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Mausi Jawan Beti India Sex Story

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मौसा की मौत के बाद मौसी बिलकुल उदास रहती थी.
उस हसीन औरत को तनहा देखना मुझे अच्छा नहीं लगता था और वैसे भी मैंने वादा किया था की उनको मौसा की कमी महसूस नही होने दूंगा.
एक मस्त India Sex Story पढ़िए.. के अन्य भाग-. पार्ट 1. पार्ट 2. पार्ट 3. पार्ट 4. पार्ट 5. मेरा नाम रोहन है और मेरी उमर 20 साल है .
मेरे माँ बाप की मृत्यु हो चुकी है । मैं अपनी मौसी के साथ रेहता हूँ । मौसा जी की भी मृत्यु हो चुकी है। मेरी मौसी की एक बेटी है जिसका नाम बरखा है.
वह अभी सिर्फ़ पन्द्रह साल है और स्कूल मे है.
मौसी अब 35 की हैं.
मौसी स्कूल मे टीचर हैं और मैं यूनिवर्सिटी मे हूँ.
हमलोग लुधियाना में रहते हैं.
मौसा का 2 साल पहले इंतक़ाल हो गया था.
अब घर मे सिर्फ़ हम तीन लोग ही हैं.
यह अब से 6 महीने पहले हुआ था.
एक रात मौसी बहुत उदास लग रही थी.
मे समझ गया वह मौसा को याद कर रही हैं.
मैंने उनको बहलाया और खुश करने की कोशिश की.
मौसी मेरे गले लग रोने लगी.
तब मैंने कहा, “मौसी हम दोनो आपको बहुत प्यार करते हैं, हमलोग मिलकर मौसा की कमी महसूस नही होने देंगे.
” बरखा भी वहाँ आ गयी थी, वह भी मौसी से बोली, “हां मम्मी प्लीज़ आप दिल छोटा ना करिए.
भैया हैं ना हम दोनो की देखभाल के लिए.
भैया हम लोगो का कितना ख्याल रखते हैं.
” “हां बेटी पर कुछ ख्याल सिर्फ़ तेरे पापा ही रख सकते थे.
” “नही मम्मी आप भैया से कह कर तो देखिए.
” खैर फिर बात धीरे धीरे नॉर्मल हो गई.
उसी रात बरखा अपने रूम मे थी.
मे रात को टॉइलेट के लिए उठा तो टॉइलेट जाते हुए मौसी के रूम से कुछ आवाज़ आई.
12 बज चुके थे और मौसी अभी तक जाग रही हैं, यह सोचकर उनके रूम की तरफ गया.
मौसी के रूम का दरवाज़ा खुला था.
मे खोलकर अंदर गया तो चौंक गया.
मौसी अपनी शलवार उतारे अपनी चूत मे एक मोमबत्ती डाल रही थी.
दरवाज़े के खुलने की आवाज़ पर उन्होने मूड कर देखा.
मुझे देख वह घबरा सी गयी.
मे भी शरमा गया कि बिना नॉक किए आ गया.
मे वापस मुड़ा तो मौसी ने कहा, “बेटा रोहन प्लीज़ किसी से कहना नही.
” “नही मौसी मे किसी से नही कहूँगा?”. “बेटा जब से तेरे मौसा इस दुनिया से गये हैं तब से आज तक मैं..” “ओह्ह मौसी मैं भी अब समझता हूँ.
यह आपकी ज़रूरत है पर क्या करूँ अब मौसा तो हैं नही.
” फिर मैं मौसी के पास गया और उनके हाथो को पकड़ बोला, “मौसी दरवाज़ा बंद कर लिया करिए.
” “बेटा आज भूल गयी.
” फिर मैं वापस आ गया.
अगले दिन सब नॉर्मल रहा.
शाम को मैं वापस आया तो हमलोगो ने साथ ही चाय पी.
चाय के बाद बरखा बोली, “भैया बाज़ार से रात के लिए सब्ज़ी ले आओ जो खाना हो .
” मैं जाने लगा तो मौसी ने कहा, “बेटा किचन मे आओ तो कुछ और समान बता दूँगी लेते आना.
” मैं किचन मे जा बोला, “क्या लाना है मौसी?” मौसी ने बाहर झाँका और बरखा को देखते धीरे से बोली, “बेटा 5- 6 बैगन लेते आना लंबे वाले.
” मैं मौसी की बात सुन पता नही कैसे बोल पड़ा, “मौसी अंदर करने के लिए?” मौसी शरमा गयी और मैं भी अपनी इस बात पर झेंप गया और सॉरी बोलता बाहर चला गया.
सब्ज़ी लाकर बरखा को दी और 4 बैगन लाया था जिनको अपने पास रख लिया.
बरखा ने खाना बनाया फिर रात को खा पीकर सब लोग सोने चले गये.
तब करीब 11 बजे मौसी मेरे रूम मे आ बोली, “बेटा बैगन लाए थे?” “हां मौसी पर बहुत लंबे नही मिले और मोटे भी कम है.
” “कोई बात नही बेटे अब जो है सही हैं .
” “बहुत ढूँढा मौसी पर कोई भी मुझसे लंबे नही मिले.
” “क्या मतलब बेटा.
” मैं बोला, “मौसी मतलब यह कि इनसे लंबा और मोटा तो मेरा है.
” तब मौसी ने कुछ सोचा फिर कहा, “क्या करें बेटा अब तो जो किस्मत मे है वही सही.
” फिर मेरी पॅंट के उभार को देखते बोली, “बेटा तेरा क्या बहुत बड़ा है?” “हां मौसी 8 इंच है.
” “ओह्ह बेटा तेरे मौसा का भी इतना ही था.
बेटा अपना दिखा दो तो तेरे मौसा की याद ताज़ी हो जाए.
” “लेकिन मौसी मैं तो आपका भाँजा हूँ.
” “हां बेटा तभी तो कह रही हूँ.
तू मेरा भाँजा है और अपनी मौसी से क्या शरम.
तू एकदम अपने मौसा पे गया है .
देखूं तेरा वह भी तेरे मौसा के जैसा है या नही?” तब मैंने अपनी पॅंट उतारी और अंडरवियर उतारा तो मेरे लंबे तगड़े लंड को देख मौसी एकदम से खुश हो गयी.
वह मेरे लंड को देख नीचे बैठी और मेरा लंड पकड़ लिया और बोली, “हाये रोहन बेटा तेरे मौसा का भी एकदम ऐसा ही था.
हाये बेटा यह तो मुझे तेरे मौसा का ही लग रहा है.
बेटा क्या मैं इसे थोड़ा सा प्यार कर लूँ?” “मौसी अगर आपको इससे मौसा की याद आती है और आपको अच्छा लगे तो कर लीजिए.
” “बेटा मुझे तो लग रहा है कि मैं  तेरा नही बल्कि तेरे मौसा का पकड़े हूँ.
” फिर मौसी ने मेरे लंड को मुँह मे लिया और चाटने लगी.
यह मेरे साथ पहली बार हो रहा था इसलिए मेरे लिए संभालना मुश्किल था.
6-7 मिनेट मे ही मैं उनके मुँह मे झर गया.
1 मिनट बाद मौसी ने लंड मुँह से बाहर किया और मेरे पास बैठ गयी.
मैं बोला, “सॉरी मौसी आपका मुँह गंदा कर दिया.
” “आहह बेटा तेरे मौसा भी रोज़ रात मेरे मुँह को पहले ऐसे ही गंदा करते थे फिर मेरी च..” मौसी इतना कह चुप हो गयी.
मैं उनके चेहरे को देखते बोला, “फिर क्या क्या करते थे मौसा? मौसी जो मौसा इसके बाद करते थे वह मुझे बता दो तो मैं भी कर दूं.
आपको मौसा की कमी नही महसूस होगी.
” मौसी मेरे चेहरे को पकड़ बोली, “बेटा यह जो हुआ है एक मौसी भांजे मे नही होता.
लेकिन बेटा इस वक़्त तुम मेरे भांजे नही बल्कि मेरे पति हो.
अब तुम मेरे पति की तरह ही करो.
वह मेरे मुँह मे अपना झाड़कर अपने मुँह से मेरी झाड़ते थे फिर मुझे..” “मौसी अब जब आप मुझे अपना पति कह रही है तो शरमा क्यों रही हैं.
सब कुछ खुलकर कहिए ना.
” “बेटा तू सच कहता है, चल अब मेरी चूत चाट और फिर मुझे चोद जैसे तेरे मौसा चोदते थे.
” “ठीक है मौसी आओ बिस्तर पर चलो.
” फिर मौसी को अपने बेड पर लिटाया और उनको पूरा नंगा कर दिया.
मौसी के मुम्में अभी भी सख़्त थी.
2-3 साल से किसी ने टच नही किया था.
मैंने चूत को देखा तो मस्त हो गया.
मौसी की चूत कसी लग रही थी.
35 की उमर मे मौसी 25 की ही लग रही थी.
मौसी को बेड पर लिटा अपने कपड़े अलग किए फिर मौसी के मुम्में पकड़ उनकी चूत पर मुँह रख दिया.
मुम्मों को दबा दबा… चूत चाट… अपने झड़े लंड को कसने लगा.
8-10 मिनट बाद मौसी मेरे मुँह पर ही झड़ गयी.
वह अपनी गाँड तेज़ी से उचका झड़ रही थी.
मैं मौसी की झड़ती चूत मे 1 मिनट तक जीभ पेले रहा फिर उठ कर ऊपर गया और मुम्मों को मुँह से चूसने लगा.

स्रोत:इंटरनेट