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Meri Biwi Priti Aur Roohi Bhabhi Indian Sexi Kahani 2

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रूही भाभी ने कहा- “फिर तू मेरी कसम खाकर कह दे की तू कभी भी किसी से नहीं कहेगी…”. प्रीति ने अपना हाथ पीछे करके मेरा लण्ड पकड़ लिया और बोली- “मैं तुम्हारी कसम क्यों खाऊँ? मैं अपने पति का लण्ड पकड़कर कसम खाती हूँ की मैं कभी भी किसी से कुछ भी नहीं कहूँगी। अब तो आपको मेरी बात पर. विश्वास हो गया…”. रूही भाभी ने कहा- “मुझे तुझ पर पूरा विश्वास है…”. वो बोली- “अब इनसे कह दो की मेरी चूत में अपना लण्ड डालकर मेरी चुदाई करें। मुझे गाण्ड मरवाने में ज्यादा मज़ा नहीं आता है…”. रूही भाभी ने मुझसे कहा- “सुन रहा है ना तू की प्रीति क्या कह रही है। अब इसकी इच्छा पूरी कर…”. मैंने अपना लण्ड प्रीति की चूत में घुसा दिया और उसकी चुदाई करने लगा। दो मिनट में ही वो एकदम मस्त हो गयी। उसने पूरी मस्ती के साथ मुझसे चुदवाना शुरू कर दिया। वो तेजी के साथ अपने चूतड़ आगे पीछे करते हुए. मेरा साथ दे रही थी। मैं भी पूरे जोश और ताकत के साथ उसे चोदता रहा। प्रीति की चुदाई करते हुए मुझे लगभग तीस मिनट गुजर चुके थे। वो अब तक तीन बार झड़ चुकी थी लेकिन मैं झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था।. प्रीति बोली- “दीदी, मैं थक गयी हूँ…” रूही भाभी ने कहा- “क्यों, मज़ा नहीं आ रहा है क्या?” वो बोली- “मज़ा तो बहुत आ रहा है लेकिन अभी मेरी चुदवाने की आदत नहीं है ना…”. रूही भाभी बोली- “फिर मैं क्या करूँ। जब जय झड़ जायेगा तब ही तो तुमहारी चुदाई बंद करेगा…”. वो बोली- “मुझे थोड़ा सा आराम कर लेने दो। मैं बाद में चुदवा लूँगी…”. रूही भाभी ने कहा- “जब लण्ड खड़ा हो तो चुदाई नहीं बंद की जाती। इससे आदमी के सेहत पर बुरा असर पड़ता है…”. प्रीति बोली- “इनसे कह दो की अब रहने दें। बाद में चोद लेंगे। तब तक तुम ही इनसे चुदवा लो…”. रूही भाभी ने कहा- “अच्छा बाबा… मैं ही चुदवा लेती हूँ…”. मैंने अपना लण्ड प्रीति की चूत से निकालकर रूही भाभी की गाण्ड में घुसाना शुरू कर दिया। मेरा लण्ड प्रीति की चूत के पानी से पहले से ही भीगा हुआ था। धीरे-धीरे मेरा लण्ड रूही भाभी की गाण्ड में पाँच इंच तक. घुस गया। मैंने धक्के लगाने शुरू कर दिये। थोड़ी देर बाद जब मैंने देखा की रूही भाभी मस्ती में आ गयी हैं तो मैंने जोर का धक्का लगा दिया। इस धक्के के साथ ही मेरा लण्ड भाभी की गाण्ड को चीरता हुआ सात इंच तक. अंदर घुसा गया। रूही भाभी के मुँह से जोर की चीख निकली।. तो प्रीति ने कहा- “दीदी, तुम क्यों चीख रही हो। तुम तो चुदवाने की आदी हो…” रूही भाभी ने कहा- “मैंने आज तक अपनी गाण्ड नहीं मरवायी थी। तुम तो जानती ही हो की इसका लण्ड बहुत लंबा और मोटा है। इसलिये मुझे भी दर्द हो रहा है और मैं चीख रही हूँ। बस अभी थोड़ी ही देर में मेरा दर्द कम. हो जायेगा। फिर मुझे भी तेरी तरह खूब मज़ा आने लगेगा…”. धीरे-धीरे रूही भाभी फिर से मस्ती में आ गयी। मैंने पूरी ताकत के साथ फिर से जोर का धक्का मारा। वो फिर से चीखी और मेरा लण्ड आठ इंच तक घुस गया। मैंने फिर एक धक्का मारा तो वो बुरी तरह से चीखने लगी और मेरा. पूरा का पूरा लण्ड रूही भाभी की गाण्ड में समा गया। मैंने तेजी के साथ धक्के लगाने शुरू कर दिये। थोड़ी ही देर में रूही भाभी शाँत हो गयी और उन्हें मज़ा आने लगा।. तभी प्रीति बोली- “दीदी, अब मैं तैयार हूँ। इनसे कह दो की अब मुझे चोद दें…” रूही भाभी ने कहा- “बार-बार मुझसे क्यों कहती है। तू खुद ही इससे कह दे। अब मैं इससे कुछ नहीं कहूँगी…”. प्रीति ने मेरा लण्ड पकड़ लिया और बोली- “अब तुम मुझे चोद दो…”. मैं खुश हो गया। मैंने अपना लण्ड रूही भाभी की गाण्ड से निकालकर प्रीति की चूत में डाल दिया और उसकी चुदाई शुरू कर दी। उसने भी मेरा साथ देना शुरू कर दिया। पंद्रह मिनट की चुदाई के बाद मैं झड़ गया। प्रीति. भी मेरे साथ ही साथ झड़ गयी। जैसे ही मैंने अपना लण्ड उसकी चूत से बाहर निकाला तो उसने मेरा लण्ड चाटना शुरू कर दिया। मैं बहुत खुश हो गया।. रूही भाभी ने प्रीति से कहा- “अब घिन्न नहीं आ रही है?”. वो बोली- “बिल्कुल नहीं, अब तो मुझे भी खूब मज़ा आने लगा है…” हम सब नंगे ही सो गये। रात के 7:00 बजे प्रीति मेरा लण्ड सहलाने लगी। मैं जाग गया तो वो बोली- “एक बार फिर से चोद दो…”. मैंने कहा- “क्यों श्रीमती जी, अब चुदवाने में मज़ा आने लगा है?” वो बोली- “हाँ… अब तो मैं चाहती हूँ की तुम मुझे सारा दिन चोदते रहो…” उसने और कुछ कहे बिना ही मेरा लण्ड मुँह में ले लिया और चूसने लगी।. तभी रूही भाभी भी उठ गयी। रूही भाभी ने मुश्कुराते हुए कहा- “प्रीति, तू इसका लण्ड क्यों चूस रही है?” वो बोली- “मुझे चुदवाना है…”. वो बोली- “मुझे चुदवाना है…”. रूही भाभी ने प्रीति से मज़ाक किया- “पहले तो बहुत चिल्ला रही थी अब क्या हुआ?”. वो बोली- “पहले मुझे मलूम नहीं था की इसमें इतना मज़ा आता है…”. थोड़ी ही देर में मेरा लण्ड खड़ा हो गया। मैंने प्रीति की चुदाई शुरू कर दी। उसने पूरी मस्ती के साथ चुदवाया। मैंने भी उसे पूरे जोश के साथ लगभग पैंतालिस मिनट तक चोदा। वो इस बार की चुदाई के दौरान चार बार. झड़ चुकी थी। उसके बाद रूही भाभी और प्रीति खाना बनाने चले गयी। मैं टीवी देखने लगा। लगभग डेढ़ घंटे गुजर गये तो प्रीति किचन से बाहर आयी। उसने मुझसे कुछ कहे बिना ही मेरा लण्ड मुँह में ले लिया और चूसने. लगी।. मैंने पूछा- “अब क्या हुआ?”. वो बोली- “चुदवाना है…”. मैंने कहा- “पहले मुझे खाना खाकर थोड़ा आराम कर लेने दो। बहुत थक गया हूँ…”. वो बोली- “बाद में खा लेना, पहले तुम मुझे एक बार और चोद दो। मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है…” तभी रूही भाभी आ गयी। उन्होंने प्रीति से कहा- “सुबह से ही ये हम दोनों को कई बार चोद चुका है। इसे खाना खाकर थोड़ा आराम कर लेने दे, फिर सारी रात खूब जमकर चुदवाना…” वो बोली- “दीदी… मुझसे रहा नहीं जा रहा है। मेरा मन अजीब सा हो रहा है…”. रूही भाभी ने मज़ाक करते हुए कहा- “अगर तू इतना ही तड़प रही है तो चल मेरे साथ किचन में। मैं तेरी चूत में बेलन घुसेड़ देती हूँ…”. प्रीति बोली- “फिर घुसेड़ दो ना। मैं आपको कुछ भी नहीं कहूँगी। शादी के पहले मैं अच्छी भली थी। शादी के बाद इन्होंने मेरी चुदाई करके मेरी चूत और गाण्ड में आग सी भर दी है। अब आप ही बताओ की मैं क्या करूँ?”. रूही भाभी ने कहा- “थोड़ा सब्र करना सीख। आखिर ये भी तो आदमी है। थक गया है बेचारा…”. वो बोली- “एक बार ये मुझे और चोद दें। फिर मैं कभी भी इनसे चुदवाने की ज़िद्द नहीं करूँगी। जब भी मुझे जोश आयेगा मैं इनका लण्ड मुँह में लेकर चूसूँगी। उसके बाद ये मुझे चोदना चाहेंगे तो चोदेंगे…”. मैंने कहा- “ठीक है। आ जाओ मेरे पास…” मैं सोफे पर बैठा था। प्रीति के चूसने से मेरा लण्ड खड़ा हो ही चुका था। मैंने उससे कहा- “अब तुम खुद ही मेरे लण्ड को अपनी चूत में घुसेड़ लो और धक्के लगाओ…”.
स्रोत:इंटरनेट