डार्क

Main Tangewale Ki Randi Bani 4

🇮🇳 हिंदी
गति: 1.0x
स्थिति: तैयार
×

प्लेबैक सेटअप सहायता

यदि आप पहले से ही Chrome/Edge का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी प्ले नहीं हो रहा है, तो अपने फ़ोन/पीसी सेटिंग्स की जाँच करें।
सुनिश्चित करें कि TTS इंजन सक्रिय है, उस भाषा का उपयोग कर रहा है जिसे आप सुनना चाहते हैं।

Android और अन्य OS उपयोगकर्ताओं के लिए

Android, Harmony, Lineage, Ubuntu Touch, Sailfish, ColorOS / FuntouchOS, hyperOS आदि के उपयोगकर्ताओं के लिए
मेनू एक्सेस: सेटिंग्स खोलें > एक्सेसिबिलिटी > टेक्स्ट-टू-स्पीच आउटपुट
यदि नहीं है, तो सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "text-to-speech" या "text" दर्ज करें
फिर टेक्स्ट-टू-वॉयस या टेक्स्ट-टू-स्पीच, या ऐसा ही कुछ चुनें।
भाषा जोड़ने के लिए, गियर आइकन ⚙ पर क्लिक करें > वॉइस डेटा इंस्टॉल करें और अपनी इच्छित भाषा चुनें।

iOS उपयोगकर्ताओं के लिए

सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट पर जाएं
या सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "स्पोकन कंटेंट" दर्ज करें और एंटर करें
भाषा जोड़ने के लिए वॉइस चुनें और आवाज़ चुनें

MacOS पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए

मेनू एक्सेस: एप्पल मेनू पर क्लिक करें () > सिस्टम सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट

Windows उपयोगकर्ताओं के लिए

Windows 10 & 11
मेनू एक्सेस: स्टार्ट खोलें > सेटिंग्स > समय और भाषा > स्पीच
Windows 7 & 8
कंट्रोल पैनल > ईज़ ऑफ़ एक्सेस > स्पीच रिकग्निशन > टेक्स्ट टू स्पीच
Windows XP
स्टार्ट > कंट्रोल पैनल > साउंड, स्पीच और ऑडियो डिवाइस > स्पीच
Windows 2000 & ME
स्टार्ट > सेटिंग्स > कंट्रोल पैनल > स्पीच
अन्य प्रकार के पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए, जैसे लिनक्स, क्रोमओएस, फ्रीबीएसडी, आदि।
कृपया Google, Bing आदि जैसे सर्च इंजन में टेक्स्ट-टू-स्पीच को सक्षम करने के लिए सेटिंग्स खोजें

नोट वर्तमान में, यह पृष्ठ आपके डिवाइस के इंजन के अनुसार काम करता है।
इसलिए उत्पन्न होने वाली आवाज़ आपके डिवाइस के TTS इंजन का अनुसरण करती है।

“मेमसाब अगर आप साथ दें तो मैं आज की रात को आपकी ज़िंदगी की एक यादगार रात बना दूँगा… पर आपको मेरा साथ खुलकर देना होगा!”. “अब और क्या कुछ खोलूँ…? सब कुछ तो खोल के रख ही दिया है तुम्हारे सामने!”मैं अपनी चूत और मम्मों की तरफ इशारा करते हुए बोली।. “नहीं! मैं ये कहना चाहता था कि इस टाँगे में तो ये काम नहीं हो सकता… तो ऐसा करते हैं कि यहाँ से आधा किलोमीटर दूर मेरे एक दोस्त का ढाबा है जो रात भर खुला रहता है… कहिये तो वहाँ चलते हैं! वहीं पे आपके. साथ पूरी ऐश करेंगे…कसम से आपको भी मज़ा आ जायेगा!”. “ठीक है तो वहीं चलते हैं! चलो!” मैं उसका लण्ड अपने मुँह और रस बहाती हुई चूत में लेने के लिये एक पल का भी इंतज़ार करने की हालत में नहीं थी।. “पर आपके साथ वालों का क्या करेंगे?”. “इनकी चिंता तुम मत करो! इन्हें हम चाय में नींद की गोलियाँ मिला कर दे देंगे… तुम बस जल्दी से ढाबे में चलो!” ये कहकर मैं फिर उसका लण्ड मुँह में लेने के लिये नीचे झुक गयी। जब मैंने उसका लण्ड अपने मुँह. में लिया तो वो एहसास मैं बयान नहीं कर सकती। खुदाई एहसास था वो। इतना लज़ीज़ लंड था की क्या कहूँ। मैं उसका तमाम लौड़ा नीचे से सुपाड़े तक बार-बार चाट रही थी।. टाँगेवाले ने भी अब सिसकना शुरू कर दिया और सिसकते हुए बोला, “हाँऽऽऽऽ मेमसाब! इसी तरह से मेरे लण्ड को चाटिये… हायऽऽऽऽ क्या मज़ा आ रहा है… सही में प्यार करना तो कोई आप जैसी शहर की औरतों से सीखे… हाय कितना मज़ा आ रहा है हायऽऽऽ बस इसी तरह से…!” मैंने भी उसका लण्ड चाटने की रफ्तार बढ़ा दी और बीच-बीच में उसके टट्टे या सुपाड़ा मुँह में लेकर अच्छी तरह से चूस लेती थी।. अचानक मुझे अपनी सास के खाँसने की आवाज़ सुनाई दी। मेरी सास की आँख खुल गयी थी और उसने मुझसे पूछा, “बहू! हम कहाँ तक पहुँच गये?” अपनी सास के इस तरह बे-वक्त उठने पर मुझे इतनी मायूसी हुई और गुस्सा भी आया कि कह दूँ कि “टाँगेवाले के लंड तक पहुँच गये हैं… क्यों साली तुझे भी चूसना है क्या?”लेकिन मैंने अपने जज़्बातों पर काबू किया और बस इतना बोली, “अम्मी… अभी तो हम आधे रास्ते तक तक ही पहुँचे हैं!” ये भी एक तरह से सच ही था क्योंकि अब तक मैं टाँगेवाला का लण्ड सिर्फ पकड़ने और चूसने में ही कामयाब हुई थी लेकिन चूत में नहीं लिया था। टाँगेवाला घबरा गया था और मुझे अपने से परे हटाने की कोशिश कर रहा था लेकिन मैंने उसे. ऐसा करने से रोक दिया। मैं जानती थी कि उसकी डर बे-बुनियाद है क्योंकि मेरी सास को दिन में भी मुश्किल से नज़र आता है और रात के अंधेरे में तो अंधी जैसी ही थी। मैंने लण्ड चूसना ज़ारी रखा।. यकीन मानें, अपनी सास की मौजूदगी में एक अजनबी का लंड चूसते हुए मुझे अजीब सा सनसनी खेज़ मज़ा आ रहा था और वो कुछ कर भी नहीं सकती थी। टाँगेवाले को भी शायद एहसास हो गया कि मेरी सास को रात में नज़र नहीं आता। उसने मुस्कुराते हुए मेरी तरफ देखा और इशारा किया कि मैं उसका लंड चूसना ज़ारी रखूँ। उसका नौ इंच लंबा और तीन इंच मोटा लंड मेरे थूक से सरासर भीगा हुआ और ज्यादा चमक रहा था और मैं उसे और ज्यादा भिगोती जा रही. थी।. अचनक टाँगेवाला धीरे से फुसफुसाया, “हाय मेमसाब! प्लीज़ ज़रा और जोर से चूसिये और मेरे गोटे भी सहलाइये तो… एक बार मेरा पानी निकल जायेगा… फिर ढाबे में ऐश करेंगे आराम से!” अब मेरी सास के पूरी तरह जगे होने की वजह से हम खुल कर बातें नहीं कर सकते थे लेकिन फिर मैंने सोचा कि अगर टाँगेवाले का एक दफा इखराज हो जाता है तो दूसरे राऊँड में यकीनन मुझे ज्यादा लुत्फ देगा। इसलिये. मैंने उसके लंड पर ज्यादा प्रेशर लगाया और उसके गोटे सहलते हुए मैंने एक और दबंग हरकत की। धीरे से आगे खिसक कर मैंने बंदूक की गोली जैसे अपने निप्पल उसके लंड के सुपाड़े पर लगा दिये और धीरे से उससे बोली, “देखो कैसे मेरे निप्पल तुम्हारे लौड़े को चूम रहे हैं… उफफफफ!”मुझे पता था कि उसका इखराज होने के करीब ही है, इसलिये उसे और जोश दिलाने के लिये मैं अपने निप्पल उसके लंड पे रगड़ने लगी। वो अपने क्लाइमैक्स के बेहद करीब था और कराहने लगा, “आआआहहहऽऽऽऽऽ मैं तो गया आअहहहऽऽऽऽ!” और इसके साथ ही उसके लंड से पिचकारियाँ छूट कर मेरे मम्मों और चेहरे पर गिरने लगी। उसके लण्ड से आखिरी बूँद तक निचोड़ लेने के लिये मैंने उसे सहलाना ज़ारी रखा। उसकी मलाई का ज़ायका इतना लज़ीज़ था कि मैं अपने चेहरे और मम्मों पे लगी मलाई बस चाटती ही रह गयी। उसे हवस भरी नज़रों से देखते हुए मैं अपनी उंगलियाँ भी चाटने लगी। जब. मैंने नीचे देखा तो मेरे निप्पलों से टपकती उसके लंड की मलाई बेहद चोदू नज़ारा पेश कर रही थी।. इस दौरान मेरी सास ने शायद टाँगेवाले का कराहना सुन लिया था और उसने पूछा, “क्या हुआ? कौन गया? अरे भाई टाँगेवाले… तुम्हें क्या हुआ है?” “माता जी ये मेरा घोड़ा बेचारा बहुत थक गया है… इसे थोड़ी देर आराम करना है… इसलिये हम… यहाँ एक ढाबा है… वहीं पर थोड़ी देर रुक जाते हैं! आप लोग चाय पी लीजियेगा और मेरा घोड़ा थोड़ा चारा खा लेगा… नहीं तो ये. घोड़ा यहीं पर दम तोड़ देगा!” टाँगेवाले ने कहा। फिर वो मेरे निप्पलों से टपकती अपने लंड की मलाई देख कर धीरे से फुसफुसाया, “मेमसाब ज़रा अपने मम्मों पर पर्दा डाल लीजिये… हम ढाबे तक पहुँचने ही वाले हैं!” मुझे कुछ दूरी पर मद्धम सी रोश्*नी नज़र आयी और मैं अपनी चोली के हुक लगाने लगी तो अचानक टाँगेवाले ने मुझे चोली के हुक लगाने से रोकते हुएईशारा किया कि मैं अपने मम्मे बस चुनरी से ढक लूँ। मैंने भी चुनरी से. ही अपने मम्मे ढक लिये और उसकी तरफ मुस्कुराते हुए इस अंदाज़ में देखा जैसे की पूछ रही होऊँ कि यही चाहता था ना तू… अब तो खुश है? ऊसके चेहरे पर भी तसल्ली भरी मुस्कुराहट थी।. मेरी सास ने पूछा, “भैया यहाँ पर कितनी देर रुकेंगे?” ढाबे पर टाँगा रोकते हुए वो बोला, “माता जी बस थोड़ी देर… इतने में आप लोग चाय पी लो… मैं अभी लेकर आया!”उसने मुझे भी उसके साथ आने का इशारा किया तो मैंने भी इशारे से ही उसे समझा दिया कि अभी नहीं… मैं बाद में आऊँगी!. टाँगेवाला ढाबे में चला गया और कुछ देर में दो गिलास चाय लेकर लौटा तो उसके साथ उसी की तरह दरमयानी उम्र का आदमी भी था। टाँगेवाले ने मुझसे इशारे से नींद की गोलियाँ माँगी तो मैंने अपने पर्स में से निकाल कर. दे दीं। उसने वो गोलियाँ दो गिलासों में मिला दीं और एक गिलास मेरी सास को दिया और फिर मेरे देवर को उठाने लगा, “लो बबुआ! थोड़ी सी चाय ले लो… अभी हम थोड़ी देर यहाँ रुकेंगे!” हम पूरी तसल्ली कर लेना चाहते थे कि मेरा देवर भी हमारी ऐय्याशी के दौरान नींद से जाग कर मज़ा खराब ना कर दे। मैंने महसूस किया कि टाँगेवाले के साथ जो दूसरा शख्स आया था वो मेरे करीब-करीब नंगे मम्मों को हवसनाक नज़रों से देख रहा था। मुझे तो. वैसे भी अपना जिस्म दिखाने का शौक था तो मैंने कोई एतराज़ नहीं किया लेकिन उसे मैंने ज्यादा बढ़ावा भी नहीं दिया। नींद की गोलियों का असर जानने के लिये करीब पाँच मिनट के बाद मैंने अपने देवर को नाम लेकर आवाज़. दी। जब उसने कोई आवाज़ नहीं दी तो मेरे होंठों पर मुस्कान फैल गयी। इसका मतलब दोनों फिर से गहरी नींद के आगोश में जा चुके थे और इस बार दो-तीन घंटे से पहले हिलने वाले नहीं थे।. पढने के लिए आते रहिये My Hindi Sex Stories पर.. ————————————. Hindi Sex Story के अन्य भाग-.
स्रोत:इंटरनेट