काम होने के कारण धूल व सीमेंट उसमे भी भरी थी और ढेर सारा फ़र्नीचर भी था l  . ऐसी हालत देख कर मैंने उसे अपने कमरे मे ही सो जाने के लिये कहा. कमरे मे एक ही बेड देख कर उसने पूछा कि वह कहाँ सोये ,मैं ने उससे कहा कि बेड काफ़ी बड़ा है और दो लोग आराम से सो जाएगें l मैने ऐसा मात्र इस लिये कहा था क्योंकि वह रिश्ते मे भान्जा था और मैं उसकी मौसी.  . पहले हिचकिचाहट के कारण मना किया पर फ़िर उसी बेड पर लेट्ने के लिए राजी हो गया. उसने कहा थोडी देर टी वी देखने के बाद लेटॆगा l. तब तक मैने घर. का काम निपटाया और थोड़ी देर टी वी देखने के बाद. मुझे नींद आने लगी और करीब साढ़े ग्यारह बजे सोने चली गई और उससे कहा टी वी देखने के बाद वह भी सो जाए कमरे के किवाड़ खुले हैं l.  . मैं कमरे मे गई और एक और चादर और तकिया बेड के दूसरे सिरे पर रख दिया जिससे उसे कोई दिक्कत न हो l. घर मे मैं प्रायः पंजाबी सूट या साडी रात के समय पहनती हूँ पर बेड रूम मे प्रायःबदल कर सुन्दर सिल्क की नाइटी पहन लेती हूँ जो करीब -करीब घुट्नों तक आ जाती है और आदतन उस भी साडी बदल कर नाइटी पहन ली l.  . नाइटी मेरे बदन पर दो पट्टों के सहारे कन्धे पर अट्की थी ,जिसकी पीठ भी काफ़ी खुली थी उसे बदलने के बाद मैं लेट गई और दे खा कि दोनो तकियों के बीच करीब दो फ़ीट की दूरी थी अओर लाइट बन्द करके वस्तुतः सो गई जिससे सुबह ६:३० बजे तक उठ कर घर के काम निपटा सकूँ l.  .  . रात मे किसी वक्त एकाएक मेरी नींद खुल गई ,कुछ पल सम्झ ही नहीं आया कि मैं क्यों जग गई,तब मैने समझा कि मेरा भांजा मेरी बगल मे ंसोया है और उसके हाथ पूरी तरह मेरे ऊपर रखे हैऔर उसके पैर मेरी कमर पर आ रहें हैं l.  . उसका लण्ड मेरे चूतड़ों मेंघुसा जा रहा था और उसका चेहरा मेरी पीठ पर कन्धो के बीच मे था l. पहले , मैं हतप्रभ रह गई,समझ में नहीं आया कि क्या हुआ ,मै चुपचाप लेटी रही ,यह सोचते हुए कि मैं उसके आगोश से कैसे निकलूँ l कुछ समय बाद ,धीरे उसकी ओर हुई और उसके चेहरे को देखने की कोशिश की और पाया कि यद्यपि उसकी आँखे बन्द थी फ़िर भी उसका लंड उसकी निक्कर में उछल रहा है और मेरे नितम्ब कीदरार में घुसा जा रहा था l मैं समझ रही थी कि आँखे बन्द कर वह सोने का नाटक कर रहा है जबकि वह जाग रहा है l. जब मैने अपना सिर उसकी ओर घुमाया तो मुझे आघात लगा , उसने अपना हाथ गले से नीचे ला कर मेरा स्तन हाथ में घेर लिया ,और यह सब उसने सोते में होने का बहाना कर किया l मैं ने धीरे से उसका हाथ पकड़ा और उसका हाथ अपनी छाती से हटाने का प्रयास किया , किन्तु उसने मेरे स्तन को और कस के पकड़ लिया और मुझे अपनी ओर खीचने का प्रयास किया l अब मैं उससे सटी हुई थी और हमारे बीच बिलकुल भी जगह नहीं थी l वह अपना चेहरा और पास ले आया जो करीब करीब मेरे कन्धे पर आ कर मेरी गर्दन तक आ पहुँचा था lअब, उसके पैर मेरी कमर के आर पार जा रहे थे जबकि मैं अपनी पीठ के बल लेटी थी और उसका लण्ड मेरी कमर में ठीक पेट के नीचे चुभ रहा था एक बार मैंने सोचा कि कहीं वास्तव मे ही तो नहीं सो रहा हो और जो भी हरकतें कर रहा है वह सब नींद में ही कर रहा हो और मैं बेमतलब में ही ऊल जलूल सोच रही हूँ l. तब मैंनें तय किया कि अब उसे ऐसे ही रहने दूँ और बाद में किसी वक्त उसे धीरे दूसरी ओर कर दूँगी (और यदि वह सो रहा हो ) ऐसी हालत में उसे जगा कर बेमतलब में शर्मिन्दा नहीं करना चाहती थी l. मैं वैसे ही पीठ के बल लेटी रही और उसके हाथ मेरे स्तन पर वैसे ही रखे थे और उसकी टाँगे मेरे आर पार थीं इस आशा में कि मैं बाद मे किसी वक्त उसे दूसरी ओर कर दूंगी l.  . करीब पिछले सात महीनों से ,मै सेक्स से दूर थी ,और शादी के बाद पहली बार था कि मुझे पति के अलावा कोई और इस तरह से छू रहा था l और मैं धीरे धीरे यौन उतेजना का आभास कर रही थी और उसके शरीर की ऊष्मा से मेरी कमोत्तेजना भड़क उठी थी मेरी सासें भारी होने लगी थीं और सासों की तेजी के साथ मेरे छातियाँ तेजी से ऊपर नीचे हो रहीं थीं l. और हर बार जब मेरे स्तनों ऊपर उठते , मुझे एहसास हुआ कि उसके हाथ भी धीरे धेर, उन्हें squeezing कर रहें हैं .
मैंने अपने चेहरे को घुमा दिया और उसे देखो.
उसका चेहरा मेरे कंधे पर सिर्फ इंच की एक दूरी पर था.
और बिना सोचे , मैंने उसके माथे पर एक नरम चुंबन दे दिया.
उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं की तो मैंने सोचा कि लगता है कि वह सो रहा था .
मैंने उसके हाथ पर अपना हाथ रख दिया जो मेरे स्तन कोcupping कर रहा था और मैंने भी अपने स्तनों और अपने ऊपरी शरीर भर में उसके हाथ को पकड़ कर घुमाना शुरू किया.
मैंने अपने मुंह में उसकी एक उंगली ले ली और धीरे से उसकी उंगली पर अपनी जीभ चलाने लगी मेरा दूसरा हाथ उसकी गर्दन से नीचे ले गई कि वह अब पूरी तरह से मेरी गर्दन और मेरे कंधे पर आ जाए और मेरा हाथ उसकी गर्दन के नीचे से लेजाकर उसे अपने शरीर पर धीरे से खींच लिया, मैंने अपना दूसरा हाथ उसके उस हाथ से हटा लिया जो मेरे स्तन पर था और धीरे धीरे उसके पेट पर अपनी उंगलियों को फ़िराने लगी और उसके शॉर्ट्स और अपने शरीर के बीच अपना हाथ ले जा पाने में कामयाब रही और मैंने अपने भान्जे की शॉर्ट्स के ऊपर से उसके लन्ड का अहसास किया और. कामोत्तेजनावश उसके लण्ड के ऊपर अपनी उँगलियाँ फ़ेरने लगी मेरे भान्जे ने अपनी कमर को थोड़ा खिसकाया जिससे थोड़ी जगह मिल गई जिससे मै उअसके लण्ड का अहसास कर पा रही थी.
स्रोत:इंटरनेट