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Mausi Jawan Beti India Sex Stories

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मौसी तो अब मेरी थी ही, लग रहा है कि उस घर की जवान लड़की भी अपना पर्दार्पण मुझसे करवा सकती है.. बरखा अब बरसने वाली है.
इन India Sex Stories का अगला सेन्सुअल भाग.. के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4. पार्ट 5. फिर वह मेरा हाथ अपने पेट से हटाती उठी तो मैंने कहा, “क्या हुआ बरखा?” “कुछ नही भैया अभी आती हूँ.
” “कहाँ जा रही हो?’. “भैया पेशाब लग आई है अभी आती हूँ करके.
” वह चली गयी और मैं उसकी पेशाब करती चूत के बारे मे सोचने लगा.
तबी वह वापस आई तो उसे देख मैं खुश हो गया.
उसने अपनी कमीज़ का ऊपर का बटन खोल दिया था.
मैं समझ गया कि अब वह मेरी किसी हरकत का बुरा नही मानेगी.
वह आई और पहले की तरह मेरी गोद मे सर रख टीवी देखने लगी.
मैंने फिर चुपके से हाथ से उसकी कमीज़ नीचे करी और फिर धीरे से उसके खुले बटन के पास हाथ लगा कमीज़ को दोनो ओर फैला दिया.
मैं जानता था कि वह सब समझ रही है पर वह अंजान बनी लेटी रही.
जब कमीज़ को इधर उधर किया तो उसकी आधे मुम्में दिखने लगे.
वह अंदर बहुत छोटी सी ब्रा पहने थी जिससे उसके निपल ढके थे.
मैं समझ गया कि मैं अब कुछ भी कर सकता हूँ वह बुरा नही मानेगी.
फिर भी मैंने पहली बार की वजह से एकदम से कुछ भी करने के बजाए धीरे धीरे ही शुरुआत करना ठीक समझा.
फिर एक हाथ को उसकी रान पर रखा और 4-5 बार सहलाया.
वह चुप रही तब मैंने उसकी कमीज़ के दो बटन और खोल दिए और अब उसकी ब्रा मे कसे पूरे मुम्में मेरी आँखों के सामने थी.
अब मेरी गोद मे मेरी 15 साल की बहन बरखा लेटी थी और मैं उसके मुम्मों को ब्रा मे देख रहा था.
ब्रा का हुक नीचे था जिसे अब मैं खोलना चाह रहा था.
मैंने दो तीन बार उसकी पीठ पर हाथ ले जाकर टटोला तो मेरे मंन की बात समझ गयी और उसने करवट ले ली.
तब मैंने उसकी ब्रा का हुक अलग किया.
फिर उसका कंधा पकड़ हल्का सा दबाया तो वह फिर सीधी हो गयी और टीवी की तरफ देखती रही.
मैं कुछ देर उसे देखता रहा फिर ब्रा को उसके मुम्मों से हटाया तो उसने शरमा कर अपनी आँखे बंद कर ली.
उसके दोनो मुम्मों को देखा तो देखता ही रह गया.
गुलाबी रंग के बहुत टाइट थे दोनो मुम्में और निपल एकदम लाल लाल बहुत प्यारा लग रहा था.
मैं उसके मुम्मों को देख सोच रहा था कि सच इतने प्यारे और खूबसूरत मुम्में शायद कभी और नही देख पाउन्गा.
वह आँखें बंद किए तेज़ी से साँसे ले रही थी.
मैंने अभी उसके मुम्मों को छुआ नही था केवल उनका ऊपर नीचे होना देख रहा था.
मुम्मों का साइज़ बहुत अच्छा था, आराम से पूरे हाथ मे आ सकते थे.
मौसी की मुम्मों के लिए तो दोनो हाथो को लगाना पड़ता था.
मैंने उससे कहा, “बरखा.
” वह चुप रही तो फिर बोला, “बरखा ए बरखा क्या हुआ? तू टीवी नही देख रही.
देखो ना कितना प्यारा सीन है.
” वह फिर भी चुप आँखें बंद किए रही तो मैं फिर बोला, “बरखा देखो ना.
” “ज्ज्ज्ज्ज ज्ज जी भैया देख तो रही हूँ.
” “कहाँ देख रही हो.
देखो कितनी अच्छी फिल्म है.
” तब उसने धीरे से ज़रा सी आँखे खोली और टीवी की तरफ देखने लगी.
कुछ देर मे उसने फिर आँखे बंद कर ली तो मैंने उसके गालों को पकड़ उसके चेहरे को अपनी ओर करते कहा, “क्या हुआ बरखा तुम टीवी नही देखोगी क्या?” वह चुप रही तो उसके गालों को दो तीन बार सहला कर बोला, “कोई बात नही अगर तुम नही देखना चाहती तो जाओ किचन मे मौसी की हेल्प करो जाकर.
” उसने मेरी बात सुन अपनी आँखे खोल मुझे देखा फिर टीवी की ओर देखते बोली, “देख तो रही हूँ भैया.
” इस बार उसने आँखें बंद नही की और टीवी देखती रही.
थोड़ी देर बाद मैंने एक हाथ को धीरे से उसके एक मुम्में पर रखा तो वह सिमट सी गयी पर टीवी की ओर ही देखती रही.
हाथ को उसके मुम्में पर रखे थोड़ी देर उसके चेहरे को देखता रहा फिर दूसरे हाथ को दूसरे मुम्में पर रख हल्का सा दबाया तो उसने फिर आँखे बंद कर ली.
मैंने दो तीन बार दोनो मुम्मों को धीरे से दबाया और फिर उसके निपल को पकड़ मसला तो वह मज़े से सिसक गयी.
दोनो निपल को चुटकी से मसल बोला, “बरखा, लगता है तुमको फिल्म अच्छी नही लग रही, जाओ तुम किचन मे मैं अकेला देखता हूँ.
” इतना कह उसके मुम्मों को छोड़ दिया और उसे अपनी गोद से हटाने की कोशिश की तो वह जल्दी आँखे खोल मुझे देखती घबराती सी बोली, “हाये न्न्न नही तो भैया बहुत अच्छी फिल्म है, हाये भैया देख तो रही हूँ.
आप भी देखिए ना मैं भी देखूँगी.
” वह फिर लेट गयी और सर मोड़ कर टीवी देखने लगी.
मैंने उसका चेहरा अपनी ओर करते कहा, “बरखा.
” “जी भैया देखूँगी फिल्म मुझे भी अच्छी लग रही है.
” “हाये बरखा तू कितनी खूबसूरत है.
हाये तेरे यह कितने प्यारे हैं.
” “क्या भैया?”. “तेरे मुम्में ?”. वह अपने मुम्मों  को देखती बोली, “हाये भैया आपने इनको नंगा कर दिया हाये मुझे शरम आ रही है.
” “कोई नही आएगा.
तुझे बहुत मज़ा आएगा.
” और दोनो मुम्मों को पकड़ लिया और दबा दबा उसे मस्त करने लगा.
वह मेरे हाथो पर अपने हाथ रख बोली, “भैया मम्मी हैं.
” “वह तो किचन मे है.
तू डर मत उनको अभी बहुत देर लगेगी खाना बनाने मे.
” फिर उसके दोनो मुम्मों को मसलता रहा और वह टीवी की ओर देखती रही.
वह बहुत खुश लग रही थी.
10 मिनट तक उसके मुम्मों को मसल्ने के बाद झुककर दोनो मुम्मों को बारी बारी से चूमा तो उसके मुँह से एक सिसकारी निकल गयी.
“क्या हुआ बरखा?’. “कुछ नही भैया हाआहह भैया.
” “क्या है बरखा?”. “भैया.
” “क्या है बता ना?”. “भैया मम्मी तो नही आएँगी?”. “अभी नही आएँगी, अभी उनको आधा घंटा और लगेगा खाना बनाने मे.
” “भैया इनको..” “क्या बताओ ना तुम तो शरमा रही हो.
” और मैने झुककर उसके होंठो को चूमा.
होंठो को चूमने पर वह और मस्त हुई तो मैंने उसके होंठो को अपने मुँह मे लेकर खूब कसकर चूसा.
3-4 मिनट होंठ चूसने के बाद अलग हुआ तो वह हाँफती हुई बोली, “ऊऊहह आआहह स भैया आहह बहुत अच्छा लगा हाये भैया इनको मुँह से करो.
” “क्या करें?”. “भैया मेरे मुम्मों को मुँह से चूस चूस कर पियो.
” मे खुश होता बोला, “लाओ पिलाओ अपने मुम्मों को.
” फिर मैं उसको अलग कर लेट गया तो वह उठी और मेरे ऊपर झुक अपना एक मुम्मा अपने हाथ से पकड़ मेरे मुँह मे लगा बोली, “लो भैया पियो इनका रस्स.
” मैं उसके मुम्में को होंठो से दबा दबा कसकर चूस रहा था.
वह अपने हाथ से दबा पूरा मुम्मा को मेरे मुँह मे घुसाने की कोशिश कर रही थी.
3-4 मिनट बाद उसने इसी तरह दूसरा मुम्मा भी मेरे मुँह मे दे दिया.
दोनो को करीब दस मिनट तक चुसाती रही और मैं उसकी गाँड पर हाथ लगा उसके चूतड़ सहलाता रहा और मुम्मा पीता रहा.
फिर वह मुझे उठा मेरी गोद मे पहले की तरह लेट गयी और फिर मेरे हाथ को अपनी एक मुम्में पर लगा दबाने का इशारा किया.
मैं दबाने लगा तो उसने मेरे चेहरे को पकड़ अपनी दूसरा मुम्मा झुकाया.
मैं उसका मतलब समझ उसकी एक मुम्में को मसलने लगा और दूसरे को पीने लगा.
वह अब मुझे ही देख रही थी.
वह मेरे सर पर हाथ फेर रही थी.

स्रोत:इंटरनेट